Bihar Board Class 9 Hindi Solutions Varnika Chapter 2 बिहार की संगीत साधना

Bihar Board Class 9 Hindi Book Solutions Varnika Bhag 1 Chapter 2 बिहार की संगीत साधना Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Hindi Solutions Varnika Chapter 2 बिहार की संगीत साधना

Bihar Board Class 9 Hindi बिहार की संगीत साधना Text Book Questions and Answers

प्रश्न 1.
समुद्रगुप्त कौन थे? वे किस वाद्य को बजाने में प्रवीण थे ?
उत्तर-
समुद्रगुप्त तक्कालीन भारत के सम्राट थे, जो एक कुशल शासक, अद्वितीय वीर, बुद्धि-चाचुर्य में प्रवीण दयालुता. व कठोरता के साथ तेजस्वी व्यक्ति से युक्त थे। वे संगीतत्व के अच्छे जानकार थे। समुद्रगुप्त वीणा वादन में इतने निपुण व प्रवीण थे कि विशेषज्ञ उन्हें ‘संगीत मार्तण्ड’ कहा करते थे।

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प्रश्न 2.
बिहार में शास्त्रीय संगीत के कितने और कौन-कौन से रूप विशेष प्रचलित रहे हैं ?
उत्तर-
बिहार प्राचीन काल से शास्त्रीय संगीत में अपनी गाढ़ी पैठ बनाये हुए है। यहाँ शास्त्रीय संगीत के अनेक अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के कलाकार हुए हैं। बिहार में शास्त्रीय संगीत के विविध रूप गायकों कवियों से लेकर पेशेवर नृत्यांगनाओं तक और संतों से लेकर राजाओं तक में सम्मानित थे। मुगल सम्राज्य के बिखरने के बाद तानसेन के दर्जनों शिष्यों की मंडलियाँ देश के विभिन्न हिस्सों में गयीं, उनमें से कई को बेतिया, दरभंगा, डुमराँव, बनैली, टेकारी, गिद्धौर और तमकुही के राजदरबारों में सम्मानपुर्वक आश्रय प्राप्त हुआ था। उन संगीतकारों ने बिहार में शास्त्रीय संगीत के अनेक अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलावंत निर्माण किये। उस काल में बिहार की अपनी ध्रपद गायन की परंपरा थी और पं. शिवदयाल मिश्र जैसे ध्रपद गायक नेपाल से भी आये थे। शास्त्रीय संगीत बिहार में ध्रुपद, ठुमरी और ख्याल के गायन के रूप में प्रचलित है।

ध्रुपद, ख्याल और ठुमरी आदि जो तीन प्रकार के गायन हैं शास्त्रीय संगीत के सबसे प्रमुख रूप हैं। शास्त्रीय संगीत के इन तीनों गायनों में बिहार ने अनेक रागों का भी आविष्कार किया है। वैदिक काल से चली आ रही शास्त्रीय संगीत धारा में समय-समय पर विकसित नयी-नयी अनेक धाराओं में से एक प्रमुख ध्रुपद है। ग्वालियर नरेश मानसिंह के दरबार में ध्रुपद का भरपूर विकास हुआ था और तानसेन भी ध्रुपद के महारथी थे। परंतु मुगल साग्राज्य के पतन के बाद बिहार के दरभंगा, बेतिया तथा डमराँव घराने में इसका अभतपर्व विकास हआ। नेपाल से आये ध्रपद गायक आचार्य शिवदयाल मिश्र की परंपरा भी बेतिया में विकसित हुई।

शास्त्रीय गायन का एक रूप ‘ख्याल’ जिसके गायन में भी बिहार ने ऊँचाइयाँ प्राप्त कर चुकी थी। ख्याल गायन में बनैली राज के राजकुमार श्यामनंदन सिंह ने सर्वाधिक प्रसिद्धि पाई। ये एक राजा थे, उच्च कोटि के संगीत प्रेमी थे, बिलियार्ड खेल के राज्यस्तरीय चैम्पियन थे और एक शांत-सरल चित्त वाले इंसान थे. जिन राजदरबार में गुणियों की उन्मुक्त कद्र होती थी। . शास्त्रीय गायन के तीसरे रूप ‘ठुमरी’ का उद्भव तो बिहार और उत्तर प्रदेश की अपनी धरती पर हुआ है। गया, वाराणसी तथा अवध में विशेष रूप से विकसित हुई ठुमरी को पूरब की गायकी कहा जाता है। ठुमरी के आचार्य-उस्तादों में अनेक का गया में जन्म हुआ जगदीप मिश्र, गुल मोहम्मद खाँ, राम प्र. मिश्र उर्फ रामू जी और उनके पुत्र गोवर्द्धन मिश्र ने संगीत साधना के क्षेत्र में मूल्यवान उपलब्धि दिलाई। है। सहरसा के मांतान खवास के ठुमरी गायन को सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

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प्रश्न 3.
बेतिया घराना का एक संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर-
मुगल साम्राज्य के पतन के बाद बेतिया घराने का अभूतपूर्व विकास हआ। बेतिया के राजा गजसिंह ने ध्रपद गायक चमारी मलिक और कंगाली मलिक – को कुरुक्षेत्र के निकट लिवा लाकर अपने दरबार में रखा था। उस समय से ही ध्रुपद गायन में बेतिया घराने का प्रारंभ होता है। नेपाल से आये ध्रुपद गायक आचार्य शिवदयाल मिश्र की परंपरा भी बेतिया में विकसित हुई। बेतिया घराने के ध्रुपद गायकों में कुंज बिहारी मलिक, श्यामा मलिक, उमाचरण मलिक, गोरख मिश्र, महंथ मिश्र, बच्चा मलिक, शंकर लाल मिश्र और काले खाँ प्रमुख रहे हैं।

प्रश्न 4.
दरभंगा घराने के सर्वश्रेष्ठ गायक कौन माने जाते हैं? ।
उत्तर-
दरभंगा घराने में पं० राम चतुर मलिक को ध्रुपद का ध्रुव कहा जाता है। और वे वहाँ के सर्वश्रेष्ठ गायक थे।

प्रश्न 5.
धनगाई ग्राम कहाँ पड़ता है? बिहार की शास्त्रीय संगीत परम्परा में उस गाँव का क्या महत्व है?
उत्तर-
दरभंगा घराना तथा डुमरांव घराना दोनों का मूल रोहतास जिले का धनगाँई गाँव रहा है। धनगाँई गाँव के पं० धनारंग दूबे (1914 ई०) डुमराँव राजदरबार के सम्मानित गायक और उच्च कोटि के कवि भी थे। प्रसिद्ध गायक बच्चू दूबे उनके शिष्य थे। बच्चू दूबे की परंपरा में धनगाई गाँव के ही रघुनन्दन दूबे, सहदेव दूबे तथा .रामप्रसाद पाण्डेय ने विशेष ख्याति पाई।

प्रश्न 6.
जमीरा गाँव के संगीत साधक कौन थे? उनकी क्या विशेषता थी?
उत्तर-
पं० सियाराम तिवारी के गुरुओं में भोजपुर जिले के जमीरा निवासी शत्रुजय प्रसाद सिंह उर्फ लल्लन बाबू थे। लल्लन बाबू को जिन्होंने सुना है वे बताते हैं कि वे “या कुन्देन्दु तुषारहार धवला।” (सरस्वती वंदना) को अपने पखावज से शब्दशः ध्वनित कर देते थे। लल्लन बाबू ने तबला वादन तथा कथक नृत्य में भी कुशलता पाई थी।

प्रश्न 7.
श्यामानंद सिंह कौन थे? संगीत के प्रति उनमें कैसे रुचि जगी थी?
उत्तर-
श्यामनन्द सिंह एक राजा थे, उच्चकोटि के संगीत प्रेमी थे। विलियर्ड नामक खेल के राज्यस्तरीय चैम्पियन थे। वे एक शांत तथा सरल चित्तं वाले ऐसे इंसान थे जिनके राजदरबार में गुणियों की उन्मुक्त कद्र होती थी। अपनी कार से एक बार दार्जिलिंग जा रहे श्यामनन्द सिंह ने कहीं पं. भीष्मदेव चटर्जी का रिकार्ड सुना और उनसे संगीत सीखने की जगी इच्छा की उत्कटता ने उन्हें चटर्जी साहव के शिष्य बना दिया।

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प्रश्न 8.
संगीत में डुमराँव के योगदान पर एक टिप्पणी लिखें।
उत्तर-
धनगाँई के ध्रुपद परिवारों का संबंध डुमरांव के राज घराने से था, इसलिए उन्हें डुमराँव घराने के नाम से प्रसिद्धि मिली। डुमराँव वर्तमान बक्सर जिले में पडता हैं। धनारंग दबे. इमराव राजदरबार के सम्मानित गायक और उच्चकाट के कवि भी थे। एक अखिल भारतीय संगीत सम्मेलन में पं. रामप्रसाद के गायन से कवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर गहरे प्रभावित हुए थे और उनकी खूब प्रशंसा की थी।

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प्रश्न 9.
सुदीन पाठक किस बाजा के विशेषज्ञ थे? उनकी स्वभावगत विशेषताओं का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर-
बिहार में सितारवादन के एक महान साधक थे-सुदीप पाठक। वे ऐसे एकांत साधक थे कि रात में कमरे में बंद हो सितार बजाना प्रारंभ करते और भोर होने से पूर्व साधना को विराम देते हुए सितार के तार-खोलकर रख देते थे। अपने-जाने उन्होंने कभी किसी को न शिष्य बनाया और न ही बाहर में कभी प्रस्तुती दी।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 9 रूको बच्चों

Bihar Board Class 9 Hindi Book Solutions Godhuli Bhag 1 पद्य खण्ड Chapter 9 रूको बच्चों Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 9 रूको बच्चों

Bihar Board Class 9 Hindi रूको बच्चों Text Book Questions and Answers

प्रश्न 1.
कविता की पहली दो पंक्तियों को पढ़ने तथा विचार करने से आपके मन-मस्तिष्क में जो चित्र उभरता है, उसे व्यक्त कीजिए।
उत्तर-
रुको बच्चो रुको सड़क पार करने से पहले रुको। प्रस्तुत पंक्तियों में कवि बच्चो जो भारत के भविष्य हैं उन्हें सड़क पार करने से रोक रहा है। कहने का भाव यह है कि भारतीय शासन व्यवस्था के प्रति कवि का विचार तीखापन भाव लिए हुए है। अत: बच्चों के माध्यम से सड़क की स्थिति, उस पर गुजरती हुई तेज रफ्तार में गाड़ियों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए उनकी विसंगतियों पर भाव केन्द्रित करता है।

कवि कहता है-ऐ बच्चो रुको, देखो, इस व्यवस्था में कितना उहा-पोह है। अव्यवस्था है। अराजकता है। देश का फालतू वक्त बर्बाद किया जा रहा है। कार में बैठे सफेदपोश ये लोकसेवक नहीं हैं ये भ्रष्टाचारी हैं इन्हें देश की चिन्ता नहीं है, अपनी चिंता एवं सुख-सुविधा में ही ये व्यस्त हैं।

कवि की उपरोक्त दो पंक्तियों में देश की वर्तमान स्थिति का यथार्थ चित्र छिपा हुआ है। देश में भ्रष्टाचार, व्यभिचार का बोलबाला है। कर्त्तव्यच्युत ये लोकसेवक आज राष्ट्र के शोषण में लगे हुए हैं। इन्हें तनिक भी लोक-लाज नहीं है। राष्ट्र की प्रगति जनता की चिंता न कर ये अपने व्यक्तिगत हित में लिप्त हैं।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 9 रूको बच्चों

प्रस्तुत पंक्तियों में हमारी शासन व्यवस्था के नंगेपन को उकेरा गया है। उनकी बेहयाई और मोटी चमड़ी के सुन्नापन पर प्रकाश डाला गया है। ये हमारे लोक सेवक अपने दायित्व निर्वाह में असफल रहे हैं। उन्हें अपने स्वार्थ-पूर्ति में इतनी जल्दीबाजी है कि दूसरी समस्या या बातों की ओर ध्यान ही नहीं जाता।

बच्चों को राह पार करने से रोकने के पीछे यह भाव छिपा है कि ये भारत के भविष्य हैं। कहीं अंधी रफ्तार में ये दब-कुचल न जाएँ इसकी कवि को चिंता है। इसी कारण उन्हें सतर्क करते हुए भविष्य में अपना सुपथ गढ़ने की सलाह देता है।
बच्चे रुककर, सँभलकर सोच-विचारकर आगे बढ़ें और शासन तथा व्यवस्था की अंधी दौड़ का हिस्सा न बनें।
जिस प्रकार आज के सेवक अपनी कर्त्तव्यनिष्ठता को भूल गए हैं ये बच्चे कल अपने भी जीवन में ऐसी ही भूल नहीं करें। ये एक सच्चे नागरिक और लोकसेवक की भूमिका अदा करें यही सीख.कवि भारतीय बच्चों को अपनी कविता के द्वारा देना चाहता है।

प्रश्न 2.
“उस अफसर को कहीं पहुँचने की कोई जल्दी नहीं है। वो बारह या कभी-कभी तो इसके भी बाद पहुंचता है अपने विभाग में।” कवि यह कहकर व्यवस्था की किन खामियों को बताना चाहता है।
उत्तर-
प्रस्तुत क्तियों में कवि, भारतीय लोक व्यवस्था के बिगड़े हुए रूप को चित्रित करते हुए तीखा व्यंग्य करता है। कवि कहता है कि आजादी के बाद हमारी शासन प्रणाली में खामियाँ ही खामियाँ दिखाई पड़ती हैं। जो जिस विभाग में बड़े पद पर पदस्थापित अफसर हैं उन्हें अपने कर्तव्य का ज्ञान ही नहीं है। वे अपने कर्तव्य पथ से च्युत हो चुके हैं। समय पर कार्यालय नहीं पहुँचते हैं। कभी भी बारह बजे के पर्व ये कार्य-स्थल पर नहीं पहुँचते। इनकी लापरवाही और करता से सारा देश अराजक स्थिति में जीने को विवश है। प्रगति के सारे कार्यक्रम ठप्प हैं। विकास की जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है। इनकी टेबुल पर रखी हुई काम की फाइलें धूल फांक रही है। कार्य-निष्पादन में दिनों, महीनों, बरसों लग जाता है। धीमी गति की इनकी कार्यशैली से राष्ट्र पतन की ओर जा रहा है।

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इन्हें लोक-लाज भी नहीं ये बेशर्मी लोग रात-दिन अपना ही व्यक्तिगत हित में निमग्न हैं। इन्हें देश और जनता की चिंता नहीं। यहाँ भ्रष्टाचार, अराजकता और कर्तव्यहीनता की ओर कवि ने सबका ध्यान आकृष्ट करते हुए तीखा व्यंग्य किया है। आज पूरी नौकरशाही आकंठ. – भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। देश और जनता निराशा के साये में जी रही है देश संक्रमण काल से गुजर रहा है। आजादी के पूर्व लोगों का जो सपना था वह आज चूर-चूर हो गया है। अफसर की शान-बान के आगे जनता बौनी बनी हुई है। जनता के श्रम और उसकी गाढ़ी कमाई पर ये नेता और अफसर गुलछर्रे उड़ा रहे हैं। इन्हें ईमानदारी और नैतिकता की जरा भी परवाह नहीं।

काश! ये जरा भी शांत भाव से चिंतन करते। अपने कर्तव्य और सेवा भाव के प्रति जागरूक होते तो आज कवि को व्यंग्य करने के साथ वर्तमान दशा पर क्षोभ प्रकट करने का अवसर नहीं मिलता।

इस प्रकार अपनी कविताओं के तीखे धार से कवि ने प्रशासक वर्ग को . बार-बार चिन्हित करते हुए यथार्थ का चित्रण सफलतापूर्वक किया है।

प्रश्न 3.
न्याय व्यवस्था पर कवि के द्वारा की गई टिप्पणी पर आपकी प्रतिक्रिया क्या है? लिखें:
उत्तर-
रुको बच्चो शीर्षक कविता में राजेश जोशी जी ने न्याय व्यवस्था पर करारा चोट किया है। भारतीय न्यायपालिका का जो चरित्र है वह काफी दुखद और चिंतनीय है। कवि कहता है कि रुको बच्चो! रुको! उस न्यायाधीश की कार को निकल जाने दो। किसकी है हिम्मत ‘जो इन न्यायाधीशों से प्रश्न कर सके कि जितनी तेज रफ्तार से आप कार चला रहे हैं उतनी रफ्तार में न्याय कार्य क्यों नहीं संपन्न होता। जनता के बीच नारा उछाला जाता है कि न्याय में देरी होने से असंतोष बढ़ता है जबकि न्याय व्यवस्था ठीक उसके उल्टा है। यहाँ केवल बोलने के लिए नारा *सेमिनारों चाहे भाषण में जोर-जोर से उछाला जाता है, जबकि प्रयोग में उसे अमली जामा नहीं पहनाया जाता।

निचली अदालत से लेकर ऊपरी अदालत तक न्याय के लिए मनुष्य चक्कर काटते-काटते थक जाता है फिर भी उसे राहत नहीं मिलती। भारतीय अदालत में वर्षों से लंबित अनेक मुकदमे पड़े हैं जिन्हें न्याय की प्रतीक्षा है। लेकिन क्या यह संभव है? अर्थात नहीं। भारतीय न्यायपालिका का स्वरूप विकृत हो चुका है। इसी कारण राजेश जोशी जी ने अपनी व्यंग्यात्मक कविताओं में उसके यथार्थ स्वरूप का चित्रण किया है। भारतीय न्यायपालिका न्याय करने में काफी देरी करती है। पैसे पैरवी और शक्ति का अपव्यय सदैव होता रहा है। आम आदमी को न्याय नहीं मिल पाता।

देश में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहराई तक जम चुकी हैं फिर भी कोई उपाय नहीं है कि उससे सभी निजात पा सके। भारतीय लोकतंत्र का यह स्तम्भ अत्यंत ही कमजोर और लाचार है। इस प्रकार न्यायपालिका के पक्ष पर स्पष्ट चिंतन करते हए राजेश जी ने उसके सही और विकत चेहरे को चित्रित किया है जिसमें न्याय की कहीं भी गुंजाइश नहीं।

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न्यायपालिका त्वरित गति से न्याय दिलाने में असमर्थ है। आम आदमी का कोई महत्व नहीं। लोकतंत्र के लिए यह खतरनाक संकेत है-न्यायपालिका द्वारा न्याय निष्पादन में बिलंब का होना।
राजेश जोशी ने अपनी व्यंग्यात्मक कविताओं के द्वारा लोकतांत्रिक व्यवस्था के कुरूप चेहरे को चित्रित कर सबको सावधान किया है।

प्रश्न 4.
तेज चाल से चलना किसके प्रशिक्षण का हिस्सा है और क्यों?
उत्तर-
‘रुको बच्चो’ कविता राजेश जोशी द्वारा रचित है। इस कविता में, व्यंग्य द्वारा कवि ने लोकतंत्र के शासन व्यवस्था पर करारा प्रहार किया है।
इस कविता में तेज चाल से चलना पुलिस अफसर के प्रशिक्षण से जुड़ा हुआ है। भारतीय पुलिस प्रशासन का चेहरा साफ-सुथरा नहीं है। इस विभाग का निर्माण सुरक्षा और शांति स्थापना के लिए हुआ था किन्तु आज उनके कर्म में विसंगतियाँ पाई जाती हैं।

पुलिस अफसर पैदल रहें चाहे कार में उनके चलने में धीमापन नहीं दिखता। वे ऐसा चलते हैं कि उनके चाल-ढाल से एक प्रकार का रोब-दाब और भय प्रकट होता है। ये भारतीय नागरिकों के पहरूआ के रूप में न दिखकर शोषक और अत्याचारी के रूप में दिखाई पड़ते हैं।

पुलिस अफसर की गाड़ी कहीं भी किसी प्रकार की घटना घटती है वहाँ सबसे बाद में पहुँचती है। कहने का आशय यह है कि वे अपनी जिम्मेवारी से लापरवाह रहते हैं। इतना शिक्षण-प्रशिक्षण के बावजूद भी वे अपनी कर्त्तव्यनिष्ठता का परिचय नहीं देते। वे शोषक और क्रूर मनुष्य के रूप में समाज के सामने प्रकट होते हैं। उन पर नैतिकता और ईमानदारी की जिम्मेवारी डाली गयी है किन्तु ये निरंकुश रूप में अपने को रखते हुए अमानवीय व्यवहार द्वारा जनता को भयभीत किए रहते हैं। र इस प्रकार राजेश जोशी ने अपनी कविता के द्वारा भारतीय पुलिस एवं पुलिस प्रशासन के कुरूप चेहरे को चित्रित किया है।

उदार छवि से युक्त त्वरित न्याय, सुरक्षा, अमन-चैन के लिए उन्हें काम करना . चाहिए वहाँ वे विपरीत चरित्र के रूप में पेश आते हैं।
इस प्रकार भारतीय प्रशासन का एक स्तम्भ व्यवस्थापिका भी है। आज वह भी जर्जर स्थिति में है। भारतीय बच्चों को आगाह करते हुए कवि उन्हें लोकतंत्र के सच्चे सेवक के रूप में स्वयं को गढ़ने की सलाह देता है।

प्रश्न 5.
मंत्री की कार के आगे-आगे साइरन क्यों बजाया जाता है?
उत्तर-
मंत्री की कार के आगे-आगे साइरन बजाने के पीछे भय की आशंका रहती है। राजेश जोशी ने मंत्री के चरित्र का चित्रण करते हुए उनकी कार्यशैली पर तीखा व्यंग्य किया है।
कवि कहता है कि भय से उनकी गाड़ी तेज रफ्तार से भागी जाती है और आगे-आगे साइरन सबको सचेत और सड़क छोड़कर दूर रहने की ओर संकेत करता है।

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इन काव्य पंक्तियों में राजेश जोशी जी ने साइरन को एक संकेत के रूप में। प्रयोग किया है। भारतीय लोकतंत्र आज खतरे में है। ये शासक वर्ग अपने स्वार्थ, में इतना लिप्त है कि इन्हें देश या जनता की चिंता नहीं। केवल अपनी सुरक्षा और सुख की चिंता है। अपनी सुरक्षा के लिए ये इतना चिंतित है कि जब-जब इन्हें किसी काम के बहाने बाहर निकलना पड़ता है तो आगे-आगे साइरन की आवाज सबको सड़क से हटकर दूर रहने की ओर इंगित करती है। इस प्रकार उपरोक्त पंक्तियों में मंत्री के भय की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कवि ने उनके जीवन चरित्र और कार्यशैली पर करार प्रहार किया है। जनता के सुख-दुख से बेपरवाह ये मंत्री निजी सुख-सुविधा में लीन हैं।

व्याख्याएँ

प्रश्न 6.
(क) “सुरक्षा को एक अंधी रफ्तार की दरकार है।”
उत्तर-
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक में “रूको बच्चो” काव्य-पाठ से ली गई हैं। इन पंक्तियों में कवि ने व्यंग्यात्मक लहजे में भारतीय शासकों की क्रूरतम चरित्र को उजागर किया है। यह प्रसंग लोक-प्रशासन से जुड़ा हुआ है।

प्रस्तुत पंक्तियों के द्वारा कवि कहना चाहता है कि आज के मंत्री रूपी शासक अपने स्वार्थ में इतना अंधा हो गए हैं कि तेज रफ्तार से चलती इनकी कार के पीछे कब कौन आ जाएगा और अनर्थ हो जाएगा, इसका इन्हें ख्याल ही नहीं है। कवि के कहने का मूल भाव यह है कि भावी पीढ़ी के लिए इनके हृदय में न संवेदना है, न ममता है। उनकी प्रगति के लिए न कोई योजना है न कोई प्रगतिशील विचार भी। कि राष्ट्रहित की इन्हें चिंता ही नहीं। इसीलिए. कवि भारत के भविष्य आज के जो बच्चे हैं उन्हें सचेत करते हुए कहता है कि तुम अपने कर्तव्य पथ से विचलित मत होना। कल तुम्हारे ही कंधों पर राष्ट्र का भार है।

अपने प्रतीक प्रयोगों द्वारा कवि कहना चाहता है कि ऐ बच्चो, रुककर, सँभलकर, सोच-विचारकर आगे बढ़ो। इस शासन तथा व्यवस्था की अंधी दौड़ का हिस्सा मत बनो।

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प्रश्न 6.
(ख) “कई बार तो पेशी दर पेशी चक्कर पर चक्कर काटते/ऊपर की अदालत तक पहुँच जाता है आदमी।” ।
उत्तर-
रुको बच्चो काव्य पाठ से उपरोक्त पंक्तियाँ ली गई हैं। इसका प्रसंग भारतीय न्यायपालिका से जुड़ा हुआ है।
प्रस्तुत कविता की पंक्तियों में राजेश जोशी ने न्यायपालिका की धीमी गति के न्याय और निरंकुश व्यवहार पर तीखा व्यंग्य किया है।

कवि अपनी भावनाओं को कविता के द्वारा प्रकट करते हुए कहता है कि भारतीय न्यायपालिका की स्थिति भी चिंतनीय है। कई बार आम आदमी न्याय पाने के लिए निचली अदालत से लेकर ऊपरी अदालत तक जीवन भर चक्कर काटता रह जाता है लेकिन उसे समयानुकूल न्याय नहीं मिल पाता। कवि अत्यंत भी क्षुब्ध है-ऐसी अराजक व्यवस्था से। न्याय में त्वरित गति होनी चाहिए वहीं दीर्घसूत्रता दिखाई पड़ती है। न्याय काफी विलंब से मिलता है। कभी-कभी निराशा भी हाथ लगती है। इस प्रकार, हमारी न्याय व्यवस्था लचर स्थिति में है। पैसा और पैरवी का भी बोलबाला है। न्याय का पजारी न्याय कर पाने में असमर्थ है। वह भी भ्रष्टाचार में लिप्त है। उसके चरित्र में भी कई प्रकार की विसंगतियाँ दृष्टिगत होती हैं।

प्रश्न 7.
लेकिन नारा लगाने या सेमिनारों में/बोलने के लिए होते हैं ऐसे वाक्य-कौन से वाक्य? उदाहरण देकर बतलाइए।
उत्तर-
“न्याय में देरी न्याय की अवहेलना है” नारा से देश गुंजायमान हो उठता है किन्तु कहीं भी इसे व्यावहारिक रूप में हम नहीं देख पाते हैं।

केवल नारा देकर जनता को सदा से भरमाया जाता है। उन्हें सही मार्ग से बरगलाया जाता है। उन्हें दिभ्रमित किया जाता है। सही रूप से न्याय शीघ्रताशीघ्र उन्हें समयानुकूल नहीं मिल पाता। जीवन भर निचली अदालत से लेकर ऊपरी अदालत तक वे दौड़ते-दौड़ते थक जाते हैं फिर भी न्याय सुलभ नहीं हो पाता। भारतीय जनता की स्थिति अत्यंत ही दु:खद है।

भारतीय लोक व्यवस्था में ऐसे लुभावने नारे केवल सेमिनारों चाहे भाषणों में प्रयोग किए जाते हैं किन्तु जीवन में उन्हें व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत या प्रयोग नहीं किया जाता है। इस प्रकार इन नारों का. मूल्य नहीं रह जाता क्योंकि वे भरमाने के लिए उपयोग किए जाते हैं। इन्हें जमीन पर यथार्थ रूप में नहीं उतारा जाता। यही बिडंबना है-हमारी भारतीय न्याय व्यवस्था की। न्याय में देरी न्याय की अवहेलना जैसे नारे को केवल कहने से उसकी सार्थकता सिद्ध नहीं होगा। जबतक उसे मूर्त रूप देकर जीवन के क्षेत्र में व्यावहारिक रूप से प्रयोग नहीं किया जाय।

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प्रश्न 8.
घटना स्थल पर बाद में कौन पहुँचता है और क्यों?
उत्तर-
‘रुको बच्चो’ काव्य पाठ से ये पंक्तियां ली गई हैं। उन पंक्तियों में राजेश जोशी जी ने पुलिस अफसर के चरित्र को उद्घाटित किया है।

पुलिस अफसर अपने व्यवहार में क्रूरतम एवं शोषक का रूप प्रकट करते हैं, साथ ही उनकी जीवन-शैली भाग-दौड़ की होती है। वे हमेशा तेज रफ्तार से चलते हैं। रोब-दाब का भाव प्रकट करते हुए जनता के साथ उनका व्यवहार रुखा सा होता है। – कहीं भी कोई किसी प्रकार की घटना घट जाती है, उस समय वे वहाँ नहीं पहँचकर काफी बिलंब से पहँचते हैं।

इन पंक्तियों के द्वारा कवि के कहने का भाव यह है कि वे अपने कर्त्तव्य के प्रति लापरवाह रहते हैं। वे सदैव बिलंब और बेपरवाह भाव से घटना स्थल का मुआयना करते हैं। उन्हें अपनी कर्तव्यनिष्ठा का ख्याल नहीं रहता। उनका. चरित्र एक लोक सेवक का न होकर क्रूर शासक का झलकता है। कहीं भी कभी भी वे अपने उच्च आदर्शों को प्रस्तुत नहीं करते। सदैव एक गैर जिम्मेवार अफसर के रूप में समाज में अपनी छवि रखते हैं। यही कारण है कि कवि ने उनके कुरूप चेहरे पर तीखा व्यंग्य किया है। उनका व्यवहार अमानवीय होता है इसमें उन्हें बदलाव लाना होगा।

प्रश्न 9.
तेज रफ्तार से जाने वालों पर कवि की क्या टिप्पणी है?
उत्तर-
“रुको बच्चो” काव्य पाठ में राजेश जोशी जी ने तेज रफ्तार से जानेवाले भ्रष्ट अफसर, अक्षम्य न्यायाधीश, शोषक रूप में गैर जिम्मेवार पुलिस अफसर और मंत्री के विकृत चेहरे और कर्तव्यहीनता की ओर हमारा ध्यान आकृष्ट करते हुए तीखा व्यंग्य किया है।
कवि ने भारतीय लोक व्यवस्था में अफसर का क्या कर्त्तव्य होना चाहिए इस पर ध्यान खींचा है। यहाँ की न्यायपालिका कैसी हो? न्याय प्रक्रिया किस प्रकार की हो इस पर भी तीखा व्यंग्य करते हुए यथार्थ स्थिति का चित्रण किया है।

पुलिस अफसर की राष्ट्र की सुरक्षा शांति व्यवस्था में क्या भूमिका होनी चाहिए? जनता के साथ उनका कैसा व्यवहार होना चाहिए इस पर करारा प्रहार किया है।

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ठीक उपरोक्त लोगों की भाँति ही भारतीय मंत्रियों की जीवन-शैली और उनके क्रिया-कलापों का यथार्थ चित्रण करते हुए राजेश जोशी ने सम्यक् प्रकाश डाला है। राजेश जोशी एक प्रखर व्यंग्य कवि हैं अत: उनकी कविताओं की धार भी तेज है।

राजेश जोशी ने तेज रफ्तार से चलने वाले भ्रष्ट अफसर, न्यायाधीश, पुलिस अफसर और मंत्रियों के काले-कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोला है। ये सच्चे लोकसेवक के रूप में नहीं दिखते बल्कि भ्रष्ट लोक सेवक के रूप में समाज और राष्ट्र के लिए कलंक हैं।
जहाँ भ्रष्ट अफसर अपनी कर्तव्यनिष्ठता के प्रति सजग न होकर लापरवाह अफसर के रूप में चित्रित है। उसके टेबुल पर फाइलें धूल फाँक रही हैं लेकिन दिनों, महीनों, बरसों, कार्य निष्पादन में समय लग जाता है।

ठीक उसी प्रकार निचली अदालत हो चाहे ऊपरी अदालत सब जगह ष्टाचार का बोलबाला है। न्याय में देरी न्याय की अवहेलना है जैसे नारे निरर्थक . सिद्ध होते हैं। जीवन- पर्यंत आम आदमी न्याय पाने में विफल रहता है, धन, बल और समय की क्षति होती रहती है लेकिन न्यायालय अपनी धीमी गति को नहीं छोड़ता। न्याय में त्वरित गति नहीं आ पाती।

पुलिस अफसर की भी कार्य शैली विश्वसनीय नहीं। वे भ्रष्ट रूप में जनता के सामने आते हैं। पैसे और पैरवी के कारण वे न्याय नहीं कर पाते।

किसी घटना के पूर्व नहीं बाद में वे वहाँ पहुँचते हैं जो गैर जिम्मेवारी का परिचायक है।
ठीक उसी प्रकार मंत्रियों की भी स्थिति है। वे अपने स्वार्थ और परिवार की सुविधा के लि! इतने संकीर्ण बन जाते हैं कि प्रशासन व्यवस्था चरमरा जाती है। इन्हें जनता की समस्याएँ दिखाई ही नहीं पड़ती। राष्ट्रहित और समाज हित की बातें इनके लिए बेमानी सी लगती है। इनकी ऐसी स्थिति हो जाती है-जैसे एक अंधे व्यक्ति की होती है। कभी, सुख-सुविधा और स्वार्थ में ये अंधे बन जाते हैं। इनके भ्रष्टाचारी चरित्र के कारण जनता कष्ट झेलती है। राष्ट्र की प्रगति रुक जाती है।

इसी कारण राजेश जोशी जी ने भारत के भविष्य जो आज के बच्चे हैं उन्हें सचेत करत हए आगाह किया है क्योंकि कल राष्ट्र की जिम्मेवारी उन्हीं के कंधों पर आने वाली है।

आज के बच्चे शासन तथा व्यवस्था की अंधी दौड़ का हिस्सा न बनें। काफी सोच-समझकर अपनी दिशा ग्रहण करें और कल के लिए अपने को सक्षम रूप में प्रस्तुत करें।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 9 रूको बच्चों

प्रश्न 10.
कविता में बच्चों को किस बात की सीख दी गई है क्यों?
उत्तर-
“रुको बच्चो” कविता राजेश जोशी द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण कविता है। इसमें भारतीय लोक-प्रशासन के कुरूप चेहरे को उकेरते हुए कवि ने बच्चों को भविष्य के लिए आगाह किया है क्योंकि कल के राष्ट्र के वे ही भविष्य हैं। कल उन्हीं के कंधों पर राष्ट्र का भार पड़ेगा। अतः वर्तमान शासकों, अफसरों, न्यायाधीशों एवं पुलिस अफसरों के जीवन-चरित्र के कुरूप पक्ष का चित्रण करते हुए कवि ने राष्ट्र के भविष्य आज के बच्चों को एक नयी सीख दी है। वह सीख है जीवन में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठता, त्याग, सेवा और जिम्मेवारी को समझना। उसके प्रति सजग रहना। भावी प्रशासन-शासन व्यवस्था की खामियों को कवि ने यथार्थ चित्रण किया है और सबको सचेत भी किया है। कवि ने बच्चों को कहा है कि ऐ बच्चो। शासन तथा व्यवस्था की अंधी दौड का हिस्सा मत बनो। तम रुक-रुककर सँभल-सँभलकर, सोच विचार कर आगे बढ़ो और राष्ट्र की सेवा के लिए योग्य बनो कल के तुम्ही राष्ट्र निर्माता बनोगे।

नीचे लिखे पद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दें।

1. रुको बच्चो रुको
सड़क पार करने से पहले रुको
तेज रफ्तार से जाती इन गाड़ियों को गुजर जाने दो
वो जो सर से जाती सफेद कार में गया
उस अफसर को कहीं पहुँचने की कोई जल्दी नहीं है
वो बाहर या कभी-कभी तो इसके बाद भी पहुँचता है अपने विभाग
में
दिन महीने और कभी-कभी तो बरसों लग जाते हैं
उसकी टेबिल पर लमी जरूरी फाइल को खिसकने में
(क) कवि और कविता के नाम लिखें।
(ख) कवि यहाँ बच्चों से क्या कहता है?
(ग) कवि के अनुसार सफेद कार से यात्रा करते कौन निकल कर कहाँ गया है?
(घ) यहाँ किस कार्यालय की दोषपूर्ण कार्य-प्रणाली की चर्चा की गई है? और किस रूप में?
(ङ) प्रस्तुत पद्यांश में वर्णित कवि के उद्देश्य की चर्चा करें।
उत्तर-
(क) कवि-राजेश जोशी, कविता-रुको बच्चो

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 9 रूको बच्चों

(ख) कवि यहाँ बच्चों से सड़क पार करने से पहले रुकने के लिए कहता है, क्योंकि सड़क पर अफसरों की गाड़ियाँ तेज रफ्तार से गुजर रही हैं। ‘बच्चे यदि नहीं रुकेंगे तो संभव है कि तेज रफ्तार से चलती उन गाड़ियों से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाएँ या उन गाड़ियों से कुचलकर मर जायें।

(ग) कवि के अनुसार सफेद कार से यात्रा करनेवाला व्यक्ति कोई प्रशासनिक पदाधिकारी है जो काफी जल्दीबाजी में है और जिसे जल्द ऑफिस पहुँचना है। हालाँकि उस ऑफिसर को कहीं पहुँचने की कोई जल्दी नहीं है और उसके ऑफिस में ढेर सारे कार्य संपन्न होने की प्रतीक्षा में हैं। उसे उन विर्लोबत कार्यों को पूरा करने के कोई चिंता नहीं है, लेकिन वह तेज रफ्तार में गाड़ी को भगाये चला जा रहा है। तेज रफ्तार से कार्य में चलना उसके लिए आम बात है।

(घ) यहाँ कवि ने सरकारी दफ्तार की दोषपूर्ण कार्य-प्रणाली पर व्यंग्य किया है। सरकारी दफ्तर के लिए यह आम बात है कि उससे जुड़े अफसर कभी कार्यालय में समय पर नहीं पहुँचते। उन अफसरों को काम करने में कोई जल्दी नहीं रहती है। उनके टेबिल पर फाइलों के ढेर लगे रहते हैं। वे सारी-की-सारी फाइलें कई दिनों, कई महीनों और कभी-कभी कई वर्षों से उसी स्थिति में पड़ी हुई हैं।

(ङ) प्रस्तुत पद्यांश में सरकारी प्रशासकीय पदाधिकारियों की तथा सरकारी दफ्तरों की दुर्दशा की ओर इंगित करना कवि का एकमात्र उद्देश्य है। कवि ने यहाँ यह बताया है कि ये प्रशासकीय पदाधिकारी न तो समय पर दफ्तर जाते हैं और यदि वहाँ किसी तरह पहुँच भी जाते हैं तो वहाँ बैठकर अपने दायित्व का पालन नहीं करते। नतीजा यह होता है कि उनके टेवुल पर फाइलों की ढेर लग जाता है जो महीनों तथा बरसों बाद निष्पादित हो पाता है।

2. रुको बच्चो!
उस न्यायाधीश की लार को निकल जाने दो
कौन पूछ सकता है उससे कि तुम जो चलते हो इतनी तेज कार में
कितने मुकदमें लंबित हैं तुम्हारी अदालत में कितने साल से
कहने को कहा जाता है कि न्याय में देरी न्याय की अवहेलना है
लेकिन नारा लगाने या सेमिनारों में
बोलने के लिए होते हैं ऐसे वाक्य
कई बार तो पेशी-दर-पेशी चक्कर पर चक्कर काटते
ऊपर की अदालत तक पहुँच जाता है आदमी
और नहीं हो पाता है इनकी अदालत का फैसला
(क) कवि एवं कविता के नाम लिखें।
(ख) कवि किनकी कार को जाते हुए देखकर बच्चों को सड़क पार करने से रोकता है, और क्यों?
(ग) कवि इस पद्यांश में न्यायाधीश महोदय की कार्य-प्रणाली पर क्या टिप्पणी करता है?
(घ) प्रस्तुत पद्यांश में कवि किसकी कार्य-प्रणाली पर क्या व्यंग्य करता है?
(ङ) ‘ऊपर की अदालत से’ कथन से कवि का क्या अर्थ है? नीचे की अदालत के बारे में कवि ने यहाँ क्या कहा है?
उत्तर-
(क) कवि-राजेश जोशी, कविता-रुको बच्चो

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 9 रूको बच्चों

(ख) प्रस्तुत पद्यांश में कवि न्यायाधीश की कार को जाते हुए देखकर बच्चों को सड़क पार करने से रोकता है। इस संदर्भ में कवि यह कहता है कि तेज गति वाली कार से गुजरनेवाले इस न्यायाधीश महोदय से कोई पूछने का यह साहस नहीं कर सकता है कि वे इतनी तेज रफ्तार में कार से क्यों जा रहे हैं। ऐसी बात नहीं है कि उन्हें इस बात की जल्दबाजी है कि वे न्यायालय में सही समय पहुंचे। उनकी अदालत में बरसों से कितने मुकदमे लंबित हैं।

(ग) प्रस्तुत पद्यांश में कवि यह बताना चाहता है कि न्यायालय भी दोषपूर्ण कार्य-शैली का शिकार हो गया है। वहाँ न्यायाधीश महोदय की अदालत में कई मुकदमे वर्षों से लंबित है। स्थिति तो ऐसी बदतर है कि कुछ मुकदमें ऐसे हैं जिनमें व्यक्ति दौड़ते-दौड़ते इस अदालत में न पहुँचकर ऊपर की अदालत (परलोक) में पहुँच जाता है।

(घ) प्रस्तुत पद्यांश में कवि न्यायपालिका की कार्य-प्रणाली पर तीखा चोट करता है। कवि के अनुसार यह विभाग भी सरकारी अन्य विभागों की तरह भष्टाचार और निष्क्रियता का प्रबल शिकार हो गया है। वहाँ ऐसी दुर्दशा है कि अनगिनत मुकदमे महीनों से नहीं, अपितु कई वर्षों से लंबित हैं। कहने के लिए न्याय विभाग यह चिल्लाकर कहता है कि देर से मिला न्याय न्याय नहीं होता, लेकिन स्थिति यहाँ इतनी बुरी है कि कुछ मुकदमों में दौड़ते-दौड़ते व्यक्ति परलोक की अदालत में पहुँच जाता है और इस अदालत का फैसला सुन नहीं पाता।

(ङ) ऊपर की अदालत से मतलब है ‘यमराज का न्यायालय’, अर्थात ‘मृत्यु की प्राप्ति’। हमारे यहाँ यह बात चलती है कि मनुष्य मरने के बाद यमराज की अदालत में यम के द्वारा पहुँचाया जाता है और वहीं उसके द्वारा किये गये कर्मों का लेखा-जोखा होता है। यहाँ की अदालत के बारे में कवि यह व्यंग्य करता है कि यहाँ किस मुकदमा का निपटारा कब होगा और किसमें कितना समय लगेगा यह कहना असंभव सा है।

3. रुको बच्चो, सड़क पार करने से पहले रुको
उस पुलिस अफसर की बात तो बिलकुल मत करो
वो पैदल चले या कार में ।
तेज चाल से चलना उसके प्रशिक्षण का हिस्सा है
यह और बात है कि जहाँ घटना घटती है
वहाँ पहुँचता है वो सबसे बाद में
(क) कवि और कविता के नाम लिखें।
(ख) प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने शासन के किस विभाग पर क्या टिप्पणी की है?
(ग) तेज चाल से चलना किसके प्रशिक्षण का हिस्सा है? इसे स्पष्ट करें।
(घ) यहाँ कवि ने पुलिस की कार्य-प्रणाली पर क्या टिप्पणी की है? क्या आप उससे सहमत हैं?
(ङ) दिए गए पद्यांश की अंतिम दो पंक्तियों का अभिप्राय लिखें।
उत्तर-
(क) कवि-राजेश जोशी, कविता-रुको बच्चो

(ख) प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने पुलिस विभाग की दोषपूर्ण कार्य-प्रणाली पर टिप्पणी की है। कहने के लिए तो पुलिस विभाग के अफसर भी तेज रफ्तार कार में चलकर अपने जुड़े कार्यों को समय पर निष्पादित करने की बात करते हैं। लेकिन, यह बात स्पष्ट है कि वे पैदल चले या कार में, इससे उनके कार्य पर कोई प्रभाव पड़ने वाला नहीं है। उनका तो तेज चाल में चलने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। यह बात तो जगजाहिर-सी है कि पुलिस कभी भी वारदात-स्थल पर सबसे बाद में ही पहुँचती है।

(ग) तेज चाल से चलना पुलिस विभाग के अफसरों का प्रशिक्षण है। उन अफसरों को तेज चाल से चलने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है ताकि वे दौड़कर या तेज चाल में चलकर अपराधियों को पकड़ सकें और वारदात-स्थल पर उचित समय पर पहुँच सके। लेकिन, ऐसा होता कहाँ है? स्थिति तो इसके विपरीत है। पुलिस अपराधियों को अब पकड़ती कहाँ है! वह तो महीनों उनके बारे में पता लगाती है और वारदात-स्थल पर बहुत बाद में पहुँचती है।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 9 रूको बच्चों

(घ) यहाँ कवि ने पुलिस की कार्य-प्रणाली पर यह टिप्पणी की है कि पुलिस अधिकारी अपने कार्य के प्रति वफादार नहीं है, विभागीय नौकरी से जुड़न के पहले उन्हें दौड़ने, कूदने, फाँदने, जल में तैरने तथा घुड़सवारी करने आदि क प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे सक्रिय और आलस्य-मुक्त होकर अपने दायित्व का पालन करें। लेकिन, स्थिति इसके ठीक विपरीत है। यह विभाग तो निष्क्रियता की चादर ओढ़कर आराम से मनोवांछित जगह पर पड़ा रहता है। यदि उन्हें किसी अपराधी और उसके द्वारा किये गये वारदात की सूचना मिलती है तो वे वहाँ काफी इत्मीनान से सबसे बाद में पहुँचने का कष्ट करते हैं।

(ङ) इन दो पंक्तियों में कवि ने पुलिस की निष्क्रियता की चर्चा की है। कवि · यहाँ बताना चाहता है कि पुलिस विभाग अपने दायित्व-पालन की दिशा में काफी निष्क्रिय हो गया है। उनमें दायित्व-पालन की मानसिकता और दायित्व-पालन की इच्छा का घोर अभाव हो गया है। यही कारण है कि अपराधी उनकी पकड़ और पहुँच से बाहर हो गये हैं और अपराध-स्थल पर समय से पहुँचना उनके लिए असंभव-सा हो गया है।

4. रुको बच्चो रुको
साइरन बजाती इस गाड़ी के पीछे-पीछे
बहुत तेज गति से आ रही होगी किसी मंत्री की कार
नहीं नहीं उसे कहीं पहुंचने की कोई जल्दी नहीं है
उसे तो अपनी तोंद के साथ कुर्सी से उठने में लग जाते हैं कई मिनट
उसकी गाड़ी तो एक भय में भागी जाती है इतनी तेज
सुरक्षा को एक अंधी रफ्तार की दरकार है.
रुको बच्चो इन्हें गजर जाने दो।
इन्हें जल्दी जाना है
क्योंकि इन्हें कहीं नहीं पहुँचना है।
(क) कवि एवं कविता के नाम लिखें।
(ख) साइरन का बजना सुनकर कवि बच्चों से क्या कहकर रुकने के लिए कहता है?
(ग) कवि मंत्री महोदय से जुड़ी किस बात की और क्या कहकर हँसी उड़ाता है?
(घ) “सुरक्षा को अंधी रफ्तार की दरकार है।”-इस कथन को स्पष्ट करें।
(ङ) यहाँ कवि ने किसकी कार्य-प्रणाली पर क्या कहकर व्यंग्य किया है।
उत्तर-
(क) कवि-राजेश जोशी, कविता-रुको बच्चो

(ख) साइरन का बजना सुनकर कवि बच्चों से यही कहता है कि साइरन बजाती किसी मंत्री की कार बहुत तेजी से आ रही है तुम्हें रुककर उस कार के निकल जाने देना है। यदि बच्चे ऐसा नहीं करेंगे तो वे मंत्री की कार से धक्का खाकर बुरी तरह दुर्घटनाग्रस्त हो जाएंगे। इस संदर्भ में कवि कहता है कि मंत्री महोदय को कहीं पहुँचने की जल्दबाजी नहीं है। वे तो केवल रोब और शान के लिए गाड़ी से तेज रफ्तार में गुजरते हैं।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 9 रूको बच्चों

(ग) इस संदर्भ में कवि यह चर्चा करता है कि मंत्री महोदय तेजी और फुरती से कैसे काम कर पायेंगे। उनकी तोंद ही बहुत बड़ी है जो उनके लिए काफी बोझिल है। उसके बोझ के कारण मंत्री महोदय को कुर्सी से उठने में कई मिनट लग जाते है और वे बेचारे उठने और बैठने की प्रक्रिया में घोर संकट से पीड़ित हो जाते हैं। उनकी कार तो डर के मारे तेज गति से भागती रहती है।

(घ) इस कथन के माध्यम से कवि इस तथ्य को उद्घाटित करता है कि आज की शासन-व्यवस्था ऐसी है कि अफसरों, न्यायाधीशों, पुलिस पदाधिकारियों तथा नेताओं आदि वरिष्ठ और महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए उनकी वाहिका यानी गाड़ी को तेज रफ्तार से चलाना जरूरी हो गया है। वास्तविक स्थिति यह है कि इन तथाकथित महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों को कहीं आने-जाने में कोई जल्दी नहीं होती। ये तो लोगों के मन में भय, रोब और शान-शौकत जमाने तथा दिखलाने के लिए तेज रफ्तार में गाड़ी को दौड़ाते हुए चलते रहते हैं। उनकी गाड़ियों की यह तेज रफ्तार ‘अंधी रफ्तार’ कही जाती है। इस अंधी रफ्तार के मूल में उनके सुरक्षा की बात की जाती है।

(ङ) यहाँ कवि ने आज के राजनेताओं खासकर मंत्री महोदयों की खोखली, दिखावटी और निष्क्रियतापूर्ण कार्य-प्रणाली पर व्यंग्य किया है। मंत्री महोदय की कार साइरन बजाती हुई काफी तेजी से गुजरती है। उसका यह मतलब नहीं है कि उन्हें किसी अपेक्षित कार्य के निष्पादन के लिए समय पर पहुँचना है। उनकी कार तेज गति में इसलिए भगायी जाती है कि वे अबाधित और सुरक्षित स्थिति में गंतव्य स्थान तक पहुँच जायें और समाज में उनका भय. गेव-दाब तथा शान-शौकत बना रहे।

Bihar Board 9th Science Objective Answers Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

Bihar Board 9th Science Objective Questions and Answers

Bihar Board 9th Science Objective Answers Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 1.
वायु का दाब जैसे-जैसे घटता है वैसे-वैसे द्रव का क्वथनांक:
(A) बढ़ाता है
(B) घटता है
(C) स्थिर रहता है
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(B) घटता है

Bihar Board 9th Science Objective Answers Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 2.
गैस का द्रव में परिवर्तन कहलाता है।
(A) गैसीकरण
(B) उर्वपातन
(C) संघनन
(D) जमना
उत्तर-
(C) संघनन

प्रश्न 3.
वह ताप जिस पर ठोस द्रव में परिवर्तित होता है, कहलाता है:
(A) द्रवणांक
(B) क्वथनांक
(C) क्रान्तिक ताप
(D) क्रान्तिक बिन्दु
उत्तर-
(A) द्रवणांक

प्रश्न 4.
पदार्थ के कणों को एक-साथ बाँधकर रखनेवाला बल कहलाता है:
(A) अंतरा-अणुक स्थान
(B) बंधन
(C) अंतरा-अणुक बल
(D) नाभिकीय बल
उत्तर-
(C) अंतरा-अणुक बल

प्रश्न 5.
वह प्रक्रिया जिससे इन की गंध वायु में चारों ओर फैल जाती है, कहलाती है:
(A) वामन
(B) विसरण
(C) संघनन
(D) द्रवण
उत्तर-
(B) विसरण

प्रश्न 6.
निम्न में कौन पदार्थ का मौलिक गुण है?
(A) द्रव्यमान और आयतन
(B) तापक्रम और दाब
(C) घनत्व और संपीड्यता
(D) ठोस, द्रव और गैस
उत्तर-
(A) द्रव्यमान और आयतन

प्रश्न 7.
पदार्थ के कण :
(A) अतिसूक्ष्म होते हैं
(B) गतिज ऊर्जायुक्त होते हैं।
(C) एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं
(D) इनमें सभी
उत्तर-
(D) इनमें सभी

Bihar Board 9th Science Objective Answers Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 8.
पदार्थ की कितनी अवस्थाएं होती हैं?
(A) तीन
(B) चार
(C) पांच
(D) छः
उत्तर-
(C) पांच

प्रश्न 9.
निम्न में कौन पदार्थ का गुण नहीं है?
(A) घनत्व
(B) संपीड्वता
(C) तरंगदैर्घ्य
(D) विसरण
उत्तर
(C) तरंगदैर्घ्य

प्रश्न 10.
किसकी संपीड्यता सबसे कम होती है।
(A) ठोस
(B) द्रव
(C) गैस
(D) प्लाज्या
उत्तर-
(A) ठोस

प्रश्न 11.
निम्न में किसका घनत्व सबसे अधिक होता है?
(A) ठोस
(B) द्रव
(C) गैस
(D) प्लाज्मा
उत्तर-
(A) ठोस

Bihar Board 9th Science Objective Answers Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 12.
किसी ठोस पदार्थ का सीधे वाष्य में परिवर्तन कहलाता है।
(A) वाष्पन
(B) उबलना
(C) संघनन
(D) उर्ध्वपातन
उत्तर-
(D) उर्ध्वपातन

प्रश्न 13.
बाष्पन की प्रक्रिया से उत्पन्न होती है:
(A) गर्मी
(B) ठंडक
(C) ताप में वृद्धि
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(B) ठंडक

प्रश्न 14.
100°C ताप का केल्विन में मान होता है:
(A) 200.15
(B) 373.15
(C) 473.15
(D) 573.15
उत्तर-
(B) 373.15

प्रश्न 15.
किसी पदार्थ का केल्विन में ताप 673.15 है। सेल्सियस या सेंटीग्रेड में इस ताप का मान होगाः
(A) 373.75
(B) 273.15
(C) 473.15
(D) 400
उत्तर-
(D) 400

प्रश्न 16.
सौरमण्डल में प्लाजमा अवस्था की उत्पत्ति का कारण है:
(A) निम्न ताप
(B) उच्च दाब
(C) उच्च ताप
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) उच्च ताप

प्रश्न 17.
गर्म करने पर गैस का आयतनः
(A) बड़ जाता है
(B) घट जाता है
(C) अपरिवर्तित रहता है
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) बड़ जाता है

प्रश्न 18.
आई वायु में गीले कपड़े सूखते हैं:
(A) देर से
(B) जल्द से
(C) उमस के कारण
(D) ठंडक के कारण
उत्तर-
(A) देर से

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प्रश्न 19.
हवादार जगहों पर द्रव के वाष्पन का वेगः
(A) घट जाता है
(B) बढ़ जाता है
(C) अपरिवर्तित रहता है
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(B) बढ़ जाता है

प्रश्न 20.
निम्नलिखित में कौन सही नहीं है?
(A) पदार्थ सूक्ष्म कणों से बना है
(B) पदार्थ के कण निरंतर गतिशील रहते हैं।
(C) ठोस पदार्थ का घनत्व द्रव से अधिक होती है
(D) ठोस पदार्थ का संपौड्यता द्रव से अधिक होती है
उत्तर-
(D) ठोस पदार्थ का संपौड्यता द्रव से अधिक होती है

प्रश्न 21.
तापमान बढ़ाने पर कोई ठोस पदार्थः
(A) द्रव में परिवर्तित हो सकता है.
(B) बिना द्रव में बदले सीधे गैसीय अवस्था में जा सकता है
(C) अपरिवर्तित रह सकता है
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर-
(D) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 22.
निम्न में किसका ऊर्ध्वपातन होता है?
(A) गंधक
(B) आयोडीन
(C) मैग्नीशियम
(D) ब्रोमीन
उत्तर-
(B) आयोडीन

प्रश्न 23.
निम्नलिखित में कौन पदार्थ है?
(A) गंध
(B) ठंडा
(C) प्रेम
(D) ठंडा पेय
उत्तर-
(D) ठंडा पेय

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प्रश्न 24.
निम्नलिखित में कौन पदार्थ नहीं है?
(A) हवा
(B) जल
(C) स्नेह
(D) भोजन
उत्तर-
(C) स्नेह

प्रश्न 25.
किम अवस्था में अणुओं की ऊर्जा अधिकतम होती है?
(A) ठोस
(B) द्रव
(C) गैस
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) गैस

प्रश्न 26.
किस अवस्था में अणुओं की ऊर्जा सबसे कम होती है?
(A) ठोस
(B) द्रव
(C) गैस
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) ठोस

प्रश्न 27.
निम्नलिखित में द्रव में कौन अनिश्चित है?
(A) पनत्व
(B) आकार
(C) आयतन
(D) द्रव्यमान
उत्तर-
(B) आकार

प्रश्न 28.
बर्फ का एक टुकड़ा जल की सतह पर तैरता रहता है, क्योंकि:
(A) यह जल से भारी होता है
(B) बर्फ और जल का घनत्व समान होता है
(C) बर्फ जल से हल्की होती है
(D) बर्फ का घनत्व जल से अधिक होता है
उत्तर-
(C) बर्फ जल से हल्की होती है

प्रश्न 29.
शुष्क बर्फ क्या है?
(A) बर्फ का सूखा हुआ टुकड़ा
(B) ठोस कार्बन डाइऑक्साइड
(C) ठोस कार्बन डाइ सल्फाइड
(D) ठोस एल्कोहल
उत्तर-
(B) ठोस कार्बन डाइऑक्साइड

प्रश्न 30.
निम्नलिखित में कौन तरल पदार्थ नहीं है?
(A) जल
(B) पारा
(C) हवा
(D) लोहा
उत्तर-
(D) लोहा

प्रश्न 31.
किसी पदार्थ के इकाई आयतन का द्रव्यमान को क्या कहते हैं?
(A) दाब
(B) संपीड्यता
(C) घनत्व
(D) आकृति
उत्तर-
(C) घनत्व

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प्रश्न 32.
एक गिलास पानी में दो चम्मच चीनी मिलाने पर भी उसके जल के स्तर में कोई परिवर्तन नहीं होता क्योंकि चीनी के कणः ।
(A) वाष्पीकृत हो जाते हैं
(B) जल के कणों के बीच व्यवस्थित हो जाते हैं
(C) जल के कणों से जुड़ जाते हैं
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(B) जल के कणों के बीच व्यवस्थित हो जाते हैं

प्रश्न 33.
निम्न में से किसमें आन्तराण्विक स्थान सर्वाधिक है?
(A) जल
(B) हवा
(C) मिट्टी
(D) आग
उत्तर-
(B) हवा

प्रश्न 34.
दाब के प्रभाव से पदार्थ का आयतन कम होने की क्रिया को क्या कहते हैं?
(A) संपीड्यता
(B) घनत्व
(C) विसरण
(D) संघनन
उत्तर-
(A) संपीड्यता

प्रश्न 35.
निम्न में कौन सबसे अधिक संपीड्य है?
(A) हवा
(B) जल
(C) लकड़ी
(D) लोहा
उत्तर-
(A) हवा

प्रश्न 36.
जिस तापक्रम पर द्रव के वाष्य का दाब वायुमण्डलीय दाब के बराबर हो जाता है, उसे उस द्रव का……….
(A) हिमांक कहते हैं
(B) क्वथनांक कहते हैं
(C) गलनांक कहते हैं
(D) वाष्पांक कहते हैं
उत्तर-
(B) क्वथनांक कहते हैं

प्रश्न 37.
निम्नलिखित में कौन पदार्थ का गुण नहीं है?
(A) स्थान घेरना
(B) द्रव्यमान होना
(C) आयतन होना
(D) नंगी आँखों से दिखाई नहीं देना
उत्तर-
(D) नंगी आँखों से दिखाई नहीं देना

प्रश्न 38.
किसी गैस का द्रव में परिवर्तित हुए बिना सीधे ठोस अवस्था में परिवर्तित होने की क्रिया क्या कहलाती है?
(A) संघनन
(B) द्रवण
(C) वाष्पन
(D) कर्ध्वपातन
उत्तर-
(D) कर्ध्वपातन

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प्रश्न 39.
0°C का मान केल्विन स्केल में क्या होता है?
(A) 273°K
(B) 373°K
(C) 473°K
(D) 173°C
उत्तर-
(A) 273°K

प्रश्न 40.
निम्न में कौन ठोस नहीं है?
(A) मोम
(B) गंधक
(C) मैग्नीशियम
(D) पारा
उत्तर-
(D) पारा

प्रश्न 41.
निम्न में द्रव को चुनें :
(A) जल
(B) वाष्प
(C) जल
(D) हवा
उत्तर-
(A) जल

प्रश्न 42.
हमारे आस-पास उपस्थित पदार्थ कितनी अवस्थाओं में होता है?
(A) एक
(B) दो
(C) तीन
(D) चार
उत्तर-
(C) तीन

प्रश्न 43.
कणों के बीच का आकर्षण बल किसमें सबसे अधिक होता है?
(A) ठोस
(B) द्रव
(C) गैस
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) ठोस

प्रश्न 44.
अमोनियम क्लोराइड को गर्म करने पर क्या होता है?
(A) द्रवण
(B) विघटन
(C) कर्ण्यपातन
(D) संघनन
उत्तर-
(C) कर्ण्यपातन

प्रश्न 45.
470″K का मान सेल्सियस में होगा:
(A) 20°C
(B) 97°C
(C) 197°C
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(B) 97°C

Bihar Board 9th Science Objective Answers Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 46.
किसी ठोस के इकाई द्रव्यमान को द्रव अवस्था में बदलने में बिना ताप बदले जितनी ऊष्मा लगती है, वह उस ठोस का कहलाता है
(A) द्रवण ऊष्मा
(B) वाष्पन ऊष्मा
(C) वाष्पीकरण
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) द्रवण ऊष्मा

प्रश्न 47.
निम्न में कौन पदार्थ सामान्य अवस्था नहीं है?
(A) ठोस
(C) गैस
(B) द्रव
(D) प्लाज्मा
उत्तर-
(D) प्लाज्मा

प्रश्न 48.
वायुमंडलीय दाब पर 1kg द्रव को उसके द्रवणांक पर गैसीय अवस्था में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक ऊष्मा को क्या कहते हैं?
(A) द्रवीकरण की कष्मा
(B) वाष्पीकरण की ऊष्मा
(C) द्रवीकरण की गुप्त ऊष्मा
(D) वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा
उत्तर-
(D) वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा

प्रश्न 49.
निम्न में कौन पदार्थ नहीं है?
(A) बालू
(B) हवा
(C) बादल
(D) सूर्य का प्रकाश
उत्तर-
(D) सूर्य का प्रकाश

प्रश्न 50.
पदार्थों के विसरण की दर के लिए कौन-सा क्रम सही है?
(A) ठोस < द्रव < गैस
(B) गैस < व < ठोस
(C) द्रव < ठोस < गैस
(D) ठोस < गैस < द्रव
उत्तर-
(A) ठोस < द्रव < गैस

प्रश्न 51.
वाष्पीकरण की क्रिया द्रव में किस भाग में होती है?
(A) सतह पर
(B) संपूर्ण द्रव में
(C) निचले भाग में
(D) किसी भी भाग में
उत्तर-
(A) सतह पर

प्रश्न 52.
शुष्क बर्फ क्या है?
(A) अत्यधिक ठंडा बर्फ
(B) पहाड़ों पर गिरने वाले बर्फ
(C) ठोस कार्बन डाइऑक्साइड
(D) ठोस ऑक्सीजन
उत्तर-
(C) ठोस कार्बन डाइऑक्साइड

प्रश्न 53.
पदार्थ का अवस्था परिवर्तन कैसे होता है?
(A) तापक्रम में परिवर्तन से
(B) दाब में परिवर्तन से
(C) तापक्रम बढ़ने और दाब घटने से
(D) इनमें सभी
उत्तर-
(D) इनमें सभी

Bihar Board 9th Science Objective Answers Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 54.
गर्म करने पर पदार्थ के ठोस अवस्था से सीधे गैसीय अवस्था में चले जाने की क्रिया क्या कहलाती है?
(A) वाचन
(B) क्व थन
(C) ऊर्ध्वपातन
(D) संघनन
उत्तर-
(C) ऊर्ध्वपातन

प्रश्न 55.
निम्न में कौन वामीकरण को प्रभावित नहीं करता?
(A) द्रव का क्वथनांक
(B) द्रव की सतह का क्षेत्रफल
(C) वायु की गति
(D) वायु का घनत्व
उत्तर-
(D) वायु का घनत्व

प्रश्न 56.
वाष्पीकरण की प्रक्रिया:
(A) एक स्वतः होने वाली क्रिया है
(B) द्रव के क्वथनांक पर निर्भर करती है
(C) शीतलता उत्पन्न करती है
(D) उपर्युक्त सभी सही है।
उत्तर-
(D) उपर्युक्त सभी सही है।

प्रश्न 57.
वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा क्या है?
(A) वाष्पीकरण में मुक्त ऊष्मा
(B) वाष्पीकरण में शोषित ऊष्मा
(C) क्वथनांक पर किसी द्रव के वाष्पित होने में अवशोषित ऊष्मा
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) क्वथनांक पर किसी द्रव के वाष्पित होने में अवशोषित ऊष्मा

प्रश्न 58.
वायुमंडल में उपस्थित गैसों में बाष्य कौन है?
(A) N2
(B) O2
(C) CO2
(D) H2O
उत्तर-
(D) H2O

प्रश्न 59.
प्लाज्या क्या है?
(A) एक गैस
(B) एक द्रव
(C) एक ठोस
(D) पदार्थ की चौथी अवस्था
उत्तर-
(D) पदार्थ की चौथी अवस्था

प्रश्न 60.
हाइड्रोजन सल्फाइड गैस की गंध दूर से ही महसूस होती है। ऐसा किस प्रक्रिया के द्वारा होता है?
(A) विसरण
(B) विकिरण
(C) उर्ध्वपातन
(D) संघनन
उत्तर-
(A) विसरण

प्रश्न 61.
निम्न में कौन सही नहीं है?
(A) ठोस पदार्थ के कणों की गतिज ऊर्जा न्यूनतम होती है
(B) द्रव तरल होते हैं किन्तु ठोस इद होते हैं ।
(C) वाष्पीकरण की क्रिया द्रव की सतह के अन्दर होती है
(D) जल का घनत्व बर्फ से अधिक होता है
उत्तर-
(C) वाष्पीकरण की क्रिया द्रव की सतह के अन्दर होती है

प्रश्न 62.
निम्न में कौन ऊर्ध्वपातित नहीं होता है?
(A) गंधक
(B) आयोडीन
(C) नौसादर
(D) कपूर
उत्तर-
(A) गंधक

प्रश्न 63.
नेपथेलीन की गोली कुछ समय बाद बिना कोई अवशेष छोड़े गायब हो जाती है। ऐसा किस प्रक्रिया द्वारा होता है?
(A) प्रवण
(B) प्रवण
(C) कर्ध्वपातन
(D) संघनन
उत्तर-
(C) कर्ध्वपातन

Bihar Board 9th Science Objective Answers Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 64.
खाना बनाने वाली गैस की गंध किस चौगिक की उपस्थिति के कारण होती है?
(A) इथाइल मरकैप्टेन
(B) मिथाइल आइसो सायनाइड
(C) ब्यूटेन
(D) आइसो पेन्टेन
उत्तर-
(A) इथाइल मरकैप्टेन

प्रश्न 65.
वाधीकरण की क्रिया सेः
(A) ठंडक पैदा होती है
(B) ऊष्मा उत्पन्न होती है ।
(C) तापक्रम में कोई परिवर्तन नहीं होता
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) ठंडक पैदा होती है

प्रश्न 66.
जल, पेट्रोल और सिमट के वाष्पीकरण का दर की सही क्रम चुनें:
(A) जल > पेट्रोल > स्पिट
(B) स्प्रिट > जल > पेट्रोल
(C) पेट्रोल > स्पिट > जल
(D) पेट्रोल > जल > स्पिट
उत्तर-
(C) पेट्रोल > स्पिट > जल

प्रश्न 67.
ठोस पदार्थों का संपीड्न :
(A) द्रव से कम होता है किन्तु गैस से अधिक होता है
(B) द्रव से अधिक होता है किन्तु गैस से कम होता है
(C) द्रव और गैस दोनों से अधिक होता है
(D) द्रव और गैस से कम होता है
उत्तर-
(D) द्रव और गैस से कम होता है

प्रश्न 68.
सही कथन को बुनें:
(A) द्रव को गैसों की अपेक्षा आसानी से संपीडित किया जा सकता है
(B) गैसों का विसरण नहीं होता किन्तु द्रवों का विसरण होता है
(C) ठोस पदाथों की आकृति और उसके आयतन निश्चित होते हैं
(D) गैसों के कणों के बीच का अन्तराण्विक बल ठोस या द्रव की तुलना में कम होता है
उत्तर-
(C) ठोस पदाथों की आकृति और उसके आयतन निश्चित होते हैं

प्रश्न 69.
पदार्थ के कणों के बीच उपस्थित आकर्षण बल को क्या कहते हैं?
(A) आंतरिक बल
(B) अन्तराण्विक बल
(C) कणाकर्षण बल
(D) गुरुत्वाकर्षण बल
उत्तर-
(B) अन्तराण्विक बल

प्रश्न 70.
प्लाज्या पदार्थ की कौन-सी अवस्था है?
(A) प्रथम
(B) द्वितीय
(C) तृतीय
(D) चतुर्थ
उत्तर-
(D) चतुर्थ

प्रश्न 71.
सिलिंडर में भरा हुआ द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG):
(A) एक द्रव है
(B) एक गैस है
(C) एक ठोस है
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) एक द्रव है

प्रश्न 72.
किसी खौलते हुए द्रव का तापक्रम :
(A) स्थिर रहता है
(B) घटने लगता है
(C) बढ़ता रहता है
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) स्थिर रहता है

प्रश्न 73.
किसी ठोस पदार्थ का द्रवणांक उसके द्रव रूप काः
(A) क्वथनांक होता है
(B) हिमांक होता है
(C) क्वथनांक या हिमांक हो सकता है
(D) वाष्मांक होता है
उत्तर-
(B) हिमांक होता है

Bihar Board 9th Science Objective Answers Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 74.
निम्नलिखित में कौन कपड़ा गर्मियों के समय में अधिक आरामदेह होता है?
(A) पॉलिस्टर
(B) सिल्क
(C) सूती
(D) सिंथेटिक (क) सिबाटक
उत्तर-
(C) सूती

प्रश्न 75.
वाष्पीकरण की क्रिया किस तापक्रम पर होती है?
(A) सामान्य तापक्रम
(B) उच्च तापक्रम
(C) निम्न तापक्रम
(D) क्वथनांक
उत्तर-
(A) सामान्य तापक्रम

प्रश्न 76.
निम्न में कौन ठोस पदार्थ का गुण नहीं है?
(A) दृढ़ता
(B) कम संपीड्यता
(C) बहाव
(D) अधिक घनत्व
उत्तर-
(C) बहाव

प्रश्न 77.
किसी द्रव पदार्थ का वाष्पीकरण तेज करने के लिए उसे निम्न में से किसमें रखेंगे?
(A) बोतल में
(B) गिलास में
(C) थाली में
(D) फ्रिज में
उत्तर-
(C) थाली में

प्रश्न 78.
गैस से द्रव अवस्था में परिवर्तित होने की क्रिया है:
(A) संघनन
(B) कर्ध्वपातन
(C) विसरण
(D) संपीड्न
उत्तर-
(A) संघनन

प्रश्न 79.
निम्न में कौन द्रव का गुण नहीं है?
(A) निश्चित आयतन
(B) अनिश्चित आकृति
(C) बहाव का अभाव
(D) ठोस से अधिक संपीड्यता
उत्तर-
(C) बहाव का अभाव

प्रश्न 80.
भोजन की गंध किस क्रिया द्वारा महसूस होती है?
(A) विकिरण
(B) विसरण
(C) प्रसरण
(D) प्रसारण
उत्तर-
(B) विसरण

प्रश्न 81.
बरतन के प्रति इकाई क्षेत्र पर गैस के कणों द्वारा आरोपित बल को क्या कहते हैं?
(A) गैस का दाब
(B) गैस की शक्ति
(C) गैस का गुण
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) गैस का दाब

प्रश्न 82.
वायुमण्डलीय दाब कितने पॉस्कल के बराबर होती है?
(A) एक
(B) एक सौ
(C) एक हजार
(D) एक लाख
उत्तर-
(D) एक लाख

Bihar Board 9th Science Objective Answers Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 83.
वायुमण्डलीय दाब पर 1 kg ठोस को उसके गलनांक पर द्रव में बदलने के लिए आवश्यक ऊर्जा को क्या कहते हैं?
(A) संगलन की गुप्त ऊष्मा
(B) वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा
(C) संगलन की ऊष्या
(D) वाष्पीकरण की ऊष्मा
उत्तर-
(A) संगलन की गुप्त ऊष्मा

प्रश्न 84.
निम्न में कौन ऊर्ध्वपातित होता है?
(A) फॉस्फोरस
(B) सोडियम
(C) शुष्क बर्फ
(D) मोम
उत्तर-
(C) शुष्क बर्फ

प्रश्न 85.
शुष्क बर्फ क्या है?
(A) ठोस CO2
(B) द्रव CO2
(C) ठोस नाइट्रोजन
(D) द्रव नाइट्रोजन
उत्तर-
(A) ठोस CO2

प्रश्न 86.
गैस के कणों द्वारा बर्तन पर आरोपित बल क्या है?
(A) गैस का दाब
(B) गैस की संपीड्यता
(C) विसरण
(D) संपनन
उत्तर-
(A) गैस का दाब

प्रश्न 87.
निम्नलिखित में द्रव में कौन निश्चित है?
(A) आकार
(B) वेग
(C) धनत्व
(D) आयतन
उत्तर-
(D) आयतन

प्रश्न 88.
10 तापक्रम बराबर है:
(A) 163 K
(B) 283 K
(C) 10 K
(D) 186 K
उत्तर-
(B) 283 K

प्रश्न 89.
जब वाष्प संघनित होता है, तो:
(A) वह ऊष्मा अवशोधित करती है
(B) वह कष्या उत्सर्जित करती है
(C) उसका ताप बढ़ जाता है।
(D) उसका ताप घट जाता है
उत्तर-
(D) उसका ताप घट जाता है

Bihar Board 9th Science Objective Answers Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 90.
सही कथन को चुनें :
(A) पदार्थ पंचतत्वों से बना है
(B) पदार्थ के कणों के बीच कोई रिक्त स्थान नहीं होता
(C) पदार्थ कणों से बना है
(D) पदार्थ के कर्णों के बीच कोई विकर्षण होता है
उत्तर-
(C) पदार्थ कणों से बना है

प्रश्न 91.
कौन-सा कथन सही नहीं है?
(A) ठोस के कण स्थिर होते हैं, द्रव के गतिशील
(B) वाष्पीकरण से गर्मी पैदा होती है
(C) पदार्थ के कणों के बीच परस्पर आकर्षण होता है
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(C) पदार्थ के कणों के बीच परस्पर आकर्षण होता है

प्रश्न 92.
वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्या क्या है?
(A) वाष्पीकरण के लिए आवश्यक ऊष्मा
(B) वाष्पीकरण करने में प्रयुक्त ऊष्मा
(C) वाष्पीकरण की क्रिया में मुक्त होने वाली गुप्त ऊष्मा
(D) क्वथनांक पर 1 kg द्रव को वाष्पित होने में अवशोषित ऊष्या
उत्तर-
(D) क्वथनांक पर 1 kg द्रव को वाष्पित होने में अवशोषित ऊष्या

प्रश्न 93.
किस पदार्थ के आकृति और आयतन दोनों अनिश्चित होते हैं?
(A) ठोस
(B) द्रव
(C) गैस
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) ठोस

प्रश्न 94.
निम्न में पदार्थ को चुनें :
(A) आकाश
(B) आग
(C) बादल
(D) धूप
उत्तर-
(C) बादल

प्रश्न 95.
निम्न में किस तापक्रम पर जल द्रव अवस्था में रहता है?
(A) -5°C
(B) 120°C
(C) 105°C
(D) 20°C
उत्तर-
(D) 20°C

प्रश्न 96.
दाब बढ़ाने पर किसी द्रव का क्वथनांक:
(A) बढ़ जाता है
(B) घट जाता है
(C) अप्रभावित रहता है
(D) घट या बढ़ सकता है
उत्तर-
(A) बढ़ जाता है

Bihar Board 9th Science Objective Answers Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 97.
बर्फ के टुकड़े का गर्म करने पर वह पिघलने लगता है किन्तु तापक्रम स्थिर रहता है। दी जा रही ऊष्मा कहाँ चली जाती है?
(A) गुप्त ऊष्मा में परिवर्तित हो जाती है
(B) बर्फ के कणों को स्वतन्त्र गति के योग्य बनाती है
(C) गर्म की जा रही सामग्री में छुपी रहती है
(D) उपर्युक्त सभी सही है
उत्तर-
(D) उपर्युक्त सभी सही है

प्रश्न 98.
बर्फ जल के ऊपर तैरता है, क्योंकि
(A) बर्फ के घनत्व जल के घनत्व से कम होता है
(B) बर्फ का घनत्व जल के घनत्व से अधिक होता है
(C) बर्फ का घनत्व जल के घनत्व के बराबर होता है
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(A) बर्फ के घनत्व जल के घनत्व से कम होता है

प्रश्न 99.
वायु है।
(A) ठोस
(B) द्रव
(C) गैस
(D) प्लाज्मा
उत्तर-
(C) गैस

प्रश्न 100.
धातु की बाल्टी है:
(A) द्रव
(B) ठोस
(C) गैस
(D) BEC
उत्तर-
(B) ठोस

प्रश्न 101.
दूध है:
(A) ठोस
(B) ठोस
(C) गैस
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) ठोस

प्रश्न 102.
स्पंज है।
(A) ठोस
(B) द्रव
(C) गैस
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) ठोस

Bihar Board 9th Science Objective Answers Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 103.
गैस के कणों के बीच आकर्षण बल होता है।
(A) अधिक
(B) कम
(C) अधिक और कम के बीच
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(B) कम

प्रश्न 104.
गैसों की संपीड्यता होती है।
(A) अधिक
(B) कम
(C) अधिक और कम के बीच
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(A) अधिक

प्रश्न 105.
20 का मान केल्विन स्केल में होगा:
(A) 250K
(B) 273K
(C) 293K
(D) 393K
उत्तर-
(C) 293K

Bihar Board 9th Science Objective Answers Chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 7 पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा

Bihar Board Class 9 Hindi Book Solutions Godhuli Bhag 1 पद्य खण्ड Chapter 7 पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 7 पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा

Bihar Board Class 9 Hindi पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा Text Book Questions and Answers

प्रश्न 1.
कवि के आशावादी दृष्टिकोण पर प्रकाश डालें।
उत्तर-
कवि केदारनाथ अग्रवाल ने अपनी कविता में दृढ़ इच्छा शक्ति को . प्रकट करते हुए सबल और श्रीसंपन्न भारत की कल्पना की है। .
कवि की दृष्टि में आजाद भारत का स्वरूप क्लेश रहित, ज्ञान-विज्ञान संयुक्त खुशियों से भरा हुआ तथा मान-सम्मान से जीती हुई जनता का होगा। आशावादी भावों के सहारे कवि ने भारत का जो मानचित्र उकेरा है उसमें भारत कहीं भी किसी क्षेत्र में दीन-हीन के रूप में नहीं दीखता है। कवि की इच्छाशक्ति दृढ़ है। उसके – हृदय में आशाओं की किरणें प्रस्फुटित हो रही हैं। वह कहीं भी निराश नहीं है। वह हर भारतीय के जीवन में मान-सम्मान, खुशियों का राज, क्लेश रहित जीवन, साधन-संपन्न जीवन, उदास आँखों में नयी आशा की किरणों का उद्भव, ज्ञान-विज्ञान एवं विद्या से युक्त नव प्राण के संचार की सुखद कामना करता है। भारतीय जन-जीवन सबकुछ से भरा पुरा हो और श्रीसंपन्नता का इतना आधिक्य हो कि जन-मन खुशियों से झूम उठे मोरों सा नर्तन यानि नाच करने लगे।
कवि आशावादी दृष्टिकोण के साथ जीते हुए पूरे हिन्दुस्तान को धन-धान्य से परिपूर्ण रूप में देखना चाहता है। इस प्रकार भारतीय जीवन में अभाव नहीं रहे, कष्ट नहीं रहे, पीड़ा नहीं रहे यही कवि की मंगलकामना है।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 7 पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा

प्रश्न 2.
कवि के मन में आजाद हिन्दुस्तान की कैसी कल्पना है?
उत्तर-
कविवर केदारनाथ अग्रवाल आजाद हिन्दुस्तान को हर दृष्टि से साधन-संपन्न के रूप में देखना चाहते है।

कवि चाहता है कि उसका आजाद भारत मान-सम्मान से युक्त हो यानि यहाँ की जनता का जीवन मान-सम्मान से युक्त हो। गीतों की खेती से भाव यह है कि घर-घर में खुशियों का राज हो, हर घर गीतों के स्वर से गुंजायमान हो। पूरा हिन्दुस्तान मान-सम्मान और उमंग से युक्त हो।

आजाद भारत की कल्पना करते हुए कवि कहता है कि क्लेश रहित भारतीय जन जीवन हो, किसी भी तरह की पीड़ा या कष्ट किसी को न रहे। फूलों की खेती का अर्थ यह है कि समग्र भारत का दृश्य खुशहाल नजर आए। हर घर में प्रसन्नता और सभी का निवास हो। सरस्वती की वीणा का स्वर गूंजे।
जिन आँखों में उदासी हो वहाँ प्रकाश की लौ जले। ज्ञान और विद्या से घर-घर आलोकित हो।

कवि बार-बार जोर देकर कहता है कि भारत ऐसा हो जहाँ नया जीवन का आविर्भाव हो। कहने का. मूलभाव यह है कि सारा भारत साधन से पूर्ण एवं श्रीसंपन्नता से युक्त दीखे। भारतीय जीवन में इतनी खुशियाँ और धन-धान्य की इतनी प्रचुरता हो कि सभी प्रसत्र होकर मोर की तरह नृत्य करने लगे। कहने का आशय यह है कि भारतीय जीवन चिंता और कष्ट से मुक्त हो।

प्रश्न 3.
कवि आजाद हिन्दुस्तान में गीतों और फूलों की खेती क्यों करना चाहता है?
उत्तर-
प्रस्तुत काव्य-पाठ में यानि ‘पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा’ में कवि केदारनाथ अग्रवाल ने आजाद भारत में गीतों और फूलों की खेती करने का भाव प्रकट किया है।
इस कविता में गीतों और फूलों का प्रतीक प्रयोग हुआ है। प्रकृति के इन रूपों , के द्वारा कवि संकेत करता है कि भारतीय जीवन फूलों सा हँसता हुआ चिर विकसित रूप में सौंदर्य से युक्त हो और गीतों की खेती का तात्पर्य यह है कि घर-घर में हर जीवन में आनंद ही आनंद दीखे। कहीं भी उदासी पीड़ा का दर्शन नहीं हो। किसी के भी जीवन में अभाव नहीं दिखाई पड़े।

इस प्रकार कवि आशावादी दृष्टिकोण रखता है। वह फूलों सा खिलता हुआ हँसता हुआ और श्रीसंपन्न भारत की कल्पना करता है।
ठीक दूसरी तरफ वह गीतों से गुंजायमान घर-द्वार, खेत-खलिहान की परिकल्पना करता है।
कहने का मूलभाव यह है कि भारत का कोना-कोना फूलों-सा हँसता हुआ दिखाई पड़े और गाँव से लेकर पर्वत-घाटी, नदी-कछार सभी जगह जनजीवन गीतों से गुजित रहे।

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प्रश्न 4.
इस कविता में विद्या की खेती का क्या अभिप्राय है?
उत्तर-
प्रस्तुत काव्य-पाठ ‘पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा’ में कवि केदारनाथ अग्रवाल ने अपनी आशाभरी दृष्टि से आजाद भारत के मनोहारी दृश्य का चित्रांकन किया है। कवि के कहने का भाव यह है कि विद्या की खेती घर-घर हो। मूल भाव यह है कि यहाँ का हर नागरिक सुशिक्षित और विद्वान बने। घर-घर में विद्या और ज्ञान-प्रकाश की किरणें पहुँचकर नया जीवन प्रदान करे।
बिना ज्ञान के या विद्या के यह जीवन अंधकारमय हो जाता है। अतः, इस अंधकार और मूढ़ता से मुक्ति के लिए ज्ञान की साधना और विद्या का प्रकाश घर-घर में पहुँचे, यही कवि की कामना है। यहाँ आशावादी दृष्टिकोण का दर्शन होता है।

प्रश्न 5.
इस कविता के केन्द्रीय भाव पर प्रकाश डालें।
उत्तर-
प्रस्तुत काव्य पाठ ‘पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा’ में कवि केदारनाथ अग्रवाल ने ज्ञान-विज्ञान से परिपूर्ण भारत की परिकल्पना की है। इस कविता का केन्द्रीय भाव जनवादी-सपनों को लेकर है। कविता के मानस में आजाद हिंदुस्तान का ऐसा चित्र है जिसकी उर्वर भूमि में मान-सम्मान, स्वतंत्रता, ज्ञान और खुशियों के फूल खिलेंगे। यह कविता संबोधन शैली में लिखी गई है। इस कविता के द्वारा कवि जनता में स्फूर्ति जगाना चाहता है।

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प्रश्न 6.
कवि की राष्ट्रीय-भावना पर प्रकाश डालें।
उत्तर-
‘पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा’ कविता में कवि केदारनाथ अग्रवाल ने अपनी काव्य प्रतिभा के द्वारा जन-जन में राष्ट्रीय भावना जगाने का कार्य किया है।
भारत आजाद होगा। जन-जन में हर तरह के अभाव का सर्वनाश हो जाएगा यानि खात्मा हो जाएगा।
जन-जीवन प्रसन्नचित्त दिखाई पड़ेगा और क्लेश रहित जीवन में आनंद का राज रहेगा।

गीतों से गुजित घर-आँगन और खेत-खलिहान होंगे। जन-जीवन गीतों से आप्लावित रहेगा। सभी लोग प्रसन्न होकर लोक मंगलकारी भावनाओं के बीच रहेंगे। आपस में प्रेम, सहयोग और त्याग की भावना फूलेगी-फलेगी।
ज्ञान-विज्ञान कि किरणें घर-घर पसरेंगी। उदासी नहीं रहेगी। नवजागरण और आजादी के कारण सबमें नव प्राणों का संचार होगा। सभी एकता के सूत्र में बँधे रहेंगे। सबमें प्रेम, समन्वय, सहयोग और सेवा भावना बढ़ेगी। अभावग्रस्तता से मुक्ति मिलेगी। जन-जन में आशा विश्वास और नव चेतना की लौ जलेगी।
केदारनाथ अग्रवाल की इस कविता में समग्र राष्ट्रीय जीवन की समुन्नति और विद्या-ज्ञान से युक्त, मान-सम्मान की अभिलाषा प्रदर्शित हुई है।

प्रश्न 7.
“मैं कहता हूँ। फिर कहता हूँ’ में कवि के किस भाव का अभिव्यक्ति हुई है?
उत्तर- पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा’ कविता में कवि केदारनाथ अग्रवाल ने जोर देकर आशा और विश्वास के साथ अपने मन के उद्गार को दृढ़ता के साथ व्यक्त किया है।

कवि कहता है कि जब आजाद हिन्दुस्तान होगा तब हर जन में नव प्राणों का संचार होगा। खुशियों एवं श्रीसंपन्नता से परिपूर्ण जीवन अभाव मुक्त रहेगा। किसी भी प्रकार र का कोई ताप नहीं रहेगा। इसी कारण कवि विश्वास के साथ कहता है कि अपना भारत सबका भारत सबल और श्रीसंपन्न भारत होगा जहाँ भखमरी बेकारी बेरोजगारी का दर्शन भी नहीं होगा। सबका जीवन उमंग से परिपूर्ण और फलों सा बिहँसता. खिलता नजर आएगा। जन-जीवन अभाव से मक्त होकर मोरों की तरह नृत्यु प्रस्तुत करेगा। कहने का भाव यह है कि सारा भारत खुशहाल नजर आएगा। घर-घर में विद्या-ज्ञान की लौ जलेगी और सबके चेहरे पर प्रसन्नता दिखेगी मान-सम्मान से युक्त जीवन गीतों से भरपूर होगा।

प्रश्न 8.
‘मोरों-सा नर्तन’ के पीछे कवि का तात्पर्य क्या है?
उत्तर-
पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा’ कविता में कविर केदारनाथ अग्रवाल ने आजाद भारत की परिकल्पना की है उसका सुंदर चित्र खींचा है। कवि को दृढ विश्वास है कि भारत अवश्य आजाद होगा। आजाद भारत में सर्वत्र.खशहाली रहेगी। कहीं भी किसी प्रकार का अभाव, पीड़ा या वैमनस्य नहीं रहेगा।

जब भारत स्वतंत्र हो जाएगा तब यह एक सर्वशक्तिमान सार्वभौम सत्ता के रूप में विश्व पटल पर आगे आएगा। सबको हर तरह की आवश्यकताओं की पूर्ति होगी। लेकिन आजादी मिले तब तो………? कवि आजाद भारत के सुखद-स्वरूप की ‘कल्पना करता है। विविध प्राकृतिक रूपों द्वारा कवि ने भारतीय स्वाधीनता संग्राम, आजाद भारत का स्वरूप और सामाजिक-एकता पर विशेष बल देते हुए भारत के
लोकतंत्र की मंगलकामना किया है।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 7 पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा

कवि कहता है कि जीवन की मूलभूत आवश्यकता की पूर्ति होने पर जीवन में अभाव से मुक्ति पाने पर, जीवन में सब कुछ संसाधनों की सहज रूप में प्राप्ति होने पर भारत का जन-जन मोर-नाच यानि मयूर नृत्य करने लगेगा। सभी तापों से मुक्ति और जीवन में खुशहाली लाने की ही कवि की मंगल कामना है। इस प्रकार कवि अपनी कविताओं में अत्यधिक हर्ष, खुशियाली, शांति, अमन चैन की मंगल कामना करता है। इसी प्रकार जब भारत धन-धान्य से परिपूर्ण हो जाएगा तब खुश होकर मयूर की तरह वहाँ के लोग नृत्य करने लगेंगे। यहाँ कवि ने जीवन में सौंदर्य
और खुशियाली की कामना की है। सारा भारत जन के रूप में प्रयुक्त है। जन जागरूक रहेगा तभी परिवार, समाज और राष्ट्र में शांति रहेगी। मोरों-सा नर्तन में भारतीय जन समुदाय की प्रसन्नता, खुशियाली और श्रीसंपन्नता होने की कामना से युक्त भाव छिपा हुआ है।

प्रश्न 9.
इस कविता के उद्देश्य पर प्रकाश डालें।
उत्तर-
महाकवि केदारनाथ अग्रवाल ने अपनी प्रसिद्ध कविता (सारा) पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा में अत्यंत ही सत्य भाव का वर्णन करते हुए जीवन में शांति, अमन-चैन, खुशियाली और श्रीसंपन्नता से युक्त होने की मंगल कामना किया है।

कवि इसी जन्म और जीवन में सर्वजन के मान-सम्मान की कामना करता है। कवि गीतों की खेती यानि जीवन में शांति और सद्व्यवहार के साथ प्रसन्नचित्त होकर जीने की कामना करता है। वह सारे भारत की चिंता करता है। वह सारे भारत के गोगों की दयनीय दशा और गलामी से मुक्ति दिलाने के लिए अपनी इस काव्य-कति की रचना की है। कवि गीतों की खेती करने के माध्यम से यह शिक्षा देना चाहता है कि भारत का हर घर-आँगन और खेत-खलिहान गीतों से गुंजायमान रहे।

कवि भारत में दुख देखना नहीं चाहता है। यहाँ के जन क्लेश मुक्त और उमंग से भरा हुआ जीवन बितायो फूलों की खेती सारे भारत में होगी, कवि की यह सुखद कामना है। कहने का भाव यह है कि सारा भारत खुशहाल और हँसता, खिलता हुआ दीखे।
कवि को इच्छा है कि आजाद भारत में प्रज्ञाहीन नेत्रवाले नहीं रहे। यानि जिनकी आँखों में दीप बुझे हैं यानि जीवन में घोर उदासी है उन्हें अवश्य प्रकाश मिलेगा। ज्ञान और विद्या से युक्त उनका जीवन होगा।

कवि बार-बार जोर देकर कहता है कि आजाद भारत के जन-जन में नये प्राणों का संचार होगा। नवजागरण का शंखनाद होगा। सर्वत्र आनंद युक्त और स्वस्थता से पूर्ण वातावरण रहेगा। किसी से भी किसी प्रकार का कष्ट नहीं रहेगा। भारत की जनता प्रसन्नता और खुशहाली में अपने को पाकर मयूर-नृत्य करने लगेगी, यानि जीवन सर्व साधन से परिपूर्ण और सुखमय रहेगा।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 7 पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा

प्रश्न 10.
निम्नांकित पंक्तियों का भाव स्पष्ट करें:-
(क) क्लेश जहाँ है,
फूल खिलेगा;
हमको तुमको त्रान मिलेगा…..।
उत्तर-
प्रस्तुत कविताएँ केदारनाथ अग्रवाल की कविता ‘पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा’ से ली गई हैं। इन पंक्तियों में कवि ने भारत की खुशियाली और श्रीसंपन्नता की कामना किया है। कवि कहता है कि जिस भारत में चारों तरफ क्लेश ही क्लेश है, गुलामी में सारे लोग जी रहे हैं वह क्लेश अब शीघ्र दूर हो जाएगा। भारत स्वाधीन होगा। घर-घर में खुशियों की बहार छा जाएगी। यानि जब भारत आजाद होगा तब मर-घर में दीप जलंग, खुशियाँ मनायी जाएगी। सब जनता गलामी से मक्ति पा जो सभी लोग प्रसत्रचिन नजर आएंगे। सबके चेहरे पर अतिशय प्रसन्नता दीखेगी। भारत व जन-समुदाय में नव-जागरण का शंख गूंजे।। नयी चेतना से यहाँ की जनता प्रबुद्ध बनेगी। नवज्ञान की किरणों से घर-घर आलोकित होगा। सभी को विद्या और ज्ञान के प्रकाश में जीने का अवसर मिलेगा! सभी तापों से जनता मुक्ति मिलेगी। इस प्रकार उपरोक्त काव्य पंक्तियों में कवि ने भारतीय आजादी की कामना अपने सपनों का भारत बनें इसकी कल्पना एवं चिर-सुखी चिर प्रसन्न भारत रहे, इसकी मंगलकामना करते हुए काव्य रचना किया है। यही उसकी सुखद लोकहितकारी कामनाएँ हैं।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 7 पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा

प्रश्न 10.
(ख) निम्नांकित पंक्तियों की व्याख्या करें:
दीप बुझे हैं ‘जिन आँखों के
इन आँखों को ज्ञान मिलेगा…।
उत्तर-
प्रस्तुत काव्य पंक्तियाँ कविवर केदारनाथ अग्रवाल द्वारा रचित ‘पूरा हिन्दुस्तान मिलेगा’ काव्य-पाठ से ली गई हैं। इन पंक्तियों का प्रसंग भारतीय जनता के सुख-दुख से जुड़ा हुआ है।

कवि केदारनाथ जी ने अपनी उपरोक्त काव्य पंक्तियों के द्वारा इच्छा व्यक्त किया है कि भारत की जनता की आँखों में जो दीप बुझ चुके हैं, यानि उनके आँखों में जो उदासी दिखाई पड़ती है वह शीघ्र ही पूरी होगी।

कहने का मूल भाव है कि गुलाम भारत में जनता की स्थिति अत्यंत ही दुखद और चिंतनीय है। सर्वत्र उदासी, चिंता, पीड़ा और सारी चीजों का अभाव दिखाई पडता है लेकिन यह स्थिति बहत दिनों तक नहीं रहेगी। शीघ्र ही भारत आजाद होगा। सर्वत्र ज्ञान की किरणें अपनी आभा से जन-मन को आलोकित करेंगी। सभी तापों से मुक्ति दिलाएँगी। ज्ञान प्रकाश में सभी प्रसन्न एवं खुशहाल दीखेंगे। किसी भी प्रकार का.कष्ट या अभाव नहीं रहेगा। भारत शीघ्र ही आजाद होगा। घर-घर खुशियाँ मनायी जाएँगी। घर-घर ज्ञान का दीप जल उठेगा। सर्वत्र अमन-चैन और खुशहाली का राज दिखेगा। जनता सभी कष्टों से मुक्ति पाकर चिर प्रसन्नता और चिर नवीनता को प्राप्त करेगी।

इन पंक्तियों में कवि ने भारत की आजादी को शीघ्र पाने और भारतीय जनता की सभी प्रकार की पीड़ाओं से मुक्ति की मंगलकामना किया है।

नीचे लिखे पद्यांशों को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दें।

1. इसी जनम में
इस जीवन में
हमको तुमको मान मिलेगा
गीतों की खेती करने को
पूरा हिंदुस्तान मिलेगा।
(क) कवि और कविता के नाम लिखें।
(ख) प्रस्तुत पद्यांश में हमारे कैसे हिंदुस्तान की तस्वीर प्रस्तुत की गई है
(ग) गीतों की खेती’ से कवि का क्या अभिप्राय है?
(घ) ‘हमको तुमको मान मिलेगा’ का अर्थ स्पष्ट करें।
(ङ) प्रस्तुत पद्यांश का आशय लिखें।
उत्तर-
(क) कवि-केदारनाथ अग्रवाल। कविता-पूरा हिंदुस्तान मिलेगा।

(ख) प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने आजाद भारत के स्वरूप और उसके सुप्रभाव का वर्णन किया है। कवि की आँखों में आजाद भारत का सपना बसा है। कवि का विश्वास है कि आजाद भारत में सभी व्यक्तियों के सुंदर सपने साकार होंगे। भारत के नागरिकों को जन्म-जन्मांतर के लिए मान-सम्मान मिलेगा। सभी विचाराभिव्यक्ति में स्वतंत्र होंगे और सभी खुशियों के गीत गाएँगे। शिक्षा का व्यापक स्तर पर . प्रचार-प्रसार होगा। लोगों के ज्ञान की आँखें खुलेंगी। समाज स्वस्थ और सुंदर होगा। सभी तरह के भेदभाव मिट जाएँगे। लोगों की जीवन-दृष्टि परिष्कृत हो जाएगी।

(ग) ‘गीतों की खेती’ का मतलब है-सुखद और मधुर भावों की अभिव्यक्ति। ‘गीतों की खेती’- प्रतीकात्मक शब्द है। यह मन की प्रसन्नता और आह्लाद का प्रतीक है। कहा भी गया है। मन उमगे, तो गावे गीत, अर्थात् मन में उमंग, उत्साह और उल्लास है तो उसकी अभिव्यक्ति गीतों के रूप में ही होती है। कवि को यह विश्वास है कि आजाद भारत में सभी लोग हँसी और खुशी के गीत गाएँगे।

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(घ) कवि की आँखों में आजाद भारत का स्वप्न है। उसकी यह दृढ मान्यता है कि आजाद भारत में समता और समानता का भाव गतिशील रहेगा। वहाँ ऊँच-नीच, गरीब-अमीर, शिक्षित-अशिक्षित के बीच कोई भेदभाव नहीं रहेगा। कोई गरीबों, दलितों और छोटे लोगों का शोषण नहीं करेगा। समाज में सभी लोग मान-सम्मान की जिंदगी जी सकेंगे। सभी लोग अमीरी-गरीबी, छोटे-बड़े तथा सामाजिक और धार्मिक भिन्नता के लघु बंधन से मुक्त सम्मान से जी सकेंगे।

(ङ) प्रस्तुत पद्यांश में कवि के कथन का आशय यह है कि जब हमारा _देश अँगरेजों की दासता से मुक्त होकर आजाद देश की गरिमा से भूषित होगा, तब उस समय इस देश के लोग हर्ष और उल्लास की मनः स्थिति में प्रेम के गीत गाएँगे। – सभी लोग मान-सम्मान से जीने का अनुकूल अवसर पाएँगे। सामाजिक और नागरिक स्तर पर धर्म, जाति और धन के नाम पर कोई भिन्नता नहीं होगी।

2. क्लेश जहाँ है
फूल खिलेगा
हमको तुमको त्राण मिलेगा
फूलों की खेती करने को
पूरा हिंदुस्तान मिलेगा।
(क) कवि और कविता के नाम लिखें।
(ख) ‘क्लेश जहाँ है फूल खिलेगा’ का अर्थ स्पष्ट करें।
(ग) कवि ने यहाँ किस त्राण की चर्चा की है?
(घ) ‘फूलों की खेती’ से कवि का क्या अभिप्राय है?
(ङ) प्रस्तुत पद्यांश में कवि कैसा आश्वासन और विश्वास दे रहा है?
उत्तर-
(क) कवि-केदारनाथ अग्रवाल, कविता-पूरा हिंदुस्तान मिलेगा।

(ख) प्रस्तुत पद्यांश का अर्थ यह है कि गुलाम देश को क्लेश और कष्ट की कंटक भूमि माना जाता है। यही स्थिति हमारे गुलाम भारत देश की भी थी। उन दिनों हमारे देश के लोग बहुविध कष्टों से पीड़ित और आक्रांत थे, लेकिन कवि का यह विश्वास है कि आजादी मिलने के बाद आज जहाँ कष्ट, कठिनाई और पीड़ा का दर्द जमा हुआ है, कल वहीं हँसी-खुशी, उल्लास-उमंग तथा गरिमा-गौरव के बहुरंगे फूल खिलेंगे, अर्थात् वहाँ खुशियाँ-ही-खुशियाँ रहेंगी।

(ग) त्राण का अर्थ है-छुटकारा, मुक्ति, आजादी आदि। कवि ने इस पद्यांश में यह बताया है कि गुलाम भारत के लोग बहुविध कष्टों के बंधन में जकड़े थे। उन्हें इससे मुक्ति दिलाने का एक ही रास्ता था कि इस देश को अँगरेजों की गुलामी से मुक्ति दिलाएँ। तब ही उस स्वतंत्र भारत के लोगों को ढेर सारे कष्टों-विपत्तियों तथा ताप और संतापों से त्राण, अर्थात मुक्ति मिल सकेगी और सुख्ख के उपभोग का अवसर मिल पाएगा।

(घ) प्रस्तुत पद्यांश में कवि सभी लोगों को यह आश्वासन और विश्वास दिला रहा है कि जब यह देश आजाद होगा, तब यहाँ के वासियों का जीवन सुख-शांति, प्रेम और उल्लास का सुखद जीवन होगा। क्लेश-काँटे की जगह जीवन के तल पर फूल मुस्कान लुटाएँगे, लोगों को नानाविध कष्टों से मुक्ति मिलेगी और संपूर्ण राष्ट्रीय जीवन के तल पर लोग आँसू की नहीं, बल्कि फूलों की खेती कर अपने-अपने जीवन को सुगंधिमय कर पाएंगे।

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(ङ) कवि ने इस पद्यांश में लोगों को यह आश्वासन और विश्वास दिलाया है कि आजाद भारत में सभी लोगों को सुख-शांति से जीने का समान अवसर मिलेगा। जहाँ दुःख है वहाँ सुख के फूल खिलेंगे। लोगों को दुःख से मुक्ति मिलेगी। सर्वत्र खुशी के फूल सौंदर्य-सौरभ बिखरेते रहेंगे।

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Varnika Chapter 6 बिहार में नाट्यकला

Bihar Board 9th Hindi Objective Questions and Answers

BSEB Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Varnika Chapter 6 बिहार में नाट्यकला

प्रश्न 1.
बिहार बंधु नामक पत्रिका के संपादक कौन थे?
(a) केशवराम भट्ट
(b) पं. ईश्वरी प्रसाद शर्मा
(c) गोविन्द साह
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(c) गोविन्द साह

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Varnika Chapter 6 बिहार में नाट्यकला

प्रश्न 2.
पटना नाटक मंडली की स्थापना कब हुई थी?
(a) 1870 ई.
(b) 1872 ई.
(c) 1876 ई.
(d) 1880 ई.
उत्तर-
(c) 1876 ई.

प्रश्न 3.
पटना नाटक मंडली के संस्थापक कौन थे?
(a) केशवराम भट्ट
(b) पं. ईश्वरी प्रसाद शर्मा
(c) गोविन्द राम
(d) महादेवी वर्मा
उत्तर-
(a) केशवराम भट्ट

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Varnika Chapter 6 बिहार में नाट्यकला

प्रश्न 4.
पं. ईश्वरी प्रसाद शर्मा कहाँ के निवासी थे?
(a) पटना
(b) आरा
(c) हजारीबाग
(d) सीतामढ़ी
उत्तर-
(b) आरा

प्रश्न 5.
मनोरंजन नाटक मंडली नामक नाट्य संस्था की स्थापना कब हुई थी?
(a) 1910 ई.
(b) 1914 ई.
(c) 1916 ई.
(d) 1920 ई.
उत्तर-
(b) 1914 ई.

प्रश्न 6.
मनोरंजन नाटक मंडली के संस्थापक कौन थे ?
(a) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
(b) केशवराम भट्ट
(c) पं. ईश्वरी प्रसाद शर्मा
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(c) पं. ईश्वरी प्रसाद शर्मा

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Varnika Chapter 6 बिहार में नाट्यकला

प्रश्न 7.
किंकर नाट्य कला मंच की स्थापना कब हुई थी?
(a) 1910 ई.
(b) 1914 ई.
(c) 1915 ई.
(d) 1917 ई.
उत्तर-
(d) 1917 ई.

प्रश्न 8.
किंकर जी किस रंगमंच से सर्वाधिक प्रभावित थे ?
(a) बांग्ला
(b) उड़ीया
(c) नेपाली
(d) गुजराती
उत्तर-
(a) बांग्ला

प्रश्न 9.
पटना इप्टा की स्थापना कब हुई ?
(a) 1920 ई.
(b) 1935 ई.
(c) 1942 ई.
(d) 1947 ई.
उत्तर-
(d) 1947 ई.

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प्रश्न 10.
पटना इप्टा की स्थापना किसने की ?
(a) डॉ. ए. के. जैन
(b) ब्रज किशोर प्रसाद
(c) डॉ. एस. एम. घोषाल
(d) इनमें तीनों
उत्तर-
(d) इनमें तीनों

प्रश्न 11.
बिहार आर्ट थिएटर की स्थापना किसने की?
(a) डॉ. ए. के. सेन
(b) अनिल मुखर्जी
(c) विवेकानन्द
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(b) अनिल मुखर्जी

प्रश्न 12.
कालिदास रंगालय नामक प्रेक्षागृह का निर्माण किसने कराया था?
(a) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
(b) अनिल मुखर्जी
(c) विवेकानन्द
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(b) अनिल मुखर्जी

प्रश्न 13.
चन्द्रगुप्त नाटक के रचयिता कौन हैं ?
(a) प्रेमचन्द
(b) जयशंकर प्रसाद
(c) हरिऔंध
(d) कालिदास
उत्तर-
(b) जयशंकर प्रसाद

प्रश्न 14.
चतुर्भुजजी की नाट्य संस्था का क्या नाम था ?
(a) मगध कलाकार
(b) पटना कलाकार
(c) आरा कलाकार
(d) इनमें तीनों
उत्तर-
(a) मगध कलाकार

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Varnika Chapter 6 बिहार में नाट्यकला

प्रश्न 15.
मगध कलाकार संस्था की स्थापना कब हुई ?
(a) 1930 ई.
(b) 1945 ई.
(c) 1947 ई.
(d) 1952 ई.
उत्तर-
(d) 1952 ई.

प्रश्न 16.
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बिहार के प्रथम व्यक्ति कौन थे ?
(a) चतुर्भुज जी
(b) सतीश आनंद
(c) प्यारेमोहन सहाय
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(c) प्यारेमोहन सहाय

प्रश्न 17.
अनागत नामक नाट्य संस्था के संस्थापक थे
(a) नरेन्द्र नाथ पाण्डेय
(b) परवेज अख्तर
(c) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(c) दोनों

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प्रश्न 18.
कथाकार ऋषिकेश सुलभ की कहानी अमली का मंचीय प्रस्तुतीकरण किसने किया ?
(a) सतीश आनंद
(b) प्यारेमोहन सहाय
(c) परवेज अख्तर
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(a) सतीश आनंद

प्रश्न 19.
मैला आँचल के रचनाकार हैं
(a) रघुवीर सहाय
(b) फणीश्वरनाथ रेणु
(c) प्रेमचन्द
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(b) फणीश्वरनाथ रेणु

प्रश्न 20.
बिहार में लोकनाट्य कला को सर्वाधिक योग किसने दिया?
(a) प्रेमचन्द
(b) भिखारी ठाकुर
(c) सतीश आनंद
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(b) भिखारी ठाकुर

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प्रश्न 21.
बटोही के रचनाकार हैं
(a) प्रेमचन्द
(b) सतीश आनंद
(c) ऋषिकेश सुलभ
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(c) ऋषिकेश सुलभ

प्रश्न 22.
कालिदास रंगालय कहाँ स्थित है ?
(a) पटना
(b) आरा
(c) मुजफ्फरपुर
(d) सीवान
उत्तर-
(a) पटना

Bihar Board 9th Hindi Objective Answers Varnika Chapter 6 बिहार में नाट्यकला

प्रश्न 23.
मुक्तिपर्व किसकी रचना है ?
(a) सतीश आनंद
(b) अविनाश चन्द्र मिश्र
(c) ऋषिकेश सुलभ
(d) भिखारी ठाकुर
उत्तर-
(b) अविनाश चन्द्र मिश्र

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 13 समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Disaster Management आपदा प्रबन्धन Chapter 13 समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Disaster Management Solutions Chapter 13 समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन

Bihar Board Class 9 Disaster Management समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
आपदा प्रबंधन के तीन प्रमुख अंगों में कौन एक निम्नलिखित में शामिल नहीं है ?
(क) पूर्वानुमान, चेतावनी एवं प्रशिक्षण
(ख) आपदा के समय प्रबंधन गतिविधियाँ ।
(ग) आपदा के बाद निश्चित रहना
(घ) आपदा के बाद प्रबंधन कार्य करना ।
उत्तर-
((ग) आपदा के बाद निश्चित रहना

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 13 समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन

प्रश्न 2.
प्रत्येक ग्रीष्म ऋतु में कौन सी आपदा लगभग निश्चित है ?
(क) आगजनी
(ख) वायु दुर्घटना
(ग) रेल दुर्घटना
(घ) सड़क दुर्घटना
उत्तर-
(क) आगजनी

प्रश्न 3.
सामुदायिक प्रबंधन के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन एक प्राथमिक क्रियाकलाप में शामिल नहीं है।
(क) निकटतम प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र को सूचित करना।
(ख) प्रभावित लोगों को स्वच्छ जल और भोजन की उपलब्धता की गारंटी करना ।
(ग) आपदा की जानकारी प्रशासन तंत्र को नहीं देना।
(घ) आपतकालीन राहत शिविर की व्यवस्था करना।
उत्तर-
(ग) आपदा की जानकारी प्रशासन तंत्र को नहीं देना।

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 13 समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन

प्रश्न 4.
ग्रामीण आपदा प्रबंधन समिति के प्रमुख कार्य हैं ?
(क) प्राथमिक उपचार की व्यवस्था नहीं करना।
(ख) सभी को सुरक्षा देना।
(ग) राहत शिविर का चयन एवं राहत पहुँचाने का कार्य करना ।
(घ) स्वच्छता का ख्याल रखना ।
उत्तर-
(ख) सभी को सुरक्षा देना।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अग्निशमन दस्ता आने के पूर्व समुदाय द्वारा कौन से प्रयास किये जाने चाहिए?
उत्तर-
अग्निशमन दस्ता आने के पूर्व समुदाय द्वारा निम्नलिखित प्रयास किया जाना चाहिए

  • आग से झुलसे हुए लोगों को एक जगह पंचायत भवन या विद्यालय में ले जाकर प्राथमिक उपचार करना चाहिए।
  • जले हुए भाग पर पानी डालना या चंदन का लेप लगाना चाहिए।
  • जले हुए भाग पर बर्फ का उपयोग करना चाहिए।
  • टेलीफोन या मोबाइल का प्रयोग करके अस्पताल से एम्बुलेन्स माँगना चाहिए।
  • घायल या अर्द्ध जल लोगों को अच्छे उपचार के लिए अस्पताल पहुँचना चाहिए।
  • जिस जगह पर आग लगी हो, वहाँ अधिक से अधिक पानी, बालू, गोबर तथा मिट्टी डालना चाहिए ।

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प्रश्न 2.
ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबंधन समिति के गठन में कौन-कौन से सदस्य शामिल होते हैं ?
उत्तर-
ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबंधन समिति के गठन में के नौ सदस्य होते हैं। ये निम्नांकित हैं-

  • विद्यालय के प्रधानाचार्य
  • गाँव के मुखिया
  • गाँव के सरपंच
  • गाँव के दो समर्पित लोग
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का एक डॉक्टर
  • राष्ट्रीय सुरक्षा सेवा के सदस्य (N.S.S)
  • ग्राम सेवक
  • स्वयं सहायक समूह की दो महिलाएँ
  • नौ सदस्यों की सूची मानी गयी ।

प्रश्न 3.
आपदा प्रबंधन के लिए समुदाय में किन अच्छे गुणों का होना आवश्यक है ?
उत्तर-
आपदा प्रबंधन के लिए समुदाय के लोगों में निम्नलिखित गुणों का होना आवश्यक है

  • (i) समुदाय के सदस्य हमेशा समुदाय की भलाई सोचें ।
  • (ii) समुदाय द्वारा जब सामूहिक कार्य के लिए टीम का गठन हो तो उसमें परिश्रमी और साहसी लोग ही आपदा में शामिल हों ।
  • उसमें जात-पात और धर्म आधारित भेदभाव नहीं होना चाहिए।
  • समुदाय के हर व्यक्ति को सहज रखना चाहिए कि वे संभावित आपदा की जानकारी शीघ्र ही एक दूसरे को दें।
  • समुदाय के लोगों में उत्साह, साहस और आवश्यकतानुसार सख्ती के प्रयोग की क्षमता होनी चाहिए ।
  • हर व्यक्ति के बहुत से निजी कार्य होते हैं लेकिन सामुदायिक आपदा के सामने निजी कार्य के गुण समझते हुए इसके सामना करने हेतु आगे आना चाहिए।

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 13 समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आपदा प्रबंधन में समुदाय की केन्द्रीय भूमिका का वर्णन करें।
उत्तर-
कोई आपदा न तो सूचना देकर आती है न ही इसके कोप का मुक्तभोगी एक व्यक्ति होता है । आपदा आर्थिक भौर सामाजिक दृष्टि से असमान परिवारों में कोई भेद-भाव नहीं करती है । इससे निपटने के लिए समुचित तैयारी की आवश्यकता है और पारिवारिक भागीदारी भी आवश्यक है । इसका प्रभाव जानमाल पर तो पड़ता ही है मानसिक क्लेश भी होता है । इन आपदाओं से निपटने की जिम्मेवारी समाज की सामूहिक रूप से होती है। समाज के अनुभवी लोग आपदाओं का पूर्वानुमान या उनसे निपटने के सर्वोत्तम सुझाव दे सकते हैं । इस प्रकार प्रत्येक परिवार तक उसके लाभ पहुंचाने में समुदाय की केन्द्रीय भूमिका होती है।

प्रश्न 2.
ग्रामीण आपदा प्रबंधन समिति के कार्यों का विस्तृत वर्णन करें।
उत्तर-
ग्रामीण आपदा प्रबंधन समिति के निम्नलिखित कार्य हैं

  • पूर्वानुमान के आधार पर चेतावनी एवं सूचना देना यह प्रबंधन समिति जिला मुख्यालय से प्राप्त सूचनाओं को तत्काल लोगों तक पहुँचायेगी।
  • राहत शिविर का चयन और प्रभावित लोगों को राहत पहुचाने का कार्य इसी के साथ जिला प्रशासन को सूचित करना आगजनी है तो दमकल को सूचित कराना।
  • राहत कार्य-मुख्य रूप से लोगों को भोजन एवं पानी उपलब्ध करना।
  • प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करना ।
  • सभी को सुरक्षा प्रदान करना-महिला, बच्चों पर विशेष रूप से ध्यान देना ।
  • स्वच्छता का ख्याल रखना-स्वच्छता रखने से विभिन्न प्रकार की बीमारी नही फैलती है।

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 13 समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन

प्रश्न 3.
आपदा प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी को कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है?
उत्तर-
आपदा प्रबंधन में समदाय की भागीदारी को निम्न प्रकार से सनिश्चित किया जा सकता है-

  • निकटतम विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच यह घोषणा करना कि बाढ़ अथवा आँधी की संभावना है इसलिए घर में लोगों को सचेत कर देना ।
  • किसी आपदा के विषय में विद्यालय, मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर में जाकर घोषणा करना तथा आवश्यक निर्देश देना ।
  • समाज के वृद्ध, बच्चे, गर्भवती महिलाओं के लिए पहले से विस्थापन के प्रबंध करना और गाँव के विद्यालय में तैरने के जैकेट, नाव, डॉक्टर और कुशल लोगों की सूची तैयार करना जिससे आपदा के समय इनका विस्थापन आसानी से किया जा सके ।।
  • पंचायत भवन और गाँव के विद्यालय में तैरने के जैकेट. नाव. डॉक्टर और कुशल लोगों की सूची तैयार रखना वहीं ऐसे स्थान से संपर्क रखना जहाँ से आवश्यकता पड़ने पर उचित व्यवस्था हो सके ।
  • महामारी, दंगे और आग लगने पर परिवहन साधन की व्यवस्था रखना जिससे प्रभावित लोगों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जा सके ।

Bihar Board 9th English Objective Answers Chapter 1 Dharam Juddha

Bihar Board 9th English Objective Questions and Answers

BSEB Bihar Board 9th English Objective Answers Chapter 1 Dharam Juddha

Question 1.
‘Dharam Juddha’s author is
(a) Arjuna Dev Charan
(b) K. Verma
(c) O. Henry
(d) Moti
Answer:
(a) Arjuna Dev Charan

Bihar Board 9th English Objective Answers Chapter 1 Dharam Juddha

Question 2.
Padma asks from her mother what is the
(a) identity of a man
(b) identity of a child
(c) identity of a woman
(d) identity of a boy
Answer:
(c) identity of a woman

Question 3.
Who is the daughter?
(a) Asha
(b) Meena
(c) Padma
(d) Rekha
Answer:
(c) Padma

Question 4.
Padma is darling of her
(a) father
(b) daughter
(c) mother
(d) brother
Answer:
(a) father

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Question 5.
Padma’s father replies that she would know the fact when she would be
(a) unmarried
(b) widow
(c) married
(d) none of these
Answer:
(c) married

Question 6.
‘Dharam Juddha’ is a story of
(a) a boy
(b) a young girl
(c) a man
(d) a woman
Answer:
(b) a young girl

Question 7.
The name of a young girl in ‘Dharam Juddha’ is
(a) Padma
(b) Kamla
(c) Aradhna
(d) Riya
Answer:
(a) Padma

Question 8.
Padma does not like attitude
(a) orthodox
(b) modern
(c) wrong
(d) good
Answer:
(a) orthodox

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Question 9.
Padma asks questions from her parents about
(a) identity of a man
(b) identity of a woman
(c) identity of a child
(d) identity of human being
Answer:
(b) identity of a woman

Question 10.
Padma believes in the equality between
(a) child and man
(b) child and woman
(c) man and woman
(d) human and animal
Answer:
(c) man and woman

Question 11.
Padma says that her father loves money more than
(a) they
(b) I
(c) you
(d) she
Answer:
(d) she

Question 12.
Padma wants justice for woman as regards without her
(a) husband
(b) sister
(c) father
(d) mother
Answer:
(a) husband

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Question 13.
According to Padma a home is considered a place for.
(a) quarreling
(b) rest
(c) peace
(d) bargaining
Answer:
(d) bargaining

Question 14.
The identity of a woman is the identity of
(a) the human run
(b) the human being
(c) the human race
(d) the human
Answer:
(c) the human race

Question 15.
An unmarried man is
(a) venerated
(b) discrimination
(c) almeliorating
(d) privileged
Answer:
(a) venerated

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Question 16.
An unmarried woman is called immoral and
(a) wanton
(b) venerated
(c) ameliorating
(d) bestow
Answer:
(a) wanton

Question 17.
Padma was the
(a) only child
(b) two sisters
(c) one brother
(d) none of them
Answer:
(a) only child

whose husband is
(a) dead
(b) alive
(c) bad
(d) cruel
Answer:
(a) dead

Question 19.
According to Padma her father gives more importance to money than to
(a) her
(b) him
(c) house
(d) them
Answer:
(a) her

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Question 20.
According to Padma’s father marriage lends identity to a
(a) man
(b) woman
(c) child
(d) boy
Answer:
(b) woman

Question 21.
A woman’s identity depends on the identity of her
(a) wife
(b) mother
(c) husband
(d) daughter
Answer:
(c) husband

Question 22.
According to Padma’s mother, without husband a woman’s life is like a
(a) hell
(b) heaven
(c) galaxy
(d) universe
Answer:
(a) hell

Question 23.
When Padma asked the question repeatedly to mother, she called it
(a) senseless
(b) nonsense
(c) mad
(d) mankind
Answer:
(a) hell

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Question 24.
Padma is
(a) educated
(b) uneducated
(c) village girl
(d) none of these
Answer:
(a) educated

Question 25.
Padma wants for woman
(a) safety
(b) security
(c) regular job
(d) equality and justice
Answer:
(d) equality and justice

Question 26.
Padma’s’mother is
(a) orthodox woman
(b) modem woman
(c) traditional woman
(d) crucial attitude
Answer:
(c) traditional woman

Question 27.
Padma’s mother loves her daughter and
(a) husband
(b) mother in law
(c) son
(d) father
Answer:
(a) husband

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Question 28.
Padma’s mother does not believe in independent identity of a woman without her
(a) father
(b) brother
(c) mother
(d) husband
Answer:
(d) husband

Question 29.
The main idea of ‘Dharam Juddha’ is an enquiry into the .
(a) identity of a woman
(b) identity of a man
(c) identity of a child
(d) none of these
Answer:
(a) identity of a woman

Question 30.
Padma does not want to be dependent on ………….. for heridentity.
(a) unmarried
(b) marriage
(c) widow
(d) family
Answer:
(b) marriage

Question 31.
Padma wants woman’s independent identity in
(a) country
(b) family
(c) state
(d) society
Answer:
(d) society

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Question 32.
‘Dharam Juddha’ is a story of a young
(a) lady
(b) boy
(c) girl
(d) orphan
Answer:
(c) girl

Question 33.
‘Dharam Juddha’ has been written by
(a) K. Verma
(b) O. Henry
(c) Moti
(d) Arjun Dev Charan
Answer:
(d) Arjun Dev Charan

Question 34.
The chief character of the story ‘Dharam Juddha is
(a) Padma’s mother
(b) Padma
(c) Padma’s father
(d) the writer
Answer:
(b) Padma

Question 35.
Padma was educated through the books like the
(a) Bible
(b) Modern stories
(c) History
(d) Ramayana
Answer:
(d) Ramayana

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Question 36.
Padma wanted to know the identity of a
(a) manied girl
(b) husband
(c) wife
(d) woman
Answer:
(d) woman

Question 37.
Padma’s father cared more for
(a) money
(b) Padma
(c) Padma’s mother
(d) himself
Answer:
(a) money

Question 38.
Padma’s mother says, “My identity is linked with his and
(a) you
(b) I
(c) Padma
(d) AIl
Answer:
(b) I

Question 39.
Padma feels aggrieved and agitated by the uncharitably ……… of the society toward women.
(a) sympathical attitude
(b) crucial attitude
(c) orthodox attitude
(d) gentle attitude
Answer:
(c) orthodox attitude

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Question 40.
Padma asks her parents about ………….. of a woman.
(a) rights and the identity
(b) status
(c) beauty
(d) dullness
Answer:
(a) rights and the identity

Question 41.
Padma asks what about a woman whose husband is dead? Padma’s mother replied. Life is………………for her.
(a) sad
(b) unhappy
(c) sad plight
(d) hell
Answer:
(d) hell

Question 42.
Unmarried man is
(a) saint
(b) student
(c) venerated
(d) idea
Answer:
(c) venerated

Question 43.
Unmarried woman is called in moral and
(a) girl
(b) nun
(c) virgin
(d) wanton
Answer:
(d) wanton

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Question 44.
Padma is an
(a) educated girl
(b) uneducated girl
(c) village girl
(d) orthodox girl.
Answer:
(a) educated girl

Question 45.
Padma has read the scriptures like
(a) the Ramayana and the Mahabharata
(b) Bible
(c) Quran
(d)champak
Answer:
(a) the Ramayana and the Mahabharata

Question 46.
Padma says about her father that it takes a heart to …………..love.
(a) bestow
(b) confer
(c) cherish
(d) treated
Answer:
(a) bestow

Question 47.
Padma’s father saves all the …………..for Padma
(a) money
(b) piece
(c) Rupee
(d) Rupees
Answer:
(a) money

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Question 48.
Padma wants to know about the identity of a
(a) woman
(b) man
(c) child
(d) human being
Answer:
(a) woman

Question 49.
Padma thinks that every woman should have her own
(a) identity
(b) recognise
(c) her own status
(d) depend
Answer:
(a) identity

Question 50.
Padma is agitated by the……………… of society towards women.
(a) orthodox attitude
(b) crucial attitude
(c) gentle attitude
(d) sypathical attitude
Answer:
(a) orthodox attitude

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Question 51.
Meaning of venerated is
(a) friendship
(b) worship
(c) courtship
(d) partnership
Answer:
(b) worship

Question 52.
Meaning of immoral is
(a) virgin
(b) nun
(c) venerated
(d) of bad character
Answer:
(d) of bad character

Question 53.
Meaning of hell is
(a) a beautiful place
(b) a palace
(c) a very unpleasant place
(d) a pleasant place
Answer:
(c) a very unpleasant place

Question 54.
Meaning of bond is
(a) strong connection
(b) bestow
(c) different
(d) injustice
Answer:
(a) strong connection

Question 55.
Meaning of wanton is
(a) virgine
(b) nun
(c) venerated
(d) of immoral characters
Answer:
(d) of immoral characters

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Question 56.
It is good ………….. a morning walk.
(a) to take
(b) to give
(c) to rest
(d) to late
Answer:
(a) to take

Question 57.
He went to the market ………….. some fish.
(a) to sell
(b) to buy
(c) to bring
(d) to Carry
Answer:
(b) to buy

Question 58.
It is easy ………….. English.
(a) to sell
(b) to go
(c) to learn
(d) to buy
Answer:
(c) to learn

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Question 59.
I was horrified …………..the scene there.
(a) to go
(b) to watch
(c) to take
(d) to give
Answer:
(b) to watch

Question 60.
She knows how …………..a violin.
(a) to go
(b) to late
(c) to buy
(d) to play
Answer:
(d) to play

Question 61.
Which is the correct spelling
(a) idantity
(b) identiti
(c) identity
(d) idantiti
Answer:
(c) identity

Question 62.
Choose the correct one
(a) bestow
(b) bestou
(c) bastou
(d) bastow
Answer:
(a) bestow

Bihar Board 9th English Objective Answers Chapter 1 Dharam Juddha

Question 63.
Which of them is correct
(a) borrgian
(b) baorrgen
(c) borrgine
(d) bargain
Answer:
(d) bargain

Question 64.
Which is the correct spelling
(a) differente
(b) diferent
(c) different
(d) diffarant
Answer:
(c) different

Question 65.
Choose the correct one
(a) senseless
(b) senseles
(c) sensless
(d) sensless
Answer:
(a) senseless

Bihar Board 9th English Objective Answers Chapter 1 Dharam Juddha

Question 66.
Which of them is correct
(a) societi
(b) society
(c) socity
(d) societee
Answer:
(b) society

Question 67.
Which is the correct spelling
(a) daughter
(b) daugter
(c) daughtor
(d) daughtorr
Answer:
(a) daughter

Question 68.
Which of them is correct
(a) injustise
(b) injuslese
(c) unjustice
(d) injustice
Answer:
(d) injustice

Bihar Board 9th English Objective Answers Chapter 1 Dharam Juddha

Question 69.
Choose the correct one
(a) marriage
(b) marrieage
(c) mariage
(d) marrise
Answer:
(a) marriage

Question 70.
The meaning of ‘a person of great holiness’ is
(a) saint
(b) venerated
(c) wanton
(d) virgin
Answer:
(a) saint

Question 71.
The meaning of ‘unchaste’ is
(a) virgin
(b) wanton
(c) saint
(d) venerated
Answer:
(b) wanton

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Question 72.
The meaning of ‘treated with respect’ is
(a) wanton
(b) virgine
(c) venerated
(d) justice
Answer:
(c) venerated

Question 73.
The meaning of ‘to hold as dear’ is
(a) cherish
(b) command
(c) riducule
(d) humbly
Answer:
(a) cherish

Question 74.
The meaning of ‘individuality’ is
(a) treated with respect
(b) without
(c) hold as dear
(d) identity
Answer:
(d) identity

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Question 75.
The meaning, of ‘unreasonable’ is
(a) identity
(b) senseless
(c) beautiful
(d) cruel
Answer:
(b) senseless

Bihar Board Class 9 History Solutions Chapter 7 विश्वशांति के प्रयास

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions History इतिहास : इतिहास की दुनिया भाग 1 Chapter 7 विश्वशांति के प्रयास Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science History Solutions Chapter 7 विश्वशांति के प्रयास

Bihar Board Class 9 History विश्वशांति के प्रयास Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
राष्ट्रसंघ के सचिवालय का प्रधान कार्यालय
(क) न्यूयार्क में था
(ख) पेरिस में था
(ग) जेनेवा में था
(घ) बर्लिन में था
उत्तर-
(ग) जेनेवा में था

Bihar Board Class 9 History Solutions Chapter 7 विश्वशांति के प्रयास

प्रश्न 2.
इसमें कौन राष्ट्रसंघ का सदस्य नहीं था?
(क) इंग्लैण्ड
(ख) संयुक्त राज्य अमेरिका
(ग) फ्रांस
(घ) जर्मनी
उत्तर-
(ख) संयुक्त राज्य अमेरिका

प्रश्न 3.
राष्ट्रसंघ की स्थापना का मूल उद्देश्य था
(क) द्वितीय विश्वयुद्ध की पृष्ठभूमि तैयार करना
(ख) भविष्य में युद्ध रोकना
(ग) राष्ट्रों के बीच मतभेद उत्पन्न करना
(घ) इनमें से कुछ नहीं।
उत्तर-
(ग) राष्ट्रों के बीच मतभेद उत्पन्न करना

प्रश्न 4.
राष्ट्रसंघ की स्थापना किस वर्ष हुई ?
(क) 1945
(ख) 1925
(ग) 1920
(घ) 1895
उत्तर-
(ग) 1920

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प्रश्न 5.
निम्नलिखित में से कौन संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी है ?
(क) आर्थिक और सामाजिक परिषद्
(ख) अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
(ग) संरक्षण परिषद्
(घ) अंतर्राष्ट्रीय मजदूर संघ
उत्तर-
(ग) संरक्षण परिषद्

प्रश्न 6.
संयुक्त राष्ट्रसंघ का मुख्यालय कहाँ अवस्थित है ?
(क) जेनेवा
(ख) वाशिंगटन डी० सी०
(ग) न्यूयार्क
(घ) लंदन
उत्तर-
(ख) वाशिंगटन डी० सी०

प्रश्न 7.
संयुक्त राष्ट्रसंघ का किस सम्मेलन का सफल परिणाम था ?
(क) डाम्बस्टन ओक्स
(ख) सैन फ्रांसिस्को
(ग) जेनेवा
(घ) पेरिस
उत्तर-
(ख) सैन फ्रांसिस्को

Bihar Board Class 9 History Solutions Chapter 7 विश्वशांति के प्रयास

प्रश्न 8.
वर्तमान में संयुक्त राष्ट्रसंघ के कितने सदस्य हैं ?
(क) 111
(ख) 192
(ग) 190
(घ) 290
उत्तर-
(ख) 192

Bihar Board Class 9 History Solutions Chapter 7 विश्वशांति के प्रयास

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सुरक्षा परिषद् में कितने स्थायी और अस्थायी सदस्य हैं ?
उत्तर-
सुरक्षा परिषद् में 5 स्थायी तथा 10 अस्थायी सदस्य हैं।

प्रश्न 2.
राष्ट्रसंघ का सबसे प्रमुख अंग कौन है ?
उत्तर-
आमसभा संयुक्त राष्ट्रसंघ का सबसे प्रमुख अंग है।

Bihar Board Class 9 History Solutions Chapter 7 विश्वशांति के प्रयास

प्रश्न 3.
संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थापना किस तिथि को हुई ?
उत्तर-
संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थापना 24 अक्टूबर, 1945 ई० को हुई।

प्रश्न 4.
संयुक्त राष्ट्रसंघ के वर्तमान महासचिव कौन हैं ?
उत्तर-
वर्तमान महासचिव बानकी मून हैं।

प्रश्न 5.
संयुक्त राष्ट्रसंघ के चार्टर में कितनी धाराएँ हैं ?
उत्तर-
संयुक्त राष्ट्रसंघ के चार्टर में 111 धाराएँ हैं।

Bihar Board Class 9 History Solutions Chapter 7 विश्वशांति के प्रयास

प्रश्न 6.
सुरक्षा परिषद् के अस्थाई सदस्यों की कितनी संख्याएँ है ?
उत्तर-
10 अस्थाई सदस्य हैं।

प्रश्न 7.
संयुक्त राष्ट्रसंघ का प्रधान अधिकारी क्या कहलाता है ?
उत्तर
संयुक्त राष्ट्रसंघ का प्रधान अधिकारी महासचिव कहलाता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
राष्ट्रसंघ की स्थापना किस प्रकार हुई ?
उत्तर-
प्रथम विश्वयुद्ध (1919 ई०) की समाप्ति के बाद पेरिस में हुए शांति-सम्मेलन में राष्ट्र-संघ की स्थापना की नींव पड़ी । इसका मुख्य श्रेय अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बुड्रो विल्सन को जाता है। जिन्होंने अपने ’14 सूत्री’ प्रस्तावों में किसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थान की स्थापना की अनिवार्यता पर बल दिया जिसके द्वारा विश्व के राज्यों में आपसी झगड़े शान्तिपूर्वक निपटाए जा सके और राष्ट्रीय मामलों पर विचार किया जा सके। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रमुख राष्ट्रों ने मिलकर राष्ट्रसंघ की स्थापना 10 जून, 1920 ई० को की।

Bihar Board Class 9 History Solutions Chapter 7 विश्वशांति के प्रयास

प्रश्न 2.
राष्ट्रसंघ निःशस्त्रीकरण के प्रश्न को सुलझाने में क्यों असफल रहा?
उत्तर-
राष्ट्रसंघ अपने उद्देश्य की पूर्ति में असफल रहा । भावी युद्ध रोकने के लिए नि:शस्त्रीकरण की आवश्यकता थी। जर्मनी, इटली और जापान अपनी सैनिक शक्ति में लगातार वृद्धि कर रहे थे । अमेरिका रूस, फ्रांस, जर्मनी, इंग्लैण्ड आदि शक्तिशाली देश एक दूसरे को संदेह की दृष्टि से देख रहे थे। सभी देश अपने को अस्त्र-शस्त्र से सम्पन्न करने में प्रयासरत थे । ऐसी स्थिति में शक्तिहीन एवं निर्बल संस्था निःशस्त्रीकरण के प्रश्न पर मूक दर्शक बनकर रह गयी।

प्रश्न 3.
राष्ट्रसंघ किन कारणों से असफल रहा ? किन्हीं 4 कारणों को बतावें।
उत्तर-
राष्ट्रसंघ की असफलता के चार कारण अग्रलिखित हैं
(i) शक्तिशाली राष्ट्रों का अलगाव-यद्यपि राष्ट्रसंघ की स्थापना में अमेरिका की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही थी तथापि वह स्वयं इसका सदस्य नहीं बना । अतः राष्ट्रसंघ को विश्व के महान शक्तिशाली राष्ट्र का समर्थन नहीं मिला । आरम्भ में रूस भी इससे अलग था अतः शक्तिशाली राष्ट्रों का अलगाव भी इसकी असफलता का कारण बना ।

(ii) राष्ट्रसंघ का दुरुपयोग-राष्ट्रसंघ की नीतियों एवं उद्देश्यों को सफल बनाना कम वरन् अपने साम्राज्यवादी एवं पूँजीवादी हितों को पूरा करना अधिक था इन उद्देश्यों को पूरा करने में राष्ट्रसंघ का दुरुपयोग किया गया।

(iii) विश्व आर्थिक मंदी-1929-30 की आर्थिक मंदी ने सभी राष्ट्रों को अपने देश की आर्थिक हितों की चिंता थी । अत: परस्पर सहयोग की भावना नहीं रही।

(iv) राष्ट्रसंघ के गठन में दोष-शक्तिशाली देश केवल अपने हितों की सुरक्षा में लगे रहते थे। यह भी एक कारण था असफलता का ।

प्रश्न 4.
संयुक्त राष्ट्रसंघ के उद्देश्यों एवं सिद्धान्तों को लिखें।
उत्तर-
संयुक्त राष्ट्रसंघ के निम्नलिखित उद्देश्य थे-

  • शांति स्थापना करना
  • संसार के राष्ट्रों के मध्य मैत्रीपूर्ण संबंध बनाना।
  • विभिन्न राष्ट्रों की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक समस्याओं का समाधान करना ।
  • U.N.O को ऐसा केन्द्र बनाना जहाँ उपर्युक्त सभी उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए की जानेवाली कार्यवाही में तालमेल स्थापित किया जा सके।

संयुक्त राष्ट्रसंघ के सिद्धान्त-

  • राष्ट्रों की समानता के सिद्धान्त पर यह संस्था आधारित रहेगी।
  • प्रत्येक सदस्य राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्रसंघ के घोषणापत्र (Charter) का स्वागत करेगा।
  • सभी राष्ट्र अपने झगड़ों का निबटारा शांतिपूर्ण ढंग से करेंगे।
  • संस्था के सदस्य किसी अन्य राष्ट्र की स्वतंत्र को विनष्ट नहीं करेंगे।
  • संयुक्त राष्ट्रसंघ किसी भी राष्ट्र के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
  • शांति भंग करने वाले देश के विरुद्ध कार्यवाही करेगी।

Bihar Board Class 9 History Solutions Chapter 7 विश्वशांति के प्रयास

प्रश्न 5.
संयुक्त राष्ट्रसंघ के गैर राजनीतिक कार्य कौन-कौन से हैं ?
उत्तर-
गैर राजनीतिक क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्रसंघ ने निम्नलिखित कार्य किए हैं

  • संयुक्त राष्ट्रसंघ ने बालसंकट कोष की स्थापना कर विश्व के विभिन्न सदस्य राष्ट्रों में बच्चों को शिक्षा, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा आदि की महत्त्वपूर्ण व्यवस्था की है।
  • स्वास्थ्य एवं चिकित्सा से संबद्ध क्षेत्र में भी विश्व के अनेक राष्ट्रों को संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य संगठन द्वारा सहायता प्रदान किया है।
  • अपनी विशिष्ट संस्थाओं द्वारा इसने बालकों श्रमिकों तथा स्त्रियों की स्थिति में सुधार लाने का प्रयास किया।
  • विश्व में होने वाली प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न समस्याओं को दूर करने जैसे-पुनर्वास कार्य, संक्रामक बीमारियों को रोकने एवं आर्थिक क्षतिपूर्ति में संयुक्त राष्ट्रसंघ की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है।

प्रश्न 6.
संयुक्त राष्ट्रसंघ की किन्हीं चार राजनैतिक सफलताओं का उल्लेख करें।
उत्तर-
संयुक्त राष्ट्रसंघ के निम्नलिखित राजनैतिक सफलताएँ हैं

  • रूस-ईरान विवाद-ईरान में रूसी सेना जमी हुई थी। 1946 ई० में ईरान ने इसकी शिकायत सुरक्षा परिषद में की। संयुक्त राष्ट्रसंघ के हस्तक्षेप के बाद रूस ने ईरान से अपनी सेना हटा ली।
  • कोरिया का संकट-उत्तरी (रूसी प्रभाव क्षेत्र) और दक्षिणी (अमेरिकी प्रभाव क्षेत्र) में बंटा था। 1950 ई0 में उत्तरी कोरिया ने दक्षिणी कोरिया पर आक्रमण कर दिया । लंबे समय तक युद्ध चला पर 1953 ई० में दोनों पक्षों में संयुक्त राष्ट्रसंघ संधि कराने में सफल हो गया ।
  • स्वेज संकट-1956 ई० में स्वेज नहर का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया । अतः ब्रिटेन तथा फ्रांस इसके विरूद्ध हो गए । इजरायल ने मिस्र पर आक्रमण कर दिया । इग्लैंड तथा फ्रांस भी इसमें कूद पड़ा। संयुक्त राष्ट्रसंघ के हस्तक्षेप से शांति-व्यवस्था स्थापित की गई।
  • भारत-पाक युद्ध-1965 ई० में भारत-पाकिस्तान युद्ध बंद कराने हेतु संयुक्त राष्ट्रसंघ ने ठोस कदम उठाए ।

Bihar Board Class 9 History Solutions Chapter 7 विश्वशांति के प्रयास

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
राष्ट्रसंघ के स्थापना की परिस्थितियों का वर्णन करें।
उत्तर-
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय झगड़ों के शांतिपूर्ण हल एवं विश्वशांति की स्थापना के उद्देश्य से राष्ट्रसंघ की स्थापना की गयी । यह अमेरिका के राष्ट्रपति बुडरो विल्सन के दिमाग की उपज था । 1918 ई० में उन्होंने विश्वशांति की स्थापना के लिए चौदह-सूत्री सिद्धान्त का प्रतिपादन किया। इसके चौदहवें सूत्र में विश्वशांति बनाए रखने के लिए राष्ट्रों की संगठन की बात कही। प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान ही अनेक राजनीतिज्ञ इस प्रकार के संगठन की स्थापना पर बल दे रहे थे । ऐसे राजनीतिज्ञों में प्रमुख थे-ब्रिटेन के रॉबर्ट सेसिल, दक्षिण अफ्रीका के जान स्मट्स तथा फ्रांस के लियों बुर्जियो । इन सभी के सम्मिलित प्रयास से विभिन्न योजनाओं को मिलाकर 10 जून 1920 ई० को राष्ट्रसंघ (League of Nation) की स्थापना हुई।

प्रश्न 2.
राष्ट्रसंघ किन कारणों से असफल रहा, वर्णन करें।
उत्तर-
राष्ट्रसंघ की असफलता के चार कारण अग्रलिखित हैं
(i) शक्तिशाली राष्ट्रों का अलगाव-यद्यपि राष्ट्रसंघ की स्थापना में अमेरिका की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही थी तथापि वह स्वयं इसका सदस्य नहीं बना । अतः राष्ट्रसंघ को विश्व के महान शक्तिशाली राष्ट्र का समर्थन नहीं मिला । आरम्भ में रूस भी इससे अलग था अतः शक्तिशाली राष्ट्रों का अलगाव भी इसकी असफलता का कारण बना ।

(ii) राष्ट्रसंघ का दुरुपयोग-राष्ट्रसंघ की नीतियों एवं उद्देश्यों को सफल बनाना कम वरन् अपने साम्राज्यवादी एवं पूँजीवादी हितों को पूरा करना अधिक था इन उद्देश्यों को पूरा करने में राष्ट्रसंघ का दुरुपयोग किया गया।

(iii) विश्व आर्थिक मंदी-1929-30 की आर्थिक मंदी ने सभी राष्ट्रों को अपने देश की आर्थिक हितों की चिंता थी । अत: परस्पर सहयोग की भावना नहीं रही।

(iv) राष्ट्रसंघ के गठन में दोष-शक्तिशाली देश केवल अपने हितों की सुरक्षा में लगे रहते थे। यह भी एक कारण था असफलता का ।

Bihar Board Class 9 History Solutions Chapter 7 विश्वशांति के प्रयास

प्रश्न 3.
संयुक्त राष्ट्रसंघ के उद्देश्यों एवं सिद्धान्तों की प्रासंगिकता बतावें।
उत्तर-

संयुक्त राष्ट्रसंघ के निम्नलिखित उद्देश्य थे-

  • शांति स्थापना करना
  • संसार के राष्ट्रों के मध्य मैत्रीपूर्ण संबंध बनाना।
  • विभिन्न राष्ट्रों की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक समस्याओं का समाधान करना ।
  • U.N.O को ऐसा केन्द्र बनाना जहाँ उपर्युक्त सभी उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए की जानेवाली कार्यवाही में तालमेल स्थापित किया जा सके।

संयुक्त राष्ट्रसंघ के सिद्धान्त-

  • राष्ट्रों की समानता के सिद्धान्त पर यह संस्था आधारित रहेगी।
  • प्रत्येक सदस्य राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्रसंघ के घोषणापत्र (Charter) का स्वागत करेगा।
  • सभी राष्ट्र अपने झगड़ों का निबटारा शांतिपूर्ण ढंग से करेंगे।
  • संस्था के सदस्य किसी अन्य राष्ट्र की स्वतंत्र को विनष्ट नहीं करेंगे।
  • संयुक्त राष्ट्रसंघ किसी भी राष्ट्र के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
  • शांति भंग करने वाले देश के विरुद्ध कार्यवाही करेगी।

(संपूर्ण) तथा प्रासंगिकता–संयुक्त राष्ट्र संघ के उपर्युक्त उद्देश्य एवं सिद्धान्तों में विश्वशांति, सुरक्षा एवं सहअस्तित्व के भाव निहित है । यह निश्चित रूप से ‘विश्वबंधुत्व’ एवं ‘समानता’ कायम करने में सहायक है। विश्व के अधिकांश राष्ट्रों का एक झंडे तले आना यह सिद्ध करता है कि इसके सिद्धान्त एवं उद्देश्य आज भी उतने ही प्रासंगिक एवं विश्वसनीय हैं जितने कि इसकी स्थापना के समय थे। वर्तमान में इसके 192 सदस्य हैं। मांटेनिग्रों इसका नवीनतम (192वाँ) सदस्य है जिसने 2006 में इसकी सदस्यता ग्रहण की।

प्रश्न 4.
संयुक्त राष्ट्रसंघ के प्रमुख अंगों की भूमिका का वर्णन करें।
उत्तर-
संयुक्त राष्ट्रसंघ के 6 प्रमुख अंग हैं, जिनका कार्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक राजनीतिक, आर्थिक एवं अन्य क्षेत्रों में योगदान करना है। ये प्रमुख अंग निम्नलिखित हैं-

(i) आमसभा-यह संयुक्त राष्ट्र का सबसे प्रमुख अंग है। इसमें सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं तथा प्रत्येक सदस्य राष्ट्र को मत देने एवं वाद विवाद में भाग लेने का अधिकार है । इसकी बैठक वर्ष में एक बार होती है। सभी प्रमुख कार्य इसी अंग के द्वारा हाता है। जैसे-राष्ट्रों को सदस्यता देना तथा सदस्यता छीन लेना शामिल है। इसमें महासचिव का निर्वाचन तथा अन्य आर्थिक मुद्दों पर निर्णय लेना इसका कार्य है।

(ii) सुरक्षा परिषद्-यह इकाई अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए 5 स्थायी और 10 अस्थाई सदस्य होते हैं।

(iii) आर्थिक और सामाजिक परिषद्-यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक एवं स्वास्थ्य से संबंधि त मामलों पर अध्ययन करती है एवं इससे संबंधित विभिन्न सूचनाएँ सुरक्षा परिषद के प्रार्थना पर उसे प्रदान करती है । इसके अलग-अलग समूह विश्व स्तर पर कार्यरत हैं।

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जैसे -(क) यूनीसेफ (UNICEF)-United Nations Children’s Fund (बाल सहायता कोष)।
(ख) यूनेस्को (UNESCO)United Nations Educational, Scientific and cultural Organisation (संयुक्त राष्ट्र शिक्षा, विज्ञान एवं सांस्कृतिक संगठन) ।
(ग) अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन [(ICO)-International Labour organisation.]

(iv) न्यास परिषद-यह अंग उन प्रदेशों में जहाँ अभी तक पूर्ण स्वायत्त शासन नहीं है, उनके निवासियों के हितों की रक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्यास का कार्य करती है। जैसे-प्रशान्त महासागर में स्थित माइक्रोनेशीया के 4 द्वीप समूह इसी संगठन के निर्देश पर संयुक्त राज्य अमेरिका के शासन में है । इस संगठन के 4 उद्देश्य हैं-
(क) अंतर्राष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा को बढ़ावा देना
(ख) लोगों के स्वशासन तथा स्वतंत्रता के क्रमिक विकास में सहायता करना ।
(ग) मानवीय अधिकारों एवं स्वतंत्रता के प्रति आस्था बढ़ाना ।
(घ) सामाजिक आर्थिक और वाणिज्य संबंधी मामलों में समानता का व्यवहार करना ।

(v) अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय-यह कानूनी संस्था है। इसमें सर्वोच्च अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय भी है जो नीदरलैंड के ‘हेग’ शहर में है।

(vi) सचिवालय-इसका प्रधान प्रशासनिक अधिकारी महासचिव है। इसका मुख्यालय अमेरिका के न्यूयार्क शहर में स्थित है।

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प्रश्न 5.
संयुक्त राष्ट्रसंघ की महत्ता को रेखांकित करें।
उत्तर-
संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थापना 1945 ई० में हुई थी। अपनी स्थापना के समय से अब तक संयुक्त राष्ट्रसंघ ने विश्व राजनीति में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसने अनेक राजनीतिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकाला है। आज संसार दो शक्तिशाली गुटों में विभाजित है। संयुक्त राष्ट्रसंघ दोनों के बीच सामंजस्य एवं सद्भाव स्थापित करने की कोशिश में लगा रहता है।

इसकी महत्ता इस बात पर आंकी जा सकती है कि इसने अनेक विवादास्पद मामलों में भी हस्तक्षेप किया है। अरब इजरायल संघर्ष, खाड़ी युद्ध, आफगानिस्तान की समस्या, दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया की स्वतंत्रता आदि प्रश्नों पर संयुक्त राष्ट्रसंघ के हस्तक्षेप और सूझबूझ से अभी तक तृतीय विश्वयुद्ध नहीं हो सका है। यही इसकी सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि है, जो इसको श्रेष्ठतम महत्ता प्रदान करती है।

इसके अतिरिक्त उपनिवेशवाद और. साम्राज्यवाद की समाप्ति में सहयोग प्रदान किया । इसने मानवाधिकारों की सुरक्षा एवं मानव-कल्याण के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण कार्य किये। अपनी विशिष्ट संस्थाओं द्वारा इसने बालकों, श्रमिकों तथा स्त्रियों की स्थिति में सुधार लाने का प्रयास किया है । शिक्षा, कला एवं संस्कृति के विकास को प्रोत्साहन दिया है। संक्रामक रोगों एवं महामारियों को रोकने तथा चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराने का काम भी किया गया है । इस प्रकार इसका अभी भी काफी महत्त्व है।

Bihar Board Class 9 Geography Solutions Chapter 3 अपवाह स्वरूप

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Geography भूगोल : भारत : भूमि एवं लोग Chapter 3 अपवाह स्वरूप Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

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Bihar Board Class 9 Geography अपवाह स्वरूप Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
लक्ष्मीसागर झील किस राज्य में स्थित है ?
(क) मध्यप्रदेश
(ख) उतर प्रदेश
(ग) बिहार
(घ) झारखंड
उत्तर-
(ग) बिहार

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प्रश्न 2.
निम्न में से कौन लवणीय झील है ?
(क) वूलर
(ख) डल
(ग) सांभर
(घ) गोविन्दसागर
उत्तर-
(ग) सांभर

प्रश्न 3.
गंगा नदी पर गांधी सेतु किस शहर के निकट अवस्थित है ?
(क) भागलपुर
(ख) कटिहार
(ग) पटना
(घ) गया
उत्तर-
(ग) पटना

प्रश्न 4.
कौन-सी नदी भ्रंश घाटी से होकर बहती है ?
(क) महानदी
(ख) कृष्णा
(ग) तापी
(घ) तुंगभ्रदा
उत्तर-
(ग) तापी

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प्रश्न 5.
कौन-सी नदी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लम्बी नदी है ?
(क) नर्मदा
(ख) गोदावरी
(ग) कृष्णा
(घ) महानदी
उत्तर-
(ख) गोदावरी

प्रश्न 6.
सिंधु जल समझौता कब हुआ था ?’
(क) 1950 ई० में
(ख) 1955 ई० में
(ग) 1960 ई० में
(घ) 1965 ई० में
उत्तर-
(ग) 1960 ई० में

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प्रश्न 7.
‘शांग-पो’ किस नदी का उपनाम है
(क) गंगा
(ख) ब्रह्ममपुत्र
(ग) सतलुज
(घ) गोदावरी
उत्तर-
(ख) ब्रह्ममपुत्र

प्रश्न 8.
इनमें से गर्म जल का जल प्रपात कौन है ?
(क) ककोलत
(ख) गरसोप्पा
(ग) ब्रह्मकुंड
(घ) शिवसमुद्रम
उत्तर-
(ग) ब्रह्मकुंड

प्रश्न 9.
कोसी नदी का उद्गम स्थल है ?
(क) गंगोत्री
(ख) मानसरोवर
(ग) गोसाईंथान
(घ) सतपुड़ा श्रेणी
उत्तर-
(ग) गोसाईंथान

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जल विभाजक का क्या कार्य है ? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
जब कोई ऊँचा.क्षेत्र, जैसे पर्वत या उच्चभूमि दो निकटवर्ती अपवाह श्रेणियों को एक-दूसरे से अलग करती है तब ऐसी उच्च भूमि जल विभाजक कहलाती है। जैसे-दिल्ली की उच्चभूमि सतलज बेसिन और गंगा बेसिन को अलग करने के कारण जल विमाजका का उदाहरण है।

प्रश्न 2.
भारत में सबसे विशाल नदी द्रोणी कौन-सी है?
उत्तर-
भारत की सबसे विशाल नदी द्रोणी गंगा है। इसकी लम्बाई 2525 किमी० है।

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प्रश्न 3.
सिंध एवं गंगा नदियाँ कहाँ से निकलती हैं ?
उत्तर-
सिंधु नदी तिब्बत के निकट मानसरोवर झील से निकलती है जबकि गंगा हिमालय की गंगोत्री नामक हिमानी से निकलती है ।

प्रश्न 4.
गंगा की दो प्रारंभिक धाराओं के नाम लिखिए ? ये कहाँ पर एक-दूसरे से मिलकर गंगा नदी का निर्माण करती हैं ?
उत्तर-गंगा की दो मुख्य धाराएँ अलकनंदा और भागीरथी हैं । ये देव प्रयाग नामक स्थान पर मिलकर गंगा नदी का निर्माण करती हैं।

प्रश्न 5.
लम्बी धारा होने के बावजूद तिब्बत के क्षेत्रों में ब्रह्मपुत्र में कम गाद(सिल्ट) क्यों है ?
उत्तर-
तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी का मार्ग काफी लम्बा है । परन्तु इस मार्ग में इसे वर्षा अथवा अन्य साधनो से कम जल प्राप्त होता है । कम जल के कारण इसकी अपरदन शक्ति कम होती है । इसी कारण इसमें गाद (सिल्ट) की मात्रा कम होती है ।

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प्रश्न 6.
कौन-सी दो प्रायद्वीपीय नदियाँ धासान घाटी से होकर बहती हैं ? समुद्र में प्रवेश करने के पहले वे किस प्रकार की आकृतियों का निर्माण करती हैं ?
उत्तर-
नर्मदा एंव तापी दो प्रायाद्वीप में प्रवेश करने के पहले ज्वारनदमुख (estury) का निर्माण करती हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
हिमालय तथा प्रायद्वीपीय भारत की नदियों की मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
भारत की नदियों के दो वर्ग हैं –

(1) हिमालय की नदियाँ तथा (2) प्रायद्वीपीय नदियाँ अलग-अलग भौगोलिक प्रदेशों में इनकी उत्पत्ति होने के कारण नदियाँ एक दूसरे से । भिन्न हैं । इनकी भिन्नता के कारन ही इनकी खास विशेषता हो गई हैं

(i) हिमालय की अधिकांश नदियाँ बारहमासी अथवा स्थायी हैं । इन्हें वर्षा के जल के अतिरिक्त पर्वत की चोटियों पर जमे हिम के पिघलने से सलो भर जलापूर्ति होती रहती है।

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(ii) सिंधु एंव ब्रह्मपुत्र जैसी भारत की प्रमुख नदियाँ हिमालय से निकलती हैं । इन नदियों ने प्रवाह के क्रम में पर्वतों को काटकर गार्ज का निर्माण किया है । जसै-ब्रह्मपुत्र नदी हिमालय के नामचा बरवा शिखर के पास अंग्रेजी के ‘U’ आकार का मोड़ बनाकर अरुणाचल प्रदेश में गार्ज का निर्माण करती है ।

(iii) हिमालय जनित नदियाँ उद्गम स्थल से समुद्र तक यात्रा के दौरान अनेक प्रकार के क्रिया-कलाप को अंजाम देती हैं।

(iv) ये नदियाँ अपने मार्ग के ऊपरी भाग में तीव्र अपरदन करती है और सिल्ट (गाद) बालू, मिट्टी जैसे-अपरदित पदार्थो को ढोते चलती है। नदियाँ ज्यों-ज्यों आगे बढ़ती है, अबसाद की मात्रा बढ़ती जाती है । इसे मध्य एंव निचले मार्ग में जहाँ भूमि की ढाल की हो जाती है, नदियों का संवहन करने में कठिनाई होती है ।

(v) परिणामतः नदियाँ उसे जमा करती है, जिससे गोखर झील, बाढ़ का मैदान और डेल्टा जैसे अनेक आकृतियों का निर्माण करती हैं ।

प्रायद्वीपीय नदियाँ : इनकी निम्नलिखित विशेषताएँ हैं-

  • यहाँ की अधिकांश नदियाँ मौसमी हैं, जिनका स्रोत मुख्यतः वर्षा का जल है ।
  • ग्रीष्म काल में जब वर्षा नहीं होती है तो नदियाँ सिकुड़ कर पतली हो जाती हैं और छोटी धाराओं में बहने लगती है ।
  • नर्मदा तथा तापी नदियाँ अरब सागर में गिरती हैं पठारी भाग से ही निकलती हैं। सागर में गिरने के पहले ज्वारनदमुख का निर्माण करती है।
  • कृष्णा, कावेरी, महानदी, गोदावरी पश्चिमी घाटी से निकलकर

पूरब में बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं और अपने मुहाने पर डेल्टा का निर्माण करती हैं।

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प्रश्न 2.
प्रायद्वीपीय पठार के पूर्व एवं पश्चिम की ओर प्रवाहित होने वाली नदियों की तुलना कीजिए।
उत्तर-
प्रायद्वीपीय पठार से निकलने वाली नदियाँ अनुगामी या अनुवर्ती नदी-प्रणाली कहलाती हैं। यहाँ पूर्व में बहने वाली मुख्य नदियाँ-महानदी, गोदावरी, तथा कृष्णा और कावेरी है तथा पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों में नर्मदा और ताप्ती है। दोनों की तुलना इस प्रकार हैं

पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ –

  • पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।
  • गोदावरी को दक्षिण की गंगा कहा जाता है।
  • मुहाने के निकट इन नदियों की गति बहुत मंद पड़ जाती है। ये नदियाँ अपने मुहाने पर डेल्टा बनाती हैं।
  • कुछ नदियों में शिवनाथ, हंस देव, मांद, जोंक, तेल, दूध गंगा, पंचगंगा, तुंगभद्रा, कोयना, घाटप्रभा, मालप्रभा, वैतरणी एवं सुवर्णरेखा

पश्चिम की ओर बहने वाली नदियाँ –

  • ये नदियाँ अरब सागर में गिरती हैं।
  • मुहाने के निकट इन नदियों की गति बहुत तेज हो जाती है।
  • ये नदियाँ अपने मुहाने पर ज्वारनदमुख अथ्वा एस्चुअरी का निर्माण करती हैं।
  • कुछ नदियों में गोवा का मांडवी और जुआरी, कर्नाटक की कालिन्दी, गंगावली, शर्वती तथा नेत्रवती, केरल की पेरियार, पम्बा तथा मनिमाला हैं जो अरब सागर में गिरती हैं। ये सभी तीव्रगामी नदियाँ हैं।

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प्रश्न 3.
भारत की अर्थव्यवस्था में नदियों के महत्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर-
भारत की अर्थव्यवस्था में नदियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। –

  • इन नदियों के प्रवाह से ही कृषि भूमि का आज 40% प्रतिशत भूभाग जलोढ़ मिट्टी से ढका हुआ है जो नदी घाटी, डेल्टा और तटीय मैदानी भागों में फैले हुए हैं ।
  • गंगा, सिंधु, ब्रह्मपुत्र के डेल्टा एवं मैदानी भाग में जलोढ़ की प्रचुरता हैं जो अत्यंत ही उपजाऊ है।
  • ये यातायात के साधन भी रही हैं। आज भी ब्रह्ममपुत्र, गंगा और यमुना में दूर-दूर तक स्टीमरें चलती हैं।
  • ये जल विद्युत उत्पन्न कर रही हैं और जलशक्ति का भंडार भी है।
  • ये नदियाँ मछलियाँ प्राप्त के साधन हैं । पूर्वी भारत के कितने ही लोगों के आहार में मछली की प्रमुखयता है। अतः मछली उद्योग – बहुतों की अजीबिका है।
  • नदियाँ उद्योग केन्द्र और नगरों की स्थापना और विकास में मदद पहुँचाती हैं । जैसे स्वर्णरेखा का जमशेदपुर के विकास में, हुगली का कोलकाता के विकास में, गंगा का वाराणसी और कानपुर के विकास में ।
  • नदियाँ पर्यटन के आकर्षक केन्द्र भी हैं।
  • अनेक परियोजनाओं के द्वारा इसे और भी महत्वपूर्ण बनाया जा रहा है।

प्रश्न 4.
भारत में झीलों के प्रकार का वर्णन उदाहरण सहित कीजिए।
उत्तर-
निर्माण की दृष्टि से झीलों के निम्नलिखित प्रकार हैं

  • धंसान घाटी झील-धंसान घाटी में जब जल जमाव होता है तो इस प्रकार की झील का निर्माण होता है । जैसे-अफ्रीका में विक्टोरिया, रूडोल्फा, न्यासा । भारत में तिलैया बाँध द्वारा कृत्रिम झील बनाया गया
  • गोखुर झील-नदियों में जब अवसाद की मात्रा बढ़ जाती है या – भूमि का जल कम जाता हैं । तब उसके मार्ग में विसर्पण कम जाता है। विसर्पण भाग कटकर मुख्यधारा से अलग हो जाता है, जिसका आकार गाय के ‘खुर’ के समान होता है । इसे गोखुर या परिव्यक्त झील भी कहा जाता है । जैसे- बिहार के बेतिया का ‘सरैयामान’ बेगूसराय का ‘कांवर झील’ इनके उदाहरण है।
  • लैगून झील-ऐसी झीलें समुद्र तट पर मिलती हैं । जहाँ समुद्र का जल बंदी बन कर रह जाता है । पूर्वी समुद्र तट पर चिलका तथा पुलीकट झीलें हैं।
  • अवरोधक झील-पर्वतीय प्रदेशों में भू-स्खलन के कारण चट्टाने गिरकर नदियों के प्रवाह को रोक देते हैं, जिसके कारण झील बन जाती है । इसे अवरोधक झील कहते हैं। जैसे-हिमालय क्षेत्र में गोहना झील ।
  • क्रेटर झील-पुराने ज्वालामुखी के मुँह पर बने झील को क्रेटर झील कहते हैं । जैसे- महाराष्ट्र का नोलार झील ।
  •  हिमानी झील-हिमालय क्षेत्र में हिमानी द्वारा निर्मित झीलों में नैनीताल, भीमताल, सातताल आदि हिमानी झीलें हैं।
  • भूगर्भीय क्रिया से निर्मित झील-जम्मू-कश्मीर में ‘वूलर झील’ मीठे पानी का झील है । यह मीठे पानी की भारत में सबसे बड़ी झील है।

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मानचित्र कौशल

(क) भारत के मानचित्र पर निम्नलिखित नदियों को चिह्नित कीजिए
तथा उनके नाम लिखिए-
(i) गंगा, (ii) सतलुज, (iii) दामादर, (iv) कृष्णा , (v) नर्मदा, (vi) तापी, (vii) महानदी ।

(ख) भारत के रेखा मानचित्र पर निम्नलिखित झीलों को चिह्नित
कीजिए –
(a) चिल्का, (b) सांभर, (c) वूलर, (d) पुलीकट, (e) कोलेरू ।
उत्तर-
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Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 8 मेरा ईश्वर

Bihar Board Class 9 Hindi Book Solutions Godhuli Bhag 1 पद्य खण्ड Chapter 8 मेरा ईश्वर Text Book Questions and Answers, Summary, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 8 मेरा ईश्वर

Bihar Board Class 9 Hindi मेरा ईश्वर Text Book Questions and Answers

प्रश्न 1.
मेरा ईश्वर मुझसे नाराज है। कवि ऐसा क्यों कहता है?
उत्तर-
‘मेरा ईश्वर’ लीलाधर जगूड़ी द्वारा रचित काव्य पाठ से ये पंक्तियाँ ली गई हैं। इन पंक्तियों में कवि ईश्वर का प्रतीक प्रयोग किया है। ईश्वर शब्द का मूल सांकेतिक अर्थ है-समाज में रहनेवाले प्रभुत्वशाली वर्ग से।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 8 मेरा ईश्वर

कवि आम आदमी की पीड़ा, वेदना, त्रासदी को स्वयं के रूप में व्यक्त करते हुए इसके लिए ईश्वर को दोषी या जिम्मेदार माना है। समाज का शोषक वर्ग आम आदमी को सुखी या प्रसन्न रूप में देखना नहीं चाहता। इस पंक्तियों में यही भाव : छिपा है। कवि स्वयं कहता है कि मैं दुख से मुक्ति के लिए संकल्पित मन से तैयार हो गया हूँ। अब मिहनत या कर्म के बल पर अपने भाग्य की रेखा को बदल डालूँगा। मेरे ईश्वर नाराज रहें, इसकी मुझे तनिक भी परवाह नहीं।

उपरोक्त पंक्तियों में ईश्वर भारतीय समाज के शोपक, संपन्न वर्ग का प्रतीक है जो अपनी मनमर्जी से आम आदमी को जीने-मरने के लिए विवश कर देता है। इन पंक्तियों का मूलभाव यह है कि भारतीय समाज में आज भी भाग्यवादी लोग हैं जो सबकुछ संपन्न वर्ग के रहमोकरम पर ही जीवन-यापन करते हैं। इस प्रकार ईश्वर पर तीखा प्रहार कवि ने किया है। वह अब ईश्वर की सत्ता को चुनौती देता है। अब वह उनके संबल पर या दया के बल पर जीना नहीं चाहता। इस प्रकार इन पंक्तियों ‘ में आम आदमी की वेदना व्यक्त हुई है।

अपनी कविताओं द्वारा कवि ने आम आदमी को संघर्षशील और कर्त्तव्यनिष्ठ बनने की सीख दी है।

प्रश्न 2.
कवि ने क्यों दुखी न रहने की ठान ली है?
उत्तर-
प्रस्तुत पंक्तियां-“क्योंकि मैंने दुखी न रहने की ठान ली’ में कवि ने । दृढ़ संकलित होने के इरादा को प्रकट करता है। वह हृदय से चाहता हैं मैं ईश्वर के बल पर क्यों रहूँ? क्यों उसकी दया का पात्र बनूँ? क्यों उसी के सहारे जीने की कामना करूँ? मेरे भीतर का जो पौरुष है उसे ही क्यों न जगाऊँ? यहाँ कवि के भीतर आत्मबल का भाव जागरित होता है। वह अपने कर्म और श्रम पर विश्वास प्रकट करता है। दुख का जो कारण है-उसके निवारण के लिए वह स्वयं को सजग और सहेज करते हुए कर्मठता की ओर ध्यान आकृष्ट करता है।

यहाँ कवि स्वयं की पीडा दख को दर करने की जो बातें कहता है वह कवि की निजी पीड़ा या दुख नहीं है, वह जनता की णेड़ा है वह आम आदमी की पीड़ा है, कष्ट है, वेदना है। कवि उनके भीतर क स्व को जगाते हुए निज पैरों पर खड़े होने का संदेश देता है। उन्हें सोए हुए से जगाता है। उनके भीतर के पौरुष को जगाकर उनमें चेतनामय करना चाहता है।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 8 मेरा ईश्वर

इस प्रकार कवि मनुष्य के भीतर जो उसका निजी मनुष्य सोया हुआ है उसे जगाकर जीवन के मैदान में लड़ने के लिए ललकारता है। सोया हुआ आदमी लक्ष्य शिखर पर नहीं चढ़ पाता है। यह पंक्ति उद्बोधन का भी भाव जगाती है। आदमी के भीतर जो ऊर्जा है, श्रम है, हूनर है उसका सही इस्तेमाल होने पर दुख खुद भाग जाएगा।
सामाजिक प्रभु वर्गों के शोषण से तभी मुक्ति मिल सकती है जब मनुष्य मिहनत करने की ठान ले।

प्रश्न 3.
कवि ईश्वर के अस्तित्व पर क्यों प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है?
उत्तर-
कवि ‘मेरा ईश्वर’ कविता में ईश्वर के अस्तित्व को नकारता है। वह कर्म पर विश्वास करता है। अगर मनुष्य दृढ़ संकल्प कर ले। जीवन में कुछ करने की ठान ले तो कछ भी असंभव नहीं। यहाँ मनष्य के भीतर आत्मबल होना चाहिए। उसके भीतर ‘स्व’ की चेतना की लौ जलनी चाहिए।

ईश्वर भी उसी की मदद करता है जो स्वयं अपनी मदद करता है। जो श्रमवीर है, कर्मवीर है, उन्हें किसी दूसरे के संबल पर जीने की क्या जरूरत? कवि कहता है कि मेरी परेशानी का आधार ईश्वर क्यों हो यानि हम अपनी परेशानियों के लिए। ईश्वर को क्यों दोप दें। यहाँ कर्म पर कवि जोर देता है। जीवन के पल-पल का अगर सही सदुपयोग हो तो दुख, कहाँ टिकेगा? अब मुझे दुख दूर कैसे हो? वैसा कारोबार यानि रोजगार को करना है। दुख न रहे, आदमी सुखी हो, इस पर ध्यान केन्द्रित करते हुए बुरी लत से छुटकारा पाना है।

दूसरे अर्थ में समाज के प्रभुत्वशाली या शोषक वर्ग के बल पर हम क्यों आश्रित रहें। हम दुख को दूर करने के लिए क्यों न कसमें खायें और जीवन में कुछ करने की जिद ठान लें। उनके बताए मार्ग या आश्रय में रहने पर दुख से छुटकारा असंभव है। अत: उपरोक्त पंक्तियों में ईश्वर के प्रतीकार्थ रूप में प्रभुत्ववर्ग की शोषण-दमन नीति का विरोध करते हुए जन-जन में, चेतना श्रम और संकल्प के प्रति दृढ़ भाव जगाते हुए दुख को दूर करने के लिए मिहनत करनी होगी।

प्रश्न 4.
कवि दुख को ही ईश्वर की नाराजगी का कारण वयों बताता है?
उत्तर-
यहाँ ‘मेरा ईश्वर’ कविता पाठ में कवि के भाव के दो अर्थ लगाए जा सकते हैं। एक तरफ कवि ईश्वर की नाराजगी के कारण ही जन-जन दुख और पीड़ा से पीड़ित है, ऐसा मानता है। यहाँ भाग्यवादी विचारधारा पर प्रकाश पड़ता है तथा ईश्वर यानि परमात्मा को ही दुख का कारण माना जा सकता है।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 8 मेरा ईश्वर

दूसरे अर्थ में ईश्वर माने समाज का प्रभुत्वशाली वर्ग जो समाज में दु:ख और – पीड़ा देने का कारक है, को माना जा सकता है। भारतीय समाज की बनावट ही ऐसी है कि जो संपन और सामंती भावना से ग्रसित वर्ग है वह आम आदमी की प्रगति में बाधक है। उसके कुचक्रों एवं षड्यंत्रों के विषय जाल में आम आदमी पीड़ित एवं शोषित है। इस प्रकार कवि की उपरोक्त पंक्तियों से परम ब्रह्म परमेश्वर को भी दुख के दाता के रूप में व्याख्यायित किया जा सकता है। ईश्वर जब नाराज होता है तब जन-जन की पीड़ा दुख में जीना पड़ता है। दूसरी ओर सामाजिक व्यवस्था के तहत सामंती सोच या संपन्न वर्ग की शोषण नीति से आम आदमी प्रभावित होता है और वह दुख के साये में जीने के लिए विवश हो जाता है। यहाँ हम दोनों अर्थ को ले सकते हैं। कवि अत्याधुनिक युग का चेतना संपन्न रचनांकन है, अतः उसकी दृष्टि २ सामाजिक व्यवस्था को ही आम आदमी की पीड़ा एवं दुख का कारण मानता है। भले ही वह ईश्वर का प्रतीक प्रयोग कर अपने भावों को मूर्त रूप दिया हो।

आशय स्पष्ट करें:

प्रश्न 5.
(क) मेरे देवता मुझसे नाराज हैं
क्योंकि जो जरूरी नहीं है
मैंने त्यागने की कसम खा ली है।
उत्तर-
प्रस्तुत पंक्तियाँ ‘मेरा ईश्वर’ काव्य पाठ से ली गई हैं। इन पंक्तियों में कवि ने अपने हृदय के भाव को व्यक्त किया है। मेरे देवता मुझसे नाराज हैं, क्योंकि मैंने अपने जीवन में जो चीजें जरूरी नहीं है, उसे त्याग करने की कसमें खा ली हैं।
यहाँ कहने का मूल आशय है कि ईश्वर के भरोसे मैं जीना नहीं चाहता। दूसरे के आश्रय या संबल पर जीने से अच्छा स्वावलंबी बनकर जीने में है। यहाँ कवि ईश्वर की सत्ता को चुनौती देता है। वह उसके भरोसे जीना नहीं चाहता। कहने का भाव यह है कि कवि भाग्यवादी नहीं है, वह कर्मवादी है। वह श्रम बल पर विश्वास करता है। दूसरे अर्थ में भारतीय समाज की जो बनावट है उसमें प्रभुत्व वर्ग अपनी मर्जी के मुताबिक समाज को दिशा देने का काम करता है अत: आम आदमी उसी के सहारे या संबल पर जीता है। उसका ‘स्व’ रह नहीं पाता। अतः उसका जीवन कारुणिक एवं वेदनामय हो जाता है।

उपरोक्त पंक्तियों में कवि ने अपने क्रांतिकारी विचारों को प्रकट करते हुए ईश्वर के भरोसे जीना-मरना नहीं चाहता। वह जीवन की भाग्य रेखाओं को अपने कौशल से बदलना चाहता है। इसी कारण वह देवता को नाराज कर देता है। उनकी चिंता या परवाह नहीं करता। मनुष्य के जीवन में श्रम ही सब कुछ है। ईश्वर के -अस्तित्व को मानकर जीना पराधीन रूप में जीने के समान है यानि शोषण से मुक्त जीवन से मुक्त जीवन ही सर्वोत्तम है।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 8 मेरा ईश्वर

आशय स्पष्ट करें:

प्रश्न 5.
(ख) पर सुख भी तो कोई नहीं है मेरे पास
सिवा इसके की दुखी न रहने की ठान ली है।
उत्तर-
लीलाधर जगूडी द्वारा रचित ‘मेरा ईश्वर’ कविता पाठ से उपरोक्त पंक्तियाँ ली गई हैं। इन पंक्तियों में कवि ने अपने विचार को स्पष्ट शब्दों में प्रकट किया है। कवि कहता है कि मेरे पास यानि मेरे जीवन में दूसरे प्रकार का कोई सुख भी तो नहीं है। लेकिन सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सुख के नहीं रहने पर भी मैंने दुखी न रहने की ठान ली है यानि संकल्प कर लिया है। अभावों के बीच भी मैं दुखी नहीं रहूँगा। मेरे भीतर का आत्मबल जग गया है उसके आगे सुख-दुख दोनों फीका है। आदमी भीतर से जब जग जाता है तब उसके सामने सांसारिक सुख-सुविधा कोई मायने नहीं रखता। यहाँ भी यही बात है।

कवि का मन आत्मतोष से भरा पूरा है। वह सांसारिक सुख-दुख से अपने को ऊपर रखते हुए चिंतन के उच्च धरातल पर अपने को रखता है। कवि की भावना प्रबल रूप में हमें दिखाई पड़ती है कि उसने दुखी न रहने के लिए संकल्प ले लिया है। कहने का आशय यह है कि कर्म पर उसे भरोसा है, भाग्य या ईश्वर या देवता के बल पर वह जीना नहीं चाहता। उसने दुख को दूर करने के लिए अपनी मिहनत, आत्मबल और पौरुष पर भरोसा किया है। इस प्रकार आत्म चेतना से संपन्न कवि जीवन के यथार्थ का सम्यक् चित्रण करता है। कष्ट से घबड़ाता नहीं बल्कि, उसे दूर करने के लिए संकल्पित मन से जीवन में कुछ करने की ठान लेता है।

आशय स्पष्ट करें:-

प्रश्न 5.
(ग) मेरी परेशानियाँ और मेरे दुख ही ईश्वर का आधार क्यों हों?
उत्तर-
‘मेरा ईश्वर’ काव्य पाठ से उपरोक्त पंक्तियाँ ली गई हैं। इस कविता के रचयिता लीलाधर जगूड़ी आधुनिक युग के चर्चित कवि हैं। कवि ने मानव जीवन में परेशानियों एवं दुख में मूल कारण को खोज रहा है। वह इसके लिए ईश्वर को क्यों आधार माना जाय, इस प्रकार की धारणा को प्रकट करता है।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 8 मेरा ईश्वर

आम आदमी चेतना शून्य होता है, उसे आत्मज्ञान या युगबोध का ज्ञान नहीं होता इसीलिए वह परेशानियों एवं दुख के कारण के लिए ईश्वर की नाराजगी को मानता है। जबकि कवि उसे नकाराता है। वह ईश्वर की सत्ता को चुनौती देता है। वह ईश्वर को इन बातों के लिए मूल कारण नहीं मानता। ईश्वर पर ही सब कुछ छोड़ कर भाग्य भरोसे बैठकर रहने से जीवन के दुख और परेशानियों का अंत नहीं होने वाला।

कवि सामाजिक व्यवस्था की खामियों पर भी सूक्ष्म भाव प्रकट करता है। उसके अनुसार समाज में भी ईश्वर या देवता के रूप में एक ऐसा प्रभुत्व वर्ग है जो अपने काले-कारनामों द्वारा आम आदमी को दुखी और परेशानियों में डाल देते हैं। इस प्रकार कवि अत्याधुनिक युग में बदलती सामाजिक व्यवस्थाओं एवं मानव मूल्यों के गिरते स्तर पर चिंतित है। वह इसके लिए आम आदमी के भीतर चेतना जगाने का काम अपनी कविताओं द्वारा कर रहा है। जबतक ईश्वर, देवता या प्रभुत्व वर्ग पर आमजन आश्रित रहेगा तबतक वह परेशानियों एवं दुखों से मुक्ति नहीं पा सकेगा। अगर उसे इन सबसे मुक्ति पाना है तो स्वयं को जगाना होगा। अपने आत्मबल के बल पर श्रम की महत्ता देनी होगी। प्रभुत्व वर्ग के झाँसे में नहीं आना होगा। उनके शिकंजे में नहीं फँसना होगा उनके हाथ की कठपुतली नहीं बनना होगा तभी परेशानियों एवं दुखों का अंत होगा और आम आदमी उससे निजात पा सकेगा।

प्रश्न 6.
कविता का केन्द्रीय भाव स्पष्ट करें।
उत्तर-
‘मेरा ईश्वर’ कविता जो युग बोध से युक्त कविता है आम आदमी के जीवन की समग्र स्थितियों पर प्रकाश डालती है।
लीलाधर जगूडी अत्याधुनिक काल के कवि हैं। कवि की कविता समसामयिकता को लेकर लिखी गयी है। कवि बदलते जीवन-मूल्यों से भलीभाँति परिचित है अतः उनकी कविताओं में जन चेतना को जगाने का भाव छिपा हुआ है। लीलाधर जगूड़ी जी की कविता में जीवन के कटुतिक्त अनुभव विद्यमान हैं। काव्य में जो विविधता आयी है उनका दर्शन होता है। भाषिक प्रयोगशीलता भी विद्यामन हैं। कवि अपनी कविताओं में एक विस्मयकारी लोक की रचना करता है।

प्रस्तुत कविता लीलाधर जगूड़ी के कविता संग्रह ईश्व की अध्यक्षता में से ली गई है। यह कविता भारतीय समाज के प्रभु वर्ग पर गहरी चोट करनी है। मनुष्य जो जैसे-तैसे इन प्रभु वर्गों के शिकंजे में फंस जाता है और सदा के लिए इनकी हाथ की कठपुतली बन जाता है, उसी से संबंधित यह कविता है।

कवि ने ईश्वर और देवता के माध्यम से भारतीय समाज के सामंती वर्ग के चरित्र का उद्घाटन किया है। आम आदमी की प्रसन्नता या सुख से यह वर्ग दुखी हो जाता है, नाराज हो जाता है। इस वर्ग को आम आदमी भगवान से भी बढ़कर समझता है। इनके रहमोकरम पर उनका जीना-मरना संभव है।
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जब-जब आम आदमी जीवन में कुछ करने, कुछ बनने की ठानता है तब इस वर्ग के छाती पर साँप लोटने लगता है। वे नाराज हो जाते हैं।

कवि पुनः कहता है कि आदमी दुखी नहीं रहे इसके लिए कुछ न कुछ कारोबार तो करना ही होगा। सुख के मार्ग में जो अवरोधक तत्व हैं यानि बूरे व्यसन हैं उनसे तो छुटकारा पाना ही होगा। हम ईश्वर के भरोसे कब तक बैठे रहेंगे? कब तक वह हमारी दुख दूर करेगा? वह कबतक परेशानियों से मुक्ति दिलाएगा? उसके भरोसे बैठकर रहना तो निरीमूर्खता है। सारे दुखों परेशानियों की जड़ में मनुष्य की हीन भावना और भाग्यवादी बनना है। उसे ईश्वर की सत्ता को चुनौती देनी चाहिए और अपने आत्मबल के सहारे दुखों, कष्टों, से निजात पाना चाहिए।

पुनः कवि मूल भाव को प्रकट करते हुए कहता कि मेरे पास सुख नहीं है लेकिन दुख को दूर करने के लिए भी तो मैंने संकल्प ले लिया है। कसमें खा ली हैं। जब मानव जग जाता है तब प्रकृति भी उसकी मदद करती है। इस प्रकार ‘मेरा ईश्वर’ कविता का केन्द्रीय भाव आदमी के भीतर जो उसका ‘स्व’ है उसे जगाना है। उसके भीतर जो आत्महीनता है उसे दूर करना है। मनुष्य ही इस धरा पर अपना स्वयं भाग्य विधाता है। वह अपनी सूझ-बूझ से, अपनी मिहनत से, समाज की व्यवस्था और जीवन की दशा को नया स्वरूप दे सकता है।

ईश्वर की सत्ता को नकारते हुए मनुष्य अपने कर्म, श्रम और आत्मबल पर विश्वास करे। साथ ही दृढ़ संकल्पित होकर जीवन में कुछ करने, कुछ बनने की ठान ले तो जीवन में दुख और परेशानियाँ स्वतः दूर हो जाएंगी।
माथ ही प्रभुत्वशाली वर्ग भी सरल और सहज भाव से आम आदमी के विकास में सहयोगी बनेंगे। शर्त यही है कि आम आदमी सहज और क्रियाशील रहे।

प्रश्न 7.
कविता में सुख, दुख और ईश्वर के बीच क्या संबंध बताया गया है? –
उत्तर-
‘मेरा ईश्वर’ कविता एक सामाजिक भावधारा से जुड़ी हुई कविता है। लीलाधर जगूड़ी जी अत्याधुनिक काल के सशक्त कवि हैं। इनकी कविताओं में युग का सफल चित्रण हुआ है।

अपनी कविता में ‘ईश्वर’ का प्रयोग कवि ने प्रभुत्व-वर्ग की संस्कृति को दर्शाने के लिए किया है। आम आदमी ईश्वर की सत्ता को मानकर भाग्य के भरोसे बैठा रहता है वह क्रियाशील होकर जीवन क्षेत्र में नहीं उतरता। इसी कारण वह जीवन में दुखी रहता है। सुख की छाँह उसे नसीब नहीं होती।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 8 मेरा ईश्वर

कवि अपनी कविता में कहता है कि “मेरी परेशानियों और मेरे दुख ही ईश्वर का आधार क्यों हो” में ईश्वर के अस्तित्व पर प्रकाश डाला है। कवि की दृष्टि में दुख और परेशानियों का कारण ईश्वर नहीं है। वह कौन होता है जो हमें परेशानियों में डाले या दुख के साये में जीने के लिए विवश कर दे। इस कविता में ईश्वर दुख और कष्टों का कारण नहीं है। जब मनुष्य चेतस हो जाएगा, आत्म बल से पुष्ट हो जाएगा तो दुख और कष्ट से खुद निजात पा जाएगा। सुख का संबंध भी ईश्वर से नहीं है। सुखी रहने के लिए बुरी आदतों को त्यागना आवश्यक है।

इस प्रकार उक्त कविता में सुख, दुख और ईश्वर के त्रिकोण से कवि ने जीवन के यथार्थ को स्पष्ट करते हुए तीनों के बीच के संबंधों पर प्रकाश डाला है।

सुख की प्राप्ति बिना श्रम या संकल्पित हुए बिना संभव नहीं। ईश्वर या देवता दुख क्यों देंगे जब मनुष्य दुख से लड़ने के लिए तैयार हो जाए। यानि जबतक वह भाग्यवादी रहेगा दुख और परेशानियाँ साथ नहीं छोड़ेगी। जब वह स्वयं पर भरोसा कर कर्मवादी बनेगा तभी इन चीजों से छुटकारा पाएगा।

दूसरे संदर्भो में कवि समाज में व्याप्त अव्यवस्था और ईश्वर या देवता के रूप में अवस्थित प्रभुत्व वर्ग के क्रिया-कलापों से भी सुख-दुख और शोषक वर्ग के त्रिकोण के संबंधों की व्याख्या करता है। समाज में प्रभुत्व वर्ग अपने षड्यंत्रों के माध्यम से आम आदमी के जीवन में ऐसा जाल बुनते हैं कि उसमें फंसकर आम आदमी आजीवन उनके हाथों की कठपुतली बनकर दुख और परेशानियों के बीच जीता-मरता है। सुख उसे नसीब ही नहीं होता। इस प्रकार सुख-दुख और ईश्वर रूपी प्रभु वर्ग के त्रिकोण में आम आदमी का जीवन पीसता रहेगा, पेंडुलम की तरह डोलता रहेगा, जबतक वह चेतना संपन्न नहीं हो जाता अपने संकल्प को नहीं जगाता। कुछ करने, कुछ बनने की कसमें नहीं खा लेता। जीवन को कर्म और निष्ठा की कसौटी पर कसना होगा। तभी सुख की प्राप्ति होगी और ईश्वर और दुख से मुक्ति मिलेगी।

Bihar Board Class 9 Hindi Solutions पद्य Chapter 8 मेरा ईश्वर

नीचे लिखे पद्यांशों को ध्यानपूर्व पढ़कर नीचे पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दें।

1. मेरा ईश्वर मुझसे नाराज है
क्योंकि मैंने दुःखी न रहने की ठान ली
मेरे देवता नाराज हैं
क्योंकि जो जरूरी नहीं है
मैंने त्यागने की कसम खा ली है।
(क) कवि और कविता के नाम लिखें।
(ख) मेरा ईश्वर मुझसे नाराज है। कवि के इस कथन को स्पष्ट करें।
(ग) कवि ने दुःखी न रहने की क्यों ठान ली है?
(घ) कवि के देवता उससे क्यों नाराज हैं?
(ङ) कवि ने क्या त्यागने की कसम खा ली है? स्पष्ट करें।
उत्तर-
(क) कवि-लीलाधर जगूडी, कविता-मेरा ईश्वर

(ख) कवि का कथन है कि उसका ईश्वर उससे नाराज है। कवि की दृष्टि में उसकी नाराजगी का कारण यह है कि मनुष्य रूप कवि (श्रमजीवी) अपने श्रम के बल पर अपनी खराब हालत को सुधारने के लिए पूर्ण सक्षम है। उसके लिए इसे अब ईश्वर पर (प्रभ या स्वामी) आश्रित नहीं होना है तथा प्रार्थना और निवेदन नहीं करना है। अब स्थिति ऐसी आ गई है कि ईश्वर अब यह समझ बैठा है कि कवि (मनुष्य) अब उसके हाथ की कठपुतली नहीं रह गया है और उसके अस्तित्व का विरोध कर रहा है। इसलिए ईश्वररूप और प्रभु इस पर नाराज है।

(ग) कवि यह समझता है कि दु:ख की स्थिति में पड़े रहने पर मनुष्य का कोई मूल्य नहीं रह जाता। दु:ख के कारण व्यक्ति अपने तमाम मूल्यों को खोने के लिए बेचारा होने की स्थिति में बाध्य हो जाता है। उस समय उसकी स्थिति उसे कठपुतली बनने पर बाध्य कर देती है। फलतः वह दु:खी रहना नहीं चाहता है तभी वह प्रभु या मालिक की गुलामी और दासता से मुक्त रहकर स्वाभिमान और आत्मगौरव का परिचय दे सकता है।

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(घ) कविता में चर्चित देवता आज के प्रभुवर्ग के प्रतीक हैं। वे सर्वशक्तिमान तथा तथाकथित सभी गुणों से भूषित हैं। वे यह समझते हैं कि उनकी जो भी इच्छा है वह मान ली जाए। इसका नतीजा यह होता है कि वे अपने भाव, विचार एवं इच्छा को दूसरे पर थोपना चाहते हैं। इस संदर्भ में कवि का कथन है कि अब वह उनकी इच्छा को मानने क लिए बाध्य महीं है। कवि का कथन है कि अब वह उनकी इच्छा को मानने के लिए बाध्य नहीं है। कवि प्रभु की थोपी हुई इच्छा या आदेश को अब माने को बाध्य नहीं है। यही कारण है कि उसके देवता उससे अब नाराज हैं। पहले ऐसी स्थिति नहीं थी।

(ङ) कवि अपने प्रभु द्वारा थोपी गई इच्छा, आदेश, सलाह या बात मानना कोई जरूरी नहों समझता है। इस परिस्थिति में उसने प्रभु की उस अनावश्यक और व्यर्थ की बात और उसे मानते रहने की प्रवृत्ति को त्यागने की कसम खा ली है। कवि की यह सोच है कि जो जरूरी नहीं है, उसे त्यागने की कसम खा ही लेनी चाहिए।

2. न दुःखी रहने का कारोबार करना है
न सुखी रहने का व्यसन
मेरी परेशानियाँ और, मेरे दुःख ही
ईश र का आधार क्यों हों?
पर सुख भी तो कोई नहीं है मेरे पास
सिवा इसके की दुःखी न रहने की ठान ली है।
(क) कवि और कविता के नाम लिखें।
(ख) कवि दुःखी रहने का कारोबार क्यों नहीं करना चाहता है?
(ग) कवि सुखी रहने के व्यसन से भी मुक्त रहना चाहता है। क्यों?
(घ) कवि के अनुसार उसकी परेशानियों और उसके दुःख ही ईश्वर का आधार क्यों थे?
(ङ) प्रस्तुत पद्यांश का आशय अपने शब्दों में व्यक्त करें।
उत्तर-
(क) कवि-लीलाधर जगूड़ी, कविता-मेरा ईश्वर

(ख) कवि यह जानता है कि दु:ख इंसान को इंसान नहीं रहने देता। वह उसे परेशानियों में डाले रहता है। ऐसी स्थिति में मनुष्य (कवि) अपने मौलिक गुणों से विरत हो जाता है। उसके पास कोई नैतिक मूल्य बच नहीं पाता है। ऐसा मनुष्य प्रभुवर्ग के सामने गिर जाता है, झुक जाता है और दुःख से मुक्ति पाने के लिए गिड़गिड़ाने लगता है। कवि की दृष्टि में दु:ख की यह स्थिति दुःखद और अग्राह्य होती है। इसीलिए कवि दु:खी रहना नहीं चाहता।

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(ग) दुःख की तरह सुख से भी कवि मुक्त और विरत रहना चाहता है। सुख को वह भौतिक सुखों की आसक्ति समझता है। वह जानता है कि व्यक्ति जब सुखी होता है तब उसमें झूठे अहम का भाव जग जाता है। उस सुख की स्थिति में मनुष्य मनुष्य नहीं रह जाता और वह एक आरोपित या झूठे मनुष्य के रूप में रह जाता है। यह स्थिति भी कवि की दृष्टि में ग्राह्य नहीं मानी जाती है। इसी कारण से वह सुखी रहने के व्यसन से भी मुक्त रहना चाहता है।

(घ) कवि के अनुसार मनुष्य की परेशानियाँ और उसके दुःख के कारण ही ईश्वर या प्रभु का अस्तित्व है। इंसान जब बहुत दु:खी होता है और परेशानियों के गहन जंगल में ठोकरें खाते रहने के लिए बाध्य हो जाता है, तभी वह ईश्वर या प्रभु या मालिक की शरण में जाता है। वह उनको याद करता है। उनकी प्रार्थना करता है और अपने कष्ट और दु:ख के हरण के लिए उनसे निवेदन करता है। इस रूप में कवि को लगता है कि ईश्वर की अवधारणा या अस्तित्व का मूल आधार मनुष्य की परेशानियाँ और उसके दुःख ही हैं।

(ङ) इस पद्यांश में कवि दुःख और सुख दोनों की अतिवादि स्थितियों से मुक्त रहने का अपना संकल्प व्यक्त करता है। उसकी अवधारणा है कि संसार में ईश्वर, प्रभु या मालिक का अस्तित्व मनुष्य की दु:खी रहने की स्थिति के ही कारण है। उसकी नजर में सुख इंसान को अहम के भाव से भर देता है। वह अपने मालिक या ईश्वर के अस्तित्व पर इस रूप में एक प्रश्न-चिन्ह लगा देता है। वह यह नहीं चाहता है कि कोई मनुष्य दुःख की दुर्दशा में पड़े और वह ईश्वर की शरण में जाकर प्रभुवर्ग के हाथों की कठपुतली बने।

Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 2 On His Blindness

Bihar Board 9th English Objective Questions and Answers

BSEB Bihar Board 9th English Objective Answers Poem 2 On His Blindness

Question 1.
The poet of‘On his Blindness’is
(a) John keats
(b) Arjun Dev charan
(c) John Milton
(d) APJ Abdul Kalam
Answer:
(c) John Milton

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Question 2.
A man should be absolutely
(a) cruel
(b) soft
(c) strong
(d) merciful
Answer:
(d) merciful

Question 3.
Let us pray to
(a) goddess
(b) God
(c) prime minister
(d) president
Answer:
(b) God

Question 4.
God needs pure
(a) heart
(b) soul
(c) concious
(d) man
Answer:
(a) heart

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Question 5.
……… should not be looked down.
(a) the road
(b) the forest
(c) the blind
(d) the river
Answer:
(c) the blind

Question 6.
Surdas was also a……..poet
(a) big
(b)large
(c) small
(d) great
Answer:
(d) great

Question 7.
John Milton was a great
(a) writer
(b) musician
(c) poet
(d) actor
Answer:
(c) poet

Choose the correct word from options:

Question 8.
Milton is known for his
(a) Good face
(b) Hairstyle
(c) Smart look
(d) Grand style
Answer:
(d) Grand style

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Question 9.
Bear his mild yoke, they serve………….best.
(a) her
(b) his
(c) him
(d) they
Answer:
(b) his

Question 10.
Doth God exact day-labour light………..?
(a) except
(b) denied
(c) accepted
(d) expected
Answer:
(b) denied

Question 11.
John Milton was a well known puritan poet of the…………century.
(a) 17 th
(b) 18th
(c) 19th
(d) 16th
Answer:
(a) 17 th

Question 12.
John milton was a great
(a) musician
(b) poet
(c) Writer
(d) actor
Answer:
(b) poet

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Question 13.
‘On his Blindness’ deals with poet’s
(a) Mental condition
(b) suffering
(c) though
(d) philosophy
Answer:
(a) Mental condition

Question 14.
The concluding six lines of the poem are called
(a) sestet
(b) octave
(c) active
(d) none
Answer:
(a) sestet

Question 15.
The opening eight lines of the poem are called
(a) Octave
(b) Active
(c) Retrachan
(d) elegy
Answer:
(a) Octave

Question 16.
‘On his Blindness’ is
(a) Shakespearean sonnet
(b) Only sonnet
(c) Petrachan sonnet
(d) none of these
Answer:
(c) Petrachan sonnet

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Question 17.
The poem ‘On his Blindness’ has been composed by
(a) Shakespeare
(b) John Milton
(c) Ray young bear
(d) Wordsworth
Answer:
(b) John Milton

Choose the correct meaning from relating to word:

Question 18.
Consider
(a) look
(b) start
(c) think
(d) easy
Answer:
(c) think

Question 19.
Hide
(a) open
(b) show
(c) look over
(d) conceal
Answer:
(d) conceal

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Question 20.
chide
(a) scold
(b)love
(c) affection
(d)respect
Answer:
(a) scold{a)

Question 21.
Murmur
(a) dull
(b) solve
(c)speak
(d) slowly
Answer:
(c)speak

Question 22.
Doth
(a) retraction
(b) does
(c) elegy
(d) walk
Answer:
(b) does

Question 23.
‘My light is spent’ means
(a) time is spent
(b) nothing is lost
(c) loss of eyesight
(d) loss of thoughts
Answer:
(c) loss of eyesight

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Question 24.
The ‘Maker’ in this poem stands for
(a) an angle
(b) God
(c) poet
(d) none of these
Answer:
(b) God

Question 25.
I fondly ark, but patient, to
(a) stop
(b) recognise
(c) reacall
(d) prevent
Answer:
(d) prevent

Question 26.
My true account, last He, returning
(a) chide
(b)spopen
(c) tell
(d) give example
Answer:
(a) chide

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Question 27.
When I consider how my light is
(a) gone
(b) lost
(c) spent
(d) off
Answer:
(c) spent

Choose the correct spelt word:

Question 28.
(a) Sonet
(b) Sonnet
(c) Sonnut
(d) Sonenet
Answer:
(b) Sonnet

Question 29.
(a) Yoak
(b) Yoke
(c) Yok
(d) Youk
Answer:
(b) Yoke

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Question 30.
(a) educasion
(b) edukation
(c) education
(d) educetion
Answer:
(c) education

Question 31.
(a) wait
(b) waitt
(c) waite
(d) waita
Answer:
(a) wait

Question 32.
(a) lessen
(b) lost
(c) loose
(d) loste
Answer:
(b) lost

Question 33.
(a) feer
(b) faer
(c) fear
(d) faere
Answer:
(c) fear

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Question 34.
(a) grate
(b) gaert
(c) grete
(d) great
Answer:
(d) great

Choose the correct word for sentences :

Question 35.
When I………..how my light is spent.
(a) seen
(b) consider
(c) remind
(d) decline
Answer:
(b) consider

Question 36.
And that one talent, which is death to hide,……..with me
useless.
(a) lodged
(b) hight
(c) complain
(d) think
Answer:
(a) lodged

Question 37.
Who best bear his mild yoke they………him best.
(a) thought
(b) earn
(c) spent
(d) serve
Answer:
(d) serve

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Question 38.
God does not need either man’s work or this own.
(a) child
(b) gift
(c) house
(d) land
Answer:
(b) gift

Question 39.
His state is
(a) forest
(b) desert
(c) kingly
(d) mainly
Answer:
(c) kingly

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Question 40.
They also serve who only…….and wait.
(a) start
(b) open
(c) look
(d) stand
Answer:
(d) stand

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