Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 6 कृषक मजदूर

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Economics अर्थशास्त्र : हमारी अर्थव्यवस्था भाग 1 Chapter 6 कृषक मजदूर Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Economics Solutions Chapter 6 कृषक मजदूर

Bihar Board Class 9 Economics कृषक मजदूर Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
सन् 2001 ई० को बिहार में कृषक मजदूरों की संख्या थी-
(क) 48%
(ख) 42%
(ग) 52%
(घ) 26.5%
उत्तर-
(क) 48%

प्रश्न 2.
सन् 1991 ई0 में बिहार में कृषक मजदूरों की संख्या थी-
(क) 26.1%
(ख) 37.1%
(ग) 26.5%
(घ) 37.8%
उत्तर-
(ख) 37.1%

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प्रश्न 3.
बिहार के कृषक मजदूर हैं-
(क) अशिक्षित
(ख) शिक्षित
(ग) ज्ञानी
(घ) कुशल
उत्तर-
(क) अशिक्षित

प्रश्न 4.
सामान्यतः कृषक मजदूर को निम्न भागों में बाँटा जा सकता है
(क) तीन
(ख) दो
(ग) चार
(घ) पाँच
उत्तर-
(क) तीन

प्रश्न 5.
ऐसे मजदूर जिनके पास खेती करने के लिए अपनी कोई भूमि नहीं होती है उन्हें कहते हैं-
(क) छोटा किसान
(ख) बड़ा किसान
(ग) भूमिहीन मजदूर
(घ) जमींदार
उत्तर-
(ग) भूमिहीन मजदूर

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रिक्त स्थान की पूर्ति करें :

1. जो मजदूर कृषि का कार्य करते हैं उन्हें हम ……….. मजदूर कहते हैं।
2. क्वेसने ने कहा था कि-दरिद्र कृषि, दरिद्र राजा, दरिद्र …………… ।
3. बिहार में अधिकांश कृषक मजदूर …………… एवं पिछड़ी जातियों के हैं।
4. बिहार में अब कृषि कार्यों में ………………… का प्रयोग होने लगा हैं।
5. बिहार के कृषक मजदूर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर . …………….कर रहे हैं।
उत्तर-
1. कृषक,
2. देश,
3. अनुसूचित जाति,
4. मशीन,
5. पलायन ।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कृषक मजदूर से हमारा क्या मतलब है ?
उत्तर-
ऐसे मजदूर कृषक मजदूर हैं जो बिलकुल ही भूमिहीन हैं जिनकी बाध्यता है कि वे मजदूरी करके ही पेट पालन करें।

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प्रश्न 2.
कृषक मजदूरों को कितने भागों में बाँटा जा सकता है ?
उत्तर-
कृषक मजदूरों को तीन भागों में बाँटा गया है-

  • खेत में काम करने वाले मजदूर
  • कृषि से संबंद्ध अन्य कार्य करने वाले मजदूर
  • वैसे मजदूर जो कृषि के अलावा अन्य सहायक उद्योगों में भी लगे हुए हैं।

प्रश्न 3.
भूमिहीन मजदूर किसे कहेंगे?
उत्तर-
वैसे मजदूर जिनके पास अपनी भूमि नहीं है।

प्रश्न 4.
बंधुआ मजदूर की परिभाषा दें।
उत्तर-
वैसे कृषक मजदूर जो किसी ऋण के चलते मालिक के यहाँ आजन्म या ऋण चुकता होने तक भोजन के बदले काम करते हैं, उन्हें बंधुआ मजदूर कहते हैं।

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प्रश्न 5.
पलायन का अर्थ बतावें।
उत्तर-
रोजगार की तलाश में एक जगह से दूसरे जगह जाना ही । पलायन कहलाता है।

प्रश्न 6.
भू-दान आंदोलन पर प्रकाश डालें।
उत्तर-
बड़े-बड़े भूमिपतियों से अतिरिक्त भूमि मांगकर ‘भूमिहीन मजदूरों को देने के लिए आचार्य विनोवा भावे ने एक आंदोलन चलाया था, जिसे भू-दान आंदोलन कहते हैं ।

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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
बिहार में कृषक मजदूरों की वर्तमान दशा एवं समस्याओं का उल्लेख करें।
उत्तर-
बिहार की कुल आवादी की 48% संख्या कृषक मजदूरों की है। ग्रामीण ऋण ग्रस्तता के कारण उनकी दशा काफी दयनीय है। इन मजदूरों की अनेक समस्याएँ हैं

  • कम मजदूरी-उन्हें कम मजदूरी देकर अधिक से अधिक काम लिया जाता है।
  • मौसमी रोजगार-कृषि के समय में इन्हें कार्य मिलता है बाकी के महीने बैठे रहते हैं।
  • ऋणग्रस्ता-ये सदा ऋण ग्रस्त रहते हैं। जिसके कारण इन्हीं बेगारी भी करनी होती है।
  • आवास की समस्या-आवास हीनता से ग्रसित ये कहीं पर झोपड़ी बनाकर रहते हैं, स्वस्थ वातावरण के अभाव में इनके बच्चे अस्वस्थ हो जाते हैं।
  • सहायक धंधों का अभाव-कृषि के अलावा गाँवों में और कोई कार्य नहीं । बेकार बैठे समय इनका बीतता है । कोई संकट के समय इन पर संकट ही संकट आ पड़ता है।
  • संगठन का अभाव-कृषि-मजदूरों में संगठन का बिलकुल अभाव है। अपनी समस्याओं को किसी से कह नही.सकते ।
  • निम्न सामाजिक स्तर-बिहार में कृषक मजदूर अनुसूचित जाति या पिछड़ी जाति के हैं जिनका सदियों से शोषण होता आया है इससे उनका सामाजिक स्तर निम्न कोटी का बना हुआ है। ये सारी समस्याएँ श्रमिकों की हैं।

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प्रश्न 2.
बिहार में कृषक मजदूरों की संख्या क्यों तेजी से बढ़ती जा रही है ?
इनकी दशा में सुधार लाने के लिए उपाय बतावें।
उत्तर-
बिहार में कृषि-श्रमिकों की संख्या बहुत अधिक है तथा निरंतर वृद्धि हो रही है। 2001 ई० की जनगणना के अनुसार बिहार में कृषि-मजदूरों की संख्या 90.20 लाख से भी अधिक थी। इसके अनेक कारण हैं

(i) तेजी से जनसंख्या में वृद्धि-1991-2001 ई० में बिहार की जनसंख्या 28.43% बढ़ी जबकि सम्पूर्ण भारत के लिए यह वृद्धि 21.34% थी। अतः अन्य उद्योगों के अभाव में कृषि को ही जनसंख्या का यह अतिरिक्त बोझ वहन करना पड़ता है । इससे कृषि-श्रमिकों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

(ii) औद्योगीकरण का अभाव-बिहार में इसकी गति विलकुल अवरुद्ध है । झारखंड के बन जाने से बिहार में उद्योग का अभाव हो गया । जो कुछ है जैसे चीनी मिल, कागज उद्योग, सिमेंट उद्योग आदि बंद हो. गए। कई उद्योग साधनों के अभाव में बंद हो गए । कुटीर एवं लघु उद्योगों की भी यही हालत है। अतः सब भार कृषि पर ही पड़ रहा है कृषि-श्रमिकों की तेजी से वृद्धि हो रही है ।

(iii) भूमि का असमान वितरण-बिहार में जमींदारी उन्मूलन के बाद भी भूमि-सुधार का कोई भी कार्यक्रम नहीं हुआ । भू-दान से प्राप्त भूमि भी कानूनी विवादों में उलझकर रह गयी। छोटे-छोटे किसान ऋणग्रस्तता के कारण-कृषि-श्रमिक बनने पर मजबूर हो गए। इनकी दशा में सुधार लाने के लिए उपाय बतावें ।

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(शब्द सीमा इतनी कम है कि दोनों प्रश्नों का उत्तर उतने शब्दों में देने के लिए केवल कारणों को ही लिख देना होगा उसका विस्तार नहीं करना होगा । अतः इसे दूसरा प्रश्न भी बनाया जा सकता है। मैंने वैसा हीं कर इसका विस्तार किया है।)
उत्तर-
कृषि-श्रमिकों की दशा में सुधार के उपाय निम्न प्रकार हैं
(i) कृषि पर आश्रित उद्योगों का विकास-कृषि पर आधारित उद्योगों के विकास से कृषक मजदूर खाली समय में इन उद्योगों में काम कर सकें और अपनी आय में सुधार ला सकें । इन उद्योगों में चीनी मिलों की स्थापना या बंद मिलों को फिर से चालू करना, जूट उद्योग आदि प्रमुख हैं।

(ii) न्यूनतम मजदूरी नियमों को लागू करना–भारत सरकार का न्यूनतम मजदूरी अधिनियम लागू है। पर उसका ठीक ढंग से पालन नहीं हो रहा है। अतः मजदूर आर्थिक शोषण के शिकार हमेशा होते हैं।

(ii) कृषि मजदूरों के लिए भूमि की व्यवस्था-भूमि व्यवस्था को सुधार कर उनके बीच भूमि का वितरण हो सके।

(iv) अन्य कारण-कृषि-श्रमिकों की एक प्रमुख कठिनाई यह है ..कि ये पूर्णतः निरक्षर और असंगठित हैं। इनमें संगठन नहीं है अतः महाजनों द्वारा इनका शोषण होता है । इसी तरह कृषि कल्याण केन्द्र की स्थापना होनी चाहिए जहाँ इनका और इनके बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल हो सके । सहकारी समितियों की स्थापना, कार्य के घंटे को निश्चित करना । ये सब कार्य करने से कृषक मजदूरों की दशा में सुधार लाया जा सकता है।

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प्रश्न 3.
बिहार में कृषक मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक उपाय पर प्रकाश डालें
उत्तर-
बिहार में कृषक मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक उपायों निम्नलिखित हैं

(i) कृषि पर आश्रित उद्योगों का विकास-बिहार में गन्ना, जूट, तम्बाकू फल और सब्जियों की खेती प्रचुर मात्रा में होती है। उन्हीं उत्पादनों के आधार पर उद्योगों एवं लघु उद्योगों की स्थापना से खाली के समय में बैठे कृषक मजदूर काम कर सकेंगे और अपनी आय में वृद्धि कर जीवन स्तर में सुधार ला सकते हैं।

(ii) कार्य के घंटे निश्चित करना तथा काम के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित उचित मजदूरी का क्रियान्वयन आवश्यक है । तथा उचित समय-समय पर छुट्टियाँ भी मिलनी चाहिए।

(ii) कृषि श्रम कल्याण केन्द्र की स्थापना एवं उनके लिए आवास की व्यवस्था आवश्यक है ताकि उनका स्वस्थ्य ठीक रह सके उनके बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा हो सके।

(iv) कृषक मजदूर निरक्षर और असंगठित हैं । अतः अपनी समस्याओं के मालिकों के सामने रखने में असमर्थ हैं । निरक्षरता के कारण ये शोषण का शिकार बनते हैं।

(v) अन्य उपाय-इनकी सबसे बड़ी समस्या है गरीबी, अशिक्षा रोजगार का नहीं मिलना । अतः ग्रामीण रोजगार केन्द्रों की स्थापना कर इनकों सूचित किया जाना चाहिए कि अन्यत्र रोजगार की व्यवस्था है। भूदान में मिली जमीन को भूमिहीन मजदूरों के बीच बँटवारा कर उनमें सरकार ओर से बीज एवं खाद की व्यवस्था की जाय ।

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प्रश्न 4.
कृषक मजदूरों की दशा सुधारने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए प्रयासों पर प्रकाश डालें।
उत्तर-
हमारी सरकार ने कृषक मजदूरों की समस्याओं को हल (निदान, समाधान या सुधार) करने के लिए अनेक प्रयास किये हैं जो इस प्रकार हैं-

  • न्यूनतम मजदूरी अधिनियम (1948)-यह नियम कृषि पर भी लागू किया गया । कृषक मजदूरों को भी मिलना चाहिए ।
  • भूमिहीन मजदूरों को मकान के लिए मुफ्त प्लॉट (जगह) की व्यवस्था की गयी है।
  • भूदान में प्राप्त भूमि का उचित ढंग से वितरण किया गया है ।
  • बंधुआ मजदूर प्रथा को समाप्त कर दिया गया।
  • जोत की सिलींग का निर्धारण और बची हुई भूमि, बंजर भूमि मजदूरों के बीच बाँटी जा रही है।
  • कुटीर एवं लघु उद्योगों के विकास के उद्देश्य से ग्रामीण औद्योगिक वस्तियाँ स्थापित की गई हैं।
  • कृषि-मजदूरों को वित्तीय सुविधा देने के लिए कृषि सेवा समितियों की स्थापना की गई है।
  • पुराने ऋणों से मुक्ति दिलाने के लिए भिन्न-भिन्न कानून बनाए गए।
  • ग्रामीण भूमिहीन रोजगार गारंटी कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम शुरू किया गया है।
  • बाल श्रमिक निरोधक अधिनियम बनाया गया जिसके तहत कृषक मजदूरों के बच्चों के शोषण को अपराध घोषित किया गया।

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प्रश्न 5.
बिहार में कृषक मजदूरों के पलायन से उत्पन्न समस्याओं पर प्रकाश डालें । इनका निदान कैसे किया जा सकता है ?
उत्तर-
कृषक मजदूरों के पलायन से बिहार में अनेक तरह की समस्याएँ उत्पन्न हो रही है । एक तरफ बिहार में कृषि मजदूरों की संख्या में कमी हो रही है तथा कृषि कार्य के लिए मजदूर उपलब्ध नहीं हो रहे दूसरी बात जो भी शेष कृषक मंजदूर रह जाते हैं उनको पूर्व की · अपेक्षा अधिक पारिश्रमिक प्राप्त हो रहा है।

इनका निदान-

  • कृषि पर आश्रित उद्योगों का विकास करना जरूरी
  • गाँवों में लघु एवं कुटीर उद्योगों का विकास होना चाहिए ताकि भूमिहीन श्रमिक इस प्रकार के कार्यों में लग सके और अपनी आय में वृद्धि कर सकें।
  • न्यूनतम मजदूरी के नियमों का पालन होना चाहिए। दूसरे राज्यों में यहाँ से अधिक मजदूरी मिलती है यह भी उनका एक आकर्षण
  • काम के घंटों को निश्चित किया जाना चाहिए ।
  • मजदूरों के लिए मकान एवं कृषि कल्याण केन्द्रों की स्थापना करनी चाहिए।
  • कृषक मजदूरों की एक बहुत बड़ी समस्या यह है कि वे अशिक्षित है अतः उन्हें शिक्षित करना आवश्यक है।
    इन सब बातों पर ध्यान देकर इनकी समस्याओं का निदान संभव है।

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 5 कृषि, खाद्यान सुरक्षा एवं गुणवत्ता

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Economics अर्थशास्त्र : हमारी अर्थव्यवस्था भाग 1 Chapter 5 कृषि, खाद्यान सुरक्षा एवं गुणवत्ता Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Economics Solutions Chapter 5 कृषि, खाद्यान सुरक्षा एवं गुणवत्ता

Bihar Board Class 9 Economics कृषि, खाद्यान सुरक्षा एवं गुणवत्ता Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
बिहारवासियों के जीवन निर्वाह का मुख्य साधन है ?
(क) उद्योग
(ख) व्यापार
(ग) कृषि
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(ग) कृषि

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 5 कृषि, खाद्यान सुरक्षा एवं गुणवत्ता

प्रश्न 2.
राज्य में सर्वाधिक महत्वपूर्ण सिंचाई साधन हैं ?
(क) कुएँ एवं नलकूप
(ख) नहरें
(ग) तालाब
(घ) नदी
उत्तर-
(क) कुएँ एवं नलकूप

प्रश्न 3.
बाढ़ से राज्य में बर्बादी होती है ?
(क) फसल की
(ख) मनुष्य एवं मवेशी की
(ग) आवास की
(घ) इन सभी की
उत्तर-
(घ) इन सभी की

प्रश्न 4.
अकाल से राज्य में बर्बादी होती है ?
(क) खाद्यान्न फसल
(ख) मनुष्य एवं मवेशी की
(ग) उद्योग
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(क) खाद्यान्न फसल

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 5 कृषि, खाद्यान सुरक्षा एवं गुणवत्ता

प्रश्न 5.
शीतकालीन कृषि किसे कहा जाता है ?
(क) भदई
(ख) खरीफ या अगहनी
(ग) रबी
(घ) ग़रमा
उत्तर-
(ख) खरीफ या अगहनी

प्रश्न 6.
सन् 1943 ई0 में भारत के किस प्रांत में भयानक अकाल पड़ा?
(क) बिहार
(ख) राजस्थान
(ग) बंगाल
(घ) उड़ीसा
उत्तर-
(ग) बंगाल

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 5 कृषि, खाद्यान सुरक्षा एवं गुणवत्ता

प्रश्न 7.
विगत वर्षों के अंतर्गत भारत की राष्ट्रीय आय में कृषि का योगदान?
(क) बढ़ा है
(ख) घटा है
(ग) स्थिर है
(घ) बढ़ता-घटता है
उत्तर-
(ख) घटा है

प्रश्न 8.
निर्धनों में भी निर्धन लोगों के लिए कौन सा कार्ड उपयोगी है ?
(क) बी० पी० एल० कार्ड
(ख) अंत्योदय कार्ड
(ग) ए० पी० एल० कार्ड
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(ख) अंत्योदय कार्ड

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 5 कृषि, खाद्यान सुरक्षा एवं गुणवत्ता

प्रश्न 9.
निम्नलिखित में कौन खाद्यान्न के स्रोत हैं ?
(क) गहन खेती नीति
(ख)आयात नीति
(ग) भंडारण नीति
(घ) इनमें सभी
उत्तर-
(घ) इनमें सभी

प्रश्न 10.
गैर सरकारी संगठन के रूप में बिहार में कौन-सा डेयरी प्रोजेक्ट कार्य कर रहा है ?
(क) पटना डेयरी
(ख) मदर डेयरी
(ग) अमूल डेयरी
(घ) इनमें कोई नहीं
उत्तर-
(क) पटना डेयरी

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 5 कृषि, खाद्यान सुरक्षा एवं गुणवत्ता

रिक्त स्थान की पूर्ति करें :

1. बिहार राज्य में कृषि …………… जनसंख्या के आजीविका का
साधन है।
2. बिहार में कृषि की ……………….. निम्न है।
3. बिहार की कृषि के लिए सिंचाई …. … महत्व रखती है।
4. राज्य में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र …………….. है। .
5. बफर स्टॉक का निर्माण ………………. करती है।
6. निर्धनता रेखा से नीचे के लोगों के लिए …………………. कार्ड है।
7. भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ ……………… है।
8. औद्योगिक श्रमिक की दैनिक आवश्यकता ………… कलोरी
9. दिल्ली में ………………. डेयरी कार्य करती है।
10. हरित क्रांति ……………. से प्रभावित होकर भारत में लागू की गयी।
उत्तर-
1. बहुसंख्यक
2. उत्पादकता
3. अत्यधिक
4. काफी अधिक
5. सरकार
6. बी० पी० एल०
7. कृषि
8. 3600
9. मदर
10. मेक्सिको।

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 5 कृषि, खाद्यान सुरक्षा एवं गुणवत्ता

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
बिहार की कृषि के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए चार उपाए बताएँ।
उत्तर-
बिहार की कृषि के पिछड़ेपन को दूर करने के निम्नलिखित उपाय हैं
(क) जनसंख्या को नियंत्रित करना
(ख) सुनिश्चित सिंचाई व्यवस्था
(ग) उन्नत बेहतर कृषि तकनीकों का प्रयोग
(घ) कृषि में संस्थागत वित्त का अधिक प्रवाह ।

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 5 कृषि, खाद्यान सुरक्षा एवं गुणवत्ता

प्रश्न 2.
खाद्य फसल एवं नकदी फसल में अंतर बताएँ।।
उत्तर-
खाद्य फसलें खाने के काम में आती हैं। जैसे-धान. गेहूँ, मक्का आदि।
नकदी फसलें-वैसी फसलें हैं जिन्हें बेच कर किसान नकद रुपया प्राप्त करता है, जैसे-गन्ना, जूट, दलहन, आलू ।

प्रश्न 3.
कौन लोग खाद्य असुरक्षा से अधिक ग्रस्त हो सकते हैं ?
उत्तर-
ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन किसान, खेतीहर मजदूर तथा निध नता से पीड़ित जनता । शहरी क्षेत्रों में श्रमिक, रिक्शा चलाने वाले, मेहनत-मजदूरी करने वाले एवं छोटा-मोटा काम करनेवाले लोग खाद्य असुरक्षा से ग्रसित हैं।

प्रश्न 4.
क्या आप मानते हैं कि हरित क्रांति ने भारत को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बना दिया है । केसे ?
उत्तर-
हाँ, हरित क्रान्ति ने भारत को आत्म निर्भर बनाया है । भारत के कुछ राज्यों में खाद्यान्नों में आत्मनिर्भरता देखने को मिली है। इन राज्य में पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तरप्रदेश आदि । यह संभव हुआ अच्छे बीजों, अच्छी सिचाई व्यवस्था एवं कृति के मशीनीकरण के प्रभात्र सं, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, थ्रेशर, रासायनिक खाः कीटनाशकों आदि के उपयोग ने कृषि उत्पादन में क्रातिकारी परिवर्तन ला दिया ।

प्रश्न 5.
सरकार बफर स्टॉक क्यों बनाती है ?
उत्तर-
खाद्यान्न की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार खाद्य के भंडार एकत्रित करती है। उसे वफर स्टाक कहा जाता है। सरकार अपने गोदामों में खाद्यान्नों को जमा करती है । जरूरत या आपदा के समय खाद्यान्न उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है।

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प्रश्न 6.
सार्वजनिक वितरण प्रणाली से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
भारतीय खाद्य निगम द्वारा अधिप्राप्त अनाज को सरकार .. नियमित राशन दुकानों के माध्यम से समाज के गीत वर्गों में वितरित करती है इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली कहते हैं .

प्रश्न 7.
राशन कार्ड कितने प्रकार के होते हैं : चर्चा करें।
उत्तर-
राशन कार्ड तीन प्रकार के होते हैं-

  • अंत्योदय कार्ड-जो निर्धन में भी निर्धन को दिया जाता है ।
  • BPL Card-गरीबी रेखा वाला कार्ड-निर्धनता रेखा के नीचे वाले लोगों के लिए।
  • APL Card-गरीबी रेखा के उपर वाले लोगों के लिए।

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 5 कृषि, खाद्यान सुरक्षा एवं गुणवत्ता

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका की विवेचना करें।
उत्तर-
बिहार राज्य की बहुसंख्यक जनसंख्या जो लगभग 80% से अधिक गाँवों में निवास करती है साथ ही राज्य की अधिकांश जनसंख्या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर आश्रित है। कृषि बिहार के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।

(क) खाद्यान्न की आपूर्ति-राज्य में खाद्यान्न फसलें जैसे-धान, गेहूँ, मकई की खेती करना लोगों के लिए खाद्यान की पूर्ति करता है।
(ख) कच्चेमाल की पूर्ति-अपने तथा अन्य राज्यों के उद्योगों के लिए या व्यापार के लिए साधन जुटाता है।
(ग) सरकार की आय का साधन-बचत एवं करों के रूप में साध न का काम करती है।
(घ) विदेशी मुद्रा का अर्जन-बिहार फलों की खेती में अग्रणी राज्य है। यहाँ आम, लीची, गन्ने केले आदि का निर्यात कर बहुमूल्य विदेशी मुद्रा अर्जित की जा सकती है।

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प्रश्न 2.
बिहार की खाद्यान्न फसलों एवं उनके प्रकार की विस्तार से चर्चा करें।
उत्तर-
बिहार की खाद्यान्न फसलों के प्रकार निम्नलिखित है-

(क) भदई (शरद कालीन)-भदई फसलें मई-जून में बोयी जाती _हैं। जो अगस्त-सितम्बर में तैयार हो जाती है । इसमें मक्का, ज्वार, जूट एवं धान की कुछ खास किस्में, इनकी खेती बिहार के मैदानी भाग में होती

(ख) खरीफ या अगहनी (शीत कालीन)-इसमें मुख्यतः धान की खेती होती है । इसकी बुआई जून में की जाती है और हिन्दी माह अगहन अर्थात दिसम्बर में कटनी होती है। बिहार की कृषि में अगहनी फसल का सर्वोच्य स्थान है।

(ग) रबी (बसंत कालीन)-रबी के अंतर्गत गेहूँ, जौ, चना, खेसारी, मटर, मसूर, अरहर, सरसों आदि तथा अन्य दलहन एवं तेलहन की खेती होती है। राज्य के कुल एक तिहाई भाग में इसकी खेती होती है।

(घ) गरमा (ग्रीष्मकालीन)-सिंचाई वाले स्थानों पर अथवा नमी वाले क्षेत्रों में गरमा फसलों की खेती होती है। इनमें हरी सब्जियाँ तथा विशेष प्रकार के धान एवं मक्का की खेती होती है। बिहार के नालन्दा जिले तथा वैशाली एवं सारण के गंगा तट पर हरी सब्जियाँ उपजाई जाती

प्रश्न 3.
जब कोई आपदा आती हैं तो खाद्य पूर्ति पर क्या प्रभाव होता है ? चर्चा करें।
उत्तर-
जब कोई आपदा जैसे-सूखा, भूकम्प, बाढ़, सुनामी आती है तो फसलों की बर्बादी के कारण अकाल जैसी आपदा हो जाती है। खादय फसलों की बर्बादी के कारण कीमतें बढ़ जाती हैं जिससे खाद्य पूर्ति अधि क कीमतों पर होती है सामान्य जनता को अधिक बोझ बैठ जाता है, कुछ ऐसे भी होते हैं जो खरीद नहीं पाते । अगर यह आपदा अधिक विस्तृत क्षेत्र में आती है या अधिक लंबे समय तक बनी रहती है, तो भुखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है। व्यापक भुखमरी से अकाल की स्थिति बन सकती है। अत: किसी भी देश में खादय सुरक्षा आवश्यक होती है ताकि इन विपदाओं का सामना किया जा सके।

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प्रश्न 4.
गरीबों को खाद्य सुरक्षा देने के लिए सरकार ने क्या किया? सरकार की ओर से शुरू की गई किन्हीं दो योजनाओं की चर्चा कीजिए।
उत्तर-
गरीबों को खाद्य सुरक्षा देने के लिए सरकार ने दो विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं जिनमें कम लागत पर खाद्य उपलब्ध करवाये जाते हैं, जो इस प्रकार हैं

(क) सार्वजनिक वितरण प्रणाली-सरकार ने जून, 199? ई० सं सभी क्षेत्रों में गरीबों को लक्षित करने के लिए यह योजना शुरू की। इसमें पहली बार निर्धनों और गैर-निर्धनों के लिए विभेदक कीमत नीति अपनाई गई है। इसमें राशन कार्ड रखने वाला व्यक्ति निर्धारित राशन की सरकारी दुकानों से प्रत्येक परिवार पर एक अनुबंधित मात्रा ने 35 किलोग्राम अनाज, 5 लीटर मिट्टी का तेल, 5 किलोग्राम चीनी खरीद सकता है।

(ख) अन्तयोदय अन्न योजना-यह योजना दिसम्बर, 2001) ई० में शुरू की गई थी। इसमें गरीबी रेखा से नीचे के गरीब परिवारों को 2 रुपये प्रति किलोग्राम गेहूँ और 3 रुपये प्रतिकिलोग्राम की अत्यधिक आर्थिक सहायता प्राप्त दर पर प्रत्येक पात्र परिवार को 25 किलोम्राम अनाज उपलब्ध कराया गया। अगस्त, 2004 में इसमें 50-50 लाख अतिरिक्त B.P.L परिवार को जोड़ दिया गया। इससे इस योजना में आने वाले परिवारों की संख्या 2 करोड़ हो गई।

प्रश्न 5.
खाद्य और संबंधित वस्तुओं को उपलब्ध कराने में गैर सरकारी संगठन की भूमिका पर एक टिप्पणी लिखें।
उत्तर-
भारत में विशेषकर देश के दक्षिणी और पश्चिमी भागों में गैर सरकारी संगठन एवं सहकारी समितियाँ गरीबों को खाद्यान्न की बिक्री के लिए कम कीमत वाली दुकाने खोलती हैं। दिल्ली मदर डेयरी उपभोक्ताओं को दिल्ली सरकार द्वारा निर्धारित नियंत्रित दरों पर दूध और सब्जियाँ उपलब्ध कराने में तेजी से प्रगति कर रही है। तमिलनाडु में जितनी भी राशन की दुकाने हैं उनमें से 94% सहकारी समितियों के माध्यम से चलाई जा रही हैं । गुजरात में दूध और दुग्ध उत्पादकों में अमूल एक और सफल सहकारी समिति का उदाहरण है। बिहार में दूध तथा दूध उत्पादों में पटना डेयरी जो ‘सुधा’ नाम से जानी जाती है, जो सफल सहकारी समिति का उदाहरण है। इन सभी ने देश में श्वेत क्रांति ला दी है। विभिन्न क्षेत्रों में अनाज बैंकों की स्थापना के लिए गैर-सरकारी संगठनों के लिए खाद्य सुरक्षा के विषय में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित करती है। ADS (Academy for Developmment Science) अनाज बैंक कार्यक्रम को एक सफल और नए प्रकार के खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के रूप में स्वीकृति मिली है।

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 5 कृषि, खाद्यान सुरक्षा एवं गुणवत्ता

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(i) न्यूनतम समर्थित कीमत (ii) सब्सिडी (अनुदान) (iii) बी० पी० एल० कार्ड (iv) बफर स्टॉक (v) जन-वितरण प्रणाली
उत्तर-
(i) न्यूनतम समर्थित कीमत-भारतीय खाद्य निगम अधिशेष . उत्पादन वाले राज्यों में किसानों से गेहूँ और चावल खरीदता है। किसानों
को उनकी फसल के लिए पहले से घोषित कीमतें दी जाती है । इस मूल्य को न्यूनतम समर्थित कीमत कहते हैं।
(ii) सब्सिडी ( अनुदान)-वह भुगतान है जो सरकार द्वारा किसी उत्पादक को बाजार कीमत की अनुपूर्ति के लिए किया जाता है । वही सब्सिडी कहलाती है।
(iii) बी०पी०एल० कार्ड (BPL Card)-निर्धनता रेखा से नीचे के लोगों के लिए यह राशन कार्ड दिया जाता है जो सरकारी राशन की दुकान से निर्धारित सस्ते दर पर खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है।
(iv) बफर स्टॉक (Buffer Stock)-भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से सरकार द्वारा अधिप्राप्त अनाज, गेहूँ और चावल का भंडार है जिससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
(v) जन वितरण प्रणाली-सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत राशन की जिन दुकानों की व्यवस्था की जाती है, ऐसे दुकानों से चीनी, खाद्यान्न और मिट्टी के तेल, कार्ड धारियों को उचित मूल्य पर प्राप्त होते हैं। ऐसी दुकानों को जन वितरण प्रणाली की दुकाने कहते हैं तथा सरकारी इस वितरण प्रणाली को जन वितरण प्रणाली कहते हैं।

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 3 गरीबी

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Economics अर्थशास्त्र : हमारी अर्थव्यवस्था भाग 1 Chapter 3 गरीबी Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Economics Solutions Chapter 3 गरीबी

Bihar Board Class 9 Economics गरीबी Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
बिहार में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करनेवाली ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से
(क) कम है
(ख) बराबर है
(ग) अधिक है
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(ग) अधिक है

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प्रश्न 2.
बिहार में सन् 1999-2000 ई० में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत था
(क) 42.6
(ख) 44.3
(ग) 54.3
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(क) 42.6

प्रश्न 3.
भारत की प्रमुख आर्थिक समस्या नहीं है ?
(क) आर्थिक विषमता
(ख) औद्योगिक विकास
(ग) गरीबी
(घ) औद्योगिक पिछड़ापन
उत्तर-
(ख) औद्योगिक विकास

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 3 गरीबी

प्रश्न 4.
गरीबी में बिहार राज्य भारत के राज्यों में कौन-सा स्थान पर है ?
(क) पहला
(ख) दूसरा
(ग) तीसरा
(घ) चौथा
उत्तर-
(ख) दूसरा

प्रश्न 5.
सन् 2001 ई० की जनगणना के अनुसार भारत के इन राज्यों में सबसे अधिक गरीबी कहाँ है ?
(क) उड़ीसा
(ख) झारखंड
(ग) पं० बंगाल
(घ) उत्तर प्रदेश
उत्तर-
(क) उड़ीसा

प्रश्न 6.
गरीबी रेखा के नीचे रहना।
(क) अमीरी का द्योतक है।
(ख) गरीबी का सूचक है।
(ग) खुशहाली का सूचक है ।
(घ) इनमें से किसी का भी सूचक नहीं है।
उत्तर-
(ख) गरीबी का सूचक है।

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प्रश्न 7.
शहरी क्षेत्र के व्यक्तियों को प्रतिदिन कितनी कैलॉरी भोजन की आवश्यकता है।
(क) 2400 कैलोरी
(ख) 2100 कैलॉरी
(ग) 2300 कैलोरी
(घ) 2200 कैलॉरी
उत्तर-
(ख) 2100 कैलॉरी

प्रश्न 8.
निम्न में से कौन प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत आते हैं
(क) कृषि
(ख) उद्योग
(ग) बाढ़
(घ) इनमें से कोई नही।
उत्तर-
(ग) बाढ़

प्रश्न 9.
MPCE के द्वारा गरीबी रेखा का निर्धारण ग्रामीण क्षेत्रों में कितना रु० प्रतिमाह किया गया।
(क) 328 रु०
(ख) 524 रु०
(ग) 454 रु०
(घ) 354 रु०
उत्तर-
(क) 328 रु०

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प्रश्न 10.
SGSY योजना की शुरूआत कब की गयी?
(क) 2000 ई०
(ख) 1999 ई०
(ग) 2001 ई०
(घ) 1998 ई०
उत्तर-
(ख) 1999 ई०

रिक्त स्थान की पूर्ति करें :

1. बिहार आर्थिक दष्टि से एक ………………. राज्य है।
2. योजना काल में गरीबी की रेखा से नीचे आनेवाले लोगों की प्रतिशत
3. भारत में शहरी गरीबों की तुलना में ग्रामीण गरीबों की संख्या ………………….है।
4. जो लोग गरीबी रेखा के ऊपर रहते हैं उन्हें . …… कहा
5. जब निम्नतम जीवन यापन प्राप्त करने की असमर्थता हो तो उसे……………….”कहते हैं।
6. MPCE के द्वारा गरीबी रेखा का निर्धारण शहरी क्षेत्रों में ……………….. रु० प्रतिमाह किया गया ।
7. 2007 के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार भारत के ग्रामीण क्षेत्र में । ……………… करोड़ जनसंख्या गरीब है।
उत्तर-
1. पिछड़ा
2. कमी
3. अधिक
4. अमीर
5. गरीब 6.454 रु०
7. 17 करोड़।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
योजना आयोग ने किस आधार पर गरीबी की परिभाषा दी है ?
उत्तर-
योजना आयोग ने न्यूनतम कैलॉरी उपभोग के आधार पर गरीबी की परिभाषा दी है।

प्रश्न 2.
गरीबी के दो विशिष्ट मामलों की विवेचना करें।
उत्तर-
राजकुमार आटे के मिल का दैनिक श्रमिक है, दूसरा राजेन्द्र सिंह जो एक किसान मजदूर है। पहले का बच्चा भोजन के अभाव में कुपोषण का शिकार है तो दूसरा परिवार के लिए कपड़ा नहीं खरीद सकता है। गरीबी का प्रमाण है।

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प्रश्न 3.
गरीबी रेखा से आप क्या समझते हैं।
उत्तर-
उस रेखा को कहते हैं जिसके दायरे में लोग अपनी मूल आवश्यकताओं को भी पूरा नहीं कर पाते।

प्रश्न 4.
क्या आप समझते हैं कि गरीबी आकलन का वर्तमान तरीका सही है?
उत्तर-
गरीबी आकलन का तरीका सही है क्योंकि यह आय एवं उपभोग स्तरों पर आधारित है।

प्रश्न 5.
किन-किन बातों से सिद्ध होता है कि भारतीय गरीब हैं ?
उत्तर-
स्वास्थ्य और कार्यकुशलता के लिए न्यूनतम आवश्यकताओं की प्राप्ति की अयोग्यता से सिद्ध होता है कि भारतीय गरीब हैं।

प्रश्न 6.
गरीबी के कारणों में जनसंख्या-वृद्धि की क्या भूमिका है ? .
उत्तर-
जनसंख्या वृद्धि के कारण लोगों का जीवन स्तर गिर रहा है तथा देश की गरीबी बढ़ रही है।

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प्रश्न 7.
भारत में गरीबी के किन्हीं चार प्रमुख कारण बताएँ।
उत्तर-

  1. जनसंख्या में अत्यधिक वृद्धि
  2. कृषि का पिछड़ा होना
  3. आय तथा धन की विषमता
  4. बेरोजगारी ।।

प्रश्न 8.
गरीबी निवारण के लिए किए गए सरकारी प्रयासों की संक्षिप्त चर्चा करें।
उत्तर-
गरीबी निवारण के लिए किए गए सरकारी प्रयास निम्न प्रकार के है-

  • जनसंख्या पर नियंत्रण
  • कृषि उत्पादन में वृद्धि
  • पूँजी की व्यवस्था
  • लघु एवं कुटीर उद्योगों का विकास
  • निवेश की वृद्धि
  • प्राकृतिक साधनों का विकास ।

प्रश्न 9.
भारत में गरीबी निदान के लिए किए गए गैर-सरकारी प्रयासों को बताएँ।
उत्तर-
भारत में गरीबी निदान के लिए किए गए गैर-सरकारी प्रयास निम्नलिखित हैं-

  • स्वरोजगार
  • सामूहिक खेती
  • सामुदायिक विकास कार्यक्रम
  • स्वयं सहायता समूह ।

प्रश्न 10.
बिहार में ग्रामीण गरीबी की क्या स्थिति है ?
उत्तर-
अत्यधिक जनसंख्या, कृषि का पिछड़ापन, अज्ञानता, शारीरिक रूप से कमजोरी आदि कारणों से बिहार में ग्रामीण गरीबी की स्थिति अत्यंत ही दयनीय है।

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प्रश्न 11.
बिहार में ग्रामीण गरीबी के चार प्रमुख कारणों को बताएँ। ..
उत्तर-
बिहार में ग्रामीण गरीबी के कारण हैं-

  1. जनसंख्या में वृद्धि
  2. कृषि का पिछड़ापन
  3. औद्योगीकरण का अभाव
  4. बेरोजगारी ।

प्रश्न 12.
बिहार में ग्रामीण गरीबी निदान के लिए किन्हीं पाँच उपायों को बताएँ।
उत्तर-
बिहार में ग्रामीण गरीबी निदान के उपाय-(i) जनसंख्या पर नियंत्रण (ii) कृषि उत्पादन में वृद्धि (iii) औद्योगीकरण (iv) पूँजी की व्यवस्था (v) रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करना ।

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प्रश्न 13.
भारत में गरीबी के कारणों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
भारत में गरीबी के निम्नलिखित कारण हैं-

  • जनसंख्या में अत्यधिक वृद्धि
  • अशिक्षा
  • बेरोजगारी
  • मनोरंजन के साधनों का अभाव।

प्रश्न 13.
संक्षिप्त रूप को पूरा रूप दें
(i) NSSO (ii) MPCE (iii) SHG (iv) SGSY (v) JRY (vi) IRDP (vii) MDMS (viii) NREP (ix) PMRY (x) PMGY
उत्तर-
(i) Nsso : National Sample Survery Organisation (राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन)
(ii) MPCE : Monetary Per Capita. Expenditure (Hifa प्रतिव्यक्ति उपभोग व्यय)
(iii) SHG : Self Help Group (स्वयं सहायता समूह)
(iv) SGSY : Swarnajayanti Gram Swarozgar Yojana (स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना)
(v) JRY : Jawahar Rozgar Yojana (जवाहर रोजगार योजना)
(vi) IRDP : Integrated Rural Development Programme (समेकित ग्रामीण विकास कार्यक्रम)
(vii) MDMS : Mid Day Meal Scheme (मध्याहन भोजन योजना)
(viii) NREP : National Rural Employment Programme (राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम)
(ix) PMRY : Prime Minister’s Rozgar Yojana (प्रध – निमंत्री रोजगार योजना)
(x) PMGY : Pradhan Mantri Gramin Yozana (9787 नमंत्री ग्रामोदय योजना)

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 3 गरीबी

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत में गरीबी रेखा को किस प्रकार परिभाषित किया गया है ?
इस परिभाषा के आधार पर भारत में गरीबी के विस्तार का क्या अनुमान लगाया जाता है ?
उत्तर-
गरीबी रेखा की परिभाषा भारत के संदर्भ में-किसी व्यक्ति को गरीबी रेखा (निर्धनता रेखा) से नीचे तब माना जाता है यदि उसकी आय । या उपभोग स्तर निर्धारित ‘न्यूनतम स्तर’ से नीचे गिर जाए।

भारत में गरीबी का विस्तार-भारत में गरीबी रेखा कैलॉरी मापदंड पर आधारित है जिसका अर्थ है भोजन में मिलने वाला सामान्य पोषक तत्व । योजना आयोग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 2400 कैलोरी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन तथा शहरी क्षेत्रों में 2100 केलॉरी प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन है। तथा 2000 ई० में किसी व्यक्ति के लिए गरीबी रेखा का निर्धारण ग्रामीण क्षेत्रों में 328 रु० तथा शहरी क्षेत्रों में 454 रु० निर्धारित किया गया है। भारत में सन् 1993 ई० में गरीबी 36% वर्ष 2000 ई० में गरीबी रेखा के नीचे 26% अब तक अनुमानतः 20% हो सकती है । न्यूनतम अनुमान में भारत में गरीबों की संख्या कुल आवादी का लगभग 20 करोड़ मानी जाती है ।

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प्रश्न 2.
भारत में अपनाए गए गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
भारत में गरीबी उन्मूलन का एक सुनियोजित कार्यक्रम है। वर्तमान समय में सरकारी रणनीति मोटे तौर पर दो कारकों (i) आर्थिक संवृद्धि को प्रोत्साहन देना (ii) लक्षित निर्धनता विरोधी कार्यक्रमों पर आधारित है । 1980 के दशक के आरंभ तक समाप्त हुए 30 वर्ष की अवधि के दौरान प्रतिव्यक्ति आय में कोई वृद्धि नहीं हुई और निर्धनता में भी कभी नहीं आई। 1980 के दशक से भारत की आर्थिक संवृद्धि दर विश्व में सबसे अधिक रही है। विकास की उच्च दर ने गरीबी को कम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इसके अतिरिक्त वर्तमान सरकार की रणनीति में गरीबी उन्मूलन के लिए अनेक लक्षित निर्धनता विरोधी कार्यक्रम चलाए गए हैं। सितंबर 2005 ई० में ‘राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम देश के 200 जिलों में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 100 दिनों के सुनिश्चित रोजगार के अवसर के लिए चलाया गया है । एक और महत्वपूर्ण योजना ‘राष्ट्रीय काम के बदले अनाज’ कार्य क्रर्म है जिसे 2004 ई० में देश के सबसे पिछड़े 150.

जिलों में गरीबों के लिए लागू किया गया है। इसके अतिरिक्त गरीबी उनमूलन के लिए ‘प्रधानमंत्री रोजगार योजना’ ‘ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम’, स्वर्ण जयंती, ‘ग्राम स्वराज योजना’, ‘प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना’ आदि लागू की गई है।

प्रश्न 3.
भारत में गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों की कमियाँ बतायें।
उत्तर-
भारत में गरीबी उन्मूलन के जो कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, उनमें अधिकांश प्राप्त राशि राज्य प्रशासन में व्याप्त अकुशलंता, भष्टाचार एवं राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण इन कार्यक्रमों के लिए प्राप्त राशि का सही आबंटन एवं उपयोग नहीं होता है।

भारत के किसी राज्य की केन्द्र सरकार से आबंटित राशि प्राप्त करने में कठिनाई होती है, दूसरी बात आबंटित राशि का निर्धारित कार्यक्रमा एवं लक्षित वर्गो के लिए प्रयोग नहीं होता है अतः भारत में गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम में सफलता नहीं मिल रही है ।

इसके अतिरिक्त भारत में भूख, अपौष्टिकता, निरक्षरता, आधारभूत आवश्यकताओं की कमी भारत में छाई रही। इन कार्यक्रमों से सम्पत्तियां के स्वामित्व एवं उत्पादन प्रक्रियाओं में कोई अन्तर नहीं आया और न ही जरूरतमंदों की आधारभूत सविधाओं में कोई संधार आया। इनके मुख्य कारण हैं भूमि तथा सम्पत्तियों का असमान वितरण, निर्धनता उन्मूलन कार्यक्रमों का लाभ धनी वर्ग के लोगों को चला गया।

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 3 गरीबी

प्रश्न 4.
बिहार में ग्रामीण गरीबी के मुख्य कारण कौन-से हैं ? इस समस्या के समाधान के लिए उपाय बताएँ।
उत्तर-
बिहार में ग्रामीण गरीबी के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं-

  • बाढ़ की समस्या-बिहार में हर वर्ष बाढ़ का आना तय है, जिससे घर, फसल, मवेशी आदि की क्षति होती है। ऐसे समय में रोजगार के अवसर शून्य हो जाते हैं। जिससे गरीबी रेखा के ऊपर वाले लोग भी गरीबी रेखा के नीचे चले आते हैं।
  • मौसमी रोजगार-बिहार की कृषि में सामान्यत: 6-7 महीने ही काम चलता है, और शेष माह खेती में लगे व्यक्तियों को बेकार बैठना पड़ता है। इससे गरीबी बनी रहती है।
  • संवृद्धि आधारित कमजोरियाँ-सकल राजकीय घरेलू उत्पाद और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि के प्रभाव सभी वर्गों तक नहीं पहुँच पा रहें हैं।
  • औद्योगीकरण का अभाव-बिहार राज्य इस क्षेत्र में बिलकुल पिछड़ा राज्य है । इसके कारण लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध नहीं हैं। आय के बेहतर स्रोत के अभाव में तथा बेकारों की बढ़ती हुई संख्या के कारण लोगों में गरीबी वर्तमान है ।

गरीबी की समस्या के समाधान के उपाय-(i) प्रधानमंत्री रोजगार योजना, (ii) ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम, (iii) स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना, (iv) प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना ।

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 2 मानव एवं संसाधन

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Economics अर्थशास्त्र : हमारी अर्थव्यवस्था भाग 1 Chapter 2 मानव एवं संसाधन Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Economics Solutions Chapter 2 मानव एवं संसाधन

Bihar Board Class 9 Economics मानव एवं संसाधन Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताएँ क्या हैं ?
(क) भोजन और वस्त्र
(ख) मकान
(ग) शिक्षा
(घ) उपयुक्त सभी
उत्तर-
(घ) उपयुक्त सभी

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प्रश्न 2.
निम्न में से कौन मानवीय पूँजी नहीं है ?
(क) स्वास्थ्य
(ख) प्रशिक्षण
(ग) अकुशलता
(घ) प्रबंधन
उत्तर-
(ग) अकुशलता

प्रश्न 3.
प्रो0 अमर्त्य सेन ने प्राथमिक शिक्षा को मानव के लिए क्या बनाने पर जोर दिया है ?
(क) मूल अधिकार
(ख) मूल कर्त्तव्य
(ग) नीति-निर्देशक तत्व
(घ) अनावश्यक
उत्तर-
(क) मूल अधिकार

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 2 मानव एवं संसाधन

प्रश्न 4.
जनगणना 2001 के अनुसार भारत की साक्षरता दर है ?
(क) 75.9 प्रतिशत
(ख) 60.3 प्रतिशत ।
(ग) 54.2 प्रतिशत
(घ) 64.5 प्रतिशत
उत्तर-
(ख) 60.3 प्रतिशत ।

प्रश्न 5.
जनगणना सन् 2001 ई0 के अनुसार मानव की औसत आयु निम्न में से क्या है?
(क) 65.4 वर्ष
(ख) 60.3 वर्ष
(ग) 63.8 वर्ष
(घ) 55.9 वर्ष
उत्तर-
(ग) 63.8 वर्ष

प्रश्न 6.
बिहार राज्य के किस जिले की जनसंख्या सबसे अधिक है ?
(क) पटना
(ख) पूर्वी चम्पारण
(ग) मुजफ्फरपुर
(घ) मधुबनी
उत्तर-
(क) पटना

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 2 मानव एवं संसाधन

रिक्त स्थान की पूर्ति करें :

1. मानव पूँजी-निर्माण से सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में …………. ………. होता है।
2. …………………. संसाधन उत्पादन का सक्रिय साधन है।
3. मानवीय संसाधन के विकास के लिए ………….. अनिवार्य है।
4. सन् 2001 ई० की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या …………………… करोड़ है।
5. सन् 2001 ई० की जनगणना के अनुसार सबसे कम साक्षरता वाला राज्य ……………………… है।
6: बिहार में सन् 2001 ई० के जनगणना के अनुसार साक्षरता दर ………………….. है।
उत्तर-
1. वृद्धि,
2. मानव,
3. शिक्षा,
4. 102.70,
5. बिहार,
6. 47 प्रतिशत ।

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अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मानव संसाधन क्या है ?
उत्तर-
किसी देश या प्रदेश की जनसंख्या को ही मानव संसाधन कहते हैं।

प्रश्न 2.
हमें मानव संसाधन में निवेश की आवश्यकता क्यों पड़ती है ?
उत्तर-
मानव की कुशलता और कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए मानव संसाधन में निवेश की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 3.
साक्षरता व शिक्षा में क्या अंतर है ?
उत्तर-
साक्षरता का अर्थ है मात्र अक्षर ज्ञान जबकि शिक्षा का अर्थ विशिष्ट ज्ञानार्जन है।

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 2 मानव एवं संसाधन

प्रश्न 4.
भौतिक व मानव-पूँजी में दो अंतर बताएँ।
उत्तर-
(i) मानव पूँजी उत्पादन का सक्रिय साधन है जबकि भौतिक पूँजी उत्पादन का निष्क्रिय साधन है ।
(ii) मानव पूँजी अमूर्त होती है जिसे बाजार में बेचा नहीं जा सकता लेकिन भौतिक पूँजी मूर्त होती है जिसे बाजार में ले जाया जा सकता है।

प्रश्न 5.
विश्व जनसंख्या की दृष्टि से भारत का क्या स्थान है ?
उत्तर-
भारत का दूसरा स्थान है।

प्रश्न 6.
जन्म-दर क्या है ?
उत्तर-
जन्म दर से तात्पर्य किसी एक वर्ष में प्रति हजार जनसंख्या के पीछे जन्म लेनेवाले बच्चों की संख्या से है।

प्रश्न 7.
मृत्यु दर क्यो है ?
उत्तर-
मृत्युदर का अभिप्राय किसी एक वर्ष में प्रति हजार जनसंख्या में मरनेवाले व्यक्तियों की संख्या से है।

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 2 मानव एवं संसाधन

प्रश्न 8.
एक साक्षर व्यक्ति कौन है ?
उत्तर-
यदि कोई व्यक्ति किसी भाषा को समझने के साथ-साथ उस भाषा को लिखना-पढ़ना भी जानता हो तो वह व्यक्ति साक्षर है।

प्रश्न 9.
प्रारम्भिक (प्राथमिक) शिक्षा क्या है ?
उत्तर-
प्राथमिक शिक्षा वह है जो युवावर्ग (6-14) आयुवर्ग को न्यूनतम और आधारभूत कौशल सिखाती है।

प्रश्न 10.
पेशेवर शिक्षा क्या है ?
उत्तर-
किसी खास कार्य के लिए विशेष तकनीकि ज्ञान प्राप्त करना पेशेवर शिक्षा है। 11. संक्षिप्त रूप को पूरा रूप दें
(i) G.D.P (ii) U.G.C. (iii) N.C.E.R.T. (iv) S.C.E.R.T. (v) I.C.M.R.
उत्तर-
(i) G.D.P. : Gross Domestic Product (कुल गृह उत्पादन)
(ii) U.G.C. : University Grants Commission (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग)
(iii) N.C.E.R.T. : National Council of Educational Research and Training (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद)
(iv) S.C.E.R.T. : State Council of Educational Research and Training (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण
(v) I.C.M.R : Indian Council of Medical Research (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद)

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 2 मानव एवं संसाधन

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मानव तथा मानव संसाधन को परिभाषित करें।
उत्तर-
मानव-उत्पादन कार्य में साहस एक साधन है जो सक्रिय है यह साहस दिखाने वाला ही मानव है।
मानवसंसाधन-उत्पादन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मानव को ‘मानव संसाधन’ के रूप में जानते हैं।

प्रश्न 2.
मानव संसाधन उत्पादन को कैसे बढ़ाता है ?
उत्तर-
मानव संसाधन अपनी योग्यता और क्षमता से उत्पादन को बढ़ाता है और अर्थ-व्यवस्था के चतुर्मुखी विकास में इसका योगदान अधि क होता है।

प्रश्न 3.
किसी देश में मानव-पूँजी के दो प्रमुख स्रोत क्या हैं ?
उत्तर-
मानव पूँजी के स्रोतों में-भोजन और प्रशिक्षण

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 2 मानव एवं संसाधन

प्रश्न 4.
किसी व्यक्ति को प्रशिक्षण देकर कुशल बनाना क्यों जरूरी है ?
उत्तर-
जब किसी खास काम के लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है तो उसे तकनीकि ज्ञान से जोड़ते हैं । विश्व के बाजारों के बीच connent missing

प्रश्न 5.
भारत में जनसंख्या के आकार को एक बार चार्ट (दंड ग्राफ) द्वारा ्पष्ट करें।
उत्तर-
दशकीय जनसंख्या वृद्धि को बार-चार्ट के द्वारा दिखाया जा सकता है-
Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 2 मानव एवं संसाधन - 1

प्रश्न 6.
बिहार के सबसे अधिक जनसंख्या-वृद्धि वाले 5 जिलों के नाम लिखें।
उत्तर-
(अवरोही क्रम में)
राज्य में सर्वाधिक जनसंख्या वाले 5 जिले –
(i) पटना – 47,09,851
(ii) पूर्वी चम्पारण – 39,33,636
(iii) मुजफ्फरपुर – 37,43,836
(iv) मधुबनी – 35.70.651
(v) गया – 34,64,983

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 2 मानव एवं संसाधन

प्रश्न 7.
बिहार के सबसे कम जनसंख्या वाले 5 जिलों के नाम लिखें।
उत्तर-
(आरोही क्रम में) राज्य में सबसे कम जनसंख्या वाले 5 जिले –
(i) शिवहर – 5,14,288
(ii) शेखपुरा – 5,25,137
(iii) लखीसराय – 8.01,173
(iv) मुंगेर – 11,35,499
(v) खगड़िया – 12,76,677

प्रश्न 8.
बिहार देश का सबसे कम साक्षर राज्य है, इसके मुख्य दो कारण लिखें।
उत्तर-
बिहार देश का सबसे कम साक्षर राज्य है, इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं-

(i) अन्य राज्यों की तुलना में बिहार में प्राथमिक नामांकन की दर बहुत कम है। देश में औसत नामांकन जहाँ 77% है वहीं बिहार में 52% ही है।
(ii) उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुँचते- पहुँचते बहुत से बच्चे स्कूल का त्याग कर देते हैं।

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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मानव संसाधन क्या है ? मानव संसाधन को मानव पूँजी के रूप में केसे परिवर्तित किया जाता है ?
उत्तर-
मानव संसाधन का अर्थ है देश की कार्यशील जनसंठ्या का कौशल और योग्यताएँ । जब व्यक्ति राष्ट्रीय उत्पादन के सृजन : अधिक योगदान करने की दृष्टि से योग्यताएँ एवं कौशल प्राप्त कर लत हैं तो वे संसाधन बन जाते हैं।
जब किसी भी व्यक्ति में शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशिक्षण के रूप में निवेश किया जाता है तो वह प्रशिक्षण, दक्षता एवं कौशल हासिल कर लेता है तो वह व्यक्ति राष्ट्र की संपत्ति बन जाता है। ऐसी स्थिति में वह संसाधन रूप में परिवर्तित हो जाता है। उदाहरण स्वरूप-छात्र रूपी मानव संसाधन को शिक्षा अभियंता, डॉक्टर, शिक्षक वकील आदि रूपों में परिवर्तित कर देती है, अर्थात मानव को पूँजी के रूप में परिवर्तित दिया जाता है । मानवीय पूँजी कुल राष्ट्रीय उत्पाद के निर्माण में सहायक होती है।

प्रश्न 2.
मानव पूँजी और भौतिक-पूँजी में क्या अंतर है ? इसे तालिका द्वारा स्पष्ट करें। क्या मानव पूँजी भौतिक पूँजी से श्रेष्ठ है ?
उत्तर-
भौतिक पूँजी (Physical Capital) :

  • भौतिक पूँजी उत्पादन का निष्क्रिय साधन है (Passive Resource).
  • भौतिक पूँजी मूर्त (Trangile) होती है जिसे बाजार में ले जाया जा सकता है।
  • भौतिक पूँजी को उसके मालिक से अलग किया जा सकता है।
  • यह देश के अन्दर पूर्णतः गतिशील है।
  • इसके लगातार प्रयोग से इसमें ह्रास होता है।
  • इसमें केवल निजी लाभ होता है ।

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 2 मानव एवं संसाधन

मानव पूँजी (Human Capital):

  • मानव पूँजी उत्पादन का सक्रिय साधन है (Active Re’source)
  • मानव पूँजी आमूर्त होती है (Intrangible) इसे बाजार में बेचा नहीं जा सकता । इसकी सेवा को खरीदा या बेचा जा सकता है।
  • मानव-पूँजी को इसके स्वामी से अलग नहीं किया जा सकता है।
  • यह पूर्णतः गतिशील नहीं, यह राष्ट्रीयता तथा संस्कृति से बाधित होती है।
  • मानव पूँजी उम्र बढ़ने के साथ इसमें हास हो सकता है लेकिन शिक्षा तथा स्वास्थ्य में लगातार निवेश से इसकी क्षतिपूर्ति होती है।
  • मानव पूँजी से स्वामी तथा समाज दोनों को लाभ होता है।

प्रश्न 3.
भारत में मानवीय-पूँजी निर्माण के विकास का परिचय दें।
उत्तर-
भारत की विकास योजनाओं का अंतिम उद्देश्य मानवीय पूँजी-निर्माण अथवा मानवीय साधनों का विकास करना है ताकि दीर्घकाल में आर्थिक सुधारों को सफल बनाया जा सके । देश में कुछ वर्षों में मानवीय साधनों के विकास में सराहनीय सफलता मिली है। जिसका पता नीचे दिए गए तालिका से लगता है।

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 2 मानव एवं संसाधन - 2

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 2 मानव एवं संसाधन

इस तालिका से स्पष्ट है कि भारत में योजना काल में जीने की औसत आयु में वृद्धि हुई है । साक्षरता की दर भी बढ़ी है, जन्मदर, मृत्यु दर में कमी हुई है। प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है। इस प्रकार आँकडे इस बात के सूचक हैं कि देश में मानवीय साधनों के विकास में सराहनीय प्रगति हुई है।

प्रश्न 4.
मानवीय साधनों के विकास में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आवास की भूमिका की विवेचना करें।
उत्तर-
मानवीय साधनों के विकास में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आवास की भूमिका कुछ इस प्रकार है
शिक्षा-मानव पूँजी निर्माण में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान है। शिक्षा वह माध्यम है, जिससे व्यक्ति मानव पूँजी के रूप में समृद्धि पाता है। नोबेल पुरस्कार विजेता ‘प्रो० अमर्त्य सेन’ ने शिक्षा को मानव पूँजी के रूप में समृद्ध करने के लिए प्राथमिक शिक्षा को नागरिक का ‘मूल अधिकार’ बनाने पर जोर दिया है। विगत वर्षों के आर्थिक विकास के बाद भी भारत में शिक्षितों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि नहीं हो सकी है। . स्वास्थ्य-स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। अच्छा स्वास्थ्य ही उसकी महत्वपूर्ण पूँजी है और इसमें खर्च कर बढ़ोतरी करना मानव को एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में परिवर्तित कर देना है। अतः स्वास्थ्य पर व्यय मानव पूँजी के निर्माण का एक महत्वपूर्ण स्रोत आवास-रहने को उचित घर होने से मानव अपनी कार्य कुशलता में वृद्धि कर पाता है।

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 2 मानव एवं संसाधन

प्रश्न 5.
भारत की राष्ट्रीय जनसंख्या-नीति पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर-
भारत में नौवीं पंचवर्षीय योजना (1997-2002) के अन्तर्गत यह स्वीकार किया गया है कि ‘दीर्घकालीन विकास’ (Sustainable Development) तथा जनसंख्या में घनिष्ठ संबंध है। विकास की क्रिया को बनाये रखने के लिए जनसंख्या को नियंत्रित करना नितांत जरूरी है इसी उद्देश्य से 15 फरवरी, 2000 ई० को भारत सरकार के द्वारा ‘राष्ट्रीय जनसंख्या नीति’ की घोषणा की गयी। इस नीति में समान वितरण के साथ दीर्घकालीन विकास के लिए जनसंख्या स्थिरीकरण को मौलिक आवश्यकता माना गया है।

इस नीति के तत्कालीन, मध्यकालीन और दीर्घकालीन उद्देश्य हैं। तत्कालीन उद्देश्य में गर्भ निरोधक की आपूर्ति एवं स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है।

मध्यकालीन उद्देश्य में कुल प्रजनन दर को 2010 तक प्रतिस्थापना स्तर पर लाना है। दीर्घकालीन उद्देश्य में 2045 तक जनसंख्या को उस स्तर पर स्थिर बनाना है जो दीर्घकालीन विकास की जरूरतें सामाजिक विकास तथा पर्यावरण सुरक्षा के अनुरूप माना गया है । इसके अंतर्गत कुछ नीतियाँ अपनाई गयी है।

Bihar Board Class 9 Economics Solutions Chapter 1 बिहार के एक गाँव की कहानी

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Economics अर्थशास्त्र : हमारी अर्थव्यवस्था भाग 1 Chapter 1 बिहार के एक गाँव की कहानी Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Economics Solutions Chapter 1 बिहार के एक गाँव की कहानी

Bihar Board Class 9 Economics बिहार के एक गाँव की कहानी Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

निर्देश : नीचे दिये गये प्रश्न में चार संकेत चिह्न हैं जिनमें एक सही या सबसे उपयुक्त हैं । प्रश्नों का उत्तर देने के लिए प्रश्न संख्या के सामने वह संकेत चिह्न (क, ख, ग, घ) लिखें जो सही अथवा सबसे उपयुक्त हों।

प्रश्न 1.
उत्पादन के प्रमुख साधन कितने हैं ?
(क) तीन
(ख) चार
(ग) पाँच
(घ) दो
उत्तर-
(ग) पाँच

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प्रश्न 2.
उत्पादन का अर्थ
(क) नयी वस्तु का सृजन
(ख) उपयोगिता का सृजन
(ग) उपयोगिता का नाश
(घ) लाभदायक होना
उत्तर-
(ख) उपयोगिता का सृजन

प्रश्न 3.
उत्पादन का निष्क्रिय साधन है ?
(क) श्रम
(ख) संगठन
(ग) साहसी
(घ) भूमि
उत्तर-
(घ) भूमि

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से भूमि की विशेषता कौन-सी है ? .
(क) वह नाशवान है
(ख) वह मनुष्य निर्मित है
(ग) उसमें गतिशीलता का अभाव है।
(घ)उसमें समान उर्वरता है
उत्तर-
(क) वह नाशवान है

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प्रश्न 5.
अर्थशास्त्र में भूमि का तात्पर्य क्या है ?
(क) प्रकृति प्रदत्त सभी नि:शुल्क वस्तुएँ
(ख) जमीन की ऊपरी सतह
(ग) जमीन की निचली सतह
(घ) केवल खनिज सम्पत्ति
उत्तर-
(क) प्रकृति प्रदत्त सभी नि:शुल्क वस्तुएँ

प्रश्न 6.
निम्नलिखित में से कौन उत्पादक है ?
(क) बढ़ई
(ख) भिखारी
(ग) ठग
(घ) शराबी
उत्तर-
(क) बढ़ई

प्रश्न 7.
उत्पादन का साधन है
(क) वितरण
(ख) श्रम
(ग) विनिमय
(घ) उपभोग
उत्तर-
(ख) श्रम

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प्रश्न 8.
निम्नलिखित में कौन उत्पादन का साधन नहीं है ?
(क) संगठन
(ख) उद्यम
(ग) पूँजी
(घ) उपभोग
उत्तर-
(घ) उपभोग

प्रश्न 9.
निम्नलिखित में से कौन पूँजी है ?
(क) फटा हुआ वस्त्र ।
(ख) बिना व्यवहार में लायी जाने वाली मशीन ।
(ग) किसान का हल ।
(घ) घर के बाहर पड़ा पत्थर ।
उत्तर-
(ग) किसान का हल ।

प्रश्न 10.
जो व्यक्ति व्यवसाय में जोखिम का वहन करता है, उसे कहते हैं ?
(क) व्यवस्थापक
(ख) पूँजीपति
(ग) साहसी
(घ) संचालक मंडल
उत्तर-
(ग) साहसी

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प्रश्न 11.
निम्नलिखित में कौन श्रम के अन्तर्गत आता है ?
(क) सिनेमा देखना
(ख) छात्र द्वारा मनोरंजन के लिए क्रिकेट खेलना
(ग) शिक्षक द्वारा अध्यापन
(घ) संगीत का अभ्यास आनन्द के लिए करना
उत्तर-
(ग) शिक्षक द्वारा अध्यापन

रिक्त स्थान की पूर्ति करें :

1. श्रम को उत्पादन का ………………….. साधन कहा जाता है।
2. शिक्षक के कार्य को ………………….. श्रम कहा जाता है ।
3. ……. अर्थव्यवस्था के भौतिक अथवा पूँजीगत साधन है ।
4. सभ्यता के विकास के साथ ही मनुष्य की …………. बहुत बढ़ गई है।
5. वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन विभिन्न साधनों के ………………… से होता है।
6. उत्पादन की नयी तकनीक की वजह से उत्पादन क्षमता में अपेक्षाकृत……….होती है।
उत्तर-
1. सक्रिय
2. मानसिक
3. मशीन एवं यंत्र
4. आवश्यकताएँ
5. सहयोग
6. वृद्धि।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
उत्पादन से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
उत्पादन का अर्थ उपयोगिता का सृजन करना है।

प्रश्न 2.
उत्पादन तथा उपभोग में अन्तर कीजिए।
उत्तर-
उत्पादन में उपयोगिता का सृजन होता है लेकिन उपभोग में उत्पादित वस्तुओं का प्रत्यक्ष रूप से मानवीय आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए उपयोग होता है।

प्रश्न 3.
उत्पादन के विभिन्न साधन कौन-कौन-से हैं ?
उत्तर-
उत्पादन के विभिन्न साधन हैं-भूमि, पूँजी, श्रम, संगठन और उद्यम या साहस ।

प्रश्न 4.
फतेहपुर गाँव के लोगों का मुख्य पेशा क्या है ?
उत्तर-
मुख्य पेशा कृषि है।

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प्रश्न 5.
भूमि तथा पूँजी में अन्तर करें।
उत्तर-
प्रकृति प्रदत्त यथा पहाड़, नदी, जंगल, सागर सभी भूमि हैं पर प्रकृति प्रदत वस्तुओं को छोड़कर जिससे आय प्राप्त होती है वह पूँजी है।

प्रश्न 6.
क्या सिंचित क्षेत्र को बढ़ाना महत्वपूर्ण है क्यों ?
उत्तर-
सिंचित क्षेत्र को बढ़ाना महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत की कृषि मानसून पर आश्रित है जो एक जुआ का खेल है।

प्रश्न 7.
उत्पादन में पूँजी का क्या महत्व है ?
उत्तर-
बिना पूँजी के किसी भी वस्तु या सेवाओं का उत्पादन कर पाना संभव नहीं है । जैसे-बीज के बिना फ़सल का उत्पादन संभव नहीं।

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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
उत्पादन की परिभाषा दीजिए । उत्पादन के कौन-कौन से साधन हैं ? व्याख्या करें।
उत्तर-
अर्थशास्त्र में उत्पादन का अर्थ उपयोगिता का सृजन करना है। जैसे-जब एक बढ़ई लकड़ी को काट-छाँट कर उससे टेबुल चा कुर्सी बनाता है, तब लकड़ी की उपयोगिता बढ़ जाती है, यही उत्पादन है। .
उत्पादन के साधन-

  • भूमि-प्रकृति प्रदत्त सारे मुफ्त उपहार जैसे-नदी, सागर, हवा, धूप खनिज़ आदि सभी भूमि हैं।
  • श्रम-श्रम का मतलब मनुष्य के आर्थिक कार्य से है चाहे वह हाथ से किया जाय या मस्तिष्क से । यह एक सक्रिय साधन है।
  • पूँजी-प्रकृति की निःशुल्क देन को छोड़कर वह सब सम्पत्ति जिससे आय प्राप्त होती है, पूँजी कहलाती है। जैसे-किसान के लिए बीज, कारखानों में कच्चा माल, मशीन आदि।
  • संगठन-उत्पादन का सक्रिय साधन है । विभिन्न साधनों को एकत्रित कर उन्हें उत्पादन में लगाने की क्रिया व्यवस्था या संगठन है।
  • साहस-उत्पादन में जोखिम उठाने के कार्य को साहस कहते हैं और जो व्यक्ति इसे करता है उसे साहंसी कहते हैं जैसे-कारखाने का मालिक ।

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प्रश्न 2.
उत्पादन के साधनों में संगठन एवं-साहस की भूमिका का वर्णन करें।
उत्तर-
उत्पादन के साधनों में संगठन एवं साहसी की अहम भूमिका है। क्योंकि भूमि, श्रम तथा पूँजी के होते हुए भी समुचित संगठन और साहसी के बिना उत्पादन संभव नहीं है। पहले संगठन पर विचार करें-भूमि, श्रम तथा पूँजी को एकत्रित कर संगठनकर्ता उसे व्यवस्थित ढंग से उपयोग करता है और उत्पादन का कार्य होता है । इसीलिए संगठन को उत्पादन प्रक्रिया का एक सक्रिय साधन माना गया है।

उत्पादन का कार्य जोखिम भरा हुआ होता है । उत्पादन में लाभ होगा या हानि एक साहसी ऐसा नहीं सोचता है यदि उत्पादन में लगातार घाटा ही होता रहे तो साहसी उत्पादन करने का साहस नहीं छोड़ेगा। साहसी सोच समझकर उत्पादन में पूँजी लगाता है।

प्रश्न 3.
फतेहपुर गाँव में कृषि कार्यों पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर-
फतेहपुर गाँव में खेती ही मुख्य क्रिया है। अन्य कार्यों में पशुपालन, मुर्गी पालन, डेयरी, दुकानदारी. आदि क्रियाएँ हैं । गाँव में अधि कांश लोग भू-स्वामी हैं। इनमें से कुछ बड़े परिवार के हैं जो कृषि कार्य मजदूर किसानों से बातें करवाते हैं । गाँवों में नलकूप भी हैं। नलकूपों से सिंचाई का कार्य होता है। चूँकि फतेहपुर गाँव पटना शहर से बिलकुल , नजदीक है इसलिए कृषि संत आधुनिक यंत्रों का प्रयोग कर अच्छा उत्पादन करता है। पर्याप्त पत्रा या यों कहें कि अपनी आवश्यकता से अधिक खाद्यान्नों का उ दन करते हैं तभी तो वे बैल गाड़ियों और ट्रैक्टरों में अनाजों को भरकर विक्रय हेतु बाजार में ले जाते हैं । जो पाठ्यपुस्तक में अंकित चित्र से पता चलता है।

प्रश्न 4.
मंझोले एवं बड़े किसान कृषि से कैसे पूँजी प्राप्त करते हैं ? वे छोटे किसानों से कैसे भिन्न हैं ?
उत्तर-
मंझोले एवं बड़े किसानों के पास अधिक भूमि होती है अर्थात् उनकी जोतों का आकार काफी बड़ा होता है जिससे वे उत्पादन अधिक करते हैं। उत्पादन अधिक होने से वे इसे बाजार में बेच कर काफी पूँजी जमा करते हैं जिसका प्रयोग वे उत्पादन की आधुनिक विधियों में करते हैं । इनकी पूँजी छोटे किसानों से भिन्न होती हैं क्योंकि छोटे किसानों के पास भूमि कम होने के कारण उत्पादन उनके भरण-पोषण के लिए भी कम पड़ता हैं । उन्हें भूमि में अधिकार प्राप्त नहीं होने के कारण बचत नहीं होती इसलिए खेती के लिए उन्हें पूँजी बड़े किसानों या साहकारों से उधार लेना होता है जिस पर उन्हें व्याज भी चुकाना पड़ता है।

Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 6 लोकतांत्रिक अधिकार

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Political Science राजनीति विज्ञान : लोकतांत्रिक राजनीति भाग 1 Chapter 6 लोकतांत्रिक अधिकार Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Political Science Solutions Chapter 6 लोकतांत्रिक अधिकार

Bihar Board Class 9 Political Science लोकतांत्रिक अधिकार Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन-सा अधिकार मौलिक अधिकार नहीं है ?
(क) भाषण की स्वतंत्रता
(ख) संगठन बनाने का अधिकार
(ग) समान काम के लिए स्त्री एवं पुरुष को समान वेतन पाने का अधिकार
(घ) दंगों में शस्त्र लेकर चलना
उत्तर-
(ग) समान काम के लिए स्त्री एवं पुरुष को समान वेतन पाने का अधिकार

Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 6 लोकतांत्रिक अधिकार

प्रश्न 2.
भारतीय संविधान द्वारा यहाँ के नागरिकों को कितने मौलिक अधिकार प्राप्त हैं ?
(क) 6
(ख) 7
(ग) 8
(घ) 5
उत्तर-
(क) 6

प्रश्न 3.
भारतीय नागरिकों के कितने मौलिक कर्त्तव्य हैं ?
(क) दस
(ख) पन्द्रह
(ग) सात
(घ) छः
उत्तर-
(क) दस

Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 6 लोकतांत्रिक अधिकार

प्रश्न 4.
इनमें से कौन मौलिक अधिकार है ?
(क) सम्पत्ति का अधिकार
(ख) समानता का अधिकार
(ग) शोषण के विरुद्ध अधिकार
(घ) असमानता का अधिकार
उत्तर-
(क) सम्पत्ति का अधिकार

प्रश्न 5.
मौलिक अधिकारों की सूची से किस वर्ष सम्पत्ति के अधिकार को हटा दिया गया?
(क) 1976 ई. में
(ख) 1978 ई. में
(ग) 1979 ई. में
(घ) 1985 ई. में
उत्तर-
(ख) 1978 ई. में

प्रश्न 6.
किस संविधान संशोधन द्वारा मौलिक कर्तव्य निश्चित किया गया?
(क) 42वाँ
(ख) 43वाँ
(ग) 44वाँ
(घ) 45वाँ ।
उत्तर-
(क) 42वाँ

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प्रश्न 7.
प्रतिनिधात्मक प्रजातांत्रिक शासन व्यवस्था की स्थापना की पहली शर्त क्या है?
(क) अधिकारों की मौजूदगी
(ख) कर्त्तव्यों का न होना
(ग) साम्प्रदायिक दंगे
(घ) महिलाओं के माथ गैर-सरकारी का व्यवहार
उत्तर-
(क) अधिकारों की मौजूदगी

प्रश्न 8.
विश्व के परिप्रेक्ष्य में मौलिक अधिकारों का सर्वप्रथम प्रयोग कब किया गया?
(क) 1648 ई. में
(ख) 1789 में फ्रांसीसी क्रान्ति के समय
(ग) 1948 ई. में
(घ) 1990 ई. में
उत्तर-
(ख) 1789 में फ्रांसीसी क्रान्ति के समय

प्रश्न 9.
भारत में सबसे पहले किस राजनेता ने मौलिक अधिकारों का सवाल उठाया ?
(क) पं. जवाहरलाल नेहरू ने
(ख) गाँधी जी ने
(ग) बालगंगाधर तिलक ने
(घ) गोपाल कृष्ण गोखले ने
उत्तर-
(ग) बालगंगाधर तिलक ने

Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 6 लोकतांत्रिक अधिकार

प्रश्न 10.
स्वतंत्रता का अधिकार का उल्लेख भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में किया गया है ?
(क) अनुच्छेद 15-21 में
(ख) अनुच्छेद 14-18 में
(ग) अनुच्छेद 19-22 में
(घ) अनुच्छेद 12 में
उत्तर-
(ग) अनुच्छेद 19-22 में

प्रश्न 11.
समता का अधिकार का उल्लेख भारतीय संविधान के किस
अनुच्छेद में किया गया है ?
(क) अनुच्छेद 24 में
(ख) अनुच्छेद 32 में
(ग) अनुच्छेद 19-22 में
(घ) अनुच्छेद 14-18 में
उत्तर-
(घ) अनुच्छेद 14-18 में

प्रश्न 12.
निम्नलिखित में से कौन-सी स्वतंत्रता नागरिकों को प्राप्त है ?
(क) किसो का निरादर करने का
(ख) झठा अभियोग लगाने का
(ग) हिंसा भड़काने का
(घ) देश के किसी भी हिस्से में जाकर बसने का
उत्तर-
(घ) देश के किसी भी हिस्से में जाकर बसने का

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रिक्त स्थान की पूर्ति करें :

प्रश्न 1.
प्रजातंत्र की रक्षा के लिए ………………. की सुरक्षा आवश्यक है।
उत्तर-
मौलिक अधिकार

प्रश्न 2.
प्रत्येक ………………… संविधान में मूल अधिकारों की व्यवस्था है।
उत्तर-
लोकतांत्रिक

प्रश्न 3.
अधिकार लोकतांत्रिक राजनीति की ………………………. है।
उत्तर-
सहगामी

प्रश्न 4.
समाज सिर्फ ऐसी ही माँगों को स्वीकारता है जिसमें …………… की भावना-निहित होती है।
उत्तर-
सार्वजनिक कल्याण

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प्रश्न 5.
किसी व्यक्ति से बेगारी लेना ………….. के विरुद्ध अधिकार है।
उत्तर-
शोषण

प्रश्न 6.
मौलिक अधिकारों की रक्षा ………….. करता है।
उत्तर-
सर्वोच्च न्यायालय

प्रश्न 7.
भारत के सभी नागरिकों को अपनी धर्म, भाषा, संस्कृति को सुरक्षित रखने का ……………. अधिकार है।
उत्तर-
शिक्षा एवं संस्कृति संबंधी

प्रश्न 8.
सरकार में किसी पद पर नियुक्ति या रोजगार के मामले में भी सभी नागरिकों के लिए है।
उत्तर-
अवसर की समानता

प्रश्न 9.
सरकार को सार्वजनिक व्यवस्था तथा सदाचार को ध्यान में रखकर धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को ………….. कर सकता है।
उत्तर-
नियमित तथा नियंत्रित

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प्रश्न 10.
यदि सरकार को किसी व्यक्ति पर अपराधी होने का संदेह है तो अपराध करने के पहले ही वह . कर सकती है।
उत्तर-
नजरबंद

प्रश्न 11.
नजरबंदी की व्यवस्था को ………. को संसद के दोनों सदनों ने …………… आतंकवाद विरोधी अधिनियम को समाप्त कर दिया। .
उत्तर-
26 मार्च, 2002

प्रश्न 12.
कोई भी व्यक्ति …………. से कम उम्र के बच्चे से खरनाक काम नहीं करवा सकता है।
उत्तर-
14 वर्ष

प्रश्न 13.
………………………. वाँ संवैधानिक संशोधन 2002 के द्वारा भारत में शिक्षा का अधिकार मौलिक अधिकार बनाया गया है।
उत्तर-
86

प्रश्न 14.
अब 6 से ………………………. वर्ष की आयु के सभी भारतीय बच्चों को शिक्षा का मौलिक अधिकार प्राप्त है।
उत्तर-
14 वर्ष

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प्रश्न 15.
सभी मौलिक अधिकार व्यर्थ हैं अगर इन्हें माननेवाला और लागू करनेवाला ……………………… हो।
उत्तर-
वन

प्रश्न 16.
यदि मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा हो तो हम सीधे ………………….. भी जा सकते हैं।
उत्तर-
सर्वोच्च

प्रश्न 17.
सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालयों का मौलिक अधिकार लागू कराने के मामले में आदेश या ………………जारी करने का अधिकार है।
उत्तर-
लेख (रिट)

प्रश्न 18.
अधिकारों का दायरा ……………………… जाता है।
उत्तर-
बढ़ता

प्रश्न 19.
मूल अधिकारों में से बहुत सारे अधिकार निकले हैं जैसे …………………।
उत्तर-
सूचना का अधिकार

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प्रश्न 20.
दक्षिण अफ्रीका में नागरिकों और उनके …………….. को सरकार नहीं ले सकती है।
उत्तर-
घर

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मौलिक अधिकारों को सुरक्षा कौन प्रदान करता है ?
उत्तर-
न्यायालय (उच्च या सर्वोच्च न्यायालय)।

प्रश्न 2.
अधिकारों के बिना जीवन कैसा होता है ?
उत्तर-
बुरा।

प्रश्न 3.
अधिकारों का क्या महत्त्व है ?
उत्तर-
एक अच्छे नागरिक के विकास के लिए तथा जीवन को जीने योग्य बनाने के लिए।

प्रश्न 4.
संविधान लागू करने वाला पहला देश कौन था ?
उत्तर-
फ्रांस ने 1789 ई. में संविधान की घोषणा की।

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प्रश्न 5.
जातीय नरसंहार के नाम पर विश्व में क्या हुआ? .
उत्तर-
इराक में, युगोस्लाविया में, भारत में तथा विश्व के कई देशों में जातीय नरसंहार हुए।

प्रश्न 6.
मनुष्य के दावे किस तरह के होने चाहिए?
उत्तर-
दावे तार्किक एवं विवेकपूर्ण होने चाहिए ।

प्रश्न 7.
मताधिकार किसे कहते हैं ?
उत्तर-
प्रशासन के लिए प्रतिनिधियों को चुनने के लिए नागरिकों को जिस अधिकार की जरूरत होती है उसे मताधिकार कहते हैं।

प्रश्न 8.
नेहरू समिति ने मौलिक अधिकारों की मांग कब की?
उत्तर-
1933 ई. के कराँची अधिवेशन में।

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प्रश्न 9.
मौलिक अधिकारों के मामले ने कब जोर पकड़ा?
उत्तर-
सुपसमिति ने 1945 ई० में मौलिक अधिकारों का मामला जोर-शोर से उठाया।

प्रश्न 10.
किस स्थिति में राज्य धर्म के क्षेत्र में दखल देकर उसे नियंत्रित तथा स्थगित कर सकता है ?
उत्तर-
किसी धर्म के अनुयायियों के धर्म प्रचार के ढंग से राज्य के अन्दर अमन-चैन में खलल पहुँच सकती है तो ऐसी स्थिति में राज्य उसे नियंत्रित तथा स्थगित कर सकता है।

प्रश्न 11.
बंधुआ मजदूरी किसे कहते हैं ?
उत्तर-
किसी मजदूर से जबरन जीवन भर काम कराना बंधुआ मजदूरी कहलाता है।

प्रश्न 12.
दावा का क्या तात्पर्य है ?
उत्तर-
सभी नागरिकों, समाज या सरकार से किसी नागरिक द्वारा कानूनी या नैतिक अधिकारों की माँग दावा है।

प्रश्न 13.
‘रिट’ का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सरकार को जारी किया गया एक औपचारिक लिखित आदेश है।

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प्रश्न 14.
उत्प्रेषण क्या है ?
उत्तर-
इस अधिकार के द्वारा उच्च न्यायालय निम्न न्यायालय से किसी अभियोग संबंधित सारे रिकार्ड अपने पास मँगवा सकता है।

प्रश्न 15.
व्यक्ति के बढ़ते अधिकार किस बात की गवाही देते हैं ?
उत्तर-
यह इस बात की गवाही देते हैं कि समाज में लोकतंत्र की जड़ें काफी मजबूत हो रही हैं।

प्रश्न 16.
राष्ट्रीय गान का सम्मान करना किसका कर्तव्य है ?
उत्तर-
भारत के नागरिकों का।।

प्रश्न 17.
माता-पिता का अपने बच्चों के प्रति क्या कर्त्तव्य है ?
उत्तर-
उचित शिक्षा एवं संबंधित अवसरों की व्यवस्था करना ।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अधिकार किसे कहते हैं ?
उत्तर-
अपने विकास हेतु ऐसी जायज माँगें, जो उनके राज्य द्वारा स्वीकृत हो, नागरिक अधिकार कहलाते हैं।

प्रश्न 2.
मौलिक अधिकार का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
प्रत्येक मनुष्य में कुछ शक्तियाँ अन्तर्निहित होती हैं। उन शक्तियों के विकास से ही मनुष्य के व्यक्तित्व का विकास होता है । इन शक्तियों के विकास के लिए मनुष्य को कुछ अधिकारों की आवश्यकता होती है। ऐसे अधिकारों को ही हम मौलिक अधिकार कहते हैं। इन अधिकारों की चर्चा संविधान में कर दी गयी है । लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाये रखने के लिए मौलिक अधिकार आवश्यक हैं।

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प्रश्न 3.
कानून के समक्ष समानता का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
कानून के समक्ष समानता का साधारण अर्थ है कि कानून सभी व्यक्तियों को समान समझता है तथा किसी भी आधार पर किसी व्यक्ति के पक्ष या विपक्ष में कानून के द्वारा कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। यह सार्वजनिक स्थलों-जैसे दूकान, होटल, मनोरंजन गृह. कुआँ, स्नान घाट और पूजा स्थलों में समानता के आधार पर प्रवेश देता है । जाति नस्ल, रंग, लिंग, धर्म या जन्म स्थान के आधार पर प्रवेश में कोई भेद-भाव नहीं कर सकता।

प्रश्न 4.
अधिकारों का क्या महत्व है ?
उत्तर-
जहाँ व्यक्ति के अधिकारों का हनन होता है जिसके कारण अपनी तकलीफ एवं त्रासदी स्वभावत: व्यक्ति के मन मस्तिष्क को यह अहसास कराता है कि अधिकारों के बिना जीवन कैसा होता है । वास्तव में लोकतंत्र में जनता की सत्ता में साझेदारी होती है । यह साझेदारी व्यक्ति के अधिकारों के माध्यम से संभव हो पाती है, जैसे नागरिकों के मतदान का अधिकार, विचार अभिव्यक्ति का अधिकार, सूचना पाने का अधिकार आदि । इसलिए व्यक्ति के अधिकार न सिर्फ लोकतंत्र की स्थापना को अनिवार्य शर्त है; वरन् लोकतांत्रिक राजनीति की सहगामी है जिसकी उपस्थिति लोकतांत्रिक शासन के वास्तविक स्वरूप को निरन्तर प्रकट करने में होती है।

प्रश्न 5.
अधिकारों के बिना जीवन कैसा? संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
अथवा, लोकतंत्र में अधिकारों की क्या आवश्यकता है?
उत्तर-
मनुष्य अच्छा जीवन जीना चाहता है। प्रत्येक नागरिक के जीवन का मुख्य लक्ष्य सुखमय जीवन की प्राप्ति है। समाज के सभी लोगों को ये सुविधाएँ चाहिए इसलिए माँगे गए दावे तार्किक एवं विवेकपूर्ण होना चाहिए । इन दावों को सब पर समान रूप से लागू किया जाने वाला होना चाहिए तथा जिसे कानून द्वारा मान्यता हो वह अधिकार हो जाता है । यह अधिकार लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में ही संभव है। अतः लोकतांत्रिक राज्य का यह कर्तव्य हो जाता है कि वह अपने नागरिकों के व्यक्तित्व के विकास या सर्वांगीण विकास के लिए उचित अधिकार दें । वास्तव में नागरिकों के लिए अधिकार एक अवसर है, इसके अभाव में मनुष्य अपना पूर्ण विकास नहीं कर सकता । यह सरकार एवं अन्य लोगों के अत्याचार से सुरक्षा प्रदान करता है।

Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 6 लोकतांत्रिक अधिकार

प्रश्न 6.
अधिकारों को संविधान में लिखने की क्या जरूरत है ?
उत्तर-
कभी-कभी ऐसा देखा जाता है कि लोकतांत्रिक सरकार भी अपने नागरिकों के अधिकार की रक्षा नहीं करती है या इससे भी बढ़कर . वह स्वयं नागरिकों के अधिकार पर हमला करती है, जैसे भागलपुर की जेल में कैदियों की आँखें पुलिस द्वारा फोड़ दी गयीं । इस प्रकार नागरिकों के अधिकारों का अतिक्रमण किया गया । अतः इस बात की बहुत आवश्यकता है कि कुछ नागरिक अधिकारों को सरकार से भी ऊँचा दर्जा प्रदान किया जाए ताकि भविष्य में कोई भी सरकार इनका अतिक्रमण नहीं कर सके तथा इसे सख्ती से लागू करवाया जा सके । इसलिए लोकतानिक शासन व्यवस्था में नागरिकों के अधिकार को लिखने की जरूरत होती है।

प्रश्न 7.
विश्व के परिप्रेक्ष्य में मौलिक अधिकारों के संबंध में बतावें।,
उत्तर-
विश्व के संदर्भ में मौलिक अधिकारों का सर्वप्रथम प्रयोग 1789 ई. में फ्रांसीसी क्रान्ति के समय किया गया । फ्रांस की राष्ट्रीय सभा में दो मानव अधिकारों की घोषणा करते हुए संविधान में नागरिकों के कुछ मूल अधिकारों को शामिल किया गया। मानव अधिकारों की घोषणा ने विश्व के बहुत सारे संविधानों को प्रभावित किया । संयुक्त राज्य अमेरिका ने संविधान लागू होने के दो वर्ष के अन्दर दस संशोधनों के द्वारा मूल ‘अधिकारों को संविधान का अंग बनाया । आज लगभग सभी देशों के संविधान में नागरिकों के मूल अधिकारों का उल्लेख किया गया है। यहाँ तक कि रूस और चीन जैसे सर्वाधिकार वादी संविधान में भी नागरिकों के मूल अधिकारों का उल्लेख किया गया है ।

प्रश्न 8.
भारत के संदर्भ में मौलिक अधिकारों की चर्चा कब से शुरू हुई ?
उत्तर-
भारत के स्वतंत्रता संग्राम के जुझारू नेताओं में से एक बाल गंगाधर तिलक ने सर्वप्रथम मौलिक अधिकारों की मांग की। स्वतंत्रता आन्दोलन में अनेक बार कांग्रेस ने मौलिक अधिकारों की मांग की। 1918 ई. में बम्बई अधिवेशन, 1933 ई. में कराची अधिवेशन में नेहरू समिति ने 1928 ई. में तथा संप्रभु समिति ने 1945 में मौलिक अधिकारों का मामला जोर-शोर से उठाया लेकिन भारतीयों को मौलिक अधिकार नहीं दिए गए । अतः स्वाभाविक था कि स्वतंत्रता के बाद संविधान निर्माण के समय अधिकारों का अनिवार्य रूप से समावेश किया जाय और संविधान के मूल ढाँचे में उन अधिकारों को सूचीबद्ध किया गया जिन्हें सुरक्षा देनी थी। यही मौलिक अधिकार कहलाए।

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प्रश्न 9.
किन परिस्थितियों में मौलिक अधिकारों को स्थगित किया जा सकता है?
उत्तर-
सार्वजनिक व्यवस्था तथा राज्य की शांति एवं सुरक्षा के हित में राज्य सरकार को स्वतंत्रता के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार प्राप्त है। संकटकालीन स्थिति में राष्ट्रपति इन अधिकारों पर प्रतिबंध लगा सकता है । संविधान को संशोधित कर मूल अधिकारों को स्थगित या सीमित किया जा सकता है।

प्रश्न 10.
मौलिक अधिकारों की रक्षा कैसे की जा सकती है ?
उत्तर-
यदि राज्य सरकार या कोई व्यक्ति किसी नागरिक के मूल अधिकारों का अपहरण करता है या उसके उपभोग में अनुचित हस्तक्षेप . करता है, तो संवैधानिक उपचार के अन्तर्गत नागरिक उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय की शरण ले सकता है। न्यायालय ऐसा करने से रोक लगा सकता है । नागरिकों के मूल अधिकारों की रक्षा का दायित्व उच्चतम न्यायालय को है।

प्रश्न 11.
समता के किन्हीं चार अधिकारों का वर्णन करें।
उत्तर-
समता के चार अधिकार निम्नलिखित हैं जो अनुच्छेद 1418 तक में वर्णित हैं-

  • कानूनी समता-कानून के समक्ष सभी नागरिक समान हैं; चाहे वह अमीर हो या गरीब ।
  • सामाजिक समता-किसी भी नागरिक को उसकी जाति, धर्म, लिंग तथा जन्म स्थान आदि के आधार पर सार्वजनिक स्थानों जैसेहोटलों, पार्को, मनोरंजन गृहों, स्नानघरों आदि में प्रवेश करने से रोका नहीं जा सकता है।
  • अवसर की समानता- सभी नागरिकों को नौकरी पाने के क्षेत्र · में अवसर. की समानता का अधिकार प्राप्त है।
  • उपाधियों का अंत-सेना एवं शिक्षा को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की उपाधियों का अंत कर दिया गया है।

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प्रश्न 12.
संविधान में वर्णित नागरिक स्वतंत्रता के अधिकारों का वर्णन करें।
उत्तर-
संविधान की धारा 19 से 22 तक में नागरिकों के स्वतंत्रता के अधिकार का वर्णन है । जिनमें छः अधिकार प्रमुख हैं-

  • भाषण तथा विचार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ।
  • शान्तिपूर्वक एवं बिना हथियार के एकत्र होने की स्वतंत्रता ।
  • नागरिकों को संगठन बनाने की भी स्वतंत्रता है ।
  • किसी भी नागरिक को देश के किसी भी हिस्से में जाने या रहने की स्वतंत्रता ।
  • पेशा चुनने के मामले में भी ऐसी ही स्वतंत्रता प्राप्त है।
  • प्रेस स्वतंत्रता की व्यवस्था ।

प्रश्न 13.
शोषण के विरुद्ध अधिकार के अन्तर्गत उठाए गए किन्हीं चार उपायों की चर्चा करें।
उत्तर-
शोषण के विरुद्ध अधिकार के अंतर्गत उठाए गए कदम निम्नलिखित हैं

  • बंधुआ मजदूर की प्रथा को समाप्त कर दिया गया।
  • संविधान बाल मजदूरी (चौदह वर्ष से कम) का भी निषेध . करता है।
  • संविधान मनुष्य जाति के अवैध व्यापार का निषेध करता है।
  • देवदासी प्रथा को अधिनियम बनाकर समाप्त कर दिया गया ।

प्रश्न 14.
सूचना का अधिकार का क्या तात्पर्य है ?
उत्तर-
यह एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार है। लोकतंत्र की भावनाओं के अनुरूप भारत की संसद के द्वारा विधि-निर्माण कर भारत के नागरिकों को सूचना प्राप्त करने का अधिकार प्रदान किया है। यदि सरकारी कर्मचारी इस प्रकार के आलेखों की प्रति नहीं देते तो उनके विरुद्ध भी कानन के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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प्रश्न 15.
अधिकार-पृच्छा लेख से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
यह एक प्रकार का अदालती आदेश है । इसके द्वारा न्यायालय किसी ऐसे व्यक्ति को जिसकी नियुक्ति या चुनाव कानून के अनुसार नहीं । हुआ हो, उसे सरकारी कार्य करने से रोक सकता है।

प्रश्न 16.
विधि का शासन किसे कहते हैं ?
उत्तर-
समता का अधिकार भारत को एक सच्चे लोकतंत्र के रूप में किसी भी व्यक्ति का दर्जा; पद, चाहे जो भी हो सब पर कानूनन समान रूप से लागू होता है। इसे ही विधि का शासन कहते हैं।

प्रश्न 17.
आरक्षण क्या है ?
उत्तर-
भारत सरकार ने नौकरियों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की है। अनेक सरकारी विभिन्न योजनाओं के तहत कुछ नौकरियों में विशेष आरक्षण है। कई बार अवसर की समानता निश्चित करने के लिए कुछ लोगों को विशेष अवसर देना जरूरी होता है । आरक्षण यही करता है। इस बात को साफ करने के लिए संविधान स्पष्ट रूप से कहता है कि इस तरह आरक्षण. समानता के अधिकार का उल्लंघन नहीं है।

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प्रश्न 18.
44वें संवैधानिक संशोधन के द्वारा विचार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में क्या संशोधन किया गया ?
उत्तर-
1978 के 44वें संवैधानिक संशोधन द्वारा यह व्यवस्था की गयी है कि संसद के किसी सदन अथवा राज्य विधानमंडल में किसी कारण सदन की कार्यवाही की सच्ची रिपोर्ट प्रकाशित करने के कारण किसी व्यक्ति के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा सकती। किन्तु प्रकाशन बुरी भावना से किया गया है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाही की जा सकती है।

प्रश्न 19.
धार्मिक स्वतंत्रता क्या है ?
उत्तर-
भारत एक धर्म निरपेक्ष ग्रज्य है। राज्य का अपना कोई धर्म नहीं है। धर्म व्यक्तिगत स्वतंत्रता की वस्तु बना दी गयी है । संविधान के अंतर्गत भारत में नागरिकों को किसी भी धर्म को ग्रहण करने तथा प्रसार करने तथा उसके लिए अन्य कार्य करने का अधिकार दिया गया । विभिन्न धर्मावलम्बियों को अपने धर्म का प्रचार-प्रसार के लिए भाषण देने, सभा करने, पुस्तकें प्रकाशित करने, संस्थाओं की स्थापना करने तथा शिक्षण संस्थान चलाने का अधिकार है।

प्रश्न 20.
धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को किस स्थिति में सरकार नियमित तथा नियंत्रित कर सकती है ?
उत्तर-
भारत में अनेक धर्मों के लोग रहते हैं। इनमें धर्म प्रचार के ढंग से आपस में मतभेद हो जाने की संभावना है। फलस्वरूप सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि वह सार्वजनिक व्यवस्था तथा सदाचार को ध्यान में रखकर धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को नियमित तथा नियंत्रित कर सकता है। अगर धर्म प्रचार से राज्य के अन्दर अमन-चैन में खलल पहुँच सकती है या कोई अनैतिक कार्य होता है तो राज्य उसे नियंत्रित तथा स्थगित कर सकता है।

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प्रश्न 21.
धर्म और शिक्षण संस्थाओं से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर-
विभिन्न धर्मावलम्बियों द्वारा स्कूल, कॉलेज, पाठशाला तथा मदरसा खोलने की स्वतंत्रता है। दूसरी शिक्षण संस्थाओं की तरह इन्हें भी राज्य द्वारा आर्थिक सहायता मिलेगी। राज्य द्वारा संचालित तथा नियमित शिक्षण संस्थानों में धर्म संबंधी शिक्षा नहीं दी जाएगी और न विभिन्न धर्मावलम्बियों द्वारा स्थापित शिक्षण संस्थाओं में किसी विद्यार्थी को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी धर्म को मानने के लिए बाध्य किया जाएगा।

प्रश्न 22.
संस्कृति संबंधी नागरिकों के कौन-से अधिकार प्राप्त हैं ?
उत्तर-
भारत में विविधता में एकता है। इसमें भाँति-भाँति के लोग तथा उनकी अपनी भाषा लिपि तथा संस्कृति है । संविधान में इन धाराओं के माध्यम से भारत में रहने वाले हर प्रकार के लोगों को अपनी-अपनी लिपि, भाषा तथा संस्कृति की रक्षा करने का अधिकार दिया गया है। विभिन्न धर्मों पर आधारित वर्गों तथा अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि तथा संस्कृति की रक्षा करने का अधिकार दिया गया है।

प्रश्न 23.
जीवन तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा के हित में नागरिकों को कौन-से उपाय दिए गए हैं ?
उत्तर-
संविधान के अनुसार किसी भी व्यक्ति को कानून द्वारा स्थापित.प्रक्रिया के अतिरिक्त जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है । इसका यह भी मतलब है कि कानूनी आधार होने पर सरकार या पुलिस अधिकारी किसी नागरिक को गिरफ्तार कर सकता है, पर उसे गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी देनी होती है। बिना कारण बताए किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता और गिरफ्तार होने के समय से चौबीस घंटे के भीतर निकटस्थ दंडाधिकारी के समक्ष पेश करना आवश्यक है । गिरफ्तार हुए व्यक्ति को यह भी अधिकार प्राप्त है कि वह अपनी इच्छानुसार किसी वकील से अपनी गिरफ्तारी के संबंध में परामर्श कर सके।

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प्रश्न 24.
शिक्षा का अधिकार क्या है ?
उत्तर-
86वाँ संवैधानिक संशोधन 2002 के द्वारा भारत में शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया गया है। अब 6 वर्ष से लेकर 14 वर्ष के आयु के सभी भारतीय बच्चों को शिक्षा का मौलिक अधिकार प्राप्त है। 6 वर्ष तक के बच्चों को बाल्यकाल और शिक्षा की देखभाल करने के लिए सरकार द्वारा आवश्यक शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। यदि इस अधिकार का उल्लंघन किया जाता है तो इसे लागू कराने के लिए याचिका दायर की जा सकती है।

प्रश्न 25.
जनहित याचिका किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जनहित याचिका के द्वारा कोई भी व्यक्ति अथवा समूह सरकार के किसी कानून अथवा कार्य के खिलाफ सार्वजनिक हितों की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय अथवा उच्च न्यायालयों में जा सकता है। इस प्रकार के मामले जज के नाम पोस्टकार्ड पर लिखा निजी अर्जी के माध्यम से भी उठाए जा सकते हैं। अगर न्यायाधीशों को लगे कि वास्तव में इस मामले में सार्वजनिक हितों पर चोट पहुँच रही है तो वे मामले को विचार के लिए स्वीकार कर सकते हैं।

प्रश्न 26.
बंदी प्रत्यक्षीकरण क्या है ?
उत्तर-
बंदी प्रत्यक्षीकरण के द्वारा न्यायालय गैर-कानूनी ढंग से गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को अपने सम्मुख प्रस्तुत करने का आदेश दे सकता है। अगर न्यायालय द्वारा उसकी गिरफ्तारी अनुचित तथा गैर-कानूनी समझी गयी तो उसे रिहा करने का भी आदेश दे सकती है।

प्रश्न 27.
परमादेश क्या है ?
उत्तर-
यह भी एक प्रकार का अदालती आदेश है जो किसी व्यक्ति या संस्था को अपने उस कर्त्तव्य को करने के लिए बाध्य कर सकता है जिसे काननी रूप से करने के लिए वह बाध्य है। जैसे कोई कारखाने का, मालिक या नियोक्ता किसी मजदूर को बिना कारण बताए हटा देता है या उसके वेतन भत्ता से कटौती करता है तो मजदूर के आवेदन पर कारखाने के मालिक के विरुद्ध न्यायालय द्वारा परमादेश जारी किया जा सकता है और जाँच के बाद न्यायालय उचित फैसला दे सकता है।

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प्रश्न 28.
प्रतिषेध क्या है ?
उत्तर-
यह भी एक प्रकार का अदालती आदेश है । प्रतिषेध के द्वारा सर्वोच्च या उच्च न्यायालय की ओर से किसी अधीनस्थ न्यायालय को ऐसा कार्य करने से रोकने के लिए रिट जारी किया जा सकता है जो कानून के विरुद्ध हो या उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर हो ।

प्रश्न 29.
संवैधानिक उपचारों का अधिकार से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
मौलिक अधिकार व्यर्थ है अगर इन्हें माननेवाला और लागू करनेवाला न हो। संभव है कि कई बार हमारे अधिकारों का उल्लंघन कोई व्यक्ति या कोई संस्था या फिर स्वयं सरकार ही कर रही हो । अगर हमारे किसी भी अधिकार का उल्लंघन होता है तो हम अदालत के जरिए उसे रोक सकते हैं।

अगर मामला मौलिक अधिकारों का हो तो हम सीध सर्वोच्च न्यायालय या किसी राज्य के उच्च न्यायालय में जा सकते हैं। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय को आदेश या ‘रिट’ जारी करने का अधिकार है । यह संवैधानिक उपचार है जिससे नागरिक अपने मौलिक अधिकारों को बचा सकते हैं।

प्रश्न 30.
अधिकारों का बढ़ता दायरा से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
मौलिक अधिकारों के अलावा और भी बहुत सारे अधिकार एवं कानून संविधान द्वारा प्राप्त होते हैं, जो सामाजिक, राजनैतिक, परिस्थितियों में विकास एवं बदलाव करते हैं। इस तरह से अधिकारों का दायरा बढ़ता जाता है । लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में अधिकारों की माँग तेजी से बढ़ती है। वास्तव में लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास के समानान्तर अधिकारों का विकास होता है। अर्थात व्यक्ति के बढ़ते अधिकार इस बात की गवाही देते हैं कि उस समाज में लोकतंत्र की जड़ें कितनी मजबूत हो रही हैं।

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प्रश्न 31.
नये संविधान के निर्माण के समय दक्षिण अफ्रीका में कौन-कौन से नये अधिकार आए ?
उत्तर-
नये संविधान के निर्माण में भी नये-नये अधिकार सामने आये । जैसे- दक्षिण अफ्रीका में नागरिकों और उनके घरों की तलाशी नहीं ली जा सकती, उनके फोन टेप नहीं किए जा सकते, उनके पत्र आदि खोलकर नहीं पढ़े जा सकते ।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारतीय संविधान के द्वारा भारत के नागरिकों को कौन-कौन से मौलिक अधिकार प्रदान किये गए हैं ?
उत्तर-
भारतीय संविधान के तीसरे अध्याय में नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लेख किया गया है। भारतीय संविधान द्वारा नागरिकों को निम्नलिखित अधिकार प्रदान किये गए हैं

  • समता का अधिकार।
  • स्वतंत्रता का अधिकार।
  • शोषण के विरुद्ध अधिकार।
  • धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार।
  • सांस्कृतिक तथा शिक्षा संबंधी अधिकार।
  • संवैधानिक उपचार का अधिकार।

नोट : इन सभी का विस्तार देखें लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर क्रमश: 12, 13, 14, 20, 30 एवं 26 में।

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प्रश्न 2.
भारतीय नागरिकों के कर्तव्यों का वर्णन करें।
उत्तर-
86वाँ संशोधन के अनुसार भारतीय नागरिकों के निम्नलिखित दस कर्तव्य निश्चित किये गए हैं

  1. संविधान का पालन करना उसके व्यवस्थाओं के अनुसार संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज तथा राष्ट्रीय गान का सम्मान करना
  2. स्वतंत्रता के लिए किये गए राष्ट्रीय संघर्ष को प्रोत्साहित करनेवाले आदर्शों का पालन करना ।
  3. भारत की सम्प्रभुता, एकता, अखंडता का समर्थन और रक्षा करना ।
  4. देश की रक्षा एवं आवश्यकता के समय राष्ट्रीय सेवा करना ।
  5. धार्मिक, भाषायी, क्षेत्रीय अथवा वर्गीय भिन्नता से ऊपर उठकर भाईचारा बढ़ाना।
  6. संयुक्त सांस्कृतिक तथा समृद्ध विरासत का सम्मान करना और इसको स्थिर रखना।
  7. पर्यावरण एवं वन्य प्राणियों का संरक्षण करना ।
  8. दृष्टिकोण में वैज्ञानिकता, मानवतावाद, अन्वेषण एवं सुधार की भावना का विकास करना ।
  9. हिंसा से परहेज करना, सार्वजनिक सम्पत्ति की सुरक्षा करना तथा राष्ट्रहित उच्च के स्तरों की ओर बढ़ते रहना।
  10. माता-पिता द्वारा बच्चों के लिए शिक्षा संबंधी अवसरों की व्यवस्था करना।

प्रश्न 3.
अधिकार और मौलिक अधिकारों में अन्तर स्पष्ट करते हुए भारत के नागरिकों के अधिकारों का वर्णन करें।
उत्तर-
लोकतांत्रिक राज्य में नागरिक को अपने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास हेतु अधिकारों की आवश्यकता होती है । इस तरह अधिकार लोगों के वे तार्किक दावे हैं जिसे समाज से स्वीकृति एवं अदालतों द्वारा मान्यता मिलती है।

मौलिक अधिकार वैसे अधिकार जिसकी चर्चा भारतीय संविधान की प्रस्तावना में सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता एवं न्याय दिलाने का वायदा करता है। मौलिक अधिकार इन्हीं वायदों को पूरा करने का प्रयास है।

भारतीय नागरिकों के अधिकार इस प्रकार हैं-

(i) जीवन जीने का अधिकार-हर मनुष्य अच्छा जीवन जीना चाहता है । व्यक्ति इन सुविधाओं को माँग दावे के रूप में करता है । उन दावों जिनमें व्यक्त्वि विकास की भावना हो जीने का अधिकार कहलाता है। इसके विरुद्ध कोई व्यक्ति आत्महत्या करने का प्रयास करता है तो वह अपराध है और उस पर मुकदमा चलाया जायेगा।

(ii) विचार अभिव्यक्ति का अधिकार- अपने विचारों को हम भाषण देकर, पुस्तक लिखकर अभिव्यक्त कर सकते हैं । अपमान जनक शब्दों द्वारा नहीं।

(iii) संगठन बनाने का अधिकार नागरिकों को यह अधिकार है . कि वे अपने हित के लिए संगठन बना सकते हैं। ये संगठन सरकारी अथवा गैर-सरकारी स्तर पर बना सकते हैं । जैसे किसी शहर के कुछ लोग भ्रष्टाचार या प्रदूषण के खिलाफ अभियान चलाने के लिए संगठन बना सकते हैं। किसी कारखाने में मजदूर संघ का निर्माण हो सकता है ।

(iv) धार्मिक स्वतंत्रता-भारत में नागरिकों को किसी भी धर्म को ग्रहण करने उसका प्रचार-प्रसार तथा उसके लिए अन्य कार्य करने का अधिकार दिया गया है।

(v) संपत्ति का अधिकार प्रत्येक मनुष्य को धन अर्जन करने, जमा करने का अधिकार है।

(vi) शिक्षा का अधिकार प्रत्येक नागरिक का यह अधिकार है कि किसी भी शिक्षण संस्था में जाति, धर्म, लिंग, भाषा, क्षेत्र इत्यादि के भेदभाव के बिना दाखिला ले सकते हैं और शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं।

(vii) वैवाहिक स्वतंत्रता का अधिकार-कोई भी बालिग लड़का व लड़की अपनी मर्जी से विवाह कर सकते हैं।

Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 6 लोकतांत्रिक अधिकार

प्रश्न 4.
दक्षिण अफ्रीका के संविधान द्वारा वहाँ के नागरिकों को कौन-कौन से प्रमुख अधिकार दिए गए हैं ?
उत्तर-
दक्षिण अफ्रीका के संविधान द्वारा वहाँ के नागरिकों को निम्नलिखित अधिकार दिए गए हैं –
(i) गरिमा का अधिकार ।
(ii) निजता का अधिकार ।
(iii) श्रम · संबंधी समुचित व्यवहार का अधिकार ।
(iv) स्वस्थ पर्यावरण और पर्यावरण संरक्षण का अधिकार ।
(v) समुचित आवास का अधिकार ।
(vi) स्वास्थ्य सुविधाएँ, भोजन, पानी और सामाजिक सुरक्षा का अधिकार ।
(vii) बाल अधिकार ।
(viii) बुनियादी और उच्च शिक्षा का अधिकार ।
(ix) संस्कृति, आर्थिक और भाषायी समुदायों का अधिकार ।
(x) सूचना का अधिकार ।

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Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 5 संसदीय लोकतंत्र की संस्थाएँ

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Political Science राजनीति विज्ञान : लोकतांत्रिक राजनीति भाग 1 Chapter 5 संसदीय लोकतंत्र की संस्थाएँ Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Political Science Solutions Chapter 5 संसदीय लोकतंत्र की संस्थाएँ

Bihar Board Class 9 Political Science संसदीय लोकतंत्र की संस्थाएँ Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
नीतिगत फैसला निम्नलिखित में से कौन लेती है ?
(क) विधायिका
(ख) कार्यपालिका
(ग) न्यायपालिका
(घ) राष्ट्रपति
उत्तर-
(ख) कार्यपालिका

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प्रश्न 2.
राजनैतिक कार्यपालिका का प्रधान कौन होता है ?
(क) प्रधानमंत्री
(ख) जज
(ग) राष्ट्रपति
(घ) राजनैतिक नेता
उत्तर-
(ग) राष्ट्रपति

प्रश्न 3.
भारत के राष्ट्रपति द्वारा संकट काल की घोषणा निम्नलिखित में से किस वर्ष हुई?
(क) 1960 ई. में
(ख) 1970 ई. में
(ग) 1972 ई. में
(घ) 1975 ई० में
उत्तर-
(घ) 1975 ई० में

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प्रश्न 4.
भारत में राष्ट्रीय संकटकाल की घोषणा कौन करता है ?
(क) विदेशमंत्री
(ख) रक्षामंत्री
(ग) राष्ट्रपति
(घ) प्रधानमंत्री
उत्तर-
(ग) राष्ट्रपति

प्रश्न 5.
राष्ट्रपति का चुनाव होता है
(क) प्रत्यक्ष रूप से
(ख) अप्रत्यक्ष रूप से
(ग) दोनों ढंग से
(घ) इनमें कोई नहीं
उत्तर-
(ख) अप्रत्यक्ष रूप से

प्रश्न 6.
उपराष्ट्रपति का चुनाव होता है
(क) अप्रत्यक्ष ढंग से
(ख) प्रत्यक्ष ढंग से
(ग) प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष दोनों ढंग से
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(क) अप्रत्यक्ष ढंग से

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प्रश्न 7.
केन्द्र में मंत्रियों की नियुक्ति कौन करता है?
(क) राष्ट्रपति
(ख) संसद
(ग) उपराष्ट्रपति
(घ) प्रधानमंत्री
उत्तर-
(घ) प्रधानमंत्री

प्रश्न 8.
केन्द्र में कानून बनाने का कार्य कौन करती है ?
(क) विधायिका
(ख) न्यायपालिका
(ग) राज्यसभा
(घ) सर्वोच्च न्यायालय
उत्तर-
(क) विधायिका

प्रश्न 9.
राज्यपाल की नियुक्ति कितने वर्षों के लिए होती है ?
(क) 3 वर्षों
(ख) 4 वर्षों
(ग) 5 वर्षों
(घ) 6 वर्षों
उत्तर-
(ग) 5 वर्षों

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प्रश्न 10.
बिहार राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति इनमें से कौन करता है ?
(क) राष्ट्रपति
(ख) बिहार का राज्यपाल
(ग) मुख्य न्यायाधीश
(घ) मुख्यमंत्री
उत्तर-
(ख) बिहार का राज्यपाल

प्रश्न 11.
बिहार विधान मंडल के कितने सदन हैं ?
(क) एक
(ख) दो
(ग) तीन
(घ) चार
उत्तर-
(ख) दो

प्रश्न 12.
बिहार विधान परिषद् में वर्तमान में कितने सदस्य हैं ?
(क) 75
(ख) 60
(ग) 40
(घ) 36
उत्तर-
(क) 75

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प्रश्न 13.
विधानसभा के मनोनीत सदस्यों को छोड़कर बाकी सदस्यों का चुनाव किस प्रकार होता है ?
(क) अप्रत्यक्ष मतदान द्वारा
(ख) प्रत्यक्ष मतदान द्वारा
(ग) एकल विधि
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(ख) प्रत्यक्ष मतदान द्वारा

प्रश्न 14.
विधान सभा का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है ?
(क) 3 वर्ष
(ख) 4 वर्ष
(ग) 5 वर्ष
(घ) 6 वर्ष
उत्तर-
(ग) 5 वर्ष

प्रश्न 15.
न्यायाधीशों की नियुक्ति किसके द्वारा होती है ?
(क) मुख्य न्यायाधीश द्वारा
(ख) राष्ट्रपति द्वारा
(ग) मुख्यमंत्री द्वारा
(घ) प्रधानमंत्री द्वारा
उत्तर-
(ख) राष्ट्रपति द्वारा

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प्रश्न 16.
पटना उच्च न्यायालय की स्थापना हुई थी ?
(क) 1 मार्च, 1910 ई०
(ख) 1 मार्च, 1912 ई०
(ग) 1 मार्च, 1914 ई०
(घ) 1 मार्च, 1916 ई०
उत्तर-
(घ) 1 मार्च, 1916 ई०

प्रश्न 17.
उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के अवकाश प्राप्त करने की उम्र निम्नलिखित में से क्या है ?
(क) 62 वर्ष
(ख) 60 वर्ष
(ग) 65 वर्ष
(घ) 70 वर्ष
उत्तर-
(क) 62 वर्ष

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प्रश्न 18.
भारत का राष्ट्रपति जटिल कानूनी मामलों पर किससे परामर्श ले सकता है ?
(क) कानून मंत्री से
(ख) प्रधानमंत्री से
(ग) उपराष्ट्रपति से
(घ) सर्वोच्च न्यायालय से
उत्तर-
(घ) सर्वोच्च न्यायालय से

प्रश्न 19.
भारत का सर्वोच्च न्यायालय किसका निरीक्षण कर सकता है ? .
(क) अपने अधीनस्थ न्यायालयों का
(ख) संसद का
(ग) लोकसेवा आयोग का
(घ) सेना का
उत्तर-
(क) अपने अधीनस्थ न्यायालयों का

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प्रश्न 20.
राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को कितने रुपये जमानत की राशि जमा करनी होती है ?
(क) 10,000
(ख) 12,000
(ग) 14,000
(घ)15,000
उत्तर-
(घ)15,000

प्रश्न 21.
राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ रहे व्यक्ति के नाम को कितने मतदाताओं द्वारा प्रस्तावित होना चाहिए?
(क) 50
(ख) 60
(ग) 70
(घ) 100
उत्तर-
(क) 50

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प्रश्न 22.
बाबू जगजीवन राम कब उपप्रधानमंत्री बने थे ?
(क) 1947 ई. में
(ख)1950 ई. में
(ग) 1960 ई० में
(घ) 1978 ई० में
उत्तर-
(घ) 1978 ई० में

प्रश्न 23.
लालकृष्ण आडवानी कब उप प्रधानमंत्री बने थे ?
(क) 1947 ई. में
(ख) 1978 ई. में
(ग) 2002 ई. में
(घ) 2006 ई. में
उत्तर-
(ग) 2002 ई. में

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प्रश्न 24.
लोकसभा को कहा जाता है ?
(क) प्रथम सदन
(ख) द्वितीय सदन
(ग) उच्च सदन
(घ) तृतीय सदन
उत्तर-
(क) प्रथम सदन

प्रश्न 25.
लोकसभा और विधानसभा के कुल स्थानों की संख्या कब तक
परिवर्तन नहीं किया जायेगा?
(क) 2015 तक
(ख) 2020 तक
(ग) 2025 तक
(घ) 2026 तक
उत्तर-
(घ) 2026 तक

प्रश्न 26.
राज्य सभा की कार्यवाही चलाने के लिए इसमें कुल सदस्यों के कितने भाग की उपस्थिति अनिवार्य होती है ?
(क) 1/10 भाग
(ख) 1/12 भाग
(ग) 1/15 भाग
(घ) 1/20 भाग
उत्तर-
(क) 1/10 भाग

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प्रश्न 27.
पटना विश्वविद्यालय का कुलपति कौन है ?
(क) राज्यपाल
(ख) मुख्यमंत्री
(ग) राष्ट्रपति
(घ) मुख्य न्यायाधीश
उत्तर-
(क) राज्यपाल

रिक्त स्थान की पूर्ति करें

प्रश्न 1.
शासन के कार्यकारी स्वरूप का निर्धारण व्यावहारिक रूप में …………………. द्वारा होता है।
उत्तर-
कार्यपालिका

प्रश्न 2.
केन्द्र सरकार ………………… महत्व के विषयों पर निर्णय लेती है।
उत्तर-
सर्वदेशीय

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प्रश्न 3.
राज्य सरकार ……………….. महत्व के विषयों पर निर्णय लेती है।
उत्तर-
स्थानीय

प्रश्न 4.
आधुनिक देशों में विभिन्न कार्य करने के लिए विभिन्न …………………. होती है।

प्रश्न 5.
……………….प्रधानमंत्री की सलाह से अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करते हैं।
उत्तर-
राष्ट्रपति

प्रश्न 6.
राज्य में …………………….. कानून बनाता है।
उत्तर-
विधायिका

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प्रश्न 7.
लोकसभा…………..का प्रतिनिधि है।
जनता

प्रश्न 8.
इंगलैंड में संसद को ……………….. कहते हैं।
उत्तर-
हाउस ऑफ कौमन्स

प्रश्न 9.
अमेरिका में संसद को …………………. कहते हैं।
उत्तर-
प्रतिनिधिसभा

प्रश्न 10.
कानून बनाने हेतु जो प्रस्ताव तैयार किया जाता है उसे ………………… कहते
उत्तर-
विधेयक

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प्रश्न 11.
संसदीय लोकतंत्र में प्रधानमंत्री का अधिकार इतना अधिक बढ़ गया है कि इसे ……………….. व्यवस्था कहा जाने लगा है।
उत्तर-
प्रधानमंत्रीय शासन

प्रश्न 12.
भारत में ……… व्यवस्था है।
उत्तर-
संघीय शासन

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प्रश्न 13.
राज्य में ………………. कार्यपालिका का प्रधान होता है।
उत्तर-
मुख्यमंत्री

प्रश्न 14.
राज्यपाल विधानमंडल के दोनों सदनों के ………………. में भाषण देते हैं।
उत्तर-
संयुक्त अधिवेशन

प्रश्न 15.
राज्यपाल के भाषण को ………………. कहा जाता है।
उत्तर-
अभिभाषण

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प्रश्न 16.
राष्ट्रपति शासन होने पर राज्यपाल केन्द्र के ……………….  के रूप में कार्य – करते हैं।
उत्तर-
एजेंट

प्रश्न 17.
राज्यपाल मुख्यमंत्री की ……………….  से सारा कार्य करते हैं। उत्तर-सलाह
उत्तर-
संस्थाएँ

प्रश्न 18.
भारतीय न्यायपालिका में पूरे देश के लिए ………………. . है।
उत्तर-
सर्वोच्च न्यायालय

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प्रश्न 19.
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति ……………….  करते हैं।
उत्तर-
राष्ट्रपति

प्रश्न 20.
भारत का सर्वोच्च न्यायालय को ………………. बनाया गया है।
उत्तर-
स्वतंत्र और निष्पक्ष

प्रश्न 21.
फाँसी के सजा की माफी का अधिकार केवल ……………….  की है।
उत्तर-
राष्ट्रपति

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प्रश्न 22.
ग्राम कचहरी को………………. की सजा देने का अधिकार प्राप्त है।
उत्तर-
एक माह

प्रश्न 23.
राष्ट्रपति के चुनाव के लिए जन्मजात और ……………….  में भेदभाव नहीं किये जाने का प्रावधान है।
उत्तर-
राज्यकृत

प्रश्न 24.
राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे व्यक्ति का 50 मतदाताओं द्वारा ……………….  होना चाहिए।
उत्तर-
अनुमोदित

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प्रश्न 25.
संसद और विधान सभा के मनोनित सदस्य राष्ट्रपति के ………………………….. में भाग नहीं लेंगे।
उत्तर-
चुनाव

प्रश्न 26.
संसद और विधान सभा के मनोनित सदस्य राष्ट्रपति को ……………………की प्रक्रिया में अवश्य भाग लेंगे।
उत्तर-
हटाने

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प्रश्न 27.
सर्वोच्च न्यायालय वह संस्था है, जहाँ नागरिक और सरकार के बीच ………………. सुलझाये जाते हैं।
उत्तर-
विवाद अंततः

प्रश्न 28.
नीतिगत फैसले कार्यपालिका जनता के ………………… . में लेती है।
उत्तर-
हित

प्रश्न 29.
राज्य स्तर पर विधान मंडल …………………. .कहलाती है।
उत्तर-
विधानसभा

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प्रश्न 30.
अध्यक्षीय शासन का उदाहरण ………………. है।
उत्तर-
संयुक्त राज्य अमेरिका

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
संघीय सरकार के अधीन कार्य करनेवाली महत्वपूर्ण संस्थाओं का नाम लिखें।
उत्तर-
तीन संस्थाएँ हैं- विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका ।

प्रश्न 2.
भारतीय संसद के कितने सदन हैं ?
उत्तर-
भारतीय संसद के दो सदन हैं- लोकसभा तथा राज्य सभा ।

प्रश्न 3.
राज्य सभा के सदस्य कितने वर्ष के लिए चुने जाते हैं ?
उत्तर-
छः वर्ष के लिए चुने जाते हैं।

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प्रश्न 4.
उपराष्ट्रपति का कार्यकाल कितने साल का होता है ?
उत्तर-
5 वर्ष ।

प्रश्न 5.
राज्यसभा का सभापति कौन होता है ?
उत्तर-
उपराष्ट्रपति ।

प्रश्न 6.
प्रधानमंत्री की नियुक्ति कौन करता है ?
उत्तर-
राष्ट्रपति ।

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प्रश्न 7.
लोकसभा में सदस्यों की कुल संख्या कितनी है ?
उत्तर-
वर्तमान समय में 545 है।

प्रश्न 8.
मंडल आयोग का गठन कब हुआ?
उत्तर-
सन् 1979 ई० में।

प्रश्न 9.
मंडल आयोग के अध्यक्ष कौन थे ?
उत्तर-
श्री बी.पी. मंडल ।

प्रश्न 10.
संघीय कार्यपालिका का प्रधान कौन होता है ?
उत्तर-
राष्ट्रपति ।

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प्रश्न 11.
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति कौन करता है ? .
उत्तर-
राष्ट्रपति ।

प्रश्न 12.
केन्द्र में किसके हस्ताक्षर के बाद कानून बन जाता है ?
उत्तर-
राष्ट्रपति के ।

प्रश्न 13.
राज्य की कार्यपालिका शक्ति का वास्तविक प्रधान कौन होता है ?
उत्तर-
मुख्यमंत्री।

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प्रश्न 14.
सबसे निचले स्तर पर कौन-सा न्यायालय होता है ?
उत्तर-
ग्राम कचहरी ।।

प्रश्न 15.
विधेयक कितने प्रकार का होता है ?
उत्तर-
दो प्रकार के-(i) सामान्य विधेयक (ii) धन विधेयक ।

प्रश्न 16.
पिछड़े वर्गों के लिए सरकारी नौकरी में कितना प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है ?
उत्तर-
27%।

प्रश्न 17.
पिछड़े वर्गों के लिए 27% का आरक्षण कानून कब बना?
उत्तर-
13 अगस्त, 1990 ई. को।

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प्रश्न 18.
भारत के वर्तमान राष्ट्रपति का नाम बताएँ।
उत्तर-
श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ।

प्रश्न 19.
बिहार के मुख्यमंत्री का नाम बताएँ।
उत्तर-
श्री नीतिश कुमार ।

प्रश्न 20.
विधानमंडल द्वारा पारित विधेयक कानून कब बनता है ?
उत्तर-
राज्यपाल की स्वीकृति के बाद ।

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प्रश्न 21.
बिहार में सरकार के खिलाफ अविश्वास या काम रोको प्रस्ताव किस सदन में उठाया जाएगा?
उत्तर-
सिर्फ विधानसभा में ।

प्रश्न 22.
विधान का उच्च सदन कौन है ?
उत्तर-
विधान परिषद ।

प्रश्न 23.
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को समय से पहले कैसे हटाया जा सकता है ?
उत्तर-
महाभियोग प्रस्ताव के द्वारा ।

प्रश्न 24.
किस प्रकार के मुकदमों को सीधे उच्च न्यायालय में ले जाया जा सकता है ?
उत्तर-
मौलिक अधिकारों से संबंधित।

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प्रश्न 25.
क्या भारत में राज्यसभा में सभी राज्यों का समान प्रतिनिधित्व है ?
उत्तर-
नहीं, ऐसा होता ही नहीं है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
संघीय संसद की रचना लिखें।
उत्तर-
संघीय संसद में राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा शामिल हैं । लोकसभा के सदस्यों की संख्या 552 हो सकती है। पर, आजकल लोकसभा की कुल सदस्य संख्या 545 है। इनमें 543 निर्वाचित सदस्य हैं और दो राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य हैं। राज्य सभा सदन का ऊपरी सदन है जो जनता का प्रतिनिधित्व न करके राज्यों का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें अधिकतम संख्या 250 हो सकती है पर इसमें 245 सदस्य हैं जिनमें 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत हैं।

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प्रश्न 2.
सरकार के अधीन कार्य करनेवाली संस्थाओं के नाम लिखें । इसमें कार्यपालिका के कार्यों का वर्णन करें।
उत्तर-
सरकार के अधीन कार्य करनेवाली तीन महत्वपूर्ण संस्थाएँ हैं-विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका । इन तीनों के द्वारा ही शासन के सम्पूर्ण कार्यों का संचालन होता है । लेकिन शासन के कार्यकारी स्वरूप का निर्धारण व्यावहारिक रूप से कार्यपालिका द्वारा होता है । इसके द्वारा किए जाने वाले कार्य-

  • प्रशासकीय कार्य
  • नियुक्ति संबंधी कार्य
  • विधायिनी कार्य
  • सैनिक कार्य ।

प्रश्न 3.
संसद की क्या आवश्यकता है ?
उत्तर-
निम्नलिखित बातों को लेकर इसकी आवश्यकता है

  • कानून बनाने के लिए ।
  • सरकार पर नियंत्रण रखने के लिए।
  • सार्वजनिक धन पर नियंत्रण रखने के लिए ।
  • लोगों के प्रतिनिधियों को एक मंच प्रदान करने के लिए संसद की आवश्यकता होती

प्रश्न 4.
नीतिगत फैसला क्या है ?
उत्तर-
केन्द्र सरकार के कार्य पद्धति को सर्वोच्च समझकर लिया गया फैसला ही नीतिगत फैसला है।

  • नीतिगत फैसला कार्यपालिका लेती है।
  • नीतिगत फैसले कार्यपालिका जनता के हित में लेती है।
  • नीति निर्धारण के क्रम में कार्यपालिका संसद की अनदेखी नहीं कर सकती है।

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प्रश्न 5.
संसदीय शासन-प्रणाली किसे कहते हैं ?
उत्तर-
कार्यपालिका एवं व्यवस्थापिका के सहयोग पर सरकार आधारित है। इस प्रणाली में कार्यपालिका का प्रधान नाममात्र का होता है। . वास्तविक शक्ति व्यवस्थापिका में बहुमत प्राप्त दल के नेता के हाथों में – होती है। वह अपने कार्यों के लिए संसद के प्रति उत्तरदायी होता है। भारत का राष्ट्रपति नाममात्र का कार्यपालिका का प्रधान होता है, वास्तविक शक्ति प्रधानमंत्री के हाथों में होती है ।

प्रश्न 6.
अध्यक्षात्मक सरकार किसे कहते हैं, उदाहरण द्वारा स्पष्ट करें।
उत्तर-
लोकतांत्रिक सरकार का दूसरा रूप अध्यक्षात्मक सरकार है । इसमें राज्य और सरकार का वास्तविक प्रधान राष्ट्रपति होता है। इस प्रणाली में राष्ट्रपति कार्यपालिका के प्रति उत्तरदायी नहीं होता । अमेरिका में अध्यक्षात्मक सरकार है। संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति कार्यपालिका का सर्वेसर्वा होता है । विधायिका उसे समय के पूर्व हटा नहीं सकती है ।

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प्रश्न 7.
कार्यपालिका कितने प्रकार की होती है ?
उत्तर-
कार्यपालिका दो तरह की होती है।
(i) राजनैतिक कार्यपालिका (ii) स्थायी कार्यपालिका

(i) राजनैतिक कार्यपालिका में ही शासन की वास्तविक शक्ति छिपी हुई है। राजनैतिक कार्यपालिका जनता के प्रतिनिधि के रूप में जनता की ओर से शासन करती है । इसका कार्यकाल निश्चित अवधि के लिए होता है । अथवा लोकसभा में बहुमत रहने तक दायित्व संभाले रहता है ।
(ii) स्थायी कार्यपालिका ऐसे उच्च पदाधिकारियों की फौज है जो , विभिन्न स्तर पर सरकार के नीति निर्धारण में परामर्श देती है एवं निर्देशानुसार नीति के स्वरूप को अमली जामा पहनाती है। इसका कार्यकाल पदस्थापित अधिकारियों के अवकाश ग्रहण करने तक बना रहता है।

प्रश्न 8.
राष्ट्रपति पद के निर्वाचन के लिए योग्यताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए योग्यताओं का वर्णन संविधान में किया गया है। ये योग्यताएँ इस प्रकार हैं-

  • वह भारत का नागरिक हो ।
  • वह 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो ।
  • वह लोकसभा के लिए सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता रखता हो ।
  • किसी लाभवाले पद पर कार्यरत न हो।

प्रश्न 9.
भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है ?
उत्तर-
राष्ट्रपति का निर्वाचन अप्रत्यक्ष रूप से एक निर्वाचन मंडल द्वारा होता है, जिसमें दो तरह के सदस्य होते हैं-

  • भारतीय संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य।
  • राज्य के विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य ।

राष्ट्रपति का निर्वाचन एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote System) द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व के अनुसार होता है। राष्ट्रपति के चुनाव में एक सदस्य एक मत वाली विधि नहीं अपनाई गई है। वैसे एक मतदाता को केवल एक ही मत मिलता है, लेकिन उसके मत की गणना नहीं होती बल्कि उसका मूल्यांकन होता है।

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प्रश्न 10.
राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाने तथा उसे पद से हटाने के लिए संविधान में कौन-सी प्रक्रिया दी गयी है ?
उत्तर-
राष्ट्रपति को पाँच वर्ष के लिए चुना जाता है; परंतु यदि कोई राष्ट्रपति अपनी शक्तियों के प्रयोग में संविधान का उल्लंघन करे तो पाँच वर्ष से पहले भी उसे अपने पद से हटाया जा सकता है। उसे महाभियांग द्वारा अपदस्थ किया जा सकता है । एक सदन राष्ट्रपति के विरुद्ध आरोप लगाता है। यदि दूसरा सदन 2/3 बहुमत से उन आरोपों की पुष्टि कर दे तो राष्ट्रपति को उसी दिन पद त्यागना पड़ेगा। जब तक दूसरा सदन राष्ट्रपति को हटाये जाने का प्रस्ताव पास नहीं करता, उस समय तक राष्ट्रपति अपने पद पर आसीन रहता है।

प्रश्न 11.
उपराष्ट्रपति का निर्वाचन कैसे होता है ? उनके किन्हीं तीन अधिकारों का वर्णन करें।
उत्तर-
उपराष्ट्रपति का चुनाव 5 वर्ष के लिए होता है । उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों के सदस्यों द्वारा गठित एक निर्वाचक मंडल द्वारा एकल संक्रमणीय मतविधि से आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर होता है।

इनके तीन अधिकार निम्नलिखित हैं –

  • राज्य सभा की बैठक का सभापतित्व करना।
  • राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में राष्ट्रपति का कार्यभार संभालना।
  • राज्यसभा में मत समानता की स्थिति में निर्णायक मत देना ।
  • जब राष्ट्रपति का पद रिक्त हो जाता है तब वैसी स्थिति में नव-नियुक्त राष्ट्रपति के पद ग्रहण करने तक वह राष्ट्रपति का पद सम्भालता है।

प्रश्न 12.
बिहार विधान परिषद् का गठन कैसे होता है ?
उत्तर-
यह विधानमंडल का दूसरा सदन है। यह एक स्थायी सदन है। विधान परिषद के सदस्यों की संख्या कम-से-कम 40 एवं अधिकतम संख्या उस राज्य की विधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या की एक-तिहाई तक हो सकती है। वर्तमान में बिहार विधानपरिषद में 75 सदस्य हैं । विधान परिषद् के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली से होता है।

  • एक-तिहाई सदस्य राज्य की विधानसभा सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं।
  • एक-तिहाई सदस्य राज्य के स्थानीय निकायों के सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं।
  • 1/2 सदस्य राज्य के माध्यमिक एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के अध्यापकों द्वारा।
  • 1/2 सदस्य स्नातकों द्वारा चुने जाते हैं।
  • 1/6 सदस्य राज्यपाल द्वारा मनोनीत होते हैं।

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प्रश्न 13.
बिहार विधानसभा का गठन किस प्रकार होता है ?
उत्तर-
विधानसभा विधान मंडल का निम्न सदन है । विधानसभा का गठन जनता द्वारा प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली द्वारा हाता है। निर्वाचन वयस्क मताधिकार के आधार पर होता है । संपूर्ण राज्य को कई विधानसभा क्षेत्रों में बाँट दिया जाता है तथा प्रत्येक क्षेत्र से एक-एक उम्मीदवार निर्वाचित होते हैं। बिहार विधानसभा में कुल 243 सदस्य हैं। बिहार विधान सभा जनता की प्रतिनिधि सभा है । संविधान के अनुसार राज्य में विधानसभा के सदस्यों की संख्या अधिक-से-अधिक 500 तथा कम-से-कम 50 हो सकती है।

राज्य में रहनेवाले प्रत्येक नागरिक जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो, विधान सभा के चुनाव में हिस्सा ले सकता है। प्रत्येक विधानसभा में अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों के लिए स्थान सुरक्षित रखा जाता है । चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति भारत का नागरिक हो तथा 25 वर्ष की आयु पूरा कर चुका हो । बिहार विधानसभा में अनुसूचित जातियों के लिए 39 स्थान सुरक्षित हैं पर अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थान सुरक्षित नहीं है, क्योंकि यहाँ उनकी आबादी नगण्य है।

प्रश्न 14.
प्रधानमंत्री का निर्वाचन कैसे होता है ?
उत्तर-
संविधान की धारा 74 में अंकित है कि राष्ट्रपति के कार्यों में सहायता एवं परामर्श देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी, जिसका प्रधान प्रधानमंत्री होगा। प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होती है । राष्ट्रपति लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त करता है । लोकसभा में अगर किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं होता है, उस परिस्थिति में वह संयुक्त संसदीय दल के नेता को प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त करता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मंडल आयोग क्या है ? उसने क्या सिफारिशें की ? उसका परिणाम क्या हुआ?
उत्तर-
मंडल आयोग की स्थापना जनता पार्टी की सरकार ने 1979 ई. में की थी । इसके अध्यक्ष श्री वी. पी. मंडल थे। इस आयोग का कार्य सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े हुए वर्गों की पहचान करना तथा उनके विकास के लिए सुझाव देना था, मंडल आयोग ने 31 दिसम्बर, 1980 को अपनी रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत की। मंडल आयोग ने निम्नलिखित सिफारिशें की –

(i) सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्ग के लिए 27% आरक्षण होना चाहिए।
(ii) अन्य पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए बनाए गए कार्यक्रम के लिए धन, केन्द्र सरकार को देना चाहिए ।

1989 ई० का लोकसभा चुनाव हुआ। चुनाव के बाद जनता दल की सरकार बनी । प्रधानमंत्री श्री वी. पी. सिंह ने संसद में राष्ट्रपति भाषण के जरिए मंडल रिपोर्ट लागू करने की अपनी मंशा की घोषणा को। तब जाकर 6 अगस्त, 1990 ई. को केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में एक औपचारिक निर्णय लिया गया । केन्द्रीय सरकार की तरफ से इस पर स्वीकृति दे दी गई और 13 अगस्त, 1990 ई. में संयुक्त सचिव के हस्ताक्षर से कानून निर्गत हुआ। देशभर में इसका काफी विरोध हुआ। इस निर्णय के विरुद्ध कई अदालतों में मुकदमें दायर किये गये । निर्णय को अवैध घोषित करने की मांग हुई। परन्तु भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इन सभी मुकदमों को एक साथ जोड़ दिया और मुकदमें को ‘इंदिरा साहनी एवं अन्य बनाम भारत सरकार मामला’ कहा । कोर्ट के 11 सबसे वरिष्ठ न्यायाधीशों ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 1992 ई. में फैसला दिया कि पिछड़े वर्ग में अच्छी स्थिति वाले लोगों को इस आरक्षण से वंचित करते हुए मंडल आयोग को वैध ठहराया। उसी के मुताबिक 8 सितम्बर 1993 ई. को कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया । यह विवाद सुलझ गया और तभी से इस नीति पर अमल किया जा रहा है।

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प्रश्न 2.
संसद की शक्तियों तथा कार्यों का वर्णन करें ।
उत्तर-
भारतीय संसद संघ की विधानपालिका है और संघ की सभी विधायिनी शक्तियाँ उसे प्राप्त हैं। इसके अतिरिक्त उसे और भी कई शक्तियाँ प्राप्त हैं। संसद को निम्नलिखित शक्तियाँ दी गई हैं-

  •  विधायिनी शक्तियाँ-इसका मुख्य कार्य है कानून बनाना ।
  • वित्तीय शक्तियाँ-संसद राष्ट्र के धन पर नियंत्रण रखती है । वित्तीय वर्ष के आरम्भ होने से पहले बजट संसद में पेश किया जाता है ।
  • कार्यपालिका पर नियंत्रण-संसद हर कार्य के लिए उत्तरदायी है।
  • राष्ट्रीय नीतियों का कार्यान्वयन कार्यान्वयन करना भी संसद का एक महत्वपूर्ण कार्य है।
  • संवैधानिक शक्तियाँ संविधान संशोधन का भी अधिकार इस प्राप्त है।
  • विकास संबंधी कार्य-आधुनिक काल में सरकार का स्वरूप लोक कल्याणकारी हो गया है । इसका उद्देश्य केवल जनता की जानमाल की रक्षा ही नहीं बल्कि सर्वांगीण विकास है । जैसे-सड़कें बनवाना, रोशनी की व्यवस्था करना, सिंचाई की व्यवस्था, विद्यालयों, महाविद्यालयों की स्थापना करना, आवास के लिए भवनों का निर्माण कराना, अस्पताल की व्यवस्था करना, सफाई पर ध्यान देना इत्यादि ।

प्रश्न 3.
संसदीय और अध्यक्षात्मक शासन में क्या अंन्तर है ? स्पष्ट करें।
उत्तर-
संसदीय शासन और अध्यक्षात्मक शासन में निम्नलिखित अंतर हैं-

  • संसदीय शासन में कार्यपालिका प्रधान नाममात्र का संविधानिक प्रधान होता है। अध्यात्मक शासन देश का प्रधान कार्यपालिका का ही प्रधान नहीं होता वरन राष्ट्र का भी वास्तविक प्रधान होता है।
  • संसदीय शासन का आधार शक्तियों का संयोग है। इसके विपरीत अध्यक्षात्मक शासन का आधार पृथक्करण का सिद्धान्त है ।
  • संसदीय शासन प्रणाली में कार्यपालिका एवं विधायिका में घनिष्ठ संबंध है। अध्यक्षात्मक शासन में कार्यपालिका और विधायिका एक दूसरे से पृथक और स्वतंत्र है।
  • संसदीय शासन में कार्यपालिका विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी
    अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली में कार्यपालिका विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी नहीं होता।
  • संसदीय शासन प्रणाली में कार्यपालिका पर विधायिका का नियंत्रण होता है और वह उसके प्रति उत्तरदायी भी रहता है। अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली में कार्यपालिका पर विधायिका का नियंत्रण नहीं होता।
  • संसदीय शासन में कार्यपालिका और विधायिका के बीच संघर्ष की संभावना नहीं रहती। अध्यक्षात्मक शासन में कार्यपालिका और विधायिका के बीच संघर्ष की सम्भावना रहती है । अध्यक्षात्मक शासन में कार्यपालिका और विधायिका में संघर्ष का वातावरण हमेशा बना रहता है।
  • संसदीय शासन में मंत्रिमंडल के सदस्य विधानमंडल के प्रति उत्तरदाीय होते हैं क्योंकि वे विधानमंडल के सदस्य होते हैं । अध्यक्षात्मक शासन में मंत्रिमंडल के सदस्य राष्ट्रपति के प्रति उत्तरदायी होते हैं।

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प्रश्न 4.
संघीय सरकार किसे कहते हैं ? इसके गुण-दोषों का वर्णन करें।
उत्तर-
संघीय शासन वह पद्धति है जिसमें समस्त शासकीय शक्ति केन्द्रीय सरकार तथा उन विभिन्न राज्यों या क्षेत्रीय उपविभागों की सरकारों के बीच बँटी रहती है जिसे मिलाकर संघ बनता है।

संघीय सरकार के निम्नलिखित गुण हैं-

  • राष्ट्रीय एकता में वृद्धि-इसका निर्माण अनेक इकाइयों के सहयोग से होता है; इसलिए विभिन्न इकाइयाँ पारस्परिक एकता के सूत्र में बँध जाती हैं।
  • क्षेत्रीय स्वतंत्रता-संघीय शासन से केवल राष्ट्रीय एकता में ही वृद्धि नहीं होती बल्कि विभिन्न इकाइयों तथा राज्यों की स्वतंत्रता एवं समानता भी कायम रहती है।
  • जन जागरूकता-संघीय शासन प्रणाली में शक्ति विकेन्द्रित रहती है इसलिए जनता को शासन में भाग लेने का अधिक समय मिलता है। इससे जनता अपने सामाजिक एवं राजनीतिक अधिकारों से परिचित रहती है।
  • उत्तरदायी पूर्ण शासन-संघीय शासन में अधिकारों का विभाजन केन्द्र तथा विभिन्न इकाइयों में रहता है। इसलिए केन्द्र तथा इकाइयाँ अपने-अपने दायित्व के अनुसार शासन के प्रति उत्तरदायी रहता है।
  • आर्थिक दृष्टि से उपयोगी-संघीय शासन प्रणाली आर्थिक दृष्टि से उपयोगी होता है क्योंकि केन्द्र तथा विभिन्न राज्यों को अपने आर्थिक साधनों में वृद्धि करने का समान अवसर मिलता है।
  • कुशल प्रशासन–संघीय शासन में अधिकारों का स्पष्ट विभाजन हो जाता है। इसमें प्रशासन की कार्य-कुशलता में वृद्धि हो जाती है।
  • प्रजातांत्रिक मूल्यों की रक्षा-संघीय शासन प्रणाली का सबसे बड़ा गुण है कि यह प्रजातात्रिक मूल्यों की रक्षा करता है।

संघीय शासन व्यवस्था के दोष-

(i) प्रधानमंत्री शासन व्यवस्था संसदीय लोकतंत्र में प्रधानमंत्री का अधिकार हाल के दशकों में इतना अधिक बढ़ गया है कि संसदीय लोकतंत्र को कभी-कभी प्रधानमंत्रीय शासन व्यवस्था कहा जाने लगा है क्योंकि प्रधानमंत्री के पास सारे अधिकार सीमित रहने की प्रवृत्ति देखी गयी है। भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ढेर सारे अधिकारों का इस्तेमाल किया । इन्दिरा गाँधी काफी प्रभावशाली प्रधानमंत्री थीं।

(ii) एकता का अभाव-बहमत नहीं मिलने पर गठबंधन सरकार का निर्माण होता है। गठबंधन सरकार का प्रधानमंत्री अपने मर्जी से फैसले नहीं कर सकता। गठबंधन के साझीदारों की राय भी माननी पड़ती है क्योंकि उन्हीं के समर्थन के आधार पर सरकार टिके होती है। हाल के ताजा उदाहरण डा. मनमोहन सिंह के सरकार पर संकट तब हुआ जब एंटमी करार पर वामदल ने मनमोहन सरकार से समर्थन वापस ले लिया था।

Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 5 संसदीय लोकतंत्र की संस्थाएँ

प्रश्न 5.
राष्ट्रपति के अधिकार एवं कार्यों का वर्णन करें।
उत्तर-
भारतीय संविधान के अनुसार राष्ट्रपति भारतीय संघ का प्रधान होता है। उनकी शक्तियाँ एवं कार्य निम्न हैं

(i) कार्यपालिका संबंधी अधिकार-राष्ट्रपति संघीय कार्यपालिका का प्रधान होता है। शासन. का सारा कार्य उन्हीं के नाम से होता है। कार्यपालिका के क्षेत्र में उसे निम्न अधिकार प्राप्त है-

(क) राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की नियुक्ति करता है, तथा प्रधानमंत्री की सलाह से अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करता है तथा उनके बीच कार्यों का बँटवारा करता है।
(ख) प्रधानमंत्री की सलाह से ही राज्यपाल, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, चुनाव आयुक्त, राजदूतों, महालेखा परीक्षक, संघीय लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति करता है।
(ग) सेनाध्यक्षों की नियुक्ति राष्ट्रपति ही करते हैं।
(घ) राष्ट्रपति किसी देश के विरुद्ध युद्ध एवं शान्ति की घोषणा कर सकता है।
(ङ) भारतीय संघ के मुख्य कार्यपालक होने के नाते उसका दायित्व है कि वह सदैव प्रशासन पर निगरानी रखे।

(ii) विधायिका संबंधी कार्य-राष्ट्रपति को भारतीय संसद की बैठक बुलाने, स्थगित करने तथा लोकसभा भंग करने का अधिकार प्राप्त
राष्ट्रपति के प्रमुख कार्यों में अध्यादेश जारी करने का अधिकार है। राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हैं, इसके अतिरिक्त वित्त आयोग की नियुक्ति, धनविधेयक की मंजूरी आदि महत्वपूर्ण कार्य हैं ।

(iii) वित्तीय अधिकार-वार्षिक बजट तैयार करने तथा वित्तमंत्री के माध्यम से संसद में प्रस्तुत कराने का अधिकार राष्ट्रपति को प्राप्त है । कोई भी धन विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति के बिना संसद में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है। राज्यों के बीच वित्त वितरण का अधिकार राष्ट्रपति को प्राप्त है। .

(iv) न्यायसंबंधी अधिकार सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं।
राष्ट्रपति किसी अपराधी के फाँसी की सजा को माफ या आजीवन कारावास की सजा में बदल सकते हैं।

(v) संकट कालीन अधिकार-भारतीय संविधान द्वारा राष्ट्रपति को कुछ संकटकालीन शक्तियाँ सौंपी गई हैं । ।

(क) युद्ध तथा बाहरी आक्रमण के समय राष्ट्रपति संकटकाल की घोषणा कर सकते हैं।
(ख) राज्यों में संवैधानिक विफलता पर ।
(ग) भारत में वित्तीय संकट उत्पन्न होने पर :
राष्ट्रपति के इस अधिकार का प्रयोग हमारे देश में 1962, 1971 एवं 1975 ई० में हुआ।

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प्रश्न 6.
प्रधानमंत्री के अधिकार और कार्यों का वर्णन करें।
उत्तर-
संविधान की धारा 74 में उल्लेख है कि राष्ट्रपति के कार्यों ‘ में सहायता एवं परामर्श देने के लिए एक मंत्री परिषद होगी जिसका प्रधान प्रधानमंत्री होगा। प्रधानमंत्री के अधिकार एवं कार्य निम्नलिखित हैं

  • मंत्रीपरिषद् गठन करने का अधिकार-प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद् का निर्माता, पालनकर्ता एवं विनाशकर्ता है। वह मंत्रियों की नियुक्ति करता है। उसकी इच्छा पर ही मंत्री मंत्री परिषद में बने रहते हैं।
  • वह मंत्रियों के बीच कार्यों का विभाजन करता है तथा उनके कार्यों पर निगरानी रखता है।
  • नीति निर्धारण का अधिकार-प्रधानमंत्री अपने सहयोगियों की सहायता से सरकार के लिए उच्चस्तरीय नीतियों का निर्धारण करता है ।
  • मंत्रीपरिषद और राष्ट्रपति के बीच की कड़ी-प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के बीच कड़ी का काम करता है। मंत्री परिषद के निर्णय की सूचना प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को देता है तथा राष्ट्रपति के विचारों से मंत्रिपरिषद को अवगत कराता है।
  • मध्यस्थता का कार्य-दो मंत्रियों या विभागों के बीच अगर किसी बात को लेकर मतभेद उत्पन्न होता है, तो उसे सुलझाने में प्रधानमंत्री मदद करता है।
  • संसद संबंधी कार्य-लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता होने के कारण प्रधानमंत्री का दायित्व बढ़ जाता है। वह लोकसभा के प्रति उत्तरदायी है। संसद में कार्यों का संचालन, समय निर्धारण इत्यादि में प्रधानमंत्री मुख्य भूमिका निभाता है।
  • नियुक्ति संबंधी अधिकार कार्यपालिका के क्षेत्र में जो अधिकार राष्ट्रपति को प्राप्त है, उसका वास्तविक रूप से उपयोग प्रधानमंत्री करते हैं।
  • वैदेशिक मामले संबंधी-यह अधिकार अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है । इसमें प्रधानमंत्री अपने देश का प्रतिनिधित्व करता है।
  • संकटकालीन अधिकार-राष्ट्रपति को प्राप्त संकटकालीन अधिकारों का उपयोग प्रधानमंत्री ही करता है।

प्रश्न 7.
लोकसभा का गठन कैसे होता है ? इसके कार्य एवं अधिकारों का वर्णन करें।
उत्तर-
लोकसभा भारतीय जनता की प्रतिनिधि सभा है। इसके सदस्यों का निर्वाचन प्रत्येक 5 वर्ष पर वयस्क मताधिकार के आधार पर प्रत्यक्ष ढंग से होता है । यह जनता की ओर से असली प्रतिनिधि सभा है। इसमें सदस्यों की संख्या 552 तक हो सकती है जिनमें 530 सदस्य विभिन्न राज्यों से एवं 20 सदस्य केन्द्रशासित प्रदेशों से चुनकर आते हैं।

शेष 2 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं । अनुसूचित जातियों ” के लिए 84 तथा अनुसूचित जनजातियों के लिए 47 स्थान सुरक्षित है। लोकसभा का सदस्य वही हो सकता है जो-

  • भारत का नागरिक हो।
  • जिसने 25 वर्ष की आयु पूरा कर लिया हो।

लोकसभा के कार्य एवं अधिकार

(i) विधायिका संबंधी कार्य-लोकसभा को उन सभी विषयों पर कानून बनाने का अधिकार है। वह संघ सूची, समवर्ती सूची तथा आवश्यकता पड़ने पर राज्य सूची पर भी नियम बनाता है।

(ii) वित्तीय अधिकार भारतीय संसद वित्त पर पूर्ण नियंत्रण रखती है। लोकसभा नये करों को लगाने, पुराने करों को कम करने अथवा हटाने की स्वीकृति प्रदान करती है। भारत का वित्तमंत्री प्रतिवर्ष आय-व्यय का लेखा संसद में पेश करता है। लोकसभा को यह अधिकार प्राप्त है कि खर्च की रकम कम कर दे या अस्वीकार कर दे।

(iii) कार्यपालिका संबंधी अधिकार-संसदीय प्रणाली में कार्यपालिका विधायिका का एक सहायक निकाय है, इसलिए कार्यपालिका को हमेशा विधायिका के नियंत्रण में काम करना पड़ता है। कार्यपालिका निम्नलिखित तरीके से मंत्रीपरिषद पर नियंत्रण रखती है- (क) अविश्वास प्रस्ताव द्वारा, (ख) प्रश्न द्वारा, (ग) पूरक प्रश्न द्वारा, (घ) सरकारी विधेयक द्वारा, (ङ) सरकारी विधेयक को अस्वीकृत करके, (च) आलोचना करके, (छ) निंदा प्रस्ताव के द्वारा ।।

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प्रश्न 8.
साधारण विधेयक को कानून बनने के पहले कितने चरणों से – गुजरना पड़ता है ? वर्णन करें।
उत्तर-
साधारण विधेयक को कानून बनने के पहले पाँच चरणों से गुजरना पड़ता है।
(i) प्रथम वाचन-साधारण विधेयक लोकसभा या राज्यसभा दोनों में से किसी एक सभा में उपस्थित किया जा सकता है। विधेयक उपस्थापित करनेवाले उस विधेयक के नाम और शीर्षक बताने के बाद विधेयक से संबंधित मुख्य बातों की चर्चा करते हैं।

(1) द्वितीय वाचन-इस स्तर पर यह तय होता है कि विधेयक को प्रवर समिति के पास विचार के लिए प्रस्तुत किया जाय अथवा जनमत हेतु इसे प्रस्तावित किया जाए । अथवा उस पर सदन से ही तुरंत विचार कर लिया जाय । इसमें संशोधन का सुझाव देती है।

(iii) तृतीय वाचन-तृतीय वाचन में विधेयक पर मतदान होता है। मतदान में बहुमत मिलने पर विधेयक पास समझा जाता है। तृतीय वाचन में विधेयक में कोई हेर-फेर नहीं किया जाता है।

(iv) दूसरे सदन में पेश करना-एक सदन में पारित होने के बाद विधेयक दूसरे सदन में प्रस्तुत किया जाता है। दूसरे सदन में भी विधेयक को उन्हीं सब स्तरों से गुजरना पड़ता है जैसे पहले सदन में गुजरा है। संयुक्त बैठक में बहुमत मिल जाता है क्योंकि लोकसभा में सदस्यों की संख्या अधिक होती है।

(v) राष्ट्रपति की स्वीकृति—दोनों सदनों से पारित विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है, जिसका स्वीकृति मिलने के बाद विधेयक कानून बन जाता है। राष्ट्रपति चाहे तो विधेयक को संसद में पुन: विचार के लिए वापस कर सकते हैं । अगर संसद विधेयक की राष्ट्रपति के पास पुनः भेज देती है तो हस्ताक्षर करना अनिवार्य हो जाता है। इस तरह विधेयक कानून बन जाता है।

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प्रश्न 9.
राज्य सभा के गठन एवं कार्यों का वर्णन करें।
उत्तर-
सदन के दो सदन हैं-लोकसभा और राज्यसभा । राज्य सभा को द्वितीय सदन भी कहते हैं।
गठन-यह सदन स्थायी सदन होता है। इसमें सदस्यों की संख्या 250 है। इसमें 238 सदस्य विभिन्न राज्यों के विधानसभा सदस्यों द्वारा निर्वाचित होते हैं तथा 12 सदस्य विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशिष्टता के आधार पर राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किये जाते हैं। राज्यसभा के सदस्यों की कार्य अवधि 6 साल की होती है। इसमें सदस्यों की उम्र सीमा कम-से-कम 30 साल का होना चाहिए तथा वह भारत का नागरिक हो तथा लोकसभा की सदस्यता की योग्यता रखता हो । राज्यसभा का पदेन अध्यक्ष उपराष्ट्रपति होते हैं । एक उपाध्यक्ष भी होते हैं जो उपराष्ट्रपति की अनुपस्थिति में सभा का संचालन करते हैं।

  • कार्यपालिका संबंधी-राज्यसभा सदस्य प्रश्न पूछकर, पूरक प्रश्न पूछकर, काम रोको प्रस्ताव पास कर यह सदन कार्यपालिका पर. नियंत्रण रखती है।
  • विधायिका संबंधी विधायिका संबंधी शक्तियाँ सीमित हैं। साधारण विधेयक राज्यसभा में प्रस्तुत किये जा सकते हैं । दोनों सदनों में मतभेद हो जाने पर राज्यसभा की उपेक्षा नहीं की जा सकती है। ऐसी हालत में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक होती है, किन्तु संयुक्त बैठक में सदस्य संख्या कम होने के कारण वह बात स्वीकृत नहीं हो पाती; यह . एकमात्र रुकावट है।
  • वित्त संबंधी राष्ट्रपति की स्वीकृति से ही संसद में बजट पेश किया जाता है । धन-विधेयक को स्वीकृति प्रदान करना, वित्त आयोग की नियुक्ति करना भी राष्ट्रपति के महत्वपूर्ण कार्य हैं।

प्रश्न 10.
राज्यपाल की नियुक्ति किस प्रकार होती है ? उसके कार्य एवं अधिकारों का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर-
नियुक्ति-भारतीय संविधान के अनुसार राज्यपाल की नियुक्ति. राष्ट्रपति द्वारा होती है। राष्ट्रपति राज्यपाल की नियुक्ति केन्द्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह से करता है, जिसमें प्रधानमंत्री की भूमिका अधिक रहती है। राज्यपाल की नियुक्ति के लिए आवश्यक है-

  • वह भारत का नागरिक हो
  • वह 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो।
  • वह किसी विधानमंडल या संसद का सदस्य नहीं हो ।
  • वह किसी लाभ के पद पर न हो।

कार्य एवं अधिकार राज्य के निम्नलिखित कार्य एवं अधिकार हैं-

(i) कार्यपालिका संबंधी अधिकार राज्यपाल कार्यपालिका प्रधान होता है। इस कारण राज्य के सभी काम राज्यपाल के नाम होते हैं। राज्य के प्रमुख पदाधिकारियों की नियुक्ति करते हैं । राज्यपाल बहुमत दल के नेता को मुख्य मंत्री के पद पर नियुक्त करता है तथा मुख्यमंत्री की सलाह से मंत्री परिषद के अन्य सदस्यों की नियुक्ति करता है।

(ii) विधायिका संबंधी अधिकार-विधायिका क्षेत्र में निम्नलिखित अधिकार हैं

  • राज्यपाल ही राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों की बैठक बुलाता है। वह विधान सभा को भंग भी कर सकता है।
  • राज्य सत्र के आरम्भ में विधानमंडल के दोनों सदनों को सम्बोधित करता है।
  • वह विधानपरिषद के 1/6 सदस्यों को मनोनीत करता है।
  • राज्यपाल के हस्ताक्षर के बिना कोई भी विधेयक कानून नहीं बन सकता।
  • धन विधेयक राज्यपाल की स्वीकृति के बिना विधानसभा में पेश नहीं किया जा सकता है।

(iii) न्यायपालिका संबंधी अधिकार-उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति में राष्ट्रपति राज्यपाल से भी परामर्श लेता है। वह किसी
अपराधी की सजा को कम कर सकता है या माफ भी कर सकता है।

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प्रश्न 11.
मुख्यमंत्री की नियुक्ति कैसे होती है ? इसके अधिकार एवं कार्यों का वर्णन करें।
उत्तर-
जो स्थान संघीय मंत्रिपरिषद् में प्रधानमंत्री का होता है, वही स्थान राज्यमंत्री परिषद में मुख्यमंत्री का होता है।
नियुक्ति- संविधान के अनुच्छेद 164 में कहा गया है कि मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जायेगी लेकिन व्यवहार में राज्यपाल उसी व्यक्ति को मुख्य पद पर नियुक्त करता है जो विधानमंडल में बहुमत प्राप्त दल का नेता होता है। अगर किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं होता है उस परिस्थिति में राज्यपाल संयुक्त दल के नेता को मुख्यमंत्री के पद पर नियुक्त करता है।

मुख्यमंत्री के अधिकार एवं कार्य-

  • मंत्रिमंडल का निर्माणमुख्यमंत्री ही मंत्रिमंडल का निर्माता होता है, राज्यपाल उस पर अपनी सहमति दे देते हैं और विभागों का बंटवारा भी मंत्रियों के बीच वही करता
  • मंत्रीपरिषदका अध्यक्ष-मुख्यमंत्री मंत्रिपरिषद का अध्यक्ष होता है और मंत्रिपरिषद की बैठक का सभापतित्व करता है।
  • विधानसभा का नेतृत्व-बहुमत दल का नेता होने के कारण वह सदन का कुशल नेतृत्व भी करता है। सभी प्रशासनिक विभागों का निरीक्षण करता है तथा मंत्रियों के बीच किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न होने पर मुख्यमंत्री उस विवाद का निपटारा कर अन्तिम निर्णय देता है।
  • नियुक्तियाँ-राज्यपाल एक औपचारिक प्रधान है। उसकी वास्तविक शक्ति का प्रयोग मुख्यमंत्री ही करता है। उसके कहने पर ही राज्यपाल किसी मंत्री को नियुक्त अथवा पदच्युत कर सकता है तथा विधान सभा को विघटित कर सकता है।
  • राज्यपाल एवं मंत्रिपरिषद के बीच एक कड़ी का काम मुख्यमंत्री करते हैं। वह राज्यपाल को मंत्रिपरिषद के सभी कार्यों की सूचना देता है। इस प्रकार हम देखते हैं कि मुख्यमंत्री राज्य शासन का कप्तान है और राज्य मंत्रिमंडल में उसकी विशिष्ट स्थिति होती है।

प्रश्न 12.
विधानसभा के अधिकार और कार्यों का वर्णन करें।
उत्तर-
विधानसभा राज्य विधान मंडल का प्रमुख सदन है। यह राज्य का प्रतिनिधि सभा है । इसके निम्नलिखित कार्य हैं

(i) विधान संबंधी अधिकार-विधान सभा कानून बनाने वाला प्रमुख सदन है। धन विधेयक तो सिर्फ विधान सभा में ही उपस्थापित किया जाता है। विधानसभा द्वारा पारित विधेयक पर विधान परिषद चार महीने के भीतर अपना अनुमोदन देने के लिए बाध्य है। चार महीना से अधिक विलम्ब होने पर विधेयक अपने आप पारित समझा जाता है। अतः विधि निर्माण में विधान सभा एक सशक्त सदन है।

(i) कार्यपालिका संबंधी अधिकार राज्य मंत्रिपरिषद अपने कार्यों के लिए विधान सभा के प्रति उत्तरदायी होता है। मंत्रिपरिषद को विधानसभा के सदस्य काम रोको प्रस्ताव एवं निंदा प्रस्ताव लाकर मंत्रिपरिषद को नियंत्रित रखती है।

(iii) वित्तीय शक्तियाँ-विधानसभा को राज्य के वित्त पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त है। वित्त विधेयक सबसे पहले विधानसभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है। वित्त विधेयक में अन्तिम निर्णय विधान सभा के अध्यक्ष ही दे सकता है। जहाँ तक विधान परिषद का अधिकार है वह वित्त विधेयक को 14 दिनों तक ही रोक कर रख सकती है। 14 दिनों के अन्दर वह वापस नहीं करती तो धन विधेयक अपने आप पारित समझा जाता है।

(iv) विविध अधिकार-विविध अधिकार निम्नलिखित हैं-

(क) राष्ट्रपति के निर्वाचन में भाग लेना
(ख) संवैधानिक संशोधन में सहयोग करना

इस प्रकार विधान मंडल एक लोकप्रिय तथा शक्तिशाली सदन है।

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प्रश्न 13.
विधान परिषद के अधिकारों एवं कार्यों का वर्णन करें।
उत्तर-
विधान परिषद विधान सभा की अपेक्षा एक निर्बल सदन है।

इसके निम्नलिखित कार्य हैं-

(i) विधायिनी शक्तियाँ-धन विधेयक को छोड़कर अन्य विधेयक विधान परिषद में पेश किया जा सकता है। परंतु कोई भी विधेयक विधान सभा के सहमति के बिना पारित नहीं होता। अत: विधायनी शक्तियों नियः

(ii) वित्तीय शक्तियाँ-वित्तीय क्षेत्र में विधानपरिषद की स्थिति , केन्द्र सरकार के राज्यसभा की तरह है। धन विधेयक इस सभा में पेश ‘नहीं किया जाता है। विधानसभा में पारित होने के बाद धन विधयक विधानपरिषद में आता है। विधान परिषद अपनी सुझाव के साथ अधिक-से-अधिक 14 दिनों तक रख सकता हैं। 14 दिनों के अन्दर विधानसभा में लौटा देना पड़ता है नहीं तो विधेयक स्वतः पारित समझा जाता है।

(iii) प्रशासकीय अधिकार-विधान परिषद का कार्यकारिणी पर बहुत कम अधिकार है। विधान परिषद अविश्वास के द्वारा नहीं हटा सकता, सिर्फ आलोचना कर सकता है। वास्तव में विधान परिषद के पास नगण्य अधिकार है।

प्रश्न 14.
भारत में सर्वोच्च न्यायालय का गठन कैसे होता है ? इसके क्षेत्राधिकार का वर्णन करें।’
उत्तर-
सर्वोच्च न्यायालय देश का सबसे बड़ा न्यायालय है। इसका गठन सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना 26 जनवरी 1950 को की गई और यह नई दिल्ली में स्थित है। वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की योग्यता निम्न है

  • वह भारत का नागरिक हो।
  • कम से कम पाँच वर्ष किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश रह चुका हो या
  • कम से कम दस वर्ष किसी उच्च न्यायालय में वकालत कर” चुका हो या
  • राष्ट्रपति की राय में कानून का ज्ञाता हो ।

न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होता है। भारत में 65 वर्ष के उम्र तक सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद पर बने रहते हैं।

क्षेत्राधिकार-

  • प्रारंभिक क्षेत्राधिकार-इसमें दो या दो से अधिक राज्यों के मध्य विवाद, केन्द्र एवं राज्यों के मध्य विवाद, मौलिक अधिकारों से संबंधित मुकदमें आदि सम्मिलित है।
  • अपीलीय अधिकार-सर्वोच्च न्यायालय को दीवानी एवं आपराधिक दोनों क्षेत्रों में अपीलीय क्षेत्राधिकार प्राप्त है । सर्वोच्च न्यायालय में कोई भी नागरिक अथवा राज्य सरकार उच्च न्यायालयों के निर्णय के विरुद्ध अपील कर सकता है।
  • परामर्श संबंधी अधिकार-सर्वोच्च न्यायालय को परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार भी प्राप्त है। राष्ट्रपति कानून के किसी प्रश्न पर सर्वोच्च न्यायालय की राय ले सकते हैं, पर उस परामर्श को मानने के लिए बाध्य नहीं है।
  • संविधान का रक्षक-नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा का दायित्व सर्वोच्च न्यायालय पर है । इसलिए वह संविधान का रक्षक है।
  • पुनर्विचार का अधिकार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णयों पर पुनर्विचार करने का भी अधिकार है।
  • निरीक्षण का अधिकार सर्वोच्च न्यायालय राष्ट्रपति के पूर्वानुमति से न्यायालय के अधिकारियों के वेतन, भत्ते, छुट्टी, पेंशन और सेवा की अन्य शर्तों से संबंधित नियम बना सकता है।

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प्रश्न 15.
लोकसभा के अध्यक्ष का निर्वाचन कैसे होता है ? उसके अधिकार एवं कार्यों का वर्णन करें।
उत्तर-
लोकसभा का एक अध्यक्ष एवं एक उपाध्यक्ष होता है, जिसका निर्वाचन लोकसभा सदस्य अपने में से ही करते हैं। अध्यक्ष लोकसभा की कार्यवाहियों में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है, और लोकसभा की कार्यवाहियों का संचालन करता है। इनका कार्यकाल सामान्यत: 5 वर्षों के लिए होता है । यह अपने पद पर तब तक बना रहता है जबतक कि नव-निर्वाचित लोकसभा अपने अध्यक्ष का चुनाव न कर ले।

लोकसभा के अध्यक्ष के कार्य एवं अधिकार निम्नलिखित हैं-

  • सभापतित्व करना लोकसभा का अध्यक्ष बैठक का सभापतित्व करता है.। सभापतित्व करते हुए सदन में शांति एवं अनुशासन बनाये रखना उसी का दायित्व है।
  • वाद-विवाद का समय निश्चित करना अध्यक्ष सदन के नेता से राय लेकर विभिन्न विषयों के संबंध में वाद-विवाद का समय निश्चित करता है।
  • काम रोको प्रस्ताव-किसी भी सार्वजनिक महत्व के प्रश्न पर काम रोको प्रस्ताव लोकसभा में पेश करने की आज्ञा अध्यक्ष द्वारा ही दी जाती है।
  • प्रवर समिति के अध्यक्षों की नियुक्ति-लोकसभा के अध्यक्ष _ही प्रवर समितियों के अध्यक्षों की नियुक्ति करता है।
  • बजट संबंधी भाषणों की सीमा निर्धारण करना—इसकी काल . सीमा का निर्धारण अध्यक्ष ही करता है।
  • अन्य अधिकार-सदन को स्थगित करने, राष्ट्रपति तथा लोकसभा का माध्यम होना, सदस्यों के विशेषाधिकारों की रक्षा करना, संसदीय कार्यवाही से आपत्तिजनक शब्दों को हटाने का आदेश देना, संसद के संयुक्त अधिवेशन की अध्यक्षता करना, तथा सभी विधेयकों का संचालन लोकसभा का अध्यक्ष ही करता है।

Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 4 चुनावी राजनीति

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Political Science राजनीति विज्ञान : लोकतांत्रिक राजनीति भाग 1 Chapter 4 चुनावी राजनीति Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Political Science Solutions Chapter 4 चुनावी राजनीति

Bihar Board Class 9 Political Science चुनावी राजनीति Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
चुनाव का मतलब है
(क) पैसा कमाना
(ख) राजनीतिक प्रतिस्पर्धा
(ग) राजनीतिक खेल
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(ख) राजनीतिक प्रतिस्पर्धा

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प्रश्न 2.
लोकतांत्रिक देश में क्या नियमित होता है ?
(क) युद्ध
(ख) आपसी संघर्ष
(ग) चुनाव
(घ) खेती
उत्तर-
(ग) चुनाव

प्रश्न 3.
लोकसभा में सीटों की संख्या निम्नलिखित में से क्या है ?
(क) 500
(ख) 520
(ग) 525
(घ) 543
उत्तर-
(घ) 543

प्रश्न 4.
बिहार विधान सभा में विधायकों की सीटें हैं
(क) 243
(ख) 253
(गे) 250
(घ) 153
उत्तर-
(क) 243

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प्रश्न 5.
लोकसभा में अनुसूचित जन जातियों के लिए कितनी सीटें आरक्षित
(क) 60
(ख) 41
(ग) 40
(घ) 20
उत्तर-
(ख) 41

प्रश्न 6.
लोकसभा एवं विधान सभा के उम्मीदवार होने के लिए न्यूनतम आयु सीमा क्या है ?
(क) 20 वर्ष
(ख) 18 वर्ष
(ग) 21 वर्ष
(घ) 25 वर्ष
उत्तर-
(क) 20 वर्ष

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प्रश्न 7.
चुनावी मतदाता होने के लिए कम से कम आयु कितनी होनी’ चाहिए?
(क) 18 वर्ष
(ख) 21 वर्ष
(ग) 25 वर्ष
(घ) 30 वर्ष
उत्तर-
(क) 18 वर्ष

प्रश्न 8.
1971 ई० में कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रचार में नारा दिया था.
(क) लोकतंत्र बचाओ
(ख) तेलगू स्वाभिमान
(ग) गरीबी हटाओ
(घ) अमीरी मिटाओ
उत्तर-
(ग) गरीबी हटाओ

प्रश्न 9.
1977 ई. में जनता पार्टी ने देशभर में नारा दिया था
(क) गरीबी मिटाओ
(ख) गरीबी हटाओ
(ग) अमीरी मिटाओ
(घ) लोकतंत्र बचाओ
उत्तर-
(घ) लोकतंत्र बचाओ

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प्रश्न 10.
एक विधान सभा का उम्मीदवार वैधानिक ढंग से अपने चुनाव अभियान में अधिकतम कितनी धनराशि खर्च कर सकता है ?
(क) 5 लाख
(ख) 10 लाख
(ग) 15 लाख
(घ) 20 लाख
उत्तर-
(ख) 10 लाख

प्रश्न 11.
एक लोकसभा का उम्मीदवार वैधानिक ढंग से अपने चुनाव अभियान में अधिकतम कितनी धनराशि खर्च कर सकता है ?
(क) 5 लाख
(ख) 8 लाख
(ग) 20 लाख
(घ) 25 लाख
उत्तर-
(घ) 25 लाख

प्रश्न 12.
लोकसभा के चुनाव हेतु सम्पूर्ण भारत को कितने निर्वाचन क्षेत्रों में बाँटा गया है ?
(क) 250
(ख) 324
(ग) 420
(घ) 543
उत्तर-
(क) 250

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प्रश्न 13.
चुनाव प्रचार में निम्नलिखित में से किस पर प्रतिबंध नहीं है ?
(क) धर्म के नाम पर प्रचार
(ख) सरकारी वाहन का प्रयोग
(ग) सरकार को नीतिगत फैसला करना
(घ) सीधा-सादा प्रचार
उत्तर-
(क) धर्म के नाम पर प्रचार

प्रश्न 14.
लोकसभा में अनुसूचित जातियों के लिए कितनी सीटें आरक्षित हैं ?
(क) 70
(ख) 72
(ग) 75
(घ) 79
उत्तर-
(घ) 79

प्रश्न 15.
बिहार विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए कितनी सीटें आरक्षित हैं ?
(क) 5
(ख) 8
(ग) 0 (शून्य)
(घ) 10
उत्तर-
(घ) 10

रिक्त स्थान की पूर्ति करें :

प्रश्न 1.
राजनीतिक पार्टियों के बीच ………….. होता है।
उत्तर-
प्रतिस्पर्धा

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प्रश्न 2.
अगर प्रतिस्पर्धा नहीं रहे तो चुनाव ………….हो जायेंगे।
उत्तर-
बेमानी

प्रश्न 3.
नियमित अंतराल पर चुनावी मुकाबलों का लाभ ……………………….. और नेताओं को मिलता है।
उत्तर-
राजनीतिक दलों

प्रश्न 4.
लोकतांत्रिक चुनाव की यह विशेषता है कि हर वोट को ……………….. .. का आधार बनाया जाता है। ..
उत्तर-
मूल्य

प्रश्न 5.
निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन के लिए जनसंख्या एवं …………………. …. का आधार बनाया जाता है।
उत्तर-
क्षेत्रफल

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प्रश्न 6.
महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर सिर्फ ………………. . चुनाव लड़ सकती
उत्तर-
महिलाएँ

प्रश्न 7.
भारत में चुनाव प्रचार के लिए आमतौर पर ……………… . का समय दिया जाता है।
उत्तर-
दो सप्ताह

प्रश्न 8.
…………….. में आन्ध्र प्रदेश में तेलगू स्वाभिमान का नारा दिया गया था।
उत्तर-
1983

प्रश्न 9.
……………. में झारखंड में ‘झारखंड बचाओ’ का नारा दिया गया था।
उत्तर-
2000

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प्रश्न 10.
भारतीय संविधान ने चुनावों की निष्पक्षता की जाँच के लिए स्वतंत्र चुनाव ………. का गठन किया है।
उत्तर-
आयोग

प्रश्न 11.
चुनाव आयोग को …………….. कहते हैं उत्तर-भारतीय निर्वाचन आयोग

प्रश्न 12.
चुनाव का स्वतंत्र और निष्पक्ष होने का आखिरी पैमाना उसके …………. हैं।
उत्तर-
नतीजे

प्रश्न 13.
नगर परिषद् से चुने गए प्रतिनिधियों को नगर …………….. कहते हैं।
उत्तर-
पार्षद

प्रश्न 14.
गाँवों में आप कहते सुनेंगे कि …………….. ने हमारे घरों को बाँट दिया है।
उत्तर-
पार्टी-पॉलिटिक्स

प्रश्न 15.
चुनाव के लिए राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के नामों की ……………… करते हैं।
उत्तर-
घोषणा

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अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मताधिकार किसे कहते हैं ?
उत्तर-
राज्य की ओर से नागरिकों को जो मत देने का अधिकार दिया गया है उसे मताधिकार कहते हैं।

प्रश्न 2.
मतदान का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
निर्वाचन के समय कोई व्यक्ति उसमें भाग लेकर अपने मत का प्रयोग करते हैं उसे मतदान कहते हैं।

प्रश्न 3.
मतदाता किसे कहते हैं ?
उत्तर-
चुनाव में मतदान करनेवाले व्यक्ति को मतदाता कहते हैं।

प्रश्न 4.
चुनाव का प्रमुख उद्देश्य क्या है ?
उत्तर-
जनता अपनी पसंद के प्रतिनिधियों का चुनाव करे।

प्रश्न 5.
चुनाव नियमित रूप से क्यों होना चाहिए?
उत्तर-
इसलिए ताकि मतदाताओं को अपनी पसंद के अनुसार प्रतिनिधियों का चुनाव करने का अवसर मिलता रहे।

प्रश्न 6.
चुनाव चिह्न का क्या महत्व होता है ? .
उत्तर-
भारत के अधिकांश मतदाता अनपढ़ हैं जिस कारण मतदाता चुनाव चिह्न को पहचान कर अपनी पसंद से मतदान कर सकें।

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प्रश्न 7.
लोकतांत्रिक देश में चुनाव से क्या अभिप्राय है ? ।
उत्तर-
लोकतांत्रिक देश में चुनाव वास्तव में लोकतंत्र का आधार है। चुनाव के द्वारा ही लोकतंत्र में प्रत्याशी चयनित किए जाते हैं।

प्रश्न 8.
मतदान केन्द्रों पर चुनाव सम्पन्न करने का उत्तरदायित्व किस पर होता है ?
उत्तर-
पीठासीन पदाधिकारी पर ।

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प्रश्न 9.
मतदाताओं की अंगुली पर एक अमिट स्याही क्यों लगा दी जाती है?
उत्तर-
ताकि वह दुबारा वोट न दे सके।

प्रश्न 10.
भारतीय चुनाव प्रणाली की एक विशेषता को लिखें।
उत्तर-
नियमित चुनाव प्रणाली ।

प्रश्न 11.
मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति कौन करता है ?
उत्तर-
राष्ट्रपति ।

प्रश्न 12.
भारत का चुनाव आयोग कैसा है ?
उत्तर-
काफी शक्तिशाली और स्वतंत्र ।

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प्रश्न 13.
किन लोगों को मताधिकार नहीं दिया गया है ?
उत्तर-
गंभीर प्रकार के अपराधी, पागल एवं दिवालिया को मताधिकार नहीं दिया गया।

प्रश्न 14.
निर्वाचन क्षेत्र क्या है ?
उत्तर-
एक खास भौगोलिक क्षेत्र जहाँ से मतदाता एक प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं।

प्रश्न 15.
आदर्श चुनाव आचार संहिता क्या है ?
उत्तर-
चुनाव की अधिसूचना के पश्चात् पार्टियाँ और उम्मीदवारों द्वारा अनिवार्य रूप से माने जाने वाले कायदे-कानून और दिशा-निर्देश को आचार संहिता कहते हैं।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत में मतदाता की कौन-सी तीन योग्यताएँ होनी चाहिए ?
उत्तर-

  • वह भारत का नागरिक हो ।
  • उसकी आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • मतदाता सूची में उसका नाम हो ।

प्रश्न 2.
भारत में संसदीय चुनाव के उम्मीदवार की कोई तीन योग्यताएँ बताएँ।
उत्तर-

  • वह भारत का नागरिक हो ।
  • उसकी आयु कम-से-कम 25 वर्ष होनी चाहिए और राज्य सभा का चुनाव लड़ने के लिए कम-से-कम उसकी उम्र 30 वर्ष होनी चाहिए।
  • गंभीर आपराधिक मामले उसके खिलाफ न चल रहे हों।

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प्रश्न 3.
चुनाव प्रणाली क्या है ?
उत्तर-
भारत एक लोकतांत्रिक देश है । यहाँ शासन का संचालन जनता के प्रतिनिधियों के द्वारा होता है। सर्वप्रथम जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है, उसके बाद निर्वाचित प्रतिनिधि देश की संसद या राज्य के विधान मंडलों में पहुँचकर जनता की सेवा करते हैं। प्रतिनिधियों को चुनने के लिए जो संवैधानिक प्रणाली होती है उसे चुनाव प्रणाली कहते हैं।

प्रश्न 4.
चुनाव को आवश्यक क्यों माना गया है ?
उत्तर-
लोकतांत्रिक देश में यह जानने के लिए कि उनका प्रतिनिधि जो शासन चला रहे हैं, वे लोगों के अनुरूप शासन कर रहे हैं अथवा नहीं। ये प्रतिनिधि लोगों को पसंद है कि नहीं। इन्हीं बातों की जानकारी के लिए चुनाव आवश्यक है। इसके लिए ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जिससे लोग नियमित अंतराल पर अपने प्रतिनिधियों को चुन सकें और इच्छानुसार उन्हें बदल सकें। इस व्यवस्था का नाम चुनाव है । इसलिए आज के समय में लोकतंत्र में चुनाव को जरूरी माना गया है।

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प्रश्न 5.
राजनैतिक प्रतिस्पर्धा से आमलोगों पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर-
राजनैतिक प्रतिस्पर्धा नुकसानदायी है। हर गाँव घर में बँटवारे जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। लोग आपस में बातचीत करते हुए कहते हैं कि ‘पार्टी पॉलिटिक्स’ ने हमारे घरों को बाँट दिया है। विभिन्न दलों के लोग एक दूसरे के खिलाफ आरोप लगाते हैं। चुनाव जीतने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। चुनाव जीतने की होड़ में सही किस्म की राजनीति बलि चढ़ जाती है। इसका नतीजा यह होता है कि अच्छे लोग जो देश एवं समाज की राजनीति में सेवा भावना से आना चाहते हैं, उन्हें घोर निराशा होती है।

प्रश्न 6.
क्या हमारे देश में चुनाव लोकतांत्रिक है ?
उत्तर-
हमारे देश में चुनाव लोकतांत्रिक हैं। इसके निम्नलिखित प्रमाण हैं-

  • अपने देश में लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव हर पाँच साल बाद होते हैं। इस प्रकार जो प्रतिनिधि चुनकर जाते हैं, उनका कार्यकाल पाँच वर्षों का होता है ।
  • हर पाँच वर्षों बाद लोकसभा और विधान सभाएँ भंग हो जाती हैं ।
  • फिर सभी चुनाव क्षेत्रों में एक ही दिन अथवा एक छोटे अंतराल पर अलग-अलग दिन चुनाव होते हैं । इसे आम चुनाव कहते हैं।

इस प्रकार भारत में चुने हुए प्रतिनिधि ही शासन चलाते हैं और हर पाँच साल पर उन्हें चुनाव जीतना पड़ता है अन्यथा सत्ता हाथ से निकल जाती है। इस तरह यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को सिद्ध करता है।

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प्रश्न 7.
निर्वाचन क्षेत्र क्या है ? इसके निर्माण का क्या आधार है ?
उत्तर-
चुनाव के उद्देश्य से देश को जनसंख्या के हिसाब से कई क्षेत्रोंमें बाँट दिया जाता है। इन्हें निर्वाचन क्षेत्र कहा जाता है। एक क्षेत्र में रहने वाले मतदाता अपने एक प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। जिस प्रकार बिहार में विधायक चुनने के लिए 243 निर्वाचन क्षेत्रों में बाँटा गया है, उसी प्रकार लोकसभा चुनाव के लिए देश को 543 निर्वाचन क्षेत्रों में बाँटा गया है। निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन के लिए जनसंख्या एवं क्षेत्रफल को आधार बनाया जाता है। इस प्रकार एक खास भौगोलिक क्षेत्र जहाँ से मतदाता एक प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं उसे ही निर्वाचन क्षेत्र कहते हैं।

प्रश्न 8.
संविधान निर्माताओं ने कमजोर वर्गों के लिए आरक्षित क्षेत्र की बात क्यों सोची?
उत्तर-
हमारे संविधान निर्माताओं ने कमजोर वर्गों के लिए आरक्षित क्षेत्र की विशेष व्यवस्था करने की बात सोची । हमारे संविधान निर्माता इस बात से चिंतित थे कि इस खुले मुकाबले में सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से कमजोर समूहों के लिए लोकसभा एवं विधान सभाओं में शायद नहीं पहुंच पायें । ऐसा इसलिए कि उनके पास चुनाव लड़ने और जीतने लायक जरूरी संसाधन, शिक्षा एवं संपर्क नहीं हो। यह भी संभव है कि संसाधन सम्पन्न एवं प्रतिभाशाली लोग उनको चुनाव जीतने से रोक भी सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो संसद एवं विधानसभाओं में एक बड़ी आबादी की आवाज पहुँच नहीं पायेगी । इससे हमारे लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्वरूप कमजोर होगा और यह व्यवस्था कम लोकतांत्रिक होगी। इसलिए संविधान निर्माताओं ने ऐसा किया।

प्रश्न 9.
भारत में कौन ऐसा राज्य है जहाँ स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आधी सीटें आरक्षित कर दी गयीं हैं ?
उत्तर-
सम्पूर्ण भारतवर्ष में बिहार पहला राज्य है जिसने महिलाओं को कमजोर समूह का हिस्सा मानते हुए उनके लिए पंचायतों, नगरपालिकाओं एवं नगर निगमों में आधी सीटें आरक्षित कर दिया है। इन आधी सीटों में कुछ सीटें अनुसूचित जातियों एवं पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर सिर्फ महिलाएँ चुनाव लड़ सकती हैं। इनमें सामान्य एवं पिछड़े वर्ग की सीटों के लिए उसी समूह की महिलाएँ चुनाव में उम्मीदवार हो सकती हैं।

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प्रश्न 10.
मतदाता सूची का क्या तात्पर्य है ?
उत्तर-
लोकतांत्रिक चुनाव में मतदान की योग्यता रखने वालों की सूची चुनाव से काफी पहले तैयार कर ली जाती है और इसे सर्वसुलभ बना दिया जाता है। इस सूची को आधारित रूप से मतदाता सूची कहते हैं, इसे ही ‘वोटर लिस्ट’ भी कहते हैं। मतदाता सूची का निर्माण एक महत्वपूर्ण कार्य है। इसके बिना चुनाव संभव नहीं।

प्रश्न 11.
चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सही पहचान के लिए कितने प्रकार के पहचानों को वैध माना है ?
उत्तर-
चुनाव आयोग ने पहचान के तौर पर 14 प्रकार के पहचानों की वैद्यता स्वीकार की है। जैसे मतदाता का राशन कार्ड, बिजली बिल, ड्राइविंग लाइसेंस, टेलीफोन बिल, पैन कार्ड आदि । पिछले कुछ वर्षों से चुनावों में फोटो पहचान पत्र की व्यवस्था लागू की गई है । फोटो पहचान कार्य अभी भी जारी है।

प्रश्न 12.
चुनाव का प्रमुख उद्देश्य क्या है ?
उत्तर-
चुनाव का प्रमुख उद्देश्य यह होता है कि लोग अपनी पसंद के प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकें। सरकार बनाने में सहभागी बन सकें। इसके लिए जरूरी है कि लोग जानें कि कौन प्रतिनिधि बेहतर है, कौन पार्टी अच्छी सरकार देगी या किसकी नीति कल्याणकारी है ।

प्रश्न 13.
वे कौन-कौन से ऐसे प्रतिबंधित कार्य हैं जिन्हें चुनाव के समय उम्मीदवार या पार्टी नहीं कर सकती ? अथवा, किस स्थिति में चुनाव रद्द घोषित हो सकता है ?
उत्तर-
निम्नलिखित कार्य प्रतिबंधित हैं

  • मतदाताओं को प्रलोभन देना, घूस देना या धमकी देना।
  • चुनाव अभियान में सरकारी संसाधनों जैसे-सरकारी गाड़ियों का प्रयोग।
  • लोकसभा चुनाव में एक निर्वाचन क्षेत्र में 25 लाख और विधानसभा चुनाव में 10 लाख रुपये से ज्यादा खर्च आदि ।

कोई भी उम्मीदवार इनमें से किसी मामले में दोषी पाए जायेंगे तो उनका चुनाव रद्द घोषित हो सकता है।

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प्रश्न 14.
चुनाव के समय ‘आदर्श-आचार संहिता’ लागू होती है। वह क्या है?
उत्तर-
कुछ कानूनों के अतिरिक्त राजनीतिक दलों को चुनाव प्रचार में ‘आदर्श-आचार संहिता’ लाग होती है जिसे स्वीकार करना पड़ता है। वे निम्नलिखित हैं

  • चुनाव प्रचार के लिए किसी धर्म अथवा धर्मस्थल का उपयोम नहीं करना ।
  • सरकारी वाहन, विमान अथवा सरकारी कर्मियों का चुनाव में उपयोग नहीं करना।
  • चुनाव की अधिसूचना के बाद सरकार के द्वारा किसी बड़ी योजना का शिलान्यास अथवा कोई नीतिगत फैसला, लोगों को सुविधाएँ देने वाले वायदे नहीं किये जा सकते हैं।

प्रश्न 15.
चुनाव घोषणा पत्र क्या है ?
उत्तर-
हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि प्रत्येक उम्मीदवार को अपने बारे में कुछ ब्यौरे देते हुए घोषणा करनी होगी। प्रत्येक उम्मीदवार को इन मामलों के सारे विवरण देने होते हैं

  • उम्मीदवार के खिलाफ चल रहे गंभीर आपराधिक मामले ।
  • उम्मीदवार और उसके परिवार के सदस्यों की सम्पत्ति और सभी देनदारियों का ब्यौरा।
  • उम्मीदवार की शैक्षिक योग्यता ।

प्रश्न 16.
चुनाव अभियान पर अपना विचार व्यक्त करें।
उत्तर-
चुनाव अभियान निर्वाचन प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। चुनाव की तिथि की घोषणा हो जाने के साथ ही चुनाव अभियान आरम्भ हो जाता है । अपने देश में चुनाव प्रसार के लिए आम तौर पर दो सप्ताह का समय दिया जाता है। यह समय चुनाव अधिकारी तथा उम्मीदवारों के अंतिम सूची और मतदान के तिथि के बीच का होता है। इस अंतराल में उम्मीदवार लोगों से व्यक्तिगत सम्पर्क करते हैं, छोटी-छोटी सभाएँ करते हैं, अखबारों एवं टी.वी. चैनलों द्वारा विभिन्न राजनीतिक दल चुनाव प्रचार करते हैं । चुनाव अभियान में राजनीतिक दल किसी-न-किसी मोहक नारे द्वारा लोगों को आकर्षित करते हैं। जैसे 1971 ई. में काँग्रेस पार्टी ने गरीबी हटाओ का नारा दिया था । 1977 ई० में जनता पार्टी ने देश भर में लोकतंत्र बचाओ’ का नारा दिया था। इस तरह उम्मीदवारों का चुनाव अभियान चलता है।

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प्रश्न 17.
चुनाव में प्रयोग होनेवाले मशीन का क्या नाम है ? यह कैसे कार्य करता है?
उत्तर-
मतदान को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक मशीन का प्रयोग किया जाता है जिसे ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ कहा जाता है। मशीन के ऊपर उम्मीदवार के नाम और उनके चुनाव चिह्न बने होते हैं । मतदाता को जिस उम्मीदवार को वोट देना होता है उसके चुनाव चिह्न के आगे बने बटन को एक बार दबा देना होता है।

प्रश्न 18.
मत-पत्र क्या होता है ?
उत्तर-
चुनाव के समय चुनाव केन्द्र पर मतदाताओं को मत देने के लिए एक मतपत्र दिया जाता है जिस पर सभी उम्मीदवारों के नाम के साथ चुनाव चिह्न भी अंकित रहता है जिस पर वे अपनी पसंद के उम्मीदवार को अपना मोहर लगाते हैं । अब मतपत्र के स्थान पर ‘इलेक्ट्रॉनिक वाटिंग मशीन’ का प्रयोग होता है।

प्रश्न 19.
मतदान केन्द्र के चुनाव अधिकारी एवं पीठासीन पदाधिकारी के कार्यों का परिचय दीजिए।
उत्तर-
चुनाव अधिकारी को चुनाव आयुक्त द्वारा नियुक्त किया जाता है । मतदान केन्द्र पर चुनाव को सम्पन्न करने के लिए सरकार द्वारा इनकी नियुक्ति होती है। जब मतदाता केन्द्र पर जाता है तो चुनाव अधिकारी उसे पहचान कर उसकी अंगुली पर एक अमिट स्याही लगा देता है ताकि वह दुबारा मत डालने न आ सके । मतदान की समाप्ति पर सभी बैलेट.बॉक्सों अथवा वोटिंग मशीनों का सील बंद कर चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित एवं सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया

जाता है । फिर एक निश्चित एवं घोषित तारीख को मतों की गिनती शुरु की जाती है।

प्रश्न 20.
भारत में चुनाव परिणामों को स्वीकार करने की बाध्यता है । क्यों ?
उत्तर-
भारत में चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र ढंग से होता है। लोग चुनावी नतीजों को स्वीकार करने की मूल बाध्यता है या मूल पैमाना है। बड़े-बड़े नेता भी चुनाव हार जाते हैं। 2009 में रामविलास पासवान जैसे दिग्गज नेता भी चुनाव हार गए। यही लोकतंत्र का तकाजा है । निर्वाचन आयोग के सशक्त पर्यवेक्षक, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय मीडिया भी चुनाव परिणामों की वैधता पर कड़ी नजर रखते हैं। यही कारण है कि चुनाव परिणाम घोषित होने पर उम्मीदवार उसे स्वीकार कर लेता है, यह संवैधानिक बाध्यता भी है।

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प्रश्न 21.
‘री-पोलिंग’ किसे कहते हैं ?
उत्तर-
चुनाव आयोग द्वारा यह बात भी महत्वपूर्ण है कि अगर चुनाव अधिकारी किसी मतदान केन्द्र पर या पूरे चुनाव क्षेत्र में मतदान ठीक ढंग .. से नहीं होने के पुख्ता प्रमाण देते हैं तो वहाँ ‘री पोलिंग’ का पुनर्मतदान होता है।

प्रश्न 22.
भारतीय चुनाव में भागीदारी पर एक टिप्पणी लिखें।
उत्तर-
चुनाव में लोगों की भागीदारी का पैमाना अक्सर मतदान करनेवालों के आँकड़ों को बनाया जाता है। इससे पता लग जाता है कि मतदान की योग्यता रखनेवाले कितने मतदाताओं ने वास्तविक मतदान किया। पिछले 50 वर्षों में जहाँ यूरोप, उत्तरी अमरीका के लोकतांत्रिक देशों में मतदान का प्रतिशत गिरा है, वही भारत में या तो स्थिर रहा है अथवा ऊपर गया है।
भारत में अमीर एवं बड़े लोगों की तुलना में गरीब, निरक्षर और – कमजोर लोग अधिक संख्या में मतदान करते हैं। जबकि अमरीका में
गरीब लोग, अफ्रीकी मूल के लोग अमीर एवं श्वेत लोगों की तुलना में काफी कम मतदान करते हैं।

प्रश्न 23.
उप चुनाव क्या है ?
उत्तर-
जब किसी सदस्य की मृत्यु या इस्तीफे के कारण संसहीय या विधान सभा क्षेत्र खाली होता है तो उसे भरने के लिए पुनः मतदान होता है। इस प्रकार के चुनाव को उप चुनाव कहते हैं।

प्रश्न 24.
मध्यावधि चुनाव क्या है ?
उत्तर-
कभी-कभी सरकार अल्पमत के कारण लोकसभा या विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने में विफल हो जाती हैं, तब वैसी स्थिति में मध्यावधि चुनाव होता है। ऐसी स्थिति में यह मध्यावधि चुनाव आम चुनाव बन जाता है।

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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
चुनाव को लोकतांत्रिक मानने के क्या आधार हैं ?
उत्तर-
लोकतांत्रिक चुनावों के लिए कुछ जरूरी न्यूनतम शर्ते हैं। वे निम्नलिखित हैं –

  • सभी को मत देने का अधिकार हो और सभी के मत का समान मूल्य हो।
  • चुनाव में विकल्प की गुंजाइश हो । पार्टियों और उम्मीदवारों को चुनाव में भाग लेने की आजादी हो और वें मतदाताओं के लिए विकल्प पेश करें।
  • चुनाव का अवसर नियमित अंतराल पर मिलता रहे ।
  • चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न हो ताकि लोग अपनी इच्छा से उम्मीदवार का चुनाव कर सकें।

ये शर्ते सरल लगती हैं, लेकिन दुनिया में ऐसे अनेक देश हैं जहाँ के चुनावों में इन न्यूनतम शर्तों को पूरा नहीं किया जाता । भारत में इन शर्तों को पूरा किया जाता है। अतः यहाँ का चुनाव लोकतांत्रिक है।

प्रश्न 2.
राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
चुनाव प्रतिस्पर्धा का खेल है। चुनाव के समय में विभिन्न दलों के उम्मीदवार एवं नेता अपने दल या अपनी सरकार की नीतियों का जमकर प्रचार-प्रसार करते हैं । विभिन्न प्रकार के लुभावने नारे भी देते हैं

ताकि आम जनता प्रभावित हो। जनता उसी को अपना नेता चुनती है जिनसे कल्याण की अपेक्षा की जाती है, जिसमें लोगों की सेवा करने वाले राजनेताओं को जीत मिले तथा ऐसा नहीं करने वालों को हार मिले इस का फैसला जनता करती है। चुनावी प्रतिस्पर्धा का ग्रही वास्तविक अर्थ है । नियमित अंतराल पर चुनावी मुकाबलों का लाभ राजनीतिक दलों को मिलता है। इससे इन्हें यह भी पता चलता है कि अगर नेताओं ने लोगों की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखाई तो लोग उन्हें स्वीकार नहीं करेंगे और लोग उन्हें पराजित कर देंगे। वैसे नेता चुनाव जीत जाते हैं जो आम समस्या से अधिक व्यक्तियों को खुश रखने में विश्वास रखते हैं।
लेकिन राजनीतिक प्रतिस्पर्धा सिर्फ चुनाव के लिए नहीं बल्कि लोकतंत्र के लिए भी हितकर है।

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प्रश्न 3.
भारत में चुनाव कितना लोकतांत्रिक है ? स्पष्ट करें।
उत्तर-
चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद चुनाव में गड़बड़ियों की सूचना मिलती है। अगर ये गड़बड़ियाँ चुनाव में पाई जाती हैं तो उस चुनाव को लोकतांत्रिक नहीं कहेंगे।
कुछ गड़बड़ियाँ इस प्रकार हैं-

  • मतदाता सूची में फर्जी नाम डालने और वास्तविक नामों को गायब करने का मामला ।
  • मतदाताओं को डराना और फर्जी मतदान करना ।
  • सत्ताधारी दल द्वारा सरकारी सुविधाओं, धन, बल और अधिकारियों के दुरुपयोग।
  • मतदान पूर्व मतदाताओं के बीच जाति व धर्म के नाम पर अफवाहें फैलाना या उनके बीच धन वितरित करना ।

चुनाव लोकतांत्रिक तभी होगा जब उपर्युक्त गड़बड़ियाँ न हों। इसके लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना जरूरी है –

  • प्रत्येक मतदाता का मत बराबर हो ।
  • प्रत्येक वयस्क नागरिक को वोट देने का अधिकार हो।
  • चुनाव निश्चित अंतराल पर हो ।
  • चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हो ।

अतः स्पष्ट है कि किसी चुनाव को लोकतांत्रिक तभी कहा जाएगा जब वे उपर्युक्त शर्तों का पालन करें।

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प्रश्न 4.
चुनाव आयोग के महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख करें।
उत्तर-
भारतीय संविधान ने चुनावों की निष्पक्षता की जाँच के लिए एक स्वतंत्र चुनाव आयोग का गठन किया है। जिसे ‘भारतीय निर्वाचन आयोग’ कहते हैं। इसके मुख्य चुनाव आयोग की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति करते हैं। इन्हें कार्यकाल के पहले कोई सरकार हटा नहीं सकती
दुनिया के शायद ही किसी चुनाव आयोग को भारत के चुनाव आयोग जितने अधिकार प्राप्त हैं। इनके अधिकार और कार्य इस प्रकार हैं

  • मतदाता सूचियों को तैयार करना-चुनाव आयोग का महत्वपूर्ण कार्य संसद तथा राज्य विधानमंडलों के चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करना है।
  • चुनाव के लिए तिथि निश्चित करना-चुनाव आयोग विभिन्न चुनाव क्षेत्रों में चुनाव करवाने की तिथि निश्चित करता है । नामांकन पत्रों के दाखिले की अंतिम तिथि तथा नामांकन पत्रों की जाँच करने की तिथि घोषित करता है।
  • चुनाव का निरीक्षण, निर्देशन तथा नियंत्रण-उपर्युक्त तीनों अधिकार चुनाव आयोग को प्राप्त हैं।
  • चुनाव में तैनात अधिकारी सरकार के नियंत्रण में नहीं होते बल्कि निर्वाचन आयोग के अधीन कार्य करते हैं।
  • चुनाव क्षेत्र में मतदान ठीक ढंग से नहीं होने के पुख्ता प्रमाण देते ही वहाँ पुनर्मतदान होता है, यह अधिकार चुनाव आयोग का हैं।
  • चुनाव आयोग लगातार चुनाव सुधारों के काम में लगा हुआ है और लोगों की कठिनाइयों एवं चुनावी धांधलियों पर नियंत्रण रखने के लिए नये-नये उपाय कर रहा है । अब फोटो पहचान पत्र बनाने का कार्य अनवरत चल रहा है।

प्रश्न 5.
निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान सभा के गठन (2005 ई.) की क्या अधिसूचना जारी की थी?
उत्तर-
बिहार में सन् 2005 ई. के आम चुनावों में आयोग काफी सक्रिय था। निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान सभा के गठन की निम्नलिखित अधिसूचना जारी की

  • चुनाव में मतदान के लिए फोटो पहचान पत्र अनिवार्य है।
  • चुनाव आयोग ने सरकार के मंत्री को आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के लिए दोषी करार दिया।
  • निर्वाचन आयोग ने चुनाव खर्च पर नकेल कसी।
  • राजनीतिक विज्ञापनों पर सेंसर अथवा रोक ।
  • चुनाव के गुप्त खर्च पर चुनाव आयोग की नजर ।
  • माननीय न्यायालय ने चुनाव आयोग से अपराधी उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने पर नकेल कसने को कहा।
  • चुनाव आयोग ने चुनाव के ऐन मौके पर जिले के कलेक्टर, एस.पी. को बदला ।

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प्रश्न 6.
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए चुनाव आयोग को कौन-कौन से उचित कदम उठाने चाहिए?
उत्तर-
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयाग का निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए

  • निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग को ईमानदार तथा निष्पक्ष व्यक्तियों की नियुक्ति करनी चाहिए ।
  • आदर्श आचार संहिता को सख्ती से लागू करना चाहिए।
  • शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और सेना की सहायता लेनी चाहिए ताकि मतदाता निडर होकर अपने मत का प्रयोग कर सकें।
  • चुनाव मूचियों की तैयारी व जाँच में सावधानी बरती जानी चाहिए।
  • फर्जी मतदान पत्रों पर रोक लगनी चाहिए।
  • चुनाव आयोग द्वारा जनता में मताधिकार के महत्व का प्रसार किया जाना चाहिए ताकि अधिक-से-अधिक मतदाता मतदान में भाग ले सकें।

Bihar Board Class 9 Political Science Solutions Chapter 1 लोकतन्त्र का क्रमिक विकास

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Political Science राजनीति विज्ञान : लोकतांत्रिक राजनीति भाग 1 Chapter 1 लोकतन्त्र का क्रमिक विकास Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Political Science Solutions Chapter 1 लोकतन्त्र का क्रमिक विकास

Bihar Board Class 9 Political Science लोकतन्त्र का क्रमिक विकास Text Book Questions and Answers

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 1 लोकतन्त्र का क्रमिक विकास

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से किससे लोकतंत्र के विस्तार में मदद नहीं मिलती
(क) आपसी मतभेद
(ख) देश की आंतरिक कलह
(ग) विदेशी शासन द्वारा आक्रमण
(घ) आर्थिक नीति
उत्तर-
(ग) विदेशी शासन द्वारा आक्रमण

प्रश्न 2.
चिली में जनतंत्र की बहाली कब हुई ?
(क) 2001 ई. में
(ख) 2004 ई. में
(ग) 2005 ई० में
(घ) 2006 ई० में
उत्तर-
(ख) 2004 ई. में

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प्रश्न 3.
मिशेल वेशले किस देश की महिला राष्ट्रपति हैं ?
(क) भारत की
(ख) चिली की
(ग) पोलैंड की
(घ) चीन की
उत्तर-
(ख) चिली की

प्रश्न 4.
‘मेरे देश के मेहनतकश मजदूरों’-इनमें से किनका नारा था ?
(क) मिशेल वैशले का
(ख) सल्वाडोर अपोंदे का
(ग) जनरलं अगस्तोका
(घ) पिनोशे का
उत्तर-
(ख) सल्वाडोर अपोंदे का

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प्रश्न 5.
चिली में सैनिक तख्तापलट के बाद राष्ट्रपति कौन बने ?
(क) जनरल आगस्तो पिनोशे
(ख) अलबर्टो वेशले
(ग) मिशेल वैशले
(घ) आयेंदे
उत्तर-
(क) जनरल आगस्तो पिनोशे

प्रश्न 6.
20वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में पोलैण्ड पर किस पार्टी का शासन था?
(क) पिपुल्स पार्टी
(ख) पोलिश यूनाइटेड वर्क्स
(ग) ग्डांस्क संधि
(घ) सोलिडेरिटी पार्टी
उत्तर-
(ख) पोलिश यूनाइटेड वर्क्स

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प्रश्न 7.
सन् 1980 ई० में पोलैंड में मजदूरों के हड़ताल के नेता कौन थे ?
(क) जारूजेल्स्की
(ख) लेक वालेशा
(ग) फ्रांसिस जॉन
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(ख) लेक वालेशा

प्रश्न 8.
पहली बार किस साम्यवादी शासन वाले देश में स्वतंत्र मजदूर संगठन बनाने की मान्यता प्रदान की गयी?
(क) चिली में
(ख) पाकिस्तान में
(ग) पोलैंड में
(घ) नेपाल में
उत्तर-
(ग) पोलैंड में

प्रश्न 9.
पोलैंड में लोकतंत्रात्मक गणराज्य का प्रथम राष्ट्रपति कौन बना?
(क) ला-वेला
(ख) जारूजेल्स्की
(ग) लेक वालेशा
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(ग) लेक वालेशा

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प्रश्न 10.
लोकतंत्र में लोगों को इनमें से कौन-सा अधिकार प्राप्त है ? ।
(क) शासकों का चुनाव कराना।
(ख) शासकों पर प्रतिबंध नहीं लगाना
(ग) जनता का चुप-चाप बैठे रहना
(घ) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
उत्तर-
(क) शासकों का चुनाव कराना।

प्रश्न 11.
प्राचीन लिच्छवी गणराज्य में केन्द्रीय समिति में कितने सदस्य थे ?
(क) 1707
(ख) 700
(ग) 900
(घ) 800
उत्तर-
(क) 1707

प्रश्न 12.
ब्रिटेन में गौरवपूर्ण क्रान्ति कब हुई थी?
(क) 1600 ई. में
(ख) 1700 ई. में
(ग) 1680 ई. में
(घ) 1688 ई. में
उत्तर-
(क) 1600 ई. में

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प्रश्न 13.
किस वर्ष अमेरिका में लोकतांत्रिक संविधान लागू हुआ?
(क) 1704 ई. में
(ख) 1800 ई. में
(ग) 1789 ई. में
(घ) 1688 ई. में
उत्तर-
(ग) 1789 ई. में

प्रश्न 14.
घाना पहले निम्नलिखित में से किसका उपनिवेश था ?
(क) जर्मनी का
(ख) फ्रांस का
(ग) ब्रिटेन का
(घ) जापान का
उत्तर-
(ग) ब्रिटेन का

प्रश्न 15.
1991 ई० में किसका विघटन हुआ?
(क) भारत का
(ख) चीन का
(ग) जापान का
(घ) सोवियत संघ का
उत्तर-
(ग) जापान का

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प्रश्न 16.
सोवियत संघ में कितने गणराज्य हैं ?
(क) 10
(ख) 15
(ग) 20
(घ) 25
उत्तर-
(ख) 15

प्रश्न 17.
किस वर्ष नेपाल का पहला संविधान बना?
(क) 1948 ई. में
(ख) 1950 ई. में
(ग) 1952 ई. में
(घ) 1960 ई. में
उत्तर-
(ग) 1952 ई. में

प्रश्न 18.
किस वर्ष नेपाल का संविधान लागू हुआ?
(क) 1948 ई. में
(ख) 1950 ई. में
(ग) 1959 ई. में
(घ) 1960 ई. में
उत्तर-
(ख) 1950 ई. में

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प्रश्न 19.
नेपाल नरेश ज्ञानेन्द्र ने कब निर्वाचित सरकार को पदच्युत कर दिया था?
(क) जनवरी 2005 ई. में
(ख) फरवरी 2005 ई. में
(ग) मार्च 2006 ई. में
(घ) फरवरी 2006 ई. में
उत्तर-
(क) जनवरी 2005 ई. में

प्रश्न 20.
नेपाल में संविधान सभा का चुनाव कब सम्पन्न हुआ ?
(क) जून 2008 ई० में
(ख) मार्च 2008 ई० में
(ग) मई 2008 ई० में
(घ) अगस्त 2008 ई० में
उत्तर-
(क) जून 2008 ई० में

प्रश्न 21.
नेपाल में प्रथम गणतंत्र के प्रथम प्रधानमंत्री कौन बने?
(क) डॉ. रामवर्द्धन यादव
(ख) प्रचंड
(ग) जी. पी. कोईराला
(घ) वीरेन्द्र
उत्तर-
(ख) प्रचंड

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प्रश्न 22.
नेपाल में उग्र राजनीतिक दल को क्या कहा जाता है ?
(क) नक्सलवार्दी
(ख) मार्क्सवादी
(ग) जनवादी
(घ) माओवादी कम्युनिष्ट पाटी
उत्तर-
(ग) जनवादी

प्रश्न 23.
किस वर्ष म्यांमार औपनिवेशिक शासन से आजाद हुआ?
(क) 1947 ई. में
(ख) 1910 ई. में
(ग) 1948 ई. में
(घ) 1950 ई. में
उत्तर-
(ग) 1948 ई. में

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प्रश्न 24.
वर्तमान समय में म्यांमार में किस प्रकार की शासन व्यवस्था है ?
(क) राजतंत्र
(ख) प्रजातंत्र
(ग) लोकतंत्र
(घ) फौजी सरकार
उत्तर-
(क) राजतंत्र

प्रश्न 25.
संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई ?
(क) 1945 ई. में
(ख) 1950 ई. में
(ग) 1951 ई. में
(घ) 1939 ई में
उत्तर-
(क) 1945 ई. में

प्रश्न 26.
वर्तमान समय में संयुक्त राष्ट्रसंघ के सदस्यों की संख्या है ?
(क) 200 देश
(ख) 192 देश
(ग) 190 देश
(घ) 145 देश
उत्तर-
(ख) 192 देश

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प्रश्न 27.
सुरक्षा परिषद् में सदस्यों की कितनी संख्या है ?
(क) 10
(ख) 11
(ग) 15
(घ) 20
उत्तर-
(क) 10

प्रश्न 28.
सुरक्षा परिषद् में स्थाई सदस्यों की संख्या कितनी है ?
(क) 5
(ख) 6
(ग) 8
(घ) 10
उत्तर-
(क)

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प्रश्न 29.
सुरक्षा परिषद् में स्थाई सदस्यों में अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और निम्नलिखित में से कौन हैं ?
(क) भारत
(ख) चीन
(ग) जापान
(घ) पाकिस्तान
उत्तर-
(ख) चीन

प्रश्न 30.
वर्तमान समय में किस शासन व्यवस्था को विश्व में सबसे लोकप्रिय एवं सर्वोत्तम माना जाता है ?
(क) राजतंत्र
(ख) तानाशाह
(ग) लोकतंत्र
(घ) सैनिकतंत्र
उत्तर-
(ग) लोकतंत्र

प्रश्न 31.
संयुक्त राष्ट्रसंघ के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कौन होते हैं ?
(क) महासचिव
(ख) न्यायाधीश
(ग) एक प्रभारी
(घ) महालेखापाल
उत्तर-
(ख) न्यायाधीश

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रिक्त स्थान की पूर्ति करें :

प्रश्न 1.
……………… नामक व्यक्ति ने चिली में सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना की।
उत्तर-
आयेंदे

प्रश्न 2.
चिली के पूर्व वायुसेना प्रमुख …………….. की हत्या 1975 ई. में कर दी गई।
उत्तर-
अलबर्टी वेशले

प्रश्न 3.
लेनिन जहाज कारखाना, पोलैंड के शहर ………………… में स्थित था।
उत्तर-
ग्डांस्क

प्रश्न 4.
लेनिन जहाज कारखाने के मजदूरों ने हड़ताल कर दी थी उसका कारण था एक क्रेन चालक ………………. को गलत ढंग से नौकरी से – निकाला जाना।
उत्तर-
महिला

प्रश्न 5.
लेनिन जहाज कारखाना के मजदूरों ने सरकार से एक समझौता किया वह समझौता ……………….कहलायी।
उत्तर-
ग्डांस्क सन्धि

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प्रश्न 6.
लेनिन जहाज कारखाना के मजदूर संगठन का नाम …………….. रखा गया।
उत्तर-
सोलिडेरिटी.

प्रश्न 7.
1980 ई० के दशक में पोलैंड की साम्यवादी सरकार ………………… थी।
उत्तर-
अलोकतांत्रिक

प्रश्न 8.
पोलैंड की साम्यवादी सरकार का नेतृत्व निरंकुश शासक जनरल ……………….. कर रहा था।
उत्तर-
जारूजेल्स्की

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प्रश्न 9.
घाना पहले ब्रिटेन का उपनिवेश था और इसका नाम ……………… था।
उत्तर-
गोल्डकोस्ट

प्रश्न 10.
जारूजेल्स्की ……….. के साम्यवादी नेता थे।
उत्तर-
पोलैंड

प्रश्न 11.
घाना को ………………. आजादी मिली।
उत्तर-
1957 ई. में

प्रश्न 12.
वर्तमान समय में चिली एक ……………… देश है।
उत्तर-
लोकतंत्र

प्रश्न 13.
चिली के वर्तमान राष्ट्रपति ……………… हैं।
उत्तर-
मिशेल मेशले

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प्रश्न 14.
घाना में लोकतांत्रिक सरकार की स्थापना पहली बार …….. के नेतृत्व में हुई।
उत्तर-
लामे एन क्रूमा

प्रश्न 15.
लेनिन जहाज कारखाना में लेक वालेशा एक ………………. था।
उत्तर-
इलेक्ट शियन

प्रश्न 16.
नेपाल के अंतिम नरेश ……………… थे ।
उत्तर-
ज्ञानेन्द्र

प्रश्न 17.
1990 ई० में नेपाल में जन आन्दोलन के परिणामस्वरूप …………………….. लोकतंत्र की शुरूआत हुई।
उत्तर-
बहुदलीय

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प्रश्न 18.
………………… की मृत्यु के बाद 1990 ई. के दशक में पाकिस्तान में लोकतंत्र की स्थापना हुई।
उत्तर-
जियाउल हक

प्रश्न 19.
म्यांमार पहले…………….कहा जाता था।
उत्तर-
बर्मा

प्रश्न 20.
म्यांमार में ……………………के संघर्ष को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली
उत्तर-
आंग सान सूची

प्रश्न 21.
संयुक्त राष्ट्रसंघ के 10 अस्थायी सदस्यों का चुनाव ………….. वर्षों के लिए होता है।
उत्तर-
दो

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प्रश्न 22.
भारत में नागरिकों को सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार ……………….में मिला।
उत्तर-
1950

प्रश्न 23.
सन् ………………. ई. में फ्रांस की क्रान्ति हुई।
उत्तर-
1789

प्रश्न 24.
चिली में अभी ………………… की स्थापना है।
उत्तर-
लोकतंत्र

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प्रश्न 25.
लोकतंत्र में लोगों को संगठन बनाने का …………………. होता है।
उत्तर-
अधिकार

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
एशिया के तीन गैरलोकतांत्रिक देशों के नाम लिखिए।
उत्तर-
बर्मा (म्यांमार), भूटान, चीन ।

प्रश्न 2.
चिली सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना किसने की?
उत्तर-
सेल्वाडोर आयेंदे ने ।

प्रश्न 3.
सेल्वाडोर आयेंदे कौन था ?
उत्तर-
चिली देश का राष्ट्रपति ।

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प्रश्न 4.
आयेंदे की सरकार का कब तख्ता पलट हुआ था ?
उत्तर-
11 सितम्बर, 1973 ई. को।

प्रश्न 5.
1980 ई० में पोलैंड में जो व्यक्ति हड़ताल में शामिल हुआ, उसका नाम था ?
उत्तर-
लेक वालेशा।

प्रश्न 6.
घाना के पहले निर्वाचित राष्ट्रपति कौन हुए ?
उत्तर-
लामे एन क्रूमा ।

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प्रश्न 7.
अमरिकी स्वतंत्रता संग्राम किस देश के विरुद्ध लड़ा गया था ?
उत्तर-
ब्रिटेन के विरुद्ध ।

प्रश्न 8.
म्यांमार के उस नेता का नाम बताइए जो लोकतंत्र के लिए लड़ती रहीं तथा नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त किया ?
उत्तर-
आंग सान सूची।

प्रश्न 9.
20वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में पोलैंड में किस प्रकार का शासन था ? . . .
उत्तर-
साम्यवादी ।

प्रश्न 10.
घाना में एनक्रूमा सरकार का तख्तापलट फिर कब हुआ? ‘
उत्तर-
घाना में सेना ने 1966 ई. में तख्ता पलट दिया और लोकतंत्र समाप्त हो गया।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
राष्ट्रपति आयेंदे ने निर्वाचित होने के बाद कौन से कार्य किये?
उत्तर-
राष्ट्रपति आयेंदे ने अनेक सुधारवादी कार्यक्रम चलाये । उसने मजदूरों की दशा में सुधार, शिक्षा-प्रणाली में सुधार के अनेक प्रयास किये । बच्चों के लिए निःशुल्क दूध बाँटना, भूमिहीन किसानों को जमीन बाँटना आदि । उस समय चिली की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी । अतः आयेंदे ने मजदूरों के अधिक से अधिक कल्याण की बात सोचते थे तथा कानून बनाए । उनके इस सुधार कार्यक्रम से अमीर लोग राष्ट्रपति आयेंदे से नाखुश थे।

प्रश्न 2.
1980 ई० में पोलैंड में कौन शासन करता था ?
उत्तर-
1980 ई० में पोलैंड में साम्यवादी दल का शासन था। इस दल का नाम था पोलिश यूनाइटेड वर्क्स पार्टी । यह एक दलीय व्यवस्था थी। सभी शासकीय ताकत इसी दल के हाथों में थी। सरकार का पूरी अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण था । अन्य साम्यवादी देशों की तरह पोलैंड में किसी अन्य राजनीतिक दल को राजनीति में भाग लेने का अधिकार नहीं था।

प्रश्न 3.
भारत में लोकतांत्रिक विकास किस तरह से हो रहा है ?
उत्तर-
1947 ई० में भारत स्वतंत्र हुआ। 1950 में भारत का अपना लोकतंत्र लागू हुआ। उस समय से आज तक भारत में लोकतंत्र का क्रमिक विकास हो रहा है । स्वतंत्र भारत में सब कुछ अपना है । नागरिकों को वयस्क मताधिकार से लेकर सभी लोकतंत्रात्मक अधिकार प्राप्त हैं।

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प्रश्न 4.
नक्शे में पोलैंड को ढूँढें तथा यह बतावें कि 1980 के दशक में यूरोप के किन-किन देशों में साम्यवादी शासन था ?
उत्तर-
छात्र पोलैंड स्वयं ढूढ़े ] नक्शे के अनुसार 1980 के दशक में पूर्वी यूरोप के माल्दोवा, जार्जिया, बेलारूस, यूक्रेन, अजरबैजान तथा आर्मीनिया जैसे देशों में साम्यवादी शासन था।

प्रश्न 5.
उन देशों का नाम लिखें जहाँ वर्तमान में साम्यवादी शासन है।
उत्तर-
वर्तमान समय में म्यांमार, भूटान, चीन, अफगानिस्तान, यमन, लीबिया, सउदी अरब तथा अंगोला जैसे देश में साम्यवादी शासन है।

प्रश्न 6.
पोलैंड में मजदूर संघ इतना महत्वपूर्ण क्यों हो गया ?
उत्तर-
पोलैंड में मजदूर संघ इसलिए महत्वपूर्ण हो गया क्योंकि किसी साम्यवादी शासन वाले देश में पहली बार एक स्वतंत्र मजदूर संघ का गठन हुआ। सरकार ने भी इस संघ की मान्यता दे दी थी।

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प्रश्न 7.
अधिकांश देशों में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में काफी देर से : मताधिकार क्यों मिला? भारत में ऐसा क्यों नहीं हुआ? ।
उत्तर-
अधिकांश देशों में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में काफी देर से मताधिकार इसलिए मिला क्योंकि महिलाओं को पुरुषों के समान नहीं माना जाता था । भातरीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं ने भी बढ़-चढे कर भाग लिया था। इसी दौरान भारत में सकारात्मक लोकतांत्रिक मूल्यों ने जन्म लिया था। उन मूल्यों में महिलाएँ समान समझी जाती थीं। अतः भारत में पुरुषों के साथ ही महिलाओं को भी मताधिकार मिल गया।

प्रश्न 8.
किसी को जीवन भर के लिए राष्ट्रपति चुनने को क्या आप उचित मानते हैं ?
उत्तर-
किसी को जीवन भर के लिए राष्ट्रपति चुनने की विधि को उचित नहीं माना जा सकता क्योंकि ऐसा होने पर राष्ट्रपति निरंकुश तथा तानाशाह हो सकता है। घाना में राष्ट्रपति लामे एनक्रूमा अपने आपको आजीवन राष्ट्रपति के रूप में चुनवा लिया था । यद्यपि वह लोकतंत्र का
राष्ट्रपति था परंतु उसकी तानाशाही से तंग हो सेना ने 1966 ई. में एनक्रूमा सरकार का तख्ता पलट दिया था।

प्रश्न 9.
चिली में पिनोशे शासन और पोलैंड की साम्यवादी शासन में तुलना करें।
उत्तर–
चिली में पिनोशे शासन और पोलैंड की साम्यवादी शासन में निम्नलिखित अंतर था

  • चिली में सैनिक शासन था जबकि पोलैंड में एक पार्टी का शासन था।
  • पोलैंड की साम्यवादी सरकार यह दावा कर रही थी कि वह पोलैंड के मजदूर वर्ग की ओर से शासन चला रही है और चिली के शासक का ऐसा कोई दावा नहीं था।
  • पोलैंड का शासन किसी विशेष मजदूर संगठन के अधिनायकवाद का उदाहरण था । चिली का शासन सैनिक अधिनायकवाद था।

प्रश्न 10.
चिली और पोलैंड दोनों की शासन व्यवस्था में कौन-सी समानताएँ थीं ?
उत्तर-
चिली और पोलैंड दोनों में असमानता के बावजूद भी कुछ निम्नलिखित समानताएँ थीं

  • दोनों देशों में शासकों का चुनाव जनता अपनी इच्छा से नहीं कर सकती थी।
  • दोनों ही देशों में जनता को सरकार के समक्ष अपने विचार व्यक्त करने, संगठन बनाने, विरोध करने तथा राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने की वास्तविक स्वतंत्रता नहीं थी।
  • दोनों ही देशों की जनता को खुलकर अपने विचारों को । अभिव्यक्त करने की आजादी नहीं थी। अतः स्पष्ट है कि दोनों की शासन व्यवस्थाओं में समानताएँ थीं।

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प्रश्न 11.
लिच्छवी गणतंत्र की प्रशासनिक व्यवस्था कैसी थी?
उत्तर-
ईसा पूर्व 6ठी शताब्दी में बुद्धकाल में कई गणराज्यों में लोकतांत्रिक शासन-व्यवस्था थी। उनमें से लिच्छवी गणराज्य भी था । इस गणराज्य की कई प्रशासनिक विशेषताएँ थीं।

  • इस गणराज्य में शासन का प्रधान एक निर्वाचित पदाधिकारी होता था जिसे राजा कहा जाता था ।
  • राज्य की वास्तविक शक्ति एक केन्द्रीय समिति के पास होती थी। जिसमें जनता के प्रतिनिधि होते थे। ये सभी प्रतिनिधि भी राजा कहलाते थे।
  • लिच्छवी गणराज्य में केन्द्रीय समिति में 1707 राज प्रतिनिधि थे । प्रत्येक राजा के अधीन एक उप राजा, सेनापति तथा भंगरिक आदि पदाधिकारी होते थे।
  • सभी प्रकार के निर्णय बहुमत से होता था।
    स्पष्ट है बुद्धकालीन गणराज्यों में शासकों का चुनाव होता था।

प्रश्न 12.
वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र से क्या तात्पर्य है.? क्या कोई वैश्विक सरकार होनी चाहिए?
उत्तर-
विश्व में लगातार बिगड़ रही शांति व्यवस्था की स्थापना के लिए एक विश्व सरकार होनी चाहिए। भारत की एक सरकार है, ब्रिटेन की एक सरकार है अन्य देशों में भी सरकारे हैं पर विश्व की कोई एक सरकार नहीं है जिसके द्वारा निर्मित कानून दुनिया भर के लोगों पर लागू हो। अतः विश्व स्तर पर लोकतंत्रात्मक सरकार का आना ही वैश्विक लोकतंत्र हुआ। विशाल विश्व में एक प्रशासन संभव नहीं है, फिर भी द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना एक तरह से वैश्विक स्तर पर लोकतंत्रात्मक कदम ही है।

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प्रश्न 13.
वीटो क्या है ? यह अधिकार किन-किन देशों को प्राप्त है ?
उत्तर-
वीटो विशेषाधिकार है। जब सुरक्षा परिषद् के किसी भी फैसले के खिलाफ इसके स्थायी सदस्य इस अधिकार का प्रयोग करते हैं तो सुरक्षा परिषद् उसकी मर्जी के खिलाफ फैसला नहीं कर सकती अर्थात् पूर्व का निर्णय लागू नहीं होता। यह अधिकार स्थायी सदस्यों को प्राप्त है । स्थायी सदस्य हैं-अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन ।

प्रश्न 14.
लोकतांत्रिक सरकार में और तानाशाही सरकार में क्या अन्तर है ?
उत्तर-
लोकतांत्रिक सरकार में जनता द्वारा चने गए प्रतिनिधि शासन में भाग लेते हैं। लोकतांत्रिक सरकार में लोगों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, अवसर की समानता, मौलिक अधिकार, वयस्क मताधिकार जैसे लोकतांत्रिक सिद्धान्तों की प्रधानता दी जाती है। . परन्तु, तानाशाही शासन व्यवस्था में शासक की निरंकुशता प्रबल रही है। जनता के अधिकारों पर ध्यान नहीं दिया जाता है। तानाशाही अपने विरोधियों को कुचल कर रख देता है। तानाशाही शासन में मानवता कराहती है।

प्रश्न 15.
ग्डांस्क संधि क्या थी?
उत्तर-
साम्यवादी पोलैंड में 14 अगस्त, 1980 ई. को लेनिन जहाज कारखाना के एक क्रेन चालक महिला को गलत तरीके से नौकरी से निकाल दिया । अतः उसके समर्थन में अन्य कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गये । उनकी माँगें थीं-

  • देश में स्वतंत्र मजदूर संघ को मान्यता मिले
  • राजनैतिक बंदियों को रिहा किया जाय तथा
  • प्रेस पर लगी सेंसरशिप हटाई जाए।

इस तरह इस आन्दोलन की लोकप्रियता के समक्ष सरकार को झुकना पड़ा । लेक वालेशा के नेतृत्व में मजदूरों ने सरकार के साथ 21 सूत्री समझौता किया। यह समझौता ‘ग्डांस्क संधि’ कहलायी।

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प्रश्न 16.
भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में लोकतंत्र के अनुभव पर एक टिप्पणी लिखिए।
उत्तर-
पाकिस्तान में लोकतंत्र की स्थापना एवं पतन की प्रक्रिया चलती रही है । जनरल जिया उल हक की मृत्यु 1990 के दशक में हुई। तब पाकिस्तान में लोकतंत्र की स्थापना हुई, लेकिन वह स्थायी नहीं रह सकी । 1999 ई. में जनरल परवेज मुशर्रफ ने प्रधानमंत्री नवाजशरीफ की तख्तापलट करते हुए सैनिक शासन की स्थापना की। परन्तु हाल में पाकिस्तान में हालात परिवर्तित हुए, और वहाँ की जनता ने लोकतंत्र के लिए संघर्ष किया। अन्त में जन-आन्दोलन के समक्ष सैनिक शासन को झुकना पड़ा और पाकिस्तान में चुनाव कराने पड़े। 2008 ई. के चुनाव के बाद पाकिस्तान पिपुल्स पार्टी की गठबंधन सरकार सत्ता में आयी। परवेज मुशर्रफ को गद्दी से हटना पड़ा । आसिफ अली जरदारी राष्ट्रपति हुए और युसुफ रजा गिलानी प्रधानमंत्री बने । इस घटना क्रम के अंतर्गत पाकिस्तान की लोकप्रिय नेत्रि बंजीर भुट्टो को अपनी प्राण गवानी पड़ी।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
लोकतंत्र के विस्तार के विभिन्न चरणों का वर्णन करें।
उत्तर-
भारत में ईसा पूर्व 6ठी शताब्दी में बुद्धकाल में गंगाघाटी के कई गणराज्यों में लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के प्रमाण मिले हैं । जैसेकपिलवस्तु, वैशाली में लिच्छवी, मिथिला, विदेह आदि ।

परन्त आधनिक लोकतंत्र की कहानी कम-से-कम दो सदी पहले शुरू हुई। 1779 ई. के जन विद्रोह ने फ्रांस में टिकाऊ लोकतंत्र की स्थापना नहीं की थी। 19वीं सदी तक फ्रांस में बार-बार लोकतंत्र को उखाड़ फेंका गया और पुनः स्थापित किया गया। लेकिन फ्रांसीसी क्रान्ति ने पूरे यूरोप में जगह-जगह पर लोकतंत्र के लिए संघर्षों की प्रेरणा दी।

ब्रिटेन में लोकतंत्र के तरफ कदम की शुरूआत फ्रांसीसी क्रान्ति से काफी पहले हो चुकी थी। लेकिन यहाँ प्रगति की रफ्तार काफी कम थी। 18वीं-19वीं सदी में हुए राजनैतिक घटनाक्रमों ने राजशाही और सामंत वर्ग की शक्ति में कमी कर दी । फ्रांसीसी क्रान्ति के आस-पास ही उत्तर अमेरिका में स्थित ब्रिटिश उपनिवेशों ने 1776 ई. में खुद को स्वतंत्र घोषित कर दिया। अगले कुछ ही वर्षों में इन उपनिवेशों ने साथ मिलकर संयुक्त राज्य अमेरिका का गठन किया। अमेरिका में 1789 ई. में एक लोकतांत्रिक संविधान लागू किया गया जो आजतक चला आ रहा है। 19वीं सदी में लोकतंत्र के लिए होनेवाले संघर्ष अक्सर राजनैतिक समानता, आजादी और न्याय जैसे मूल्यों को लेकर ही होते थे। तब एक मुख्य माँग हुआ करती थी कि सभी वयस्क नागरिकों को मतदान का अधिकार प्राप्त हो।

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प्रश्न 2.
19वीं शताब्दी में लोकतंत्र की स्थिति का वर्णन करें।
उत्तर-
19वीं शताब्दी में लोकतंत्र के लिए संघर्ष हुआ। इसमें प्रगति भी हुई। यह संघर्ष नागरिकों के राजनैतिक समानता, लोगों की स्वतंत्रता तथा न्यायिक निष्पक्षता जैसे मूल्यों के प्राप्ति तक ही सीमित रहा । अभी तक सार्वभौम वयस्क मताधिकार जनता को प्राप्त नहीं थे।

1900 ई. तक न्यूजीलैण्ड को छोड़कर किसी भी देश में जनता को सार्वजनिक वयस्क मताधिकार प्राप्त नहीं था । न्यूजीलैण्ड में 1893 ई. में ही जनता को सार्वजनिक वयस्क मताधिकार प्राप्त हो गया। कुछ देशों में मताधिकार उन्हीं को प्राप्त था जिसके पास निजी संपत्ति थी । अमेरिका में आम महिलाओं के साथ अश्वेत पुरुषों को भी मताधिकार मिला । इस तरह 19वीं शदी में लोकतंत्र की स्थापना हेतु संघर्ष की जरूरत थी। अतः वे लोग चाहे वह महिला हो अथवा पुरुष, चाहे वह गरीब हो या अमीर और चाहे श्वेत हो या अश्वेत, मताधिकार प्राप्ति हेतु संघर्ष करने लगे। इस तरह अब तक इतना तो अवश्य हो चुका था कि यूरोप, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका में आधुनिक लोकतंत्र की स्थापना का प्रारम्भिक चरण पूरा हो चुका था। इन देशों में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी मर्जी से सरकार का चयन किया ।

प्रश्न 3.
एशिया और अफ्रीका के अधिकांश देशों में उपनिवेशवाद का अंत कैसे हुआ?
उत्तर-
एशिया और अफ्रीका के अधिकांश देश यूरोपीय उपनिवेश थे। इन उपनिवेशों के नागरिकों को कोई राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं था । अतः इन देशों की जनता ने अपने-अपने देशों में लोकतंत्र की स्थापना के लिए संघर्ष करना शुरू किया । यूरोपीय देश इन औपनिवेशिक देशों का आर्थिक शोषण कर रहे थे। जनता का संघर्ष आरम्भ हआ तो औपनिवेशिक शासकों ने इसे दबाने का प्रयास किया। संघर्ष के विस्तार देखते हुए औपनिवेशिक शासकों को जनता के समक्ष झुकना पड़ा तथा सीमित अधिकार वाली सरकार चुनने का अधिकार प्राप्त हुए। परन्तु जनता इससे संतुष्ट नहीं थी। अत: संपूर्ण राजनैतिक अधिकारों की माँग होने लगी। अंत में औपनिवेशिक शासकों को इन देशों को स्वतंत्र करना पड़ा। इसी तरह हमारा देश भारत 1947 ई. में स्वतंत्र हुआ और यहाँ लोकतंत्र की स्थापना हुई।

पश्चिमी अफ्रीका में घाना एक देश है; जहाँ लोकतांत्रिक शासन का प्रयोग बहुत अधिक सफल नहीं रहा । घाना पहले ब्रिटेन का उपनिवेश था और इसका नाम गोल्डकोस्ट था । राजनैतिक अधिकारों हेतु यहाँ संघर्ष का आरम्भ हुआ। एक सुनार का पुत्र एवं शिक्षक ‘लामे एनक्रमा’ इस संघर्ष का नेता था । इनके नेतृत्व में घाना 1957 ई० में स्वतंत्र हुआ। आजादी के बाद एनक्रमा घाना के प्रधानमंत्री एवं फिर राष्ट्रपति चुने गए । इस तरह पश्चिमी अफ्रीका में लोकतंत्र की स्थापना का प्रथम सफल प्रयास हुआ । घिर-घिरे यहाँ उपनिवेशवाद का अंत हुआ । सेना ने 1966 ई. में लोकतंत्र का खात्मा कर पुनः सैनिक शासन कायम कर दिया ।

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 1 लोकतन्त्र का क्रमिक विकास

प्रश्न 4.
चिली में लोकतंत्र की वापसी कैसे संभव हुई ?
उत्तर-
दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप के चिली देश के राष्ट्रपति सल्वाडोर आयेंदे थे । चिली के चर्च, जमींदार वर्ग, अमीर लोग इनके खिलाफ थे, क्योंकि आयेंदे मजदूरों की दशा में सुधार, शिक्षा प्रणाली में सुधार तथा भूमिहीन किसानों को जमीन बाँटने जैसी लोकतांत्रिक नीतियों पर अमल कर रहे थे। 11 सितम्बर, 1973 को जनरल आगस्तो पिनोशे को आयेंदै का तख्ता पलट कर दिया और आगस्तो पिनोशे देश के राष्टपति बन बैठे। पिनोशे की सरकार ने आयेंदे के समर्थकों और लोकतंत्र की माँग करने वालों का दमन किया, कई लोगों को लापता कर दिया गया। 17 वर्षों तक उसका निरंकुश एवं क्रुर शासन चलता रहा । पिनोशे का सैनिक शासन 1988 ई. में तब समाप्त हुआ जब उन्होंने चिली में जनमत संग्रह कराने का फैसला किया । जनता ने भारी मतों से पिनोशे को ठुकरा दिया और चिली में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना हुई।

अब तक चिली में चार बार चुनाव हो चुके हैं। जनवरी 2006 ई. में राष्ट्रपति के चुनाव में चिली के पूर्व वायु सेना प्रमुख अलबर्टी वेशेल, जिनकी हत्या 1973 ई. में हुए विद्रोह के दौरान कर दी गयी थी; की पुत्री मिशेल वैशले विजयी रहीं। आज भी राष्ट्रपति के पद पर मिशेल वैशले कायम हैं। इस प्रकार चिली के लोगों ने देश में लोकतंत्र की स्थापना कर दी।

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 1 लोकतन्त्र का क्रमिक विकास

प्रश्न 5.
संयुक्त राष्ट्र के कितने अंग होते हैं ? वर्णन करें।
उत्तर-
संयुक्त राष्ट्र के निम्नलिखित अंग हैं

  • महासभा-संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य राष्ट्र इसके सदस्य हैं।
  • सुरक्षा परिषद-अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस तथा चीन इसके स्थायी सदस्य हैं। सुरक्षा परिषद् में 10 अस्थायी सदस्य हैं। इस प्रकार कुल 15 सदस्य हैं । 10 अस्थाई सदस्यों का निर्वाचन हर दो वर्ष पर होता
  • आर्थिक एवं सामाजिक परिषद्-इस परिषद् में कुल 54 सदस्य हैं। जो देशों के बीच आर्थिक तथा सामाजिक क्षेत्र में सहयोग स्थापना को प्रोत्साहित करती है।
  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय-इसमें कुल 15 सदस्य होते हैं; जिनका काम होता है अंतर्राष्ट्रीय विवादों को सुलझाना । इसके लिए संयुक्त राष्ट्र का एक अपना न्यायालय है।
  • न्यास परिषद्-इसका एक न्यास परिषद् भी है।
  • सचिवालय-संयुक्त राष्ट्र का अपना सचिवालय है जो अमेरिका के न्यूयार्क शहर में स्थित है । संयुक्त राष्ट्र के महासचिव सचिवालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होते हैं । बान-की-मून वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव हैं।

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 13 समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Disaster Management आपदा प्रबन्धन Chapter 13 समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Disaster Management Solutions Chapter 13 समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन

Bihar Board Class 9 Disaster Management समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
आपदा प्रबंधन के तीन प्रमुख अंगों में कौन एक निम्नलिखित में शामिल नहीं है ?
(क) पूर्वानुमान, चेतावनी एवं प्रशिक्षण
(ख) आपदा के समय प्रबंधन गतिविधियाँ ।
(ग) आपदा के बाद निश्चित रहना
(घ) आपदा के बाद प्रबंधन कार्य करना ।
उत्तर-
((ग) आपदा के बाद निश्चित रहना

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 13 समुदाय आधारित आपदा प्रबन्धन

प्रश्न 2.
प्रत्येक ग्रीष्म ऋतु में कौन सी आपदा लगभग निश्चित है ?
(क) आगजनी
(ख) वायु दुर्घटना
(ग) रेल दुर्घटना
(घ) सड़क दुर्घटना
उत्तर-
(क) आगजनी

प्रश्न 3.
सामुदायिक प्रबंधन के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन एक प्राथमिक क्रियाकलाप में शामिल नहीं है।
(क) निकटतम प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र को सूचित करना।
(ख) प्रभावित लोगों को स्वच्छ जल और भोजन की उपलब्धता की गारंटी करना ।
(ग) आपदा की जानकारी प्रशासन तंत्र को नहीं देना।
(घ) आपतकालीन राहत शिविर की व्यवस्था करना।
उत्तर-
(ग) आपदा की जानकारी प्रशासन तंत्र को नहीं देना।

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प्रश्न 4.
ग्रामीण आपदा प्रबंधन समिति के प्रमुख कार्य हैं ?
(क) प्राथमिक उपचार की व्यवस्था नहीं करना।
(ख) सभी को सुरक्षा देना।
(ग) राहत शिविर का चयन एवं राहत पहुँचाने का कार्य करना ।
(घ) स्वच्छता का ख्याल रखना ।
उत्तर-
(ख) सभी को सुरक्षा देना।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अग्निशमन दस्ता आने के पूर्व समुदाय द्वारा कौन से प्रयास किये जाने चाहिए?
उत्तर-
अग्निशमन दस्ता आने के पूर्व समुदाय द्वारा निम्नलिखित प्रयास किया जाना चाहिए

  • आग से झुलसे हुए लोगों को एक जगह पंचायत भवन या विद्यालय में ले जाकर प्राथमिक उपचार करना चाहिए।
  • जले हुए भाग पर पानी डालना या चंदन का लेप लगाना चाहिए।
  • जले हुए भाग पर बर्फ का उपयोग करना चाहिए।
  • टेलीफोन या मोबाइल का प्रयोग करके अस्पताल से एम्बुलेन्स माँगना चाहिए।
  • घायल या अर्द्ध जल लोगों को अच्छे उपचार के लिए अस्पताल पहुँचना चाहिए।
  • जिस जगह पर आग लगी हो, वहाँ अधिक से अधिक पानी, बालू, गोबर तथा मिट्टी डालना चाहिए ।

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प्रश्न 2.
ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबंधन समिति के गठन में कौन-कौन से सदस्य शामिल होते हैं ?
उत्तर-
ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबंधन समिति के गठन में के नौ सदस्य होते हैं। ये निम्नांकित हैं-

  • विद्यालय के प्रधानाचार्य
  • गाँव के मुखिया
  • गाँव के सरपंच
  • गाँव के दो समर्पित लोग
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का एक डॉक्टर
  • राष्ट्रीय सुरक्षा सेवा के सदस्य (N.S.S)
  • ग्राम सेवक
  • स्वयं सहायक समूह की दो महिलाएँ
  • नौ सदस्यों की सूची मानी गयी ।

प्रश्न 3.
आपदा प्रबंधन के लिए समुदाय में किन अच्छे गुणों का होना आवश्यक है ?
उत्तर-
आपदा प्रबंधन के लिए समुदाय के लोगों में निम्नलिखित गुणों का होना आवश्यक है

  • (i) समुदाय के सदस्य हमेशा समुदाय की भलाई सोचें ।
  • (ii) समुदाय द्वारा जब सामूहिक कार्य के लिए टीम का गठन हो तो उसमें परिश्रमी और साहसी लोग ही आपदा में शामिल हों ।
  • उसमें जात-पात और धर्म आधारित भेदभाव नहीं होना चाहिए।
  • समुदाय के हर व्यक्ति को सहज रखना चाहिए कि वे संभावित आपदा की जानकारी शीघ्र ही एक दूसरे को दें।
  • समुदाय के लोगों में उत्साह, साहस और आवश्यकतानुसार सख्ती के प्रयोग की क्षमता होनी चाहिए ।
  • हर व्यक्ति के बहुत से निजी कार्य होते हैं लेकिन सामुदायिक आपदा के सामने निजी कार्य के गुण समझते हुए इसके सामना करने हेतु आगे आना चाहिए।

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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आपदा प्रबंधन में समुदाय की केन्द्रीय भूमिका का वर्णन करें।
उत्तर-
कोई आपदा न तो सूचना देकर आती है न ही इसके कोप का मुक्तभोगी एक व्यक्ति होता है । आपदा आर्थिक भौर सामाजिक दृष्टि से असमान परिवारों में कोई भेद-भाव नहीं करती है । इससे निपटने के लिए समुचित तैयारी की आवश्यकता है और पारिवारिक भागीदारी भी आवश्यक है । इसका प्रभाव जानमाल पर तो पड़ता ही है मानसिक क्लेश भी होता है । इन आपदाओं से निपटने की जिम्मेवारी समाज की सामूहिक रूप से होती है। समाज के अनुभवी लोग आपदाओं का पूर्वानुमान या उनसे निपटने के सर्वोत्तम सुझाव दे सकते हैं । इस प्रकार प्रत्येक परिवार तक उसके लाभ पहुंचाने में समुदाय की केन्द्रीय भूमिका होती है।

प्रश्न 2.
ग्रामीण आपदा प्रबंधन समिति के कार्यों का विस्तृत वर्णन करें।
उत्तर-
ग्रामीण आपदा प्रबंधन समिति के निम्नलिखित कार्य हैं

  • पूर्वानुमान के आधार पर चेतावनी एवं सूचना देना यह प्रबंधन समिति जिला मुख्यालय से प्राप्त सूचनाओं को तत्काल लोगों तक पहुँचायेगी।
  • राहत शिविर का चयन और प्रभावित लोगों को राहत पहुचाने का कार्य इसी के साथ जिला प्रशासन को सूचित करना आगजनी है तो दमकल को सूचित कराना।
  • राहत कार्य-मुख्य रूप से लोगों को भोजन एवं पानी उपलब्ध करना।
  • प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करना ।
  • सभी को सुरक्षा प्रदान करना-महिला, बच्चों पर विशेष रूप से ध्यान देना ।
  • स्वच्छता का ख्याल रखना-स्वच्छता रखने से विभिन्न प्रकार की बीमारी नही फैलती है।

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प्रश्न 3.
आपदा प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी को कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है?
उत्तर-
आपदा प्रबंधन में समदाय की भागीदारी को निम्न प्रकार से सनिश्चित किया जा सकता है-

  • निकटतम विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच यह घोषणा करना कि बाढ़ अथवा आँधी की संभावना है इसलिए घर में लोगों को सचेत कर देना ।
  • किसी आपदा के विषय में विद्यालय, मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर में जाकर घोषणा करना तथा आवश्यक निर्देश देना ।
  • समाज के वृद्ध, बच्चे, गर्भवती महिलाओं के लिए पहले से विस्थापन के प्रबंध करना और गाँव के विद्यालय में तैरने के जैकेट, नाव, डॉक्टर और कुशल लोगों की सूची तैयार करना जिससे आपदा के समय इनका विस्थापन आसानी से किया जा सके ।।
  • पंचायत भवन और गाँव के विद्यालय में तैरने के जैकेट. नाव. डॉक्टर और कुशल लोगों की सूची तैयार रखना वहीं ऐसे स्थान से संपर्क रखना जहाँ से आवश्यकता पड़ने पर उचित व्यवस्था हो सके ।
  • महामारी, दंगे और आग लगने पर परिवहन साधन की व्यवस्था रखना जिससे प्रभावित लोगों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जा सके ।

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 12 सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण

Bihar Board Class 9 Social Science Solutions Disaster Management आपदा प्रबन्धन Chapter 12 सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण Text Book Questions and Answers, Additional Important Questions, Notes.

BSEB Bihar Board Class 9 Social Science Disaster Management Solutions Chapter 12 सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण

Bihar Board Class 9 Disaster Management सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण Text Book Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
सामान्य आपदाओं को कितने वर्गों में रखा जाता है ?
(क) 1
(ख) 2
(ग) 3
(घ) 4
उत्तर-
(ख) 2

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 12 सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण

प्रश्न 2.
तीव्र ज्वर का क्या कारण है ?
(क) जीवाणु
(ख) विषाणु
(ग) फंगस
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(क) जीवाणु

प्रश्न 3.
नगरों में सड़क कहाँ से पार करनी चाहिए?
(क) जहाँ जेब्रा का चिह्न नहीं बना हो
(ख) जहाँ जेब्रा का चिह्न बना हो
(ग) अपनी स्वेच्छा के अनुसार
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(ख) जहाँ जेब्रा का चिह्न बना हो

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 12 सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण

प्रश्न 4.
पैदल चलते समय सड़क पर चलना आदर्श है ?
(क) दायीं तरफ
(ख) बीच से
(ग) बायीं तरफ
(घ) स्वेच्छा से
उत्तर-
(ग) बायीं तरफ

प्रश्न 5.
रेल यात्रा करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
(क) रेलफाटकों को पार करते समय दायीं-बायीं नहीं देखना चाहिए।
(ख) रेल यात्रा के दौरान ज्वलनशील पदार्थ नहीं ले जाना चाहिए।
(ग) बच्चों को रेलवे लाइन पार करने के नियमों की जानकारी नहीं होनी चहिए।
(घ) इनमें से कोई नहीं।।
उत्तर-
(ख) रेल यात्रा के दौरान ज्वलनशील पदार्थ नहीं ले जाना चाहिए।

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 12 सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
हवाई यात्रा करते समय सुरक्षा के कौन से नियम ध्यान में रखने चाहिए?
उत्तर-
हवाई यात्रा करते समय सुरक्षा के निम्नलिखित नियम ध्यान में रखने चाहिए

  • यात्री. सुरक्षा संबंधी नियमों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उसका पालन करें।
  • जब सीट पर बैठे तो बेल्ट बाँधे रखें और संकेतों का पालन करें।
  • आपातकालीन द्वार के बारे में पहले से जानकारी प्राप्त कर लें।
  • यात्रियों की शिनाख्त कड़ाई के साथ की जानी चाहिए।
  • विमान में चढ़ने के पूर्व यात्रियों के सामानों की अत्याधुनिक . इलेक्ट्रनिक यंत्रों से जाँच करनी चाहिए।

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 12 सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण

प्रश्न 2.
रेलवे फाटक पार करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर-
रेलवे फाटक पार करते समय निम्न बातों पर ध्यान देना चाहिए –

  • जब भी ऐसा कोई समपार आये तब उसे पार करने के पहले चालक वहाँ रुककर स्वयं या अपने संवाहक को उस चिह्न के पास से लाइन के पास भेजेगा। रेलवे लाइन के दोनों तरफ देखेगा कि कोई इंजन, ट्रेन अथवा ट्राली तो नहीं आ रही है अगर नहीं आ रही है तो सावधानी पूर्वक समपार को पार करेगा।
  • रक्षित समपार फाटकों पर गेट लैम्प लगे रहते हैं। रात्रि में आगर लाल बत्ती दिखाई दे तो समझें समपार फाटक बंद है । अगर सफेद , बती दिखाई दे समझें गेट खुला है। दिन के समय तो खुद ही पता चल जाता है।
  • गेट बंद रहने पर उसे पार किया जाय तो उसे तीन साल की सजा भी हो सकती है।
  • गाँवों तथा शहरों में बहुत सारे विद्यालय रेलवे लाइन के पास होते हैं। अतः शिक्षकों को चाहिए कि बच्चों को रेलवे लाइन पार करने के नियमों की पूर्ण जानकारी दें।

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 12 सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण

प्रश्न 3.
सड़क यात्रा के दौरान किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए?
उत्तर-
सड़क यात्रा के दौरान निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना चाहिए

  • शहरों में भीड़-भाड़ में कई जगह उपसतही पैदल मार्ग या भूमिगत पैदल मार्ग बने होते हैं। उन्हीं मार्गों को अपनाना चाहिए।
  • कहीं-कहीं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में पैदल जाने के लिए पुल बने होते हैं उसी के ऊपर चलना चाहिए।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क यात्रा के दौरान सड़क के बायें तरफ से चलना चाहिए।
  • सड़क पार करते समय जेब्रा क्रांसिंग से ही पार करना चाहिए ।
  • किसी चौक को पार करते समय रंगीन बत्तियों या चौराहे पर खड़े पुलिस के हाथ के इशारे को समझें तब आगे बढ़े।।
  • अगर किसी वाहन से सड़क यात्रा कर रहे हों तो वाहन एकं । निर्धारित गतिसीमा में चलाएँ।
  • शराब-पीकर वाहन न चलाएँ।
  • वाहन चलाते समय मोवाइल से बात-चीत न करें।
  • अगर दुपहिया वाहन चला रहे हों तो हेल्मेट का प्रयोग अवश्य करें।

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 12 सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण

प्रश्न 4.
आग से उत्पन्न आपदा क्या है ?
उत्तर-
आग से उत्पन्न आपदा मानवजन्य आपदाओं में प्रमुख है। मानवीय भूल से आग लगने पर जान-माल की भारी क्षति होती है । ऐसा भी देखने में आता है कि चक्रवात, भूकम्प और बाढ़ जैसी आपदाओं में प्रतिवर्ष जितने लोग मरते हैं उससे कहीं ज्यादा लोगों की मृत्यु आग से उत्पन्न आयदा से होती है। इधर हाल ही में जयपुर के इंडियन आयल के पेट्रोल पम्प पर आग लगी जिसमें करीब 12 लोगों की मृत्यु हो गई और 300 करोड़ रुपए का पेट्रोल जल गया।

प्रश्न 5.
साम्प्रदायिक दंगों से बचाव के किन्हीं तीन उपायों का वर्णन करें।
उत्तर-
साम्प्रदायिक दंगों से बचाब के तीन उपाय निम्नलिखित हैं

  • साम्प्रदायिक दंगों से बचाव के लिए आवश्यक है कि हम न तो अफवाह फैलावें और न ही उसमें विश्वास करें।
  • अफवाह की सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन को दें।
  • साम्प्रदायिक दंगों में लगे हुए लोगों को पनाह नहीं दें।

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 12 सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण

प्रश्न 6.
आतंकवादी आपदा से बचाव के किन्हीं तीन उपायों का वर्णन करें।
उत्तर-
आतंकवादी आपदा से बचाव के तीन उपाय प्रमुख हैं.

  • यदि किसी क्षेत्र में सूटकेस, संदूक या थैला रखा हुआ दिखाई दे तो इसकी सूचना पुलिस को तुरंत ही देनी चाहिए।
  • यदि आपको किसी व्यक्ति की गतिविधियों पर शक हो तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। यदि आप पुलिस तक नहीं जा सकते तो अपने शिक्षक या अभिभावक को दें।
  • अपने मकान में किरायेदार रखने के वक्त उसकी सही शिनाख्त करें और फोटोग्राफ सहित उसकी जानकारी पुलिस को दें।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आग से उत्पन्न आपदा के अंतर्गत आग लगने के कारणों तथा रोकथाम के उपायों का विस्तृत वर्णन करें।
उत्तर-
आग से उत्पन्न आपदा भी भयानक होती हैं- आग लगने के निम्नलिखित कारण हैं.

(i) खाना पकाते समय-खाना पकाते समय किसी व्यक्ति के मौजूद न होने अथवा स्टोव या खाना पकाने वाली किसी अन्य उपकरण में खराबी के कारण आग लगने से दुर्घटनाएँ होती हैं । कभी-कभी गैस रिसाव होने से भी गैस में आग लग जाती है जिससे दुर्घटनायें हो जाती

(ii) पानी या भोज्य सामग्री गर्म करने वाले उपकरणों से आग लगने की संभावना रहती है। बिजली के हीटर पर खाना बनाते समय भी दुघटनाएँ होती हैं।

(ii) घरों में बिजली की वायरिंग में विद्युत भार से अधिक आपूर्ति किये जाने पर वायरिंग में आग लग जाती हैं जिससे विद्युत उपकरण खराब हो जाते हैं।

(iv) किसी कारखाने में जमा की गई पैकिंग सामग्री, तरल पदार्थ, गैस जैसी ज्वलनशील वस्तु में आग लग जाती है जो विकराल रूप धारण कर लेती है।

(v) बीड़ी और सिगरेट को पीने के पश्चात अथवा ज्वलनशील पदार्थों को जंगलों में फेंकने से भी आग लग जाती है। अफ्रीका के जंगलों में जन जातियों के सामने यह आपदा प्रतिवर्ष आती है।

आग की रोकथाम के उपाय

  • घर के भीतर अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ न रखें।
  • घर से बाहर जाते समय बिजली के सभी उपकरणों को बन्द कर दें।
  • खाना बनाने के बाद गैस को बन्द कर दें।
  • एक ही सॉकेट में बहुत सारे उपकरण न लगावें ।
  • जिस घर में धुआँ हो वहाँ हाथ, पैर या पेट के बल चलने का अभ्यास करें।
  • बिजली के कारण आग लगने पर पानी का प्रयोग कभी भी न करें।
  • बच्चों के हाथ में माचिस कभी न दें।
  • कारखानों में अग्निशामन यंत्र अवश्य रखें ।
  • यथासंभव जल का प्रबंध भी करें।

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प्रश्न 2.
आतंकवाद क्या है ? आतंकवादी आपदा से बचाव के उपायों का विस्तृत वर्णन करें।
उत्तर-
आतंकवाद मानवजनित वह आपदा है जो हिंसात्मक मार्ग से राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति चाहता है । वह राजनीति से प्रेरित हिंसा होती है इसका एकमात्र उद्देश्य वर्तमान शासन व्यवस्था को उखाड़ फेंकना है। 11 सितम्बर, 2001 को वायुयान की मदद से अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर पर किया गया आतंकवादी हमला उनकी क्रूरता और कठोरता का चरम स्वरूप है। सैकड़ों लोग अपने जीवन गंवा बैठे। .

26 नवम्बर, 2008 को मुम्बई के कई स्थलों पर फिदायीन आतंकवादियों द्वारा एक साथ कई जगहों पर हमले हुए जिसमें पाँच सितारा होटल में आग लगा दी गयी । कुल मिलाकर 200 व्यक्तियों की जाने गयी । यह भी क्रूरता का एक ज्वलंत उदाहरण है।

आतंकवादी आपदा से वचाव के उपाय-इससे बचाव के लिए निम्नलिखित सावधानियाँ आवश्यक हैं

  • यदि अचानक कोई गठरी मिल जाय तो उसे छूना नहीं चाहिए बल्कि पुलिस को तत्काल सूचित करना चाहिए।
  • प्रत्येक गाँव और शहरी मुहल्ले में आतंकवाद के विरुद्ध सामाजिक वातावरण बनाने के लिए समिति का गठन करना चाहिए ।
  • सरकार द्वारा आतंकवाद से उत्पन्न समस्याओं में फंसे लड़कों को यह आश्वासन देना चाहिए कि यदि वे हिंसा का मार्ग त्याग दें कर आम लोगों के साथ जीना प्रारंभ करते हैं तो उनके ऊपर दंडात्मक कार्यवाही नहीं होगी बल्कि क्षमादान के साथ-साथ रोजगार के लिए आर्थिक सहायता भी दी जायेगी।

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प्रश्न 3.
विद्यालय स्तरीय आपदा प्रबंधन की जानकारी का वर्णन करें।
उत्तर-
विद्यार्थी सड़क मार्ग से बस द्वारा या पैदल प्रतिदिन विद्यालय आते और जाते हैं। अतः विद्यालय स्तर पर आवश्यक है कि बच्चों को परिवहन से संबंधित दुर्घटना के कारणों और उससे बचाव की जानकारी देनी चाहिए। बच्चों को शिक्षक द्वारा निम्नलिखित जानकारी दी जानी चाहिए

  • सड़क मार्ग पर सदैव बायें चलें।
  • यदि सड़क पार करनी हो तो हरी बत्ती जलने या उपस्थित पुलिस के संकेत पर पार करनी चाहिए।
  • विद्यालय में परिवहन मार्ग और दुर्घटना से जुड़े हुए मॉडल का प्रदर्शन करना चाहिए तथा विद्यार्थियों को इस प्रकार के माडल बनाने का निर्देश देना चाहिए।
  • विद्यालय बस का चालक पूर्ण प्रशिक्षित होना चाहिए और बच्चे को स्पष्ट हिदायत देते रहना चाहिए कि गाड़ी रुकने पर वे उतरें तथा उसमें चढ़ें।
  • गाड़ी में बैठने के बाद बच्चे शरीर का कोई भी अंग खिड़की के बाहर न निकालें।
  • विद्यालय में प्राथमिक उपचार की सुविधा होनी चाहए।
  • विद्यालय में बच्चों को यह बताना चाहिए कि जलने की स्थिति में तुरंत उस पर ठंढा जल डाला जाय । यदि उपलब्ध हो तो वर्फ के टुकड़ों को भी जले हुए अंग पर रखना चाहिए। ये सब जानकारियाँ बच्चों को होनी चाहिए।

प्रश्न 4.
लघु स्तरीय आपदाओं के कारणों एवं उनसे बचाव के तरीकों का विस्तृत वर्णन करें।
उत्तर-
लघु स्तरीय आपदाओं में कुपाचन जैसे-दस्त, हैजा, प्लेग, कालाजार, मलेरिया तथा तीव्र ज्वर जैसी संक्रामक अथवा महामारी होने वाली बीमारियाँ हो सकती हैं। इन बीमारियों के होने के निम्नलिखित कारण हैं

  • लघु स्तरीय आपदायें मुख्यतः खान-पान और जीवन शैली को स्वस्थ रूप से संचालित न करने से उत्पन्न होते हैं।
  • गरीब परिवारों में भोजन की समस्या होती है। कभी-कभी वे ऐसे पदार्थ खाने के लिए विवश होते हैं जो या तो अपाच्य होता है या अखाद्य । इससे पेट की बीमारियाँ हो जाती हैं।
  • एक कारण यह भी है कि जो भी भोजन उपलब्ध होता है उसे जानकारी अथवा समय के अभाव में ठीक ढंग से प्राप्त नहीं करते हैं । जैसे गर्म भोजन करने से और गर्म जल को ठंढा कर पीने से इस प्रकार की बीमारियों की संभावना नहीं के बराबर रहती है।
  • दूषित जल एवं हवा की गंदगी से हैजा, प्लेग, मलेरिया आदि रोग फैलते हैं।

Bihar Board Class 9 Disaster Management Solutions Chapter 12 सामान्य आपदाएँ : निवारण एवं नियंत्रण

लघु स्तरीय आपदाओं से बचाव के तरीके

  • प्रारंभिक प्रबंधन की व्यवस्था पारिवारिक स्तर पर ही होनी चाहिए। जैसे-नमक और चीनी का घोल देना, नींबू चूसना, लौंग को दाँतों तले दबाकर रखना चाहिए। ऐसा करने से आरम्भ में बीमारी पर नियंत्रण हो सकता है।
  • गाँवों में स्वास्थ केन्द्र नहीं के बराबर होते हैं। अतः गाँव में जिसके पास सवारी है.उसे बीमार लोगों की मदद करनी चाहिए। जिसके पास मोबाइल फोन हो उसे तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र को सूचित कर देना चाहिए।
  • इलेक्ट्रॉल पाउडर को घर में रखना चाहिए अगर नहीं है तो नमक चीनी का घोल बनाकर मरीजों को देते रहना चाहिए।
  • स्वयं सेवी संस्थाएँ या ग्राम पंचायतें नुक्कड़ नाटकों या परिचर्चाओं द्वारा लोगों को इस संबंध में सावधानी रखने के लिए जागरूक कर सकती
  • हैजा, प्लेग आदि बीमारियाँ शीघ्र ही महामारी का रूप धारण कर लेते हैं अतः निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र को सूचित कर देना चाहिए ।
  • कुछ बीमारियों के लक्षण जानना आवश्यक है जिससे उनकी पहचान शीघ्र हो सके जैसे-मलेरिया, कालाजार आदि, ये गंदे जल तथा गंदी हवा से फैलते हैं अत: उनसे बचना चाहिए और इलाज की सुविधा के लिए बड़े अस्पतालों में जाना चाहिए।
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